सीमलवाड़ा के धंबोला थाना क्षेत्र के चोतरा गांव के बोड़की फला में एक महिला द्वारा फांसी लगाकर आत्महत्या करने का मामला सामने आया है, जिसके बाद पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल व्याप्त है। पुलिस ने मृतका के पति की रिपोर्ट पर मामला दर्ज कर गहन जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, चौतरा फला बोड़की निवासी महेंद्र पुत्र सतीश नाई ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि उनकी पत्नी राधा, जिनकी आयु लगभग 45 वर्ष थी, पिछले करीब दो माह से मानसिक तनाव से जूझ रही थीं। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि उनके पुत्र भावेश की पत्नी कुछ समय पहले उन्हें छोड़कर अपने पीहर चली गई थी, जिस कारण परिवार में लगातार तनाव की स्थिति बनी हुई थी और इसी बात को लेकर राधा अत्यधिक चिंतित रहती थीं। रिपोर्ट के विवरण के अनुसार, शनिवार 20 जून की शाम करीब आठ बजे महेंद्र घरेलू कार्य से सीमलवाड़ा बाजार गए हुए थे, और उस समय उनकी पत्नी राधा घर पर अकेली थीं। इसी दौरान उन्होंने घर के अंदर फांसी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। जब महेंद्र घर लौटे, तो उन्होंने मुख्य दरवाजा अंदर से बंद पाया। पीछे के रास्ते से घर में प्रवेश करने पर महेंद्र ने अपनी पत्नी को फंदे पर लटका हुआ देखा। उनके शोर मचाने पर आसपास के ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे और महिला को फंदे से नीचे उतारा। परिजनों ने तत्काल एक निजी वाहन से महिला को एक निजी अस्पताल पहुँचाया, जहाँ चिकित्सकों ने जाँच के उपरांत उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसके बाद शव को सरकारी अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया। रविवार को मृतका के पति की रिपोर्ट पर पुलिस ने औपचारिक रूप से मामला दर्ज किया। सीमलवाड़ा चौकी प्रभारी गजेंद्र सिंह राव ने बताया कि पुलिस ने सभी आवश्यक कानूनी कार्यवाही पूरी करते हुए शव का पोस्टमार्टम करवाया और फिर शव परिजनों को सौंप दिया। प्रथम दृष्टया यह मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है और पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है।
सीमलवाड़ा के धंबोला थाना क्षेत्र के चोतरा गांव के बोड़की फला में एक महिला द्वारा फांसी लगाकर आत्महत्या करने का मामला सामने आया है, जिसके बाद पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल व्याप्त है। पुलिस ने मृतका के पति की रिपोर्ट पर मामला दर्ज कर गहन जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, चौतरा फला बोड़की निवासी महेंद्र पुत्र सतीश नाई ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि उनकी पत्नी राधा, जिनकी आयु लगभग 45 वर्ष थी, पिछले करीब दो माह से मानसिक तनाव से जूझ रही थीं। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि उनके पुत्र भावेश की पत्नी कुछ समय पहले उन्हें छोड़कर अपने पीहर चली गई थी, जिस कारण परिवार में लगातार तनाव की स्थिति बनी हुई थी और इसी बात को लेकर राधा अत्यधिक चिंतित रहती थीं। रिपोर्ट के विवरण के अनुसार, शनिवार 20 जून की शाम करीब आठ बजे महेंद्र घरेलू कार्य से सीमलवाड़ा बाजार गए हुए थे, और उस समय उनकी पत्नी राधा घर पर अकेली थीं। इसी दौरान उन्होंने घर के अंदर फांसी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। जब महेंद्र घर लौटे, तो उन्होंने मुख्य दरवाजा अंदर से बंद पाया। पीछे के रास्ते से घर में प्रवेश करने पर महेंद्र ने अपनी पत्नी को फंदे पर लटका हुआ देखा। उनके शोर मचाने पर आसपास के ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे और महिला को फंदे से नीचे उतारा। परिजनों ने तत्काल एक निजी वाहन से महिला को एक निजी अस्पताल पहुँचाया, जहाँ चिकित्सकों ने जाँच के उपरांत उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसके बाद शव को सरकारी अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया। रविवार को मृतका के पति की रिपोर्ट पर पुलिस ने औपचारिक रूप से मामला दर्ज किया। सीमलवाड़ा चौकी प्रभारी गजेंद्र सिंह राव ने बताया कि पुलिस ने सभी आवश्यक कानूनी कार्यवाही पूरी करते हुए शव का पोस्टमार्टम करवाया और फिर शव परिजनों को सौंप दिया। प्रथम दृष्टया यह मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है और पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है।
- धंबोला निवासी और यू1स्ट फाउंडेशन के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष विनय भट्ट को मॉरीशस में आयोजित ब्रह्मराष्ट्र एकम् विश्व महासंघ ट्रस्ट के अंतरराष्ट्रीय अधिवेशन में सम्मानित किया गया। उन्हें 20 जून को यूनिवर्सिटी ऑफ मॉरीशस के यूनिवर्सिटी कन्वेंशन सेंटर में भारत और अफ्रीका में युवा सशक्तिकरण, सांस्कृतिक विकास तथा आध्यात्मिक उत्थान के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए यह सम्मान प्रदान किया गया। सम्मान प्राप्ति के उपरांत, विनय भट्ट ने “ईमानदारी” विषय पर एक प्रेरणादायक मुख्य वक्तव्य दिया। उनके संबोधन को सांसदों, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों, आध्यात्मिक गुरुओं तथा भारत और मॉरीशस से आए विशिष्ट अतिथियों ने सराहा। भट्ट ने अपने उद्बोधन में नैतिक मूल्यों, युवा नेतृत्व और सामाजिक उत्तरदायित्व को वैश्विक विकास की आधारशिला बताया। मॉरीशस में आयोजित ब्रह्मराष्ट्र एकम् विश्व महासंघ का यह अधिवेशन शनिवार को संपन्न हुआ। समापन सत्र में गौतम खट्टर, निधि रामनेओराह, विनय भट्ट एवं कल्याणी जुग्गू सहित कई वक्ताओं ने अपने विचार व्यक्त किए। अधिवेशन में चंद्रज्योति बूबून, डॉ. लालबिहारी, पं. सतीशचंद्र मिश्र, पं. रवींद्रनाथ मिश्र, कल्लू महाराज, नवनीत पांडेय, कुंतक मिश्रा एवं कुशाग्र मिश्र सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे। अधिवेशन के दौरान, संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने मॉरीशस के राष्ट्रपति धरमबीर गोखूल से भी शिष्टाचार भेंट कर सांस्कृतिक एवं सामाजिक सहयोग के विभिन्न विषयों पर चर्चा की। विनय भट्ट के इस अंतरराष्ट्रीय सम्मान से धंबोला क्षेत्र में हर्ष का माहौल है।1
- समाजसेवी दिनेश चंद्र अहारी ने जोर देकर कहा है कि जनजाति युवा केवल उन राजनीतिक दलों का समर्थन करेंगे जो राजनीति में रोटेशन प्रणाली को लागू करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनजाति वर्ग के लिए 100% राजनीतिक आरक्षण, जो अनुसूचित क्षेत्रों में दिया गया है, वह पूरे समुदाय के लिए है, न कि केवल कुछ चुनिंदा लोगों के लिए। अहारी ने आलोचना की कि इस आरक्षण का लाभ केवल कुछ ही लोग ले रहे हैं और "कुंडली लगा करके बैठे हुए हैं"। उनकी मांग है कि जो एक बार नेता बन गया है, उसे अगली बार समाज सेवा करनी चाहिए और दूसरों को मौका देना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार की भी यही मंशा थी, इसीलिए अनुसूचित क्षेत्र बनाकर 100% राजनीतिक आरक्षण दिया गया है। अहारी ने जोर दिया कि इस स्थिति को बदलना होगा, तभी अधिक से अधिक लोगों को राजनीति में अवसर मिल सकेंगे।1
- डूंगरपुर जिले के सीमलवाड़ा क्षेत्र में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर रविवार को विभिन्न स्थानों पर योग कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। ब्लॉक स्तरीय मुख्य कार्यक्रम मणिलाल पंड्या राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, सीमलवाड़ा में हुआ, जहाँ पंचायत समिति सीमलवाड़ा के प्रधान कारीलाल ननोमा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे और ईश्वर लाल लबाना ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, विद्यार्थियों और आमजन सहित करीब 245 लोगों ने सामूहिक योगाभ्यास कर स्वस्थ जीवन का संदेश दिया। योग प्रशिक्षकों ने प्रतिभागियों को विभिन्न योगासन, प्राणायाम और ध्यान का अभ्यास करवाया। ब्लॉक आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी डॉ. सतानंद सिंह राजपूत एवं आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी डॉ. रीता कटारा ने नियमित योगाभ्यास से शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के महत्व पर जोर दिया, बताते हुए कि योग भारत की प्राचीन संस्कृति और ऋषि-मुनियों की अमूल्य विरासत है, जो हजारों वर्षों से मानव जीवन को स्वस्थ, संतुलित और अनुशासित बनाता आया है, जिससे तनाव, उच्च रक्तचाप, मधुमेह, मोटापा जैसी कई बीमारियों से बचाव संभव है। इसी कड़ी में, गोविंद गुरु राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय बांसिया में भी विश्व योग दिवस उत्साहपूर्वक मनाया गया। इस कार्यक्रम की विशेष बात यह रही कि मनरेगा श्रमिकों ने भी योग में भाग लेकर स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता का संदेश दिया। प्रधानाचार्य धनपाल भोई ने योग को दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने का आह्वान किया, जबकि योग प्रशिक्षक कुंदन सिंह चौहान ने श्रमिकों और ग्रामीणों को योग की विभिन्न क्रियाओं का अभ्यास करवाकर उनके लाभ बताए। इस कार्यक्रम में भाजपा जिला मीडिया प्रभारी गुणवंत कलाल, वरिष्ठ शारीरिक शिक्षक गोपाल त्रिवेदी सहित ग्राम पंचायत क्षेत्र के कर्मचारी और ग्रामीण उपस्थित रहे। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर आयोजित इन कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने, नियमित योग करने और एक रोगमुक्त समाज के निर्माण का संदेश दिया गया।4
- डूंगरपुर जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत मंडावा खापरड़ा गांव में रविवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया, जहां बकरियां चराने गईं दो बालिकाओं की तालाब में बने एक गहरे पानी से भरे गड्ढे में डूबने से मृत्यु हो गई। घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस और सिविल डिफेंस की टीम मौके पर पहुंची, जिन्होंने ग्रामीणों की सहायता से दोनों बालिकाओं को तालाब से बाहर निकाला और उन्हें जिला अस्पताल पहुंचाया। हालांकि, चिकित्सकों ने वहाँ उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस के अनुसार, मंडावा खापरड़ा निवासी 12 वर्षीय उषा, जो राजू कोटेड की पुत्री थीं, और नैना, जो दशरथ कटारा की पुत्री थीं, गांव के पास स्थित घाटी तालाब पर बकरियां चराने गई थीं। इसी दौरान, वे दोनों बालिकाएं तालाब में बने लगभग 15 फीट गहरे पानी से भरे गड्ढे में गिर गईं और डूब गईं। हादसे की जानकारी मिलने पर कोतवाली पुलिस और सिविल डिफेंस के रवि परमार अपनी टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। ग्रामीणों की मदद से बालिकाओं को पानी से बाहर निकालने के बाद, उन्हें जिला अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने जांच के उपरांत उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने दोनों शवों को जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। इस घटना के बाद पूरे गांव में शोक की लहर फैल गई है।1
- माननीय राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के एक्शन प्लान 2026-27 के अनुसरण में तथा श्रीमती दीपा गुर्जर, अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (जिला एवं सेशन न्यायाधीश), डूंगरपुर के दिशा-निर्देशानुसार, 21 जून 2026 (रविवार) को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का भव्य एवं गरिमापूर्ण आयोजन किया गया। न्यायालय परिसर डूंगरपुर सहित सागवाड़ा, सीमलवाड़ा और आसपुर की ताल्लुका विधिक सेवा समितियों के न्यायालयों में भी यह आयोजन सफल रहा। इस वर्ष 'स्वस्थ आयु के लिए योग' (Yoga for Healthy Ageing) की विशेष थीम पर आधारित यह कार्यक्रम प्रातः 06:30 बजे सामूहिक योगाभ्यास से आरंभ हुआ। इस गरिमापूर्ण कार्यक्रम में जिला न्यायक्षेत्र के समस्त न्यायिक अधिकारीगण, अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश श्री प्रवीण कुमार, न्यायालय के प्रशासनिक एवं न्यायिक स्टाफ ने पूरी ऊर्जा और उत्साह के साथ सक्रिय भागीदारी की। मुख्य योग शिक्षक श्री चंद्रकांत जी द्वारा उपस्थित सभी अधिकारीगण, अधिवक्तागण एवं कर्मचारीगण को विभिन्न आसन और प्राणायाम का अभ्यास कराया गया। इस विशेष अवसर पर, उपस्थित सभी न्यायिक अधिकारियों, कर्मचारियों और आमजन को शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य के लिए योग करने का संकल्प दिलाया गया, साथ ही 'विधिक सहायता' (Legal Aid) का महत्वपूर्ण संदेश भी दिया गया। आयोजकों ने बताया कि इस प्रकार के आयोजनों से न्याय विभाग से जुड़े सभी घटकों में एक सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। कार्यक्रम की सफलता में योगदान देने के लिए अंत में उपस्थित सभी जजों, बार एसोसिएशन के सदस्यों और न्यायिक कर्मचारियों का आभार व्यक्त किया गया।2
- डूंगरपुर में Au बैंक के तत्वावधान में गणेश नगर इंडस्ट्रियल एरिया में योग दिवस मनाया गया। इस अवसर पर कॉलोनी के सभी निवासियों ने मिलकर योगाभ्यास किया और जूस का वितरण भी किया गया। हेमंत जी जोशी और दीपक जी जोशी ने सभी उपस्थित कॉलोनी वासियों को योगाभ्यास कराया। इस कार्यक्रम में सभी लोगों को नियमित रूप से योग करने और स्वस्थ जीवन शैली अपनाने का संकल्प दिलाया गया। योगाभ्यास के विभिन्न लाभ भी बताए गए, जिसके बाद सभी ने पूरे वर्ष नियमित रूप से योग करने का प्रण लिया। योगाभ्यास के उपरांत, सभी ने मिलकर परिसर की साफ-सफाई कर स्वच्छता का महत्वपूर्ण संदेश भी दिया। यह जानकारी नीरव जोशी द्वारा प्रदान की गई।2
- आसपुर में 12वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस बड़े उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर एक ब्लॉक स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता एसडीएम बाबूलाल जाट और पुलिस उपाधीक्षक प्रभुलाल कुमावत ने की।1
- धंबोला के स्व. रेवाशंकर पंड्या राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस को बड़े उत्साह के साथ मनाया गया। संस्थाप्रधान डॉ. सुनील पंड्या के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में आयुर्वेद चिकित्सक डॉ. आरती सक्सेना और शारीरिक शिक्षक लक्ष्मण डेंडोर का सानिध्य प्राप्त हुआ। इस दौरान विद्यार्थियों और शिक्षकों ने सामूहिक योगाभ्यास करते हुए विभिन्न योगासन, प्राणायाम एवं ध्यान का अभ्यास किया। डॉ. आरती सक्सेना ने योग को स्वस्थ और संतुलित जीवन का आधार बताते हुए सभी को नियमित योग करने की प्रेरणा दी। वहीं, लक्ष्मण डेंडोर ने योग के शारीरिक और मानसिक लाभों के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की। संस्कृत व्याख्याता विद्या पंड्या ने अपने स्वागत उद्बोधन में भारतीय संस्कृति में योग की महत्ता को रेखांकित करते हुए इसे आत्मअनुशासन और स्वास्थ्य का एक प्रभावी माध्यम बताया। कार्यक्रम के समापन पर विद्यार्थियों ने नियमित रूप से योग करने का संकल्प लिया। पूरे आयोजन के दौरान विद्यालय परिसर में उत्साह और स्वास्थ्य जागरूकता का माहौल बना रहा, जिससे 'फिट इंडिया' का संदेश गूंजा।4