*5 हजार से अधिक किसानों के हित में बड़ा निर्णय, कवच योजना को मंजूरी* --- *अपेक्स और जिला सहकारी बैंकों द्वारा 50 करोड़ की निधि की जाएगी निर्मित* --- *राज्य सरकार 25 करोड़ की अंशपूंजी करायेगी उपलब्ध* --- *जनजातीय कार्य विभाग के शैक्षणिक संवर्ग के लिए चतुर्थ क्रमोन्नत वेतनमान की स्वीकृति* ---- *स्टेट डाटा सेन्टर के उन्नयन, परिचालन एवं संधारण के लिए 1,099.58 करोड़ रूपये की स्वीकृति* --- *प्रदेश के सर्वांगीण विकास और जन-कल्याण को गति देने के लिए कुल 32,070 करोड़ रुपये की योजनाओं और प्रस्तावों को स्वीकृति* --- *मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक में लिये गए निर्णय* भोपाल, 04 अगस्त 2026 मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंगलवार को मंत्रालय में हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसान कल्याण को सर्वाधिक महत्व देते हुए सहकारिता विभाग की कवच योजना को मंजूरी दी, जिससे सहकारिता विभाग के लगभग 5 हजार किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सकेगा। *कवच योजना का अनुमोदन : 5 हजार से अधिक किसानों के हित में बड़ा निर्णय* मंत्रि-परिषद ने सहकारिता विभाग की "कवच योजना" को अनुमोदित किया। यह योजना सहकारी समितियों के ऐसे लगभग 5 हजार किसानों के लिए है, जिनके ऋण खाते में गड़बड़ियां हुई हैं और जांच में देरी की वजह से किसान सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं ले पा रहे हैं। अब ऐसे किसानो को मुख्य धारा में लाकर योजना के तहत नया ऋण मिल सकेगा। निर्णय के अनुसार प्रभावित किसानों को राहत देने के लिए अपैक्स बैंक और जिला सहकारी बैंकों द्वारा अपने स्तर से 50 करोड़ रूपये की सीमा तक की नीधि का निर्माण किया जायेगा। राज्य सरकार भी किसान हित में 25 करोड़ रूपये की अंशपूजी की सहायता एक बार उपलब्ध करायेगी। मंत्रि-परिषद की बैठक में मध्यप्रदेश के सर्वांगीण विकास और जन-कल्याण को गति देने के लिए कुल 32,070 करोड़ रुपये की योजनाओं और प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की गई। राज्य सरकार के यें महत्वपूर्ण निर्णय मुख्य रूप से सहकारिता से जुड़े लगभग 5 हजार किसानों, प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण, खेल अधोसंरचना के विस्तार, डिजिटल गवर्नेंस के सशक्तिकरण और शैक्षणिक संवर्ग के हित संवर्धन पर केंद्रित है। मंत्रि-परिषद की बैठक में आगामी वित्तीय वर्षों 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 के लिए स्वास्थ्य क्षेत्र को प्राथमिकता देते हुए जिला एवं सिविल अस्पतालों व औषधालयों के सुचारू संचालन के लिए 12 हजार 517.99 करोड़ रुपये, प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल की पहुँच बढ़ाने के लिए 11 हजार 812.02 करोड़ रुपये, प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन (पीएमअभीम) के तहत स्वास्थ्य आपदाओं से निपटने व लैब नेटवर्क निर्माण के लिए 2,449 करोड़ रुपये तथा मलेरिया एवं वेक्टर जनित रोगों के प्रभावी नियंत्रण के लिए 1,705 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई। बैठक में प्रदेश के युवाओं को अंतर्राष्ट्रीय स्तर की खेल सुविधाएँ और स्टेडियम उपलब्ध कराने के उद्देश्य से खेल अधोसंरचना निर्माण के लिए 2,460 करोड़ 57 लाख रुपये की योजना को स्वीकृति दी गई। ई-गवर्नेंस को मजबूती देने के क्रम में स्टेट डाटा सेन्टर (SDC) के उन्नयन, परिचालन एवं संधारण के लिए 1 हजार 99 करोड़ 58 लाख रुपये मंजूर किए गए। जनजातीय कार्य विभाग के सहायक, उच्च श्रेणी, प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षकों के हित में निर्णय लेते हुए 35 वर्ष की सेवा पूर्ण करने पर 1 जुलाई 2023 से चतुर्थ क्रमोन्नत वेतनमान देने का अनुमोदन भी किया गया। *खेल स्टेडियम और अधोसंरचना निर्माण के लिए 2,460.57 करोड़ रूपये की स्वीकृति* मंत्रि-परिषद ने खेल एवं युवा कल्याण विभाग अंतर्गत स्टेडियम एवं खेल अधोसंरचना योजना संचालन संबंधी योजना के वित्तीय वर्ष 2026-27 से वितीय वर्ष 2030-31 तक क्रियान्वयन के लिए 2,460 करोड़ 57 लाख रूपये की स्वीकृति दी है। इससे प्रदेश के खिलाड़ियों को अन्तर्राष्ट्रीय / राष्ट्रीय स्तर की खेल अधोसंरचना उपलब्ध कराई जायेगी तथा उपलब्ध अधोसंरचना का उन्नयन किया जायेगा। साथ ही खिलाड़ियों के लिए आवश्यक स्थाई प्रकार के खेल उपकरण स्थापित कराए जायेंगे। प्रदेश के जिला मुख्यालयों पर स्टेडियम /खेल प्रशिक्षण केन्द्र निर्मित हैं एवं 313 विकास खण्डों में से लगभग 100 स्थानों पर स्टेडियम निर्मित हैं। *जिला और सिविल अस्पताल एवं औषधालयों के संचालन के लिए 12,517.99 करोड़ रूपये की स्वीकृति* मंत्रि-परिषद ने प्रदेश के जिला और सिविल अस्पताल एवं औषधालयों को 01 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक संचालन के लिए 12 हजार 517.99 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी गई है। योजना से जिला चिकित्सालय में रोगियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं एवं अस्पताल सुचारू रूप से संचालित किया जा सकेगा। योजना के संचालन का लक्ष्य परिवार कल्याण कार्यक्रम एवं विभाग द्वारा संचालित गतिविधियों एवं विशेष रूप से स्वास्थ्य के प्रति जागरुकता लाना भी है। *मलेरिया सहित अन्य वेक्टरजनित रोगों के नियंत्रण के लिए 1,704 करोड़ 81 लाख रूपये की स्वीकृति* मंत्रि-परिषद ने मलेरिया सहित अन्य वेक्टरजनित रोगों के नियंत्रण से संबंधित योजना शीत ज्वर के 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक संचालन के लिए 1,704 करोड़ 81 लाख रूपये की स्वीकृति प्रदान की है। इस राष्ट्रीय कार्यक्रम अन्तर्गत मलेरिया सहित अन्य वेक्टरजनित रोगों को नियंत्रित किया जाता है, जिसमें नए कीटनाशक और लार्टीसाइड शामिल हैं। *प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन (पीएमअभीम) के संचालन के लिए 2,448 करोड़ 79 लाख रूपये की स्वीकृति* मंत्रि-परिषद ने प्रदेश में प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन (पीएमअभीम) के 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक निरंतर संचालन के लिए 2,448 करोड़ 79 लाख रूपये की स्वीकृति दी है। इस योजना के अंतर्गत जिला अस्पताल एवं चिकित्सा महाविद्यालय स्तर पर क्रिटिकल केयर ब्लॉक और इंटीग्रेटेड सार्वजनिक स्वास्थ्य लैब का निर्माण किया जाएगा तथा विकासखंड स्तर पर ब्लॉक सार्वजनिक स्वास्थ्य यूनिट की स्थापना सुनिश्चित की जायेगी। प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन (पीएमअभीम) के अंतर्गत कोविड महामारी जैसी स्वास्थ्य आपदाओं से निपटने एवं नियंत्रण के लिए स्वास्थ्य प्रणाली को सुदृढ़ किया जा रहा है। इसके साथ ही बीमारियों की शीघ्र पहचान के लिए जाँच प्रणाली को विकासखंड एवं जिला स्तर पर सुदृढ़ करते हुए नवीन नेटवर्क स्थापित किया जा रहा है। इसके परिणामस्वरूप ग्रामीण एवं शहरी स्तर पर स्वास्थ्य आपदाओं की शीघ्र पहचान कर प्रभावी नियंत्रण एवं रोकथाम किया जा सकेगा। *नागरिकों के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल सुनिश्चित करने के लिए 11 हजार 812.02 करोड़ रुपये की स्वीकृति* मंत्रि-परिषद ने जिलों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच बढ़ाने, प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल सुनिश्चित करने तथा बेहतर स्वास्थ्य निगरानी के लिए स्वास्थ्य केन्द्रों की स्थापना एवं संचालन (प्राथमिक) सम्बन्धी योजना के 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक निरंतर संचालन के लिए 11 हजार 812.02 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है। योजना का मुख्य उद्देश्य उप स्वास्थ्य केन्द्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र और सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में आंतरिक एवं बाह्य रोगियों का उपचार करना है। आंतरिक रोगियों के लिए निःशुल्क भोजन और दवाईयां उपलब्ध कराई जाती हैं। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय एवं उनके अधीन संचालित चिकित्सा संस्थाओं में समस्त रोगो के निदान के लिए विशेषज्ञ और चिकित्सा अधिकारी, नर्सिग एवं फार्मासिस्ट का अमला पदस्थ होता है। *स्टेट डाटा सेन्टर के उन्नयन, परिचालन एवं संधारण के लिए 1,099 करोड़ 58 लाख रूपये की स्वीकृति* मंत्रि-परिषद ने विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की स्टेट डाटा सेन्टर का उन्नयन, परिचालन एवं संधारण संबंधी योजना के 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक निरंतर संचालन के लिए 1,099 करोड़ 58 लाख रूपये की स्वीकृति दी है। प्रदेश में शासकीय विभागों के महत्वपूर्ण डेटा के सुरक्षित संग्रहण एवं विभिन्न ई-गवर्नेस सेवाओं के संचालन के लिए स्टेट डाटा सेंटर (SDC) का संचालन मध्यप्रदेश स्टेट इलेक्ट्रॉनिक्स डेवलपमेंट कार्पोरेशन (एमपीएसईडीसी) द्वारा किया जा रहा है। राज्य की ई-गवर्नेस अधोसंरचना के प्रमुख घटक के रूप में यह विभिन्न विभागों को होस्टिंग सेवाएं, नागरिक सेवाओं की ऑनलाइन उपलब्धता तथा डिजास्टर रिकवरी के माध्यम से सेवा निरंतरता सुनिश्चित करता है। म.प्र. स्टेट डाटा सेन्टर (एमपी एस.डी.सी) विभिन्न विभागों की वेबसाईटों, पोर्टों. एम.आइ.एस. ईमेल सेवाओं तथा क्लाउड होस्टिंग के लिए एक साझा, सुरक्षित और लागत प्रभावी प्लेटफॉर्म प्रदान करता है। इससे विभागों की आईटी लागत में कमी आती है और नागरिकों को डिजिटल सेवाओं की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित होती है जिससे "डिजिटल इंडिया मिशन को राज्य स्तर पर मजबूती मिलती है। *जनजातीय कार्य विभाग के शैक्षणिक संवर्ग के लिए चतुर्थ क्रमोन्नत वेतनमान की स्वीकृति* मध्यप्रदेश शासन जनजातीय कार्य विभाग के शैक्षणिक संवर्ग के सहायक शिक्षक एवं उच्च श्रेणी शिक्षक तथा नवीन शैक्षणिक संवर्ग के प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षकों के लिए प्रचलित क्रमोन्नत योजना अनुसार चतुर्थ क्रमोन्नत वेतनमान 1 जुलाई 2023 अथवा इसके बाद की तिथि से 35 वर्ष की सेवा पूर्ण करने पर प्रभावशील किए जाने का अनुमोदन दिया गया।
*5 हजार से अधिक किसानों के हित में बड़ा निर्णय, कवच योजना को मंजूरी* --- *अपेक्स और जिला सहकारी बैंकों द्वारा 50 करोड़ की निधि की जाएगी निर्मित* --- *राज्य सरकार 25 करोड़ की अंशपूंजी करायेगी उपलब्ध* --- *जनजातीय कार्य विभाग के शैक्षणिक संवर्ग के लिए चतुर्थ क्रमोन्नत वेतनमान की स्वीकृति* ---- *स्टेट डाटा सेन्टर के उन्नयन, परिचालन एवं संधारण के लिए 1,099.58 करोड़ रूपये की स्वीकृति* --- *प्रदेश के सर्वांगीण विकास और जन-कल्याण को गति देने के लिए कुल 32,070 करोड़ रुपये की योजनाओं और प्रस्तावों को स्वीकृति* --- *मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक में लिये गए निर्णय* भोपाल, 04 अगस्त 2026 मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंगलवार को मंत्रालय में हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसान कल्याण को सर्वाधिक महत्व देते हुए सहकारिता विभाग की कवच योजना को मंजूरी दी, जिससे सहकारिता विभाग के लगभग 5 हजार किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सकेगा। *कवच योजना का अनुमोदन : 5 हजार से अधिक किसानों के हित में बड़ा निर्णय* मंत्रि-परिषद ने सहकारिता विभाग की "कवच योजना" को अनुमोदित किया। यह योजना सहकारी समितियों के ऐसे लगभग 5 हजार किसानों के लिए है, जिनके ऋण खाते में गड़बड़ियां हुई हैं और जांच में देरी की वजह से किसान सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं ले पा रहे हैं। अब ऐसे किसानो को मुख्य धारा में लाकर योजना के तहत नया ऋण मिल सकेगा। निर्णय के अनुसार प्रभावित किसानों को राहत देने के लिए अपैक्स बैंक और जिला सहकारी बैंकों द्वारा अपने स्तर से 50 करोड़ रूपये की सीमा तक की नीधि का निर्माण किया जायेगा। राज्य सरकार भी किसान हित में 25 करोड़ रूपये की अंशपूजी की सहायता एक बार उपलब्ध करायेगी। मंत्रि-परिषद की बैठक में मध्यप्रदेश के सर्वांगीण विकास और जन-कल्याण को गति देने के लिए कुल 32,070 करोड़ रुपये की योजनाओं और प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की गई। राज्य सरकार के यें महत्वपूर्ण निर्णय मुख्य रूप से सहकारिता से जुड़े लगभग 5 हजार किसानों, प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण, खेल अधोसंरचना के विस्तार, डिजिटल गवर्नेंस के सशक्तिकरण और शैक्षणिक संवर्ग के हित संवर्धन पर केंद्रित है। मंत्रि-परिषद की बैठक में आगामी वित्तीय वर्षों 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 के लिए स्वास्थ्य क्षेत्र को प्राथमिकता देते हुए जिला एवं सिविल अस्पतालों व औषधालयों के सुचारू संचालन के लिए 12 हजार 517.99 करोड़ रुपये, प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल की पहुँच बढ़ाने के लिए 11 हजार 812.02 करोड़ रुपये, प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन (पीएमअभीम) के तहत स्वास्थ्य आपदाओं से निपटने व लैब नेटवर्क निर्माण के लिए 2,449 करोड़ रुपये तथा मलेरिया एवं वेक्टर जनित रोगों के प्रभावी नियंत्रण के लिए 1,705 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई। बैठक में प्रदेश के युवाओं को अंतर्राष्ट्रीय स्तर की खेल सुविधाएँ और स्टेडियम उपलब्ध कराने के उद्देश्य से खेल अधोसंरचना निर्माण के लिए 2,460 करोड़ 57 लाख रुपये की योजना को स्वीकृति दी गई। ई-गवर्नेंस को मजबूती देने के क्रम में स्टेट डाटा सेन्टर (SDC) के उन्नयन, परिचालन एवं संधारण के लिए 1 हजार 99 करोड़ 58 लाख रुपये मंजूर किए गए। जनजातीय कार्य विभाग के सहायक, उच्च श्रेणी, प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षकों के हित में निर्णय लेते हुए 35 वर्ष की सेवा पूर्ण करने पर 1 जुलाई 2023 से चतुर्थ क्रमोन्नत वेतनमान देने का अनुमोदन भी किया गया। *खेल स्टेडियम और अधोसंरचना निर्माण के लिए 2,460.57 करोड़ रूपये की स्वीकृति* मंत्रि-परिषद ने खेल एवं युवा कल्याण विभाग अंतर्गत स्टेडियम एवं खेल अधोसंरचना योजना संचालन संबंधी योजना के वित्तीय वर्ष 2026-27 से वितीय वर्ष 2030-31 तक क्रियान्वयन के लिए 2,460 करोड़ 57 लाख रूपये की स्वीकृति दी है। इससे प्रदेश के खिलाड़ियों को अन्तर्राष्ट्रीय / राष्ट्रीय स्तर की खेल अधोसंरचना उपलब्ध कराई जायेगी तथा उपलब्ध अधोसंरचना का उन्नयन किया जायेगा। साथ ही खिलाड़ियों के लिए आवश्यक स्थाई प्रकार के खेल उपकरण स्थापित कराए जायेंगे। प्रदेश के जिला मुख्यालयों पर स्टेडियम /खेल प्रशिक्षण केन्द्र निर्मित हैं एवं 313 विकास खण्डों में से लगभग 100 स्थानों पर स्टेडियम निर्मित हैं। *जिला और सिविल अस्पताल एवं औषधालयों के संचालन के लिए 12,517.99 करोड़ रूपये की स्वीकृति* मंत्रि-परिषद ने प्रदेश के जिला और सिविल अस्पताल एवं औषधालयों को 01 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक संचालन के लिए 12 हजार 517.99 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी गई है। योजना से जिला चिकित्सालय में रोगियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं एवं अस्पताल सुचारू रूप से संचालित किया जा सकेगा। योजना के संचालन का लक्ष्य परिवार कल्याण कार्यक्रम एवं विभाग द्वारा संचालित गतिविधियों एवं विशेष रूप से स्वास्थ्य के प्रति जागरुकता लाना भी है। *मलेरिया सहित अन्य वेक्टरजनित रोगों के नियंत्रण के लिए 1,704 करोड़ 81 लाख रूपये की स्वीकृति* मंत्रि-परिषद ने मलेरिया सहित अन्य वेक्टरजनित रोगों के नियंत्रण से संबंधित योजना शीत ज्वर के 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक संचालन के लिए 1,704 करोड़ 81 लाख रूपये की स्वीकृति प्रदान की है। इस राष्ट्रीय कार्यक्रम अन्तर्गत मलेरिया सहित अन्य वेक्टरजनित रोगों को नियंत्रित किया जाता है, जिसमें नए कीटनाशक और लार्टीसाइड शामिल हैं। *प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन (पीएमअभीम) के संचालन के लिए 2,448 करोड़ 79 लाख रूपये की स्वीकृति* मंत्रि-परिषद ने प्रदेश में प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन (पीएमअभीम) के 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक निरंतर संचालन के लिए 2,448 करोड़ 79 लाख रूपये की स्वीकृति दी है। इस योजना के अंतर्गत जिला अस्पताल एवं चिकित्सा महाविद्यालय स्तर पर क्रिटिकल केयर ब्लॉक और इंटीग्रेटेड सार्वजनिक स्वास्थ्य लैब का निर्माण किया जाएगा तथा विकासखंड स्तर पर ब्लॉक सार्वजनिक स्वास्थ्य यूनिट की स्थापना सुनिश्चित की जायेगी। प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन (पीएमअभीम) के अंतर्गत कोविड महामारी जैसी स्वास्थ्य आपदाओं से निपटने एवं नियंत्रण के लिए स्वास्थ्य प्रणाली को सुदृढ़ किया जा रहा है। इसके साथ ही बीमारियों की शीघ्र पहचान के लिए जाँच प्रणाली को विकासखंड एवं जिला स्तर पर सुदृढ़ करते हुए नवीन नेटवर्क स्थापित किया जा रहा है। इसके परिणामस्वरूप ग्रामीण एवं शहरी स्तर पर स्वास्थ्य आपदाओं की शीघ्र पहचान कर प्रभावी नियंत्रण एवं रोकथाम किया जा सकेगा। *नागरिकों के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल सुनिश्चित करने के लिए 11 हजार 812.02 करोड़ रुपये की स्वीकृति* मंत्रि-परिषद ने जिलों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच बढ़ाने, प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल सुनिश्चित करने तथा बेहतर स्वास्थ्य निगरानी के लिए स्वास्थ्य केन्द्रों की स्थापना एवं संचालन (प्राथमिक) सम्बन्धी योजना के 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक निरंतर संचालन के लिए 11 हजार 812.02 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है। योजना का मुख्य उद्देश्य उप स्वास्थ्य केन्द्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र और सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में आंतरिक एवं बाह्य रोगियों का उपचार करना है। आंतरिक रोगियों के लिए निःशुल्क भोजन और दवाईयां उपलब्ध कराई जाती हैं। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय एवं उनके अधीन संचालित चिकित्सा संस्थाओं में समस्त रोगो के निदान के लिए विशेषज्ञ और चिकित्सा अधिकारी, नर्सिग एवं फार्मासिस्ट का अमला पदस्थ होता है। *स्टेट डाटा सेन्टर के उन्नयन, परिचालन एवं संधारण के लिए 1,099 करोड़ 58 लाख रूपये की स्वीकृति* मंत्रि-परिषद ने विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की स्टेट डाटा सेन्टर का उन्नयन, परिचालन एवं संधारण संबंधी योजना के 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक निरंतर संचालन के लिए 1,099 करोड़ 58 लाख रूपये की स्वीकृति दी है। प्रदेश में शासकीय विभागों के महत्वपूर्ण डेटा के सुरक्षित संग्रहण एवं विभिन्न ई-गवर्नेस सेवाओं के संचालन के लिए स्टेट डाटा सेंटर (SDC) का संचालन मध्यप्रदेश स्टेट इलेक्ट्रॉनिक्स डेवलपमेंट कार्पोरेशन (एमपीएसईडीसी) द्वारा किया जा रहा है। राज्य की ई-गवर्नेस अधोसंरचना के प्रमुख घटक के रूप में यह विभिन्न विभागों को होस्टिंग सेवाएं, नागरिक सेवाओं की ऑनलाइन उपलब्धता तथा डिजास्टर रिकवरी के माध्यम से सेवा निरंतरता सुनिश्चित करता है। म.प्र. स्टेट डाटा सेन्टर (एमपी एस.डी.सी) विभिन्न विभागों की वेबसाईटों, पोर्टों. एम.आइ.एस. ईमेल सेवाओं तथा क्लाउड होस्टिंग के लिए एक साझा, सुरक्षित और लागत प्रभावी प्लेटफॉर्म प्रदान करता है। इससे विभागों की आईटी लागत में कमी आती है और नागरिकों को डिजिटल सेवाओं की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित होती है जिससे "डिजिटल इंडिया मिशन को राज्य स्तर पर मजबूती मिलती है। *जनजातीय कार्य विभाग के शैक्षणिक संवर्ग के लिए चतुर्थ क्रमोन्नत वेतनमान की स्वीकृति* मध्यप्रदेश शासन जनजातीय कार्य विभाग के शैक्षणिक संवर्ग के सहायक शिक्षक एवं उच्च श्रेणी शिक्षक तथा नवीन शैक्षणिक संवर्ग के प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षकों के लिए प्रचलित क्रमोन्नत योजना अनुसार चतुर्थ क्रमोन्नत वेतनमान 1 जुलाई 2023 अथवा इसके बाद की तिथि से 35 वर्ष की सेवा पूर्ण करने पर प्रभावशील किए जाने का अनुमोदन दिया गया।
- *बिग ब्रेकिंग नगर निगम* अवैध निर्माण पर सर्वोच न्यायालय की नगर निगम को कड़ी फटकार मप्र शासन द्वारा बनाई दस सदस्यीय जाँच समिति पर लगाई रोक मप्र हाईकोर्ट द्वारा दिए गए दुकान संचालकों को राहत आदेश (स्टे ऑर्डर ) समस्त आदेश निरस्त सर्वोच न्यायाल केआदेश पर चल रही जाँच में किसी प्रकार का हस्तक्षेप मान्य नहीं मप्र शासन की अधिवक्ता को लगाई कड़ी फटकार नगर निगम की तरफ़ से कहा गया कि वे कार्यवाही करना चाहते है पर उनके हाथ बाँधे जा रहे है पाँच हफ़्ते में रिपोर्ट प्रस्तुत करने के आदेश1
- Bhopal"आम जनता बोली – वर्तमान परिस्थितियों के लिए सत्ता में बैठे लोग और उनकी नीतियां जिम्मेदार हैं" वर्तमान परिस्थितियों को लेकर आम जनता ने अपनी राय रखी है। लोगों का कहना है कि मौजूदा हालात के लिए सत्ता में बैठे लोग और उनकी नीतियां जिम्मेदार हैं। इस मुद्दे पर लोगों ने खुलकर अपनी बात रखी और कई अहम सवाल उठाए। देखिए जनता की राय और जानिए कि लोग इस पूरे मामले को किस नजरिए से देख रहे हैं।1
- 🚨 BREAKING NEWS | सीहोर ⚠️ इछावर में जमीन पर कथित अतिक्रमण को लेकर नोटिस जारी! 📍 सीहोर के इछावर में बिना अनुमति जमीन पर अतिक्रमण करने के आरोप में संबंधित पक्ष को नोटिस जारी किया गया है। 👉 प्रशासन की कार्रवाई के बाद क्षेत्र में चर्चा तेज हो गई है। अब सभी की नजर आगे की कार्रवाई पर टिकी है। इस मामले पर आपकी क्या राय है? कमेंट में जरूर बताएं।1
- पूर्व मुख्यमंत्री स्व डीपी मिश्र को जयंती पर अर्पित की गई पुष्पांजलि, सीएम-विस अध्यक्ष ने पुष्प अर्पित कर कहा-मिश्र ने सदैव अच्छे कामों को आगे बढ़ाया वह हमेशा इस स्मरणीय रहेंगे बुधवार को मध्य प्रदेश विधानसभा के सेंट्रल हॉल में पूर्व मुख्यमंत्री स्व पंडित द्वारिका प्रसाद मिश्र की जयंती पर पुष्पांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस मौके पर विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव सहित उनके परिजनों और विधानसभा के अधिकारी कर्मचारियों ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस दौरान मौजूद लोगों ने उनके जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री स्व मिश्र साहित्यकार, लेखक, उद्भट विद्वान एवं निर्भीक राजनेता थे। उन्होंने प्रदेश में अच्छे कामों को आगे बढ़ाया,वे सदैव स्मरणीय रहेंगे। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री द्वारका प्रसाद मिश्र जमीन से जुड़े हुए नेता थे, वह लेखक होने के साथ मौलिक चिंतक और कानून के जानकार थे। उन्होंने जबलपुर नगर पालिका अध्यक्ष के रूप में अपना दायित्वों का निर्वहन करते हुए राज्य के मुख्यमंत्री तक का सफ़र तय किया। उनके द्वारा लिखे गए लेख मार्गदर्शन के रूप में हमारे बीच मौजूद हैं। वही मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि 1901 में उनका जन्म हुआ था,स्वतंत्रता आंदोलन में उन्होंने बढ़-चढ़कर भाग लिया। वह साहित्यकार होने के साथ लेखक और पत्रकार भी थे। आजादी के बाद कर्मठ योग्यता के बल पर उन्होंने सुचिता की मिसाल कायम कर अच्छे कामों को बढ़ावा दिया।3
- *भोपाल न्यू मार्केट में व्यापारियों का विरोध, कमिश्नर कार्यालय पहुंचकर सौंपा ज्ञापन* राजधानी भोपाल के न्यू मार्केट क्षेत्र में व्यापारियों ने बजरंग दाल के लोगों पर लगातार परेशान करने और दुकानें हटाने का दबाव बनाने का आरोप लगाया है व्यापारियों का कहना है कि आए दिन कथित तौर पर गुंडागर्दी और विवाद का माहौल बनाकर उनके कारोबार को प्रभावित करने का प्रयास किया जा रहा है इसी मुद्दे को लेकर बड़ी संख्या में व्यापारी कमिश्नर कार्यालय पहुंचे और प्रशासन को ज्ञापन सौंपते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की व्यापारियों ने कहा कि यदि इस तरह की घटनाओं पर समय रहते रोक नहीं लगाई गई, तो सभी व्यापारी बड़ा आंदोलन करेंगे व्यापारियों ने प्रशासन से मांग की मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्यवाही की जाए असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि न्यू मार्केट क्षेत्र में कानून व्यवस्था और व्यापारिक गतिविधियां सुचारु रूप से संचालित हो सकें कानून व्यवस्था से अपने आप को ऊपर मानने वाले इन लोगों पर जल्द कार्रवाई होना चाहिए *भोपाल न्यू मार्केट में व्यापारियों का विरोध, कमिश्नर कार्यालय पहुंचकर सौंपा ज्ञापन* राजधानी भोपाल के न्यू मार्केट क्षेत्र में व्यापारियों ने बजरंग दाल के लोगों पर लगातार परेशान करने और दुकानें हटाने का दबाव बनाने का आरोप लगाया है व्यापारियों का कहना है कि आए दिन कथित तौर पर गुंडागर्दी और विवाद का माहौल बनाकर उनके कारोबार को प्रभावित करने का प्रयास किया जा रहा है इसी मुद्दे को लेकर बड़ी संख्या में व्यापारी कमिश्नर कार्यालय पहुंचे और प्रशासन को ज्ञापन सौंपते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की व्यापारियों ने कहा कि यदि इस तरह की घटनाओं पर समय रहते रोक नहीं लगाई गई, तो सभी व्यापारी बड़ा आंदोलन करेंगे व्यापारियों ने प्रशासन से मांग की मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्यवाही की जाए असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि न्यू मार्केट क्षेत्र में कानून व्यवस्था और व्यापारिक गतिविधियां सुचारु रूप से संचालित हो सकें कानून व्यवस्था से अपने आप को ऊपर मानने वाले इन लोगों पर जल्द कार्रवाई होना चाहिए1
- कांग्रेस की बड़ी जीत मध्यप्रदेश दतिया में उपचुनाव में कांग्रेस की बड़ी जीत हुई इस जीत से कांग्रेस नेता खुशी में1
- किताब से कल तक अभियान के तहत सीएम ने किया सांदीपनी विद्यालय के विद्यार्थियों से संवाद, विद्यालय के नवाचारों को सराहा,बोले- शिक्षा के लिए हर स्तर पर हो रहा काम,सर्वांगीण विकास की कल्पना हो रही साकार मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने बुधवार को भोपाल के न्यू मार्केट स्थित कमला नेहरू सांदीपनि विद्यालय पहुंच कर किताब से कल तक अभियान के तहत विद्यार्थियों से संवाद किया। इस अवसर पर उन्होंने विद्यार्थियों को ज्ञान, अनुशासन और निरंतर प्रयास के माध्यम से सफलता की ओर बढ़ने का प्रेरक संदेश दिया। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से संवाद कर उनकी जिज्ञासाओं का सहजता से उत्तर दिया एवं उन्हें नवाचार, तकनीक और सतत रूप से सीखने के लिए प्रेरित किया। सीएम ने इस दौरान स्कूल का निरीक्षण कर वहां जुटाई गई शैक्षणिक व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने लाइब्रेरी, कंप्यूटर लैब, संगीत कक्ष सहित विभिन्न शैक्षणिक गतिविधियों का अवलोकन और विद्यार्थी कैबिनेट की व्यवस्था को सराहा। कार्यक्रम में स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सहित शिक्षा विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। इस मौके पर मुख्यमंत्री डॉ यादव ने शिक्षकों के साथ भी संवाद किया। विद्यार्थियों की कैबिनेट देखकर उत्साहित हुए सीएम मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने बच्चों से संवाद और निरीक्षण करने के बाद पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि यह देखकर अत्यंत प्रसन्नता हुई कि विद्यालय में विद्यार्थियों की अपनी कैबिनेट है, जिसके माध्यम से शिक्षा सहित विद्यालय की अन्य व्यवस्थाओं का सुव्यवस्थित संचालन किया जा रहा है। यह पहल विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, जिम्मेदारी और आत्मविश्वास का विकास कर रही है। हम बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए संकल्पित होकर निरंतर कार्य कर रहे हैं। आज शिक्षा के क्षेत्र में किया गया हमारा निवेश आने वाले समय में देश और प्रदेश के उज्ज्वल भविष्य के संकल्प को साकार करेगा। वहीं, विद्यालयों में ड्रॉपआउट दर का शून्य होना हमारे लिए एक बड़ी उपलब्धि है और यह गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की दिशा में हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। बोर्ड परीक्षा की मेरिट लिस्ट में सरकारी स्कूल के बच्चो का दबदबा मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी स्कूलों का रिजल्ट लगातार बेहतर हो रहा है, 10वीं-12वीं की मेरिट सूची में सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों का बेहतर प्रदर्शन शिक्षा व्यवस्था की गुणवत्ता का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि सरकार ग्रामीण, शहरी, जनजातीय और अनुसूचित जाति बहुल क्षेत्रों में शिक्षा के स्तर को समान रूप से मजबूत करने के लिए काम कर रही है। शिक्षा के लिए परिवहन सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है,ट्राइबल, एससी, ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों पर सरकार का समान फोकस हैं। हर क्षेत्र में शिक्षा के स्तर को बेहतर बनाने का प्रयास जारी हैं। शिक्षा व्यवस्था में लगातार हो रहे नवाचार से सरकारी स्कूलों में गुणवत्ता और सुविधाओं का विस्तार हुआ हैं। शिक्षा के हर स्तर पर सरकार काम कर रही हैं। वसुधैव कुटुंबकम' हमारी संस्कृति की पहचान वहीं, BRICS सम्मेलन को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी मेहमानों का मध्य प्रदेश में स्वागत है, मध्य प्रदेश की धरती 'वसुधैव कुटुंबकम' की संस्कृति के लिए दुनिया भर में जानी जाती है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आयोजित इस महत्वपूर्ण सम्मेलन में राजा भोज की नगरी आने वाले सदस्य देशों के प्रतिनिधि भारतीय कला, संस्कृति, संगीत और साहित्य से परिचित होंगे। इससे भारत की सकारात्मक वैश्विक छवि और मजबूत होगी तथा देशों के बीच सांस्कृतिक और मैत्रीपूर्ण संबंधों को नई मजबूती मिलेगी। बाइट - डॉ मोहन यादव, मुख्यमंत्री, भोपाल2
- 04 टीमो का गठन कर 100 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरे खंगाले गये जिससे महज 24 घण्टे मे जीआरपी ग्वालियर (बीजी) पुलिस द्वारा अपहृत बालिका को मय आरोपी के बरामद किया गया कार्य का विवरण - श्रीमान अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक महोदय रेल म0प्र0 श्री राजाबाबू सिह (भापुसे) एवं श्रीमान उप पुलिस महानिरीक्षक महोदय रेल म०प्र० श्री पंकज श्रीवास्तव (भापुसे) व पुलिस अधीक्षक महोदय रेल भोपाल श्री अंकित जयसवाल (भापुसे) के निर्देशो के पालन मे व अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महोदय रेल भोपाल श्रीमति नीतू डावर एवं उप पुलिस अधीक्षक रेल ग्वालियर श्री रामस्नेह चौहान के मार्गदर्शन मे दिनांक 05-08-2026 को अपहरण के आरोपी को महज 24 घण्टे के अन्दर गिरफ्तार कर अपहृत बालिका को वारामद करने मे सफलता मिली। घटना का विवरण इस प्रकार है कि दिनांक 04.08.2026 को फरियादिया अनीता जाटव पिता रवि जाटव उम्र 24 साल नि. ग्राम खरई तहसील कोलारस जिला शिवपुरी थाना उपस्थित आकर रिपोर्ट किया कि मै दिनांक 03.08.2026 को ट्रेन 11107 बुन्देलखण्ड एक्सप्रेस के जनरल कोच मे अपनी बच्ची जूही के उम्र डेढ वर्ष के साथ प्रयागराज की यात्रा करने हेतु ट्रेन मे बैठी तभी एक अज्ञात व्यक्ति मेरे सामने की सीट मे आकर बैठ गया व मुझे बोला की तुम अपना सामान जमा लो बच्ची को मै देखता हू और बच्ची को गोद मे उठा ले लिया मै अपना सामान रखने लगी तभी वह व्यक्ति मेरी वच्ची को लेकर चला यहा वहा तलाश किया किन्तु कोई पता नही चला फरियादिया की रिपोर्ट पर से जीआरपी थाना ग्वालियर (बीजी) मे अपक्र 772/26 धारा 137 (2) बीएनएस दिनांक 04.08.2026 को कायम कर विवेचना मे लिया गया। प्रकरण की गम्भीरता को देखते हुये अपहृत बालिका व आरोपी की तलाश हेतु निरीक्षक दीप शिखा सिंह तोमर थाना प्रभारी जीआरपी ग्वालियर (बीजी) द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुये स्वयं के नेतृत्व मे एक टीम का गठन किया। टीम द्वारा अपहृत बालिका की तलाश हेतु लगातार सतत प्रयास करते हुये मुखविर मामूर कर तत्काल स्टेशन ग्वालियर, शहर ग्वालियर के विभिन्न चौराहे, टपरी, व्यक्तिगत मकानो व गलियो के लगभग 150 सीसीटीव्ही कैमरे खंगाले गये टीम के रातो दिन अथक परिश्रम के चलते महज 24 घण्टो के अन्दर आरोपी 1. संजय राय पिता1