गर्मी से पहले पेयजल व एलपीजी आपूर्ति व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश, प्रभारी मंत्री ने ली समीक्षा बैठक गर्मी से पहले पेयजल व एलपीजी आपूर्ति व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश, प्रभारी मंत्री ने ली समीक्षा बैठक झुंझुनूं, जिले के प्रभारी मंत्री अविनाश गहलोत ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में बजट घोषणाओं के क्रियान्वयन, विभिन्न योजनाओं की प्रगति तथा जनसमस्याओं के समाधान की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में आगामी गर्मी के मौसम को देखते हुए पेयजल आपूर्ति और एलपीजी वितरण व्यवस्था पर विशेष फोकस रखा गया। जिला कलेक्टर डॉ. अरुण गर्ग ने बताया कि नहरबंदी से पूर्व गर्मी के दौरान निर्बाध पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। प्रभारी मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसी भी क्षेत्र में टैंकर या हैंडपंप की आवश्यकता होने पर तुरंत व्यवस्था की जाए और जलापूर्ति किसी भी स्थिति में प्रभावित न हो। बैठक में गत वर्षों की बजट घोषणाओं की प्रगति रिपोर्ट की समीक्षा करते हुए लंबित भूमि आवंटन प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए गए। साथ ही सैनेटरी नेपकिन की आपूर्ति व्यवस्था को नियमित बनाए रखने पर भी जोर दिया गया। मंत्री गहलोत ने आगामी मानसून से पहले क्षतिग्रस्त सड़कों की अनिवार्य मरम्मत कराने तथा जनप्रतिनिधियों के साथ सतत संवाद बनाए रखने के निर्देश दिए। पिछले दो वर्षों की बजट घोषणाओं के त्वरित क्रियान्वयन पर उन्होंने जिला प्रशासन की सराहना की। एलपीजी आपूर्ति को लेकर आयोजित चर्चा में जिला रसद अधिकारी डॉ. निकिता राठौड़ को सप्लाई चेन मजबूत रखने और कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। मंत्री ने आमजन से गैस आपूर्ति को लेकर किसी प्रकार की घबराहट न फैलाने की अपील करते हुए पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध होने की बात कही। राजस्थान दिवस के तहत आयोजित ‘राजस्थान को जानें’ क्विज में झुंझुनूं जिले के प्रथम स्थान प्राप्त करने पर मंत्री ने जिलेवासियों को बधाई दी। बैठक में जनप्रतिनिधियों एवं जिला स्तरीय अधिकारियों ने भाग लिया।
गर्मी से पहले पेयजल व एलपीजी आपूर्ति व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश, प्रभारी मंत्री ने ली समीक्षा बैठक गर्मी से पहले पेयजल व एलपीजी आपूर्ति व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश, प्रभारी मंत्री ने ली समीक्षा बैठक झुंझुनूं, जिले के प्रभारी मंत्री अविनाश गहलोत ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में बजट घोषणाओं के क्रियान्वयन, विभिन्न योजनाओं की प्रगति तथा जनसमस्याओं के समाधान की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में आगामी गर्मी के मौसम को देखते हुए पेयजल आपूर्ति और एलपीजी वितरण व्यवस्था पर विशेष फोकस रखा गया। जिला कलेक्टर डॉ. अरुण गर्ग ने बताया कि नहरबंदी से पूर्व गर्मी के दौरान निर्बाध पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। प्रभारी मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसी भी क्षेत्र में टैंकर या हैंडपंप की आवश्यकता होने पर तुरंत व्यवस्था की जाए और जलापूर्ति किसी भी स्थिति में प्रभावित न हो। बैठक में गत वर्षों की बजट घोषणाओं की प्रगति रिपोर्ट की समीक्षा करते हुए लंबित भूमि आवंटन प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए गए। साथ ही सैनेटरी नेपकिन की आपूर्ति व्यवस्था को नियमित बनाए रखने पर भी जोर दिया गया। मंत्री गहलोत ने आगामी मानसून से पहले क्षतिग्रस्त सड़कों की अनिवार्य मरम्मत कराने तथा जनप्रतिनिधियों के साथ सतत संवाद बनाए रखने के निर्देश दिए। पिछले दो वर्षों की बजट घोषणाओं के त्वरित क्रियान्वयन पर उन्होंने जिला प्रशासन की सराहना की। एलपीजी आपूर्ति को लेकर आयोजित चर्चा में जिला रसद अधिकारी डॉ. निकिता राठौड़ को सप्लाई चेन मजबूत रखने और कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। मंत्री ने आमजन से गैस आपूर्ति को लेकर किसी प्रकार की घबराहट न फैलाने की अपील करते हुए पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध होने की बात कही। राजस्थान दिवस के तहत आयोजित ‘राजस्थान को जानें’ क्विज में झुंझुनूं जिले के प्रथम स्थान प्राप्त करने पर मंत्री ने जिलेवासियों को बधाई दी। बैठक में जनप्रतिनिधियों एवं जिला स्तरीय अधिकारियों ने भाग लिया।
- पीएम सुरक्षित मातृत्व अभियान में उत्कृष्ट सेवाओं पर सरकारी संस्थान व निजी गायनी विशेषज्ञ सम्मानित झुंझुनूं। गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित मातृत्व सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (पीएमएसएमए) के तहत गुरुवार को जिला स्तरीय सम्मान समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में अभियान के अंतर्गत उत्कृष्ट कार्य करने वाले सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों तथा निःशुल्क सेवाएं प्रदान करने वाले निजी गायनी विशेषज्ञों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। समारोह में विभिन्न स्तरों पर बेहतर मातृत्व सेवाएं प्रदान करने वाले स्वास्थ्य केंद्रों को सम्मानित किया गया। हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर (एचडब्ल्यूसी) स्तर पर खांदवा को सुरक्षित मातृत्व सेवाओं के लिए सम्मान मिला। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) श्रेणी में देवरोड़ एवं इंद्रपुरा को सम्मानित किया गया, जबकि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) स्तर पर उदयपुरवाटी को उत्कृष्ट सेवाओं के लिए चयनित किया गया। उप जिला अस्पताल (एसडीएच) श्रेणी में चिड़ावा को सम्मान प्रदान किया गया। वहीं, सर्वाधिक प्रसव कराने के लिए बीडीके अस्पताल को विशेष सम्मान दिया गया। निजी क्षेत्र से अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने वाले तीन गायनी विशेषज्ञों को भी जिला स्तर पर सम्मानित किया गया। डॉ. गुलशन बानो को नुआ, धनुरी और इस्लामपुर में प्रत्येक माह 9, 18 और 27 तारीख को गर्भवती महिलाओं को निःशुल्क सेवाएं देने के लिए सम्मानित किया गया। डॉ. मीनाक्षी जांगिड़ को यूपीएचसी नवलगढ़ में सेवाएं प्रदान करने तथा डॉ. प्रियंका चौधरी को सीएचसी इस्लामपुर में अभियान के तहत सेवाएं देने पर प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. छोटेलाल गुर्जर, पीएमओ डॉ. जितेंद्र भांभू एवं डिप्टी सीएमएचओ डॉ. अरुण अग्रवाल ने सभी सम्मानित चिकित्सकों और संस्थानों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर सीएमएचओ डॉ. गुर्जर ने कहा कि निजी चिकित्सकों की भागीदारी अभियान को मजबूत बनाती है और अन्य चिकित्सकों को भी समाजसेवा के लिए प्रेरित करती है। कार्यक्रम में डिप्टी सीएमएचओ डॉ. अरुण अग्रवाल, डीपीओ डॉ. विक्रम सिंह, सियाराम पूनिया, डीपीसी महेश कड़वासरा, संजीव महला सहित स्वास्थ्य विभाग का स्टाफ उपस्थित रहा।1
- झुंझुनूं जिले के गुढागौड़जी थाना पुलिस ने अवैध मादक पदार्थ के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 3 किलो 90 ग्राम अवैध गांजा बरामद कर एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। मिली जानकारी के अनुसार थानाधिकारी सुरेश कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने बड़ागांव बस स्टैंड के पास मुखबिर की सूचना पर दबिश दी। पुलिस ने नया रावला मोहल्ला, बड़ागांव में एक संदिग्ध व्यक्ति को पकड़ा, जिसकी पहचान सफी पुत्र नूर मोहम्मद निवासी बड़ागांव के रूप में हुई। तलाशी के दौरान उसके पास से प्लास्टिक की थैली में रखा गांजा मिला। आरोपी के पास कोई वैध लाइसेंस नहीं होने पर पुलिस ने गांजा जब्त कर उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।1
- आज राजस्थान की पावन धरा, चूरू जिले के ऐतिहासिक गांव दूधवाखारा में, एक बार फिर सेवा की सुंदर मिसाल पेश की गई है। यहाँ के प्रतिष्ठित दाधीच (बोड़ायडा) परिवार ने अपने पूर्वजों की पावन स्मृति को अमर रखने के लिए, सार्वजनिक कुएं पर इस भव्य ट्यूबवेल का निर्माण करवाकर समाज को सप्रेम भेंट किया है। यह पुनीत कार्य हमारे पूजनीय पूर्वजों: स्वर्गीय श्रीमती तुलसी देवी, धर्मपत्नी स्वर्गीय श्री राम कुमार जी दाधीच स्वर्गीय श्रीमती रुक्मिणी देवी, धर्मपत्नी स्वर्गीय श्री मदन लाल जी दाधीच स्वर्गीय श्रीमती गीता देवी, धर्मपत्नी स्वर्गीय श्री मखनलाल लाल जी दाधीच स्वर्गीय श्री मूलचंद जी, स्वर्गीय श्रीमती संतोष देवी, स्वर्गीय श्री बनवारी लाल जी और स्वर्गीय श्री राकेश कुमार जी दाधीच... की गौरवमयी स्मृति में समर्पित है। दाधीच परिवार का यह विनम्र प्रयास, गांव की पेयजल समस्या को दूर करने और पितरों के आशीर्वाद को जन-जन तक पहुँचाने का एक जरिया है। पितरों की स्मृति में किया गया यह 'जल-दान', दूधवाखारा के उज्जवल भविष्य और भाईचारे का प्रतीक बनेगा। निवेदक: समस्त दाधीच (बोड़ायडा) परिवार, दूधवाखारा।"1
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- जिला रिपोर्टर मांगीलाल सिहाग चूरू, 19 मार्च। चैत्र शुक्ल प्रतिपदा एवं राजस्थान स्थापना दिवस के पावन अवसर पर गुरुवार को चूरू महोत्सव— 2026 का उत्साहपूर्ण शुभारंभ हुआ। गढ़ परिसर में स्थित राजकीय मंदिर (गोपालजी मंदिर) में चूरू विधायक हरलाल सहारण, जिला कलक्टर अभिषेक सुराणा, एडीएम अर्पिता सोनी, बसंत शर्मा, चूरू नगरपरिषद आयुक्त अभिलाषा सिंह सहित अधिकारी, जनप्रतिनिधियों व शहरवासियों ने पूजा - अर्चना की और जिले में खुशहाली की कामना के साथ ढफ व नगाड़े पर थाप देकर चूरू महोत्सव का शुभारंभ किया। इस अवसर पर स्वामी गोपालदास चौक में अतिथियों ने राजस्थानी लोकगीतों पर कदम थिरकाए और प्रतिभागियों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी। *विरासत कार्निवल यात्रा में ऊंट - घोड़ी ने दिखाई शानदार करतब* शुभारंभ अवसर पर गढ़ परिसर से सफेद घंटाघर, सुभाष चौक होते हुए बागला स्कूल खेल मैदान तक विरासत कार्निवल यात्रा निकाली गई। यात्रा में ऊंट - घोड़ी ने शानदार करतब दिखाए। वहीं कच्छी घोड़ी व लोक नृत्य ने मन को आकर्षिक किया और पारंपरिक वेशभूषा में सजे कलाकारों और लोक वाद्यों की मधुर धुनों ने राजस्थान की समृद्ध लोक संस्कृति को साकार किया। विधायक हरलाल सहारण, जिला कलक्टर अभिषेक सुराणा, एडीएम अर्पिता सोनी, बसंत शर्मा, आयुक्त अभिलाषा सिंह आदि अतिथियों ने प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया और राजस्थान दिवस की शुभकामनाएं प्रेषित कीं। *कला मंच पर आयोजित हुआ शुभारंभ समारोह* इस अवसर पर बागला स्कूल खेल मैदान में आयोजित मुख्य समारोह में कला मंच पर शुभारंभ समारोह आयोजित किया गया। विधायक हरलाल सहारण ने फीता काटकर व विधिवत घोषणा से चूरू महोत्सव का शुभारंभ किया। अतिथियों ने 'हस्ताक्षर कैनवास' पर हस्ताक्षर कर चूरू की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने एवं आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। इस दौरान प्रतिभागियों ने मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी। अतिथियों ने सर्वश्रेष्ठ ऊँट सजावट के लिए देबूराम को प्रशस्ति - पत्र और मोमेंटो भेंट कर सम्मानित किया। *समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, रेत के धोरों और लोक परंपराओं से है चूरू की पहचान* शुभारंभ समारोह में संबोधित करते हुए विधायक हरलाल सहारण ने कहा कि चूरू की पहचान उसकी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, रेत के धोरों और लोक परंपराओं से है। चूरू महोत्सव 2026 का एक सांस्कृतिक आयोजन के साथ क्षेत्र की परंपराओं, लोक कलाओं और सामाजिक एकता का उत्सव है। उन्होंने कहा कि चूरू की धरती वीरता, त्याग और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के लिए जानी जाती है। चूरू महोत्सव हमें हमारी जड़ों से जोड़ता है और नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति, परंपराओं और मूल्यों को समझने का अवसर प्रदान करता है। उन्होंने जिलेवासियों से आग्रह किया कि वे इस महोत्सव में बढ़-चढ़कर भाग लें और अपनी संस्कृति को जीवित रखने में योगदान दें। जिला कलक्टर अभिषेक सुराणा ने कहा कि चूरू महोत्सव जिले की सांस्कृतिक विरासत, सद्भावना और परंपराओं का प्रतीक है तथा हमारी सांस्कृतिक जीवंतता का उत्सव है। हमें गर्व है कि चूरू अपनी सांस्कृतिक पहचान को इतनी खूबसूरती से जीवंत रखे हुए है। चूरू की सांस्कृतिक व सामाजिक एकता, सामूहिक जिम्मेदारी और सकारात्मक ऊर्जा तथा जिला प्रशासन और आमजन के सहयोग से चूरू महोत्सव सफल होगा। बसंत शर्मा ने कहा कि चूरू महोत्सव केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि जिले की सामूहिक भावना, सांस्कृतिक गौरव और सामाजिक सद्भाव का प्रतीक है। यह महोत्सव हमें हमारी ऐतिहासिक विरासत और महान विभूतियों की याद दिलाता है। राजस्थान स्थापना दिवस के इस पावन अवसर पर चूरू महोत्सव के आगाज से हम सभी संकल्प लें कि हम अपनी सांस्कृतिक धरोहर को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएंगे। इस दौरान पूर्व प्रधान दीपचंद राहड़, कोतवाल सुखराम चोटिया, अभिषेक चोटिया, सुरेश सारस्वत, भास्कर शर्मा, सीपी शर्मा, मुकुल भाटी, धर्मेंद्र राकसिया, आकाश सैनी, रचना कोठारी, सूर्यकांत चोटिया, राकेश शर्मा, रजत सहित अन्य उपस्थित रहे। संचालन बजरंग हर्षवाल व शिवकुमार शर्मा ने किया।3
- सीकर में भारतीय नववर्ष के अवसर को लेकर आज भगवा वहाँ रैली का आयोजन किया गया, रैली का आयोजन रामलीला मैदान से होकर चांदपोल गेट, जाट बाजार, कल्याण सर्किल होते हुए निकली|4
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- स्वच्छता को जीवनशैली बनाकर राजस्थान को सर्वेक्षण में अव्वल बनाने का आह्वान - के. के. गुप्ता झालावाड़। स्वच्छ एवं स्वस्थ राजस्थान के निर्माण के लिए स्वच्छता को जनआंदोलन बनाने की आवश्यकता है। स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) के ब्रांड एंबेसेडर एवं स्वच्छता विशेषज्ञ के.के. गुप्ता ने कहा कि स्वच्छता केवल एक अभियान नहीं बल्कि जीवनशैली का अभिन्न हिस्सा है। यदि अधिकारी-कर्मचारी और आमजन मिलकर गंभीरता से कार्य करें तो आगामी स्वच्छता सर्वेक्षण में राजस्थान को शीर्ष स्थान प्राप्त करने से कोई नहीं रोक सकता। गुरुवार को झालावाड़ जिला परिषद सभागार में आयोजित कार्यशाला में गुप्ता ने जिलेभर की नगर निकाय, जलदाय, सीवरेज, पीडब्ल्यूडी, बिजली एवं देवस्थान विभाग के अधिकारियों और कार्मिकों को संबोधित किया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छ भारत मिशन के विजन तथा मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के संकल्प को साकार करने में सभी विभागों की संयुक्त जिम्मेदारी बताई। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार स्वच्छता कार्यों को लेकर जीरो टॉलरेंस नीति पर काम कर रही है और लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ सीधे कार्रवाई होगी। गुप्ता ने डूंगरपुर मॉडल का उदाहरण देते हुए बताया कि जनसहभागिता से छोटे शहर भी अंतरराष्ट्रीय पहचान बना सकते हैं। उनके सभापति कार्यकाल में डूंगरपुर ने स्वच्छता के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किए, जिसके परिणामस्वरूप शहर पर्यटन मानचित्र पर उभरा। उन्होंने कहा कि स्वच्छता लागू होने से न केवल शहरों की तस्वीर बदलती है, बल्कि लोगों की जीवनशैली और स्थानीय अर्थव्यवस्था पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। उन्होंने बताया कि जयपुर के अल्बर्ट म्यूजियम से मुख्यमंत्री द्वारा स्वच्छ भारत अभियान को प्रदेश के प्रत्येक नगर निकाय क्षेत्र में प्रभावी रूप से लागू करने का संदेश दिया गया है। इसके लिए सभी विभागों को समन्वय के साथ कार्य करना होगा तथा आमजन में जागरूकता बढ़ानी होगी। कार्यशाला में स्वच्छता के लिए आवश्यक बिंदुओं पर विशेष जोर दिया गया। इसमें डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण, गीले-सूखे कचरे का पृथक्करण, खाली भूखंडों की सफाई, मजबूत सीवरेज व्यवस्था, सार्वजनिक शौचालयों की नियमित सफाई, प्लास्टिक मुक्त सड़कें, जल संरक्षण एवं पर्यावरण संरक्षण जैसे कार्यों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए। गुप्ता ने कहा कि स्वच्छता से पर्यटन को भी नई गति मिलेगी और राजस्थान की पहचान राष्ट्रीय ही नहीं बल्कि वैश्विक स्तर पर मजबूत होगी। उन्होंने अधिकारियों से स्वच्छता को लक्ष्य बनाकर निरंतर 365 दिन कार्य करने तथा जनभागीदारी और मीडिया सहयोग से अभियान को सफल बनाने का आह्वान किया।1