गया जिले के इमामगंज-डुमरिया मुख्य मार्ग पर रविवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे में मोटरसाइकिल सवार युवक की मौत हो गई। सलेया गांव के समीप एक अज्ञात पिकअप वाहन ने उनकी मोटरसाइकिल में जोरदार टक्कर मार दी। मृतक की पहचान चहरा पहरा गांव निवासी परिखा पासवान के रूप में हुई है, जो अपने माता-पिता के इकलौते पुत्र थे। इस घटना से परिवार में कोहराम मच गया है और पूरे गांव में शोक का माहौल है। जानकारी के अनुसार, परिखा पासवान रविवार सुबह किसी निजी कार्य से इमामगंज जा रहे थे। सुबह करीब साढ़े ग्यारह बजे जब वह सलेया गांव के समीप मुख्य मार्ग से गुजर रहे थे, तभी तेज रफ्तार पिकअप ने उन्हें टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि परिखा बाइक समेत सड़क पर जा गिरे और उनके सिर में गंभीर चोट लगने से मौके पर ही उनकी जान चली गई। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि स्थानीय लोग तत्काल उन्हें उठाकर डुमरिया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए, जहाँ ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सक डॉ. कबीर आलम ने जाँच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। हादसे के बाद पिकअप चालक वाहन सहित मौके से फरार हो गया। सूचना मिलते ही डुमरिया थाना पुलिस अस्पताल पहुँची और मामले की छानबीन शुरू की। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। डुमरिया थाना के दरोगा राजू कुमार ने बताया कि अज्ञात वाहन की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है, लोगों से पूछताछ और सीसीटीवी कैमरों की जाँच की जा रही है। चालक की पहचान होते ही कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उधर, परिखा की मौत की खबर मिलते ही चहरा पहरा गांव में मातम पसर गया और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। इकलौते बेटे को खोने से माता-पिता सदमे में हैं। ग्रामीणों ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए प्रशासन से फरार चालक की जल्द गिरफ्तारी, सड़क सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम और पीड़ित परिवार को सरकारी सहायता व उचित मुआवजा देने की मांग की है। स्थानीय लोगों का यह भी कहना है कि इमामगंज-डुमरिया मुख्य मार्ग पर तेज रफ्तार वाहनों के कारण आए दिन दुर्घटनाएँ होती रहती हैं, फिर भी यातायात नियमों के पालन और गति नियंत्रण को लेकर कोई प्रभावी कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से सड़क पर नियमित जाँच अभियान चलाने की भी मांग की है।
गया जिले के इमामगंज-डुमरिया मुख्य मार्ग पर रविवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे में मोटरसाइकिल सवार युवक की मौत हो गई। सलेया गांव के समीप एक अज्ञात पिकअप वाहन ने उनकी मोटरसाइकिल में जोरदार टक्कर मार दी। मृतक की पहचान चहरा पहरा गांव निवासी परिखा पासवान के रूप में हुई है, जो अपने माता-पिता के इकलौते पुत्र थे। इस घटना से परिवार में कोहराम मच गया है और पूरे गांव में शोक का माहौल है। जानकारी के अनुसार, परिखा पासवान रविवार सुबह किसी निजी कार्य से इमामगंज जा रहे थे। सुबह करीब साढ़े ग्यारह बजे जब वह सलेया गांव के समीप मुख्य मार्ग से गुजर रहे थे, तभी तेज रफ्तार पिकअप ने उन्हें टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि परिखा बाइक समेत सड़क पर जा गिरे और उनके सिर में गंभीर चोट लगने से मौके पर ही उनकी जान चली गई। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि स्थानीय लोग तत्काल उन्हें उठाकर डुमरिया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए, जहाँ ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सक डॉ. कबीर आलम ने जाँच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। हादसे के बाद पिकअप चालक वाहन सहित मौके से फरार हो गया। सूचना मिलते ही डुमरिया थाना पुलिस अस्पताल पहुँची और मामले की छानबीन शुरू की। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। डुमरिया थाना के दरोगा राजू कुमार ने बताया कि अज्ञात वाहन की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है, लोगों से पूछताछ और सीसीटीवी कैमरों की जाँच की जा रही है। चालक की पहचान होते ही कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उधर, परिखा की मौत की खबर मिलते ही चहरा पहरा गांव में मातम पसर गया और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। इकलौते बेटे को खोने से माता-पिता सदमे में हैं। ग्रामीणों ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए प्रशासन से फरार चालक की जल्द गिरफ्तारी, सड़क सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम और पीड़ित परिवार को सरकारी सहायता व उचित मुआवजा देने की मांग की है। स्थानीय लोगों का यह भी कहना है कि इमामगंज-डुमरिया मुख्य मार्ग पर तेज रफ्तार वाहनों के कारण आए दिन दुर्घटनाएँ होती रहती हैं, फिर भी यातायात नियमों के पालन और गति नियंत्रण को लेकर कोई प्रभावी कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से सड़क पर नियमित जाँच अभियान चलाने की भी मांग की है।
- बिहार पुलिस मद्य निषेध सिपाही भर्ती परीक्षा देकर लखीसराय जिले लौटे अभ्यर्थियों ने रेलवे और जिला प्रशासन की व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त किया है। अभ्यर्थियों ने रेलवे के अधिकारियों, बुकिंग पर्यवेक्षकों, पूछताछ काउंटर कर्मियों, आरपीएफ और जीआरपी जवानों को बेहतर सहयोग के लिए धन्यवाद दिया, विशेषकर वापसी यात्रा के लिए रेलवे द्वारा विशेष ट्रेनों और अतिरिक्त सुविधाओं की व्यवस्था को सराहा, जिससे उन्हें अपने गंतव्य तक पहुंचने में सहूलियत हुई। स्टेशन परिसर में लगातार भीड़ के बावजूद, रेलवे प्रशासन ने पूछताछ केंद्र से ट्रेनों की जानकारी प्रदान की और आरपीएफ के जवानों ने माइकिंग के माध्यम से यात्रियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए, जिससे अभ्यर्थियों को किसी बड़ी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा। जिला प्रशासन भी पूरी तरह सक्रिय रहा; जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक सहित अन्य अधिकारियों की निगरानी में सुरक्षा व आवश्यक व्यवस्थाएं की गई थीं। हालांकि, अभ्यर्थियों ने परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने के दौरान ट्रेनों में काफी भीड़ का सामना करने की बात कही। इसके अतिरिक्त, परीक्षार्थियों ने प्रश्नपत्र को अपेक्षा से अधिक कठिन बताया। उनका कहना था कि जिस विषय से संबंधित परीक्षा आयोजित की गई थी, उससे अपेक्षाकृत कम प्रश्न पूछे गए, जबकि अन्य विषयों से अधिक सवाल शामिल थे। कुछ अभ्यर्थियों ने परीक्षा के आयोजन को लेकर भी सवाल उठाए, यह कहते हुए कि लगभग नौ लाख अभ्यर्थियों की परीक्षा, जो करीब 13 लाख आवेदनों में से थे, महज दो दिनों में संपन्न कराना एक बड़ी चुनौती है।1
- मुंगेर जिले के तारापुर स्थित अंचल भवन सभागार में शनिवार को आयोजित साप्ताहिक जनता दरबार में हरपुर और तारापुर थाना क्षेत्रों से जुड़े भूमि विवाद के कुल 18 मामलों की सुनवाई की गई। इस जनता दरबार की अध्यक्षता अंचलाधिकारी संतोष कुमार ने की, जहाँ तारापुर थाना की अपर थानाध्यक्ष सुबन्ता कुमारी भी मौजूद रहीं। सुनवाई में 8 मामलों का मौके पर ही निष्पादन कर दिया गया। अंचलाधिकारी संतोष कुमार ने जानकारी दी कि इन मामलों में 12 पुराने और 6 नए मामले शामिल थे, जिनकी सुनवाई वादी एवं प्रतिवादी दोनों की उपस्थिति में की गई। इस दौरान, परसा गाँव के सिकंदर प्रसाद सिंह और अंजय सिंह के बीच चल रहे बँटवारे से संबंधित विवाद को आपसी सहमति से सुलझाया गया। वहीं, महेशपुर गाँव के रामदेव पासवान और जीवन पासवान के बीच रास्ते के विवाद पर सहमति न बन पाने के कारण मामले को एसडीओ जनता दरबार में भेज दिया गया। शेष 10 मामलों में पक्षकारों की अनुपस्थिति या आपसी सहमति के अभाव में निष्पादन नहीं हो सका। अधिकारियों ने इन लंबित मामलों के पक्षकारों को अगली सुनवाई में आवश्यक दस्तावेजों के साथ उपस्थित होने का निर्देश दिया।1
- सिपाही भर्ती परीक्षा के चलते जमालपुर स्टेशन पर अभ्यर्थियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। परीक्षा देने के लिए आए उम्मीदवार ट्रेनों में लटककर जमालपुर पहुंचे, जिसके बाद स्थिति को संभालने के लिए जीआरपी (राजकीय रेलवे पुलिस) और आरपीएफ (रेलवे सुरक्षा बल) के जवानों ने मोर्चा संभाला।1
- दोनों भाई साहब का प्यार सब को यहां प्यार से रहना चाहिए और कुछ भी बस यहां तक साथ जाएगा cchiye1
- प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत 2.5 लाख परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा। इस महत्वपूर्ण योजना का सीधा प्रसारण मुंगेर में किया गया।1
- मुंगेर के जमालपुर स्थित अति व्यस्ततम स्टेशन रोड पर रेलवे के नवनिर्मित शौचालय से दुर्गंध भरा पानी खुलेआम सड़कों पर बह रहा है, जिससे यात्रियों और स्थानीय निवासियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यह समस्या पिछले कुछ दिनों से लगातार बनी हुई है। जन सुराज पार्टी के जिला महामंत्री अधिवक्ता आशीष कुमार ने इस गंभीर समस्या को उठाते हुए बताया कि रेलवे और मुंगेर जिला प्रशासन के पदाधिकारी लगातार इसी सड़क से गुजरते हैं, फिर भी उनकी नजर इस बहते हुए दूषित पानी पर नहीं पड़ी है। उनकी अनदेखी से जमालपुर की जनता प्रतिदिन दुर्गंध भरे गंदे दूषित पानी पर चलकर रास्ता पार करने को मजबूर है। जनता अब यह देखने को उत्सुक है कि रेलवे के साथ-साथ मुंगेर जिला प्रशासन की गहरी निंद्रा आखिर कब टूटती है और इस समस्या का समाधान कब किया जाता है।1