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आगामी मोहर्रम के मद्देनजर, नानपारा के प्रभारी निरीक्षक राजनाथ सिंह ने ताजियादारों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की, जिसमें विशेष रूप से ताजिया की ऊंचाई पर विस्तृत चर्चा हुई। इस दौरान, प्रभारी निरीक्षक ने सभी ताजियादारों को सख्त हिदायत और स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि ताजिया की ऊंचाई उतनी ही रखी जाए, जितनी की अनुमति प्रदान की गई है। नानपारा कोतवाली की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया है कि मोहर्रम के दौरान ताजिया की ऊंचाई संबंधी नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए उसकी पैनी नजर बनी रहेगी और किसी भी उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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आगामी मोहर्रम के मद्देनजर, नानपारा के प्रभारी निरीक्षक राजनाथ सिंह ने ताजियादारों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की, जिसमें विशेष रूप से ताजिया की ऊंचाई पर विस्तृत चर्चा हुई। इस दौरान, प्रभारी निरीक्षक ने सभी ताजियादारों को सख्त हिदायत और स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि ताजिया की ऊंचाई उतनी ही रखी जाए, जितनी की अनुमति प्रदान की गई है। नानपारा कोतवाली की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया है कि मोहर्रम के दौरान ताजिया की ऊंचाई संबंधी नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए उसकी पैनी नजर बनी रहेगी और किसी भी उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- बहराइच के रिसिया थाने में तैनात उपनिरीक्षक सुभाष चंद्र चौहान को एंटी करप्शन टीम ने 5,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए थाने से ही रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। यह घटना 9 जून 2026 को दोपहर करीब 2 बजकर 17 मिनट पर हुई, जिसने एक बार फिर पुलिस की खाकी को दागदार कर दिया। यह पूरा मामला रिसिया थाने से जुड़ा है, जहाँ ग्राम रमुवापुर निवासी शिकायतकर्ता राम हुकुम मौर्य के खिलाफ एक मुकदमा दर्ज था। आरोप है कि उपनिरीक्षक सुभाष चंद्र चौहान इस मुकदमे में छेड़खानी की धारा बढ़ाने और उन्हें जेल न भेजने के एवज में 5,000 रुपये की रिश्वत की मांग कर रहा था। पीड़ित ने इसकी शिकायत एंटी करप्शन टीम से की, जिसके बाद एंटी करप्शन देवीपाटन मंडल गोण्डा के ट्रैप टीम प्रभारी, निरीक्षक धनंजय कुमार सिंह के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया गया। जाल बिछाकर बैठी इस टीम ने दरोगा सुभाष चंद्र चौहान को रिसिया थाने के उनके निजी सरकारी कमरे में पीड़ित से 5,000 रुपये की घूस लेते ही रंगे हाथ दबोच लिया। अब उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।1
- बहराइच जिले के तेजवापुर ब्लॉक क्षेत्र की सरपतहा ग्राम पंचायत के खैरेटिया गांव में खराब विद्युत व्यवस्था को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश बुधवार दोपहर करीब ढाई बजे खुलकर सामने आ गया। दर्जनों उपभोक्ताओं ने विद्युत विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अधिकारियों से तत्काल बिजली आपूर्ति बहाल करने की मांग उठाई। ग्रामीणों के अनुसार, उनके गांव का ट्रांसफार्मर लगभग एक सप्ताह पहले जल गया था, जिसके बाद से पूरे गांव में बिजली आपूर्ति ठप पड़ी है। भीषण गर्मी के बीच बिजली न होने से लोगों का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार शिकायत की, लेकिन विभाग की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। प्रदर्शन के दौरान उपभोक्ताओं ने यह गंभीर आरोप भी लगाया कि ट्रांसफार्मर की मरम्मत या उसे बदलवाने की बात करने पर विभाग के कुछ कर्मचारी मोटी रकम की मांग करते हैं। इस आरोप ने ग्रामीणों के बीच विभाग के प्रति नाराजगी को और बढ़ा दिया है। ग्रामीणों ने कड़ी चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही जला हुआ ट्रांसफार्मर बदलकर बिजली आपूर्ति बहाल नहीं की गई, तो वे अपने बिजली मीटर उखाड़कर पावर हाउस में जमा कर देंगे और व्यापक आंदोलन शुरू करने के लिए बाध्य होंगे। उन्होंने विभागीय अधिकारियों से तत्काल हस्तक्षेप कर समस्या का समाधान करने का आग्रह किया है, ताकि भीषण गर्मी में लोगों को राहत मिल सके।3
- बहराइच के रुपईडीहा थाना पुलिस और एसएसबी की संयुक्त टीम ने एक तस्कर को मादक पदार्थ के साथ गिरफ्तार किया है।1
- उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले की महसी तहसील में स्थित बहदूरिया ग्राम सभा में आवागमन के मार्गों की स्थिति बेहद दयनीय है। स्थानीय लोगों के अनुसार, यहां की सड़कें 'सुंदर और इतनी खराब' बताई गई हैं कि आने-जाने के लिए कोई उचित मार्ग उपलब्ध नहीं है। सड़कों की इस गंभीर स्थिति के कारण, ग्रामीणों को आवागमन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि यह ऐसी स्थिति है जिसे 'दिखाने' की बात की गई है, जो इस समस्या की गंभीरता को रेखांकित करती है।1
- बहराइच जिले की कोटवा ग्राम पंचायत से एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है, जिसमें स्थानीय ग्रामीण भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाते दिख रहे हैं। वीडियो में ग्रामीण कोटवा ग्राम पंचायत के भीतर हुए कथित भ्रष्टाचार को उजागर कर रहे हैं।1
- जनपद बहराइच के बेहड़ा बाज़ार क्षेत्र में संचालित एक निजी क्लिनिक को लेकर स्थानीय लोगों ने गंभीर सवाल उठाए हैं। क्षेत्रवासियों का आरोप है कि यह क्लिनिक बिना आवश्यक मानकों और सुविधाओं के मरीजों को भर्ती कर उपचार दे रहा है, जहां मरीजों को तख्त पर लिटाकर ग्लूकोज व अन्य उपचार दिए जाते हैं। उनका कहना है कि प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीज यहां इलाज के लिए पहुंचते हैं। स्थानीय लोगों में इस बात को लेकर गहरी नाराजगी है कि इन गंभीर आरोपों के बावजूद संबंधित विभाग द्वारा कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है। क्षेत्रीय नागरिकों ने जोर देकर कहा है कि यदि कोई संस्थान मरीजों को भर्ती कर उपचार जैसी सुविधाएं प्रदान करता है, तो उसे निर्धारित नियमों और मानकों का पालन करना अनिवार्य है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और क्लिनिक के आवश्यक दस्तावेज, पंजीकरण तथा संचालक की चिकित्सकीय योग्यता की गहन जांच करने की मांग की है। सूत्रों के हवाले से यह भी दावा किया जा रहा है कि क्लिनिक संचालक की चिकित्सकीय योग्यता और संस्थान के संचालन संबंधी दस्तावेजों पर सवाल उठ रहे हैं, हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। स्थानीय लोगों ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) बहराइच तथा स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारियों से इस मामले का संज्ञान लेने, जांच कराने और यदि कोई अनियमितता पाई जाती है तो नियमानुसार कार्रवाई करने की अपील की है। अब यह देखना होगा कि स्वास्थ्य विभाग इस प्रकरण को कितनी गंभीरता से लेता है और सामने आए तथ्यों के आधार पर क्या कार्रवाई करता है।2
- बहराइच जिले के रिसिया थाने में तैनात सब-इंस्पेक्टर (SI) सुभाष चंद्र चौहान को एंटी करप्शन टीम ने ₹5,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। SI चौहान ने कथित तौर पर जेल न भेजने के बदले यह रिश्वत ली थी। उनकी गिरफ्तारी थाना रिसिया स्थित सरकारी कमरे से की गई।1
- उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने रिसिया थाने में तैनात उपनिरीक्षक सुभाष चंद्र चौहान को ₹5,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है, जिससे एक बार फिर 'खाकी दागदार' हुई है। यह घटना 9 जून, 2026 को दोपहर करीब 2 बजकर 17 मिनट पर रिसिया थाने के भीतर ही हुई, जब दरोगा ने अपने निजी सरकारी कमरे में शिकायतकर्ता से घूस ली। शिकायतकर्ता राम हुकुम मौर्य ने आरोप लगाया था कि उनके खिलाफ दर्ज एक मुकदमे में छेड़खानी की धारा बढ़ाने और उन्हें जेल न भेजने के एवज में उपनिरीक्षक सुभाष चंद्र चौहान उनसे ₹5,000 की रिश्वत की मांग कर रहा था। पीड़ित की शिकायत पर एंटी करप्शन देवीपाटन मंडल गोंडा के ट्रैप टीम प्रभारी, निरीक्षक धनंजय कुमार सिंह के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया गया। इस टीम ने जाल बिछाकर उपनिरीक्षक सुभाष चंद्र चौहान को रिश्वत लेते हुए पकड़ लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।1