"बुंदेलखंड राज्य की मांग ने पकड़ी रफ्तार, इंसाफ सेना ने फूंका 'जेल भरो आंदोलन' का बिगुल" #Apkiawajdigital बांदा/उत्तर प्रदेश (6 फरवरी 2026): बुंदेलखंड की धरती पर एक बार फिर अलग राज्य की चिंगारी सुलग उठी है। बुंदेलखंड इंसाफ सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष ए.एस. नोमानी ने क्षेत्र की बदहाली और प्रशासनिक उदासीनता के खिलाफ आर-पार की लड़ाई का शंखनाद कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में सरकार को चेताया है कि यदि बुंदेलखंड को स्वतंत्र राज्य का दर्जा नहीं मिला, तो क्षेत्र का बच्चा-बच्चा 'जेल भरो आंदोलन' के लिए सड़कों पर उतरेगा। "खनिज हमारा, फिर भी हम प्यासे क्यों?" नोमानी ने तीखे सवाल दागते हुए कहा कि बुंदेलखंड हीरा और कीमती लाल रेत जैसी खनिज संपदा से मालामाल है, लेकिन यहाँ का मुनाफा बाहर जा रहा है। उन्होंने कहा, "विचित्र विडंबना है कि जिस धरती के सीने में हीरे हैं, वहां की 90% आबादी आज भी दाने-दाने को मोहताज है और भीषण सूखे की मार झेल रही है।" जनप्रतिनिधियों की चुप्पी पर 'सर्जिकल स्ट्राइक' प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से श्री नोमानी ने क्षेत्र के सांसदों और विधायकों की खामोशी पर गहरा रोष व्यक्त किया। उन्होंने अल्टीमेटम दिया कि जो नेता जनता के वोट से सदन में पहुंचे हैं, वे अब सड़क पर उतरकर हक की आवाज उठाएं, अन्यथा जनता उनका हिसाब करेगी। अखंड बुंदेलखंड का खाका (1989 से संघर्ष जारी): प्रस्ताव: यूपी के 7 और एमपी के 6 जिलों को मिलाकर 13 जिलों का नया राज्य। उद्देश्य: चंदेला और बुंदेला सांस्कृतिक विरासत को राजनीतिक पहचान दिलाना। समाधान: जल संकट और सिंचाई समस्याओं का स्थानीय स्तर पर त्वरित निपटारा। अंतिम चेतावनी: इंसाफ सेना ने दो टूक कहा है कि अब निवेदन का समय बीत चुका है। यदि सरकार ने शीघ्र ही पृथक राज्य की प्रक्रिया शुरू नहीं की, तो आंदोलन की उग्रता और उससे उत्पन्न होने वाली किसी भी परिस्थिति की पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
"बुंदेलखंड राज्य की मांग ने पकड़ी रफ्तार, इंसाफ सेना ने फूंका 'जेल भरो आंदोलन' का बिगुल" #Apkiawajdigital बांदा/उत्तर प्रदेश (6 फरवरी 2026): बुंदेलखंड की धरती पर एक बार फिर अलग राज्य की चिंगारी सुलग उठी है। बुंदेलखंड इंसाफ सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष ए.एस. नोमानी ने क्षेत्र की बदहाली और प्रशासनिक उदासीनता के खिलाफ आर-पार की लड़ाई का शंखनाद कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में सरकार को चेताया है कि यदि बुंदेलखंड को स्वतंत्र राज्य का दर्जा नहीं मिला, तो क्षेत्र का बच्चा-बच्चा 'जेल भरो आंदोलन' के लिए सड़कों पर उतरेगा। "खनिज हमारा, फिर भी हम प्यासे क्यों?" नोमानी ने तीखे सवाल दागते हुए कहा कि बुंदेलखंड हीरा और कीमती लाल रेत जैसी खनिज संपदा से मालामाल है, लेकिन यहाँ का मुनाफा बाहर जा रहा है। उन्होंने कहा, "विचित्र विडंबना है कि जिस धरती के सीने में हीरे हैं, वहां की 90% आबादी आज भी दाने-दाने को मोहताज है और भीषण सूखे की मार झेल रही है।" जनप्रतिनिधियों की चुप्पी पर 'सर्जिकल स्ट्राइक' प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से श्री नोमानी ने क्षेत्र के सांसदों और विधायकों की खामोशी पर गहरा रोष व्यक्त किया। उन्होंने अल्टीमेटम दिया कि जो नेता जनता के वोट से सदन में पहुंचे हैं, वे अब सड़क पर उतरकर हक की आवाज उठाएं, अन्यथा जनता उनका हिसाब करेगी। अखंड बुंदेलखंड का खाका (1989 से संघर्ष जारी): प्रस्ताव: यूपी के 7 और एमपी के 6 जिलों को मिलाकर 13 जिलों का नया राज्य। उद्देश्य: चंदेला और बुंदेला सांस्कृतिक विरासत को राजनीतिक पहचान दिलाना। समाधान: जल संकट और सिंचाई समस्याओं का स्थानीय स्तर पर त्वरित निपटारा। अंतिम चेतावनी: इंसाफ सेना ने दो टूक कहा है कि अब निवेदन का समय बीत चुका है। यदि सरकार ने शीघ्र ही पृथक राज्य की प्रक्रिया शुरू नहीं की, तो आंदोलन की उग्रता और उससे उत्पन्न होने वाली किसी भी परिस्थिति की पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
- 🚨 गौशाला या मृत्युशाला? 20 दिन में तीसरी बार गौवंश की मौत, नरैनी विकासखंड की "तेरा ब" गौशाला पर उठे बड़े सवाल "जिम्मेदार अधिकारी CVO मुख्य पशु चिकित्साधिकारी बांदा ने भी माना है कि बहुत गड़बड़ी है" बांदा से बड़ी खबर उत्तर प्रदेश के बांदा जिले के नरैनी विकासखंड की ग्राम पंचायत तेरा ब की गौशाला से बेहद चिंताजनक तस्वीरें सामने आई हैं। जहाँ गौ-संरक्षण के नाम पर चल रही गौशाला अब मौत का अड्डा बनती जा रही है। बताया जा रहा है कि बीते 20 दिनों में लगातार तीसरी बार गौवंश की मौत का मामला सामने आया है। गौ सेवकों का आरोप है कि गौशाला में न तो चारे की समुचित व्यवस्था है और न ही पानी की, जिसके कारण कई गौवंश भूख-प्यास से तड़प रहे हैं और दम तोड़ रहे हैं। मामले को लेकर गौ सेवक राहुल बाबा और अन्य लोगों ने प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है और जिम्मेदारों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। अब सवाल ये है कि गौ-संरक्षण के बड़े-बड़े दावों के बीच आखिर इन गौशालाओं की बदहाली के लिए जिम्मेदार कौन है।1
- अलीगढ़ में हैरान करने वाला मामला सामने आया। 20 साल के युवक को अपने से 15 साल बड़ी महिला से प्यार हो गया। जब महिला ने शादी से इनकार किया तो युवक ने दूसरी मंजिल से छलांग लगा दी। पूरी घटना CCTV में कैद हो गई। मामला सिविल लाइन थाना क्षेत्र का बताया जा रहा है।1
- बांदा के थाना कमासिन क्षेत्रांतर्गत ग्राम जोरावपुर में एक नवयुवक द्वारा फांसी लगा लेने की सूचना पर तत्काल स्थानीय पुलिस व फोरेंसिक टीम द्वारा कार्यवाही करते हुए शव को कब्जे में लेकर पंचायतनामा कर पोस्टमार्टम हेतु भेजा। जांच से पता चला है कि नवयुवक द्वारा परिजनों से डांटने के कारण यह घटना कारित की है। मौके पर शांति व्यवस्था कायम है। अग्रिम वैधानिक कार्यवाही सुनिश्चित की जा रही है। क्षेत्राधिकारी बबेरू सौरभ सिंह।1
- #bandapolice चित्रकूट धाम परिक्षेत्र बांदा श्री राजेश.एस व पुलिस अधीक्षक बांदा पलाश बंसल की उपस्थिति में पुलिस लाइन बांदा में होली मिलन समारोह का आयोजन किया गया।इस दौरान पुलिस परिवार के सदस्य व अन्य लोग उपस्थित रहे। सभी ने एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएं दीं और सौहार्दपूर्ण वातावरण में पर्व मनाया। 🌸🎨1
- मौदहा में मटकी फोड़ परंपरा को निभाते हुए तीन दिवसीय होली सम्पन्न मौदहा, नगर में शुक्रवार को मटकी फोड़ होली का आयोजन धूमधाम से किया गया। मलीकुआं चौराहा, थाना चौराहा, देवी चौराहा, मथुरा मंदिर, मंगी पुरवा और क्योंटरा मोहल्ला सहित करीब आधा दर्जन स्थानों पर मटकियां बांधी गईं। युवाओं की टोलियों ने मानव पिरामिड बनाकर मटकी फोड़ने का प्रयास किया और विजेता टीमों ने मटकियां फोड़कर पुरस्कार अपने नाम किए। कार्यक्रम के दौरान भारी भीड़ उमड़ी। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए एसडीएम कर्णवीर सिंह, सीओ राजकुमार पाण्डेय और कोतवाली प्रभारी संतोष सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर मौजूद रहे।1
- Post by Shrikrishan Raaj2
- Post by Raj dwivedi1
- मेरठ में होली के अवसर पर एसएसपी अविनाश पाण्डेय का अलग अंदाज देखने को मिला। वह पूरे पुलिस अमले के साथ सड़कों पर निकले और पुलिसकर्मियों के साथ अबीर-गुलाल उड़ाकर होली मनाई। एसएसपी के इस अनोखे अंदाज की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं और लोगों के बीच चर्चा का विषय बने हुए हैं।1
- मौदहा, हमीरपुर। कोतवाली क्षेत्र के ग्राम उरदना में पुरानी जमीनी रंजिश को लेकर दबंगों ने एक परिवार पर हमला कर दिया। आरोप है कि मारपीट के दौरान तीन माह के दुधमुंहे बच्चे को जमीन पर पटक दिया गया जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। इलाज के लिए कानपुर ले जाते समय करीब 20 घंटे बाद बच्चे की मौत हो गई। पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने कई आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। बच्चे की मौत के बाद मामले में हत्या की धारा बढ़ाने की तैयारी की जा रही है तथा शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।1