डिजिटल युग में बढ़ते साइबर अपराधों से बचाव और ऑनलाइन सुरक्षा के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से सिद्धार्थनगर जिले के कपिलवस्तु स्थित सिद्धार्थ विश्वविद्यालय में सोमवार को एक साइबर अपराध रोकथाम एवं जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम विश्वविद्यालय के गौतम बुद्ध प्रेक्षागृह में जनपदीय साइबर सेल, साइबर क्राइम पुलिस थाना सिद्धार्थनगर और थाना कपिलवस्तु की साइबर सेल के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. अश्विनी कुमार ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के बढ़ते उपयोग ने शिक्षा, अनुसंधान और प्रशासनिक कार्यों को नई दिशा दी है, लेकिन इसके साथ ही साइबर अपराधों के नए स्वरूप भी सामने आए हैं, जिसके कारण तकनीक का सुरक्षित एवं जिम्मेदार उपयोग समय की आवश्यकता है। मुख्य वक्ता क्षेत्राधिकारी सदर विश्वजीत शौर्य ने फिशिंग, ऑनलाइन बैंकिंग धोखाधड़ी, पहचान की चोरी, सोशल मीडिया हैकिंग, साइबर बुलिंग, सेक्सटॉर्शन, रैनसमवेयर, फर्जी नौकरी, निवेश घोटाले, डिजिटल अरेस्ट और इंस्टेंट लोन ऐप फ्रॉड जैसे तेजी से बढ़ते साइबर अपराधों के विभिन्न प्रकारों और उनसे बचाव के उपायों पर विस्तार से प्रकाश डाला, और बताया कि ऐसे मामलों में सतर्कता और जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव है। जनपदीय साइबर सेल की क्षेत्राधिकारी रोहिणी यादव ने छात्र-छात्राओं से डिजिटल प्लेटफॉर्म का सावधानीपूर्वक उपयोग करने, व्यक्तिगत एवं बैंकिंग जानकारी किसी के साथ साझा न करने और संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधियों की तत्काल सूचना पुलिस को देने की अपील करते हुए कहा कि साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक नागरिक ही सुरक्षित समाज की नींव रखते हैं। जिला साइबर क्राइम सेल के विशेषज्ञ सत्येंद्र मल ने सरल भाषा में साइबर अपराध की अवधारणा को समझाते हुए ऑनलाइन ठगी, बैंकिंग फ्रॉड, फर्जी प्रोफाइल और साइबर बुलिंग जैसे मामलों से बचने के व्यावहारिक उपाय बताए। वहीं हेड कांस्टेबल दिलीप कुमार द्विवेदी ने मजबूत पासवर्ड, टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन, सोशल मीडिया सुरक्षा तथा संदिग्ध लिंक और कॉल से बचाव के बारे में जानकारी दी। उन्होंने राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 और साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया भी समझाई। कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं ने साइबर सुरक्षा से जुड़े विभिन्न प्रश्न पूछे, जिनका विशेषज्ञों ने विस्तार से उत्तर दिया। इस कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के शिक्षक, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। इस अवसर पर नियंता प्रो. दीपक बाबू, कला संकाय की अधिष्ठाता प्रो. नीता यादव, अधिष्ठाता शैक्षणिक प्रो. जितेंद्र कुमार, प्रो. सत्येंद्र कुमार दुबे, प्रो. लक्ष्मण आभा द्विवेदी सहित विश्वविद्यालय परिवार के अनेक सदस्य मौजूद रहे।
डिजिटल युग में बढ़ते साइबर अपराधों से बचाव और ऑनलाइन सुरक्षा के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से सिद्धार्थनगर जिले के कपिलवस्तु स्थित सिद्धार्थ विश्वविद्यालय में सोमवार को एक साइबर अपराध रोकथाम एवं जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम विश्वविद्यालय के गौतम बुद्ध प्रेक्षागृह में जनपदीय साइबर सेल, साइबर क्राइम पुलिस थाना सिद्धार्थनगर और थाना कपिलवस्तु की साइबर सेल के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. अश्विनी कुमार ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के बढ़ते उपयोग ने शिक्षा, अनुसंधान और प्रशासनिक कार्यों को नई दिशा दी है, लेकिन इसके साथ ही साइबर अपराधों के नए स्वरूप भी सामने आए हैं, जिसके कारण तकनीक का सुरक्षित एवं जिम्मेदार उपयोग समय की आवश्यकता है। मुख्य वक्ता क्षेत्राधिकारी सदर विश्वजीत शौर्य ने
फिशिंग, ऑनलाइन बैंकिंग धोखाधड़ी, पहचान की चोरी, सोशल मीडिया हैकिंग, साइबर बुलिंग, सेक्सटॉर्शन, रैनसमवेयर, फर्जी नौकरी, निवेश घोटाले, डिजिटल अरेस्ट और इंस्टेंट लोन ऐप फ्रॉड जैसे तेजी से बढ़ते साइबर अपराधों के विभिन्न प्रकारों और उनसे बचाव के उपायों पर विस्तार से प्रकाश डाला, और बताया कि ऐसे मामलों में सतर्कता और जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव है। जनपदीय साइबर सेल की क्षेत्राधिकारी रोहिणी यादव ने छात्र-छात्राओं से डिजिटल प्लेटफॉर्म का सावधानीपूर्वक उपयोग करने, व्यक्तिगत एवं बैंकिंग जानकारी किसी के साथ साझा न करने और संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधियों की तत्काल सूचना पुलिस को देने की अपील करते हुए कहा कि साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक नागरिक ही सुरक्षित समाज की नींव रखते हैं। जिला साइबर क्राइम सेल के विशेषज्ञ सत्येंद्र मल ने सरल भाषा में साइबर अपराध की अवधारणा को
समझाते हुए ऑनलाइन ठगी, बैंकिंग फ्रॉड, फर्जी प्रोफाइल और साइबर बुलिंग जैसे मामलों से बचने के व्यावहारिक उपाय बताए। वहीं हेड कांस्टेबल दिलीप कुमार द्विवेदी ने मजबूत पासवर्ड, टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन, सोशल मीडिया सुरक्षा तथा संदिग्ध लिंक और कॉल से बचाव के बारे में जानकारी दी। उन्होंने राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 और साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया भी समझाई। कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं ने साइबर सुरक्षा से जुड़े विभिन्न प्रश्न पूछे, जिनका विशेषज्ञों ने विस्तार से उत्तर दिया। इस कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के शिक्षक, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। इस अवसर पर नियंता प्रो. दीपक बाबू, कला संकाय की अधिष्ठाता प्रो. नीता यादव, अधिष्ठाता शैक्षणिक प्रो. जितेंद्र कुमार, प्रो. सत्येंद्र कुमार दुबे, प्रो. लक्ष्मण आभा द्विवेदी सहित विश्वविद्यालय परिवार के अनेक सदस्य मौजूद रहे।
- अयोध्या स्थित राम मंदिर के निर्माण हेतु एकत्रित चंदे में कथित चोरी के मुद्दे पर एक नया गाना जारी किया गया है।1
- संत कबीर नगर जनपद में चकबंदी प्रक्रिया के दौरान गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाया गया है, जिसमें गाटा संख्या 346 में नियम विरुद्ध जाकर एक पक्ष को लाभ पहुँचाने का मामला सामने आया है। इस घटना में सी.ओ. की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। दुलगपुर गाँव, थाना-मोहाली निवासी कपिल देव, पुत्र जगलाल, ने आरोप लगाया है कि चकबंदी अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत व पक्षपात के चलते सावित्री देवी पत्नी राम फिर को अनुचित लाभ पहुँचाया गया है। पीड़ित वीरेंद्र ने चकबंदी में हुई इस कथित धांधली को लेकर जिलाधिकारी आलोक कुमार से उच्च स्तरीय जाँच की मांग की है।1
- संतकबीरनगर के मेंहदावल तहसील क्षेत्र में सोमवार दोपहर बाद अचानक मौसम ने करवट ली, जहाँ मद्धिम हवाओं के साथ शुरू हुई बूंदाबांदी कुछ ही देर में झमाझम बारिश में बदल गई। आसमान में गड़गड़ाहट और ठंडी हवाओं के बीच हुई इस बारिश से मौसम खुशनुमा हो गया, जिससे कई दिनों से लू और भीषण गर्मी झेल रहे आमजनमानस को बड़ी राहत मिली है। इस अचानक हुई झमाझम बारिश ने खेतों में हलचल बढ़ा दी है और धान का बेहन डालने वाले किसानों को विशेष लाभ पहुँचाया है। बारिश से खेतों में नमी बढ़ने के कारण खेती-किसानी करने वाले किसानों के चेहरे खुशी से खिल उठे हैं। लोगों के अनुसार, बारिश से तापमान में गिरावट आई है और मौसम सुहावना हो गया है, जिससे गर्मी से काफी राहत मिली है। बारिश के बावजूद, अभी भी आसमान में बादल उमड़-घुमड़ रहे हैं, और हवा तथा बारिश के चलते बिजली भी प्रभावित हुई है।2
- मुमताज अहमद नदी में मस्ती करते हुए सीधे लाइव आए हैं, जिसे दर्शक इस समय देख सकते हैं। उनसे इस वीडियो को लाइक, कमेंट, शेयर और सब्सक्राइब करने का आग्रह किया जा रहा है।1
- एक व्यक्ति ने बताया कि उनका भाई, जिन्हें वे 'ड्राइवर बाबू' कहकर संबोधित कर रहे हैं, ट्रैक्टर चलाते हुए खूब मस्ती कर रहे हैं। पोस्ट में दर्शकों से इसे लाइक, कमेंट और शेयर करने का आग्रह किया गया है।1
- वैभव सूर्यवंशी का गुस्सा 'लंका' पर अत्यंत तीव्रता से बरसा।1