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पटना सिविल कोर्ट ने खान सर की गिरफ्तारी पर लगी रोक को अगले आदेश तक जारी रखने का निर्देश दिया है। यह जानकारी रिपोर्टर और एडिटर मो. ज़ुनैद द्वारा दी गई है।
JOURNALIST MOHD JUNAID
पटना सिविल कोर्ट ने खान सर की गिरफ्तारी पर लगी रोक को अगले आदेश तक जारी रखने का निर्देश दिया है। यह जानकारी रिपोर्टर और एडिटर मो. ज़ुनैद द्वारा दी गई है।
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- लखनऊ में आम आदमी पार्टी (आप) के कार्यकर्ताओं ने राम मंदिर चंदा चोरी के आरोपों के विरोध में एक अनोखा प्रदर्शन किया। आप कार्यकर्ता सड़क पर उतर आए और केसरबाग से हजरतगंज चौराहे की ओर चंदा मांगते हुए मार्च निकाला। इस मार्च के दौरान पुलिस ने कार्यकर्ताओं को रोक दिया, जिसके बाद सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई।2
- उत्तर प्रदेश के बिल्हौर तहसील क्षेत्र के शिवराजपुर में खनन माफियाओं ने आम जनमानस का जीवन दूभर कर दिया है। ये खनन और मिट्टी का काम करने वाले लोग सड़कों तथा गांव की गलियों के बीच ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से धूल उड़ाकर प्रदूषण को बढ़ावा दे रहे हैं, जिससे स्थानीय लोगों के जीवन के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, ये खनन माफिया किसी भी मानक का पालन नहीं कर रहे हैं और सरकारी रजबहे में मानक से अधिक मिट्टी उठा रहे हैं। सिंचाई विभाग और स्थानीय प्रशासन की कथित मिलीभगत के चलते खनन के इन नियमों का अनुपालन नहीं हो पा रहा है। चंद रुपयों के लालच में जिम्मेदार लोग भी इन खनन करने वाले लोगों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करना चाहते। विशेष रूप से शिवराजपुर थाना क्षेत्र के सखरेज गांव में मानकों की धज्जियां उड़ाकर अवैध खनन जारी है।1
- उत्तर प्रदेश में 'पाप धोने की मशीन' लगने का सवाल उठाते हुए, पैसे से मजबूत विजेंद्र हुड्डा की कारगुज़ारियों पर तीखी टिप्पणी की गई है। जानकारी के अनुसार, विजेंद्र हुड्डा ने 2015 के आसपास एक मीडिया हाउस शुरू किया था, जो कुछ ही समय में अलग-थलग पड़ गया। इसके बाद 2018 में उन्होंने ओला/उबर की तर्ज़ पर 'बाइक बोट टैक्सी सर्विस' लॉन्च की, जिसमें 7 हज़ार करोड़ रुपये से ज़्यादा का बड़ा घोटाला सामने आया। इस मामले में उत्तर प्रदेश पुलिस ने हुड्डा के खिलाफ 100 से अधिक मुकदमे दर्ज किए और उन पर 5 लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया, जिसके बाद वह पुलिस से बचकर विदेश भाग गए। हालांकि, विदेश से लौटने के बाद, जैसा कि बताया गया है, उन्होंने 'इतनी तगड़ी सेटिंग' की कि 'माई लॉर्ड' ने उन्हें बाहर ही बाहर 'अभयदान' दे दिया। 2024 में विजेंद्र हुड्डा ने नेता बनने का फैसला किया और लोकसभा चुनाव लड़ा, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा। चुनाव हारने के कुछ ही दिनों बाद, उन्होंने एक यूनिवर्सिटी खरीद ली और सीधे उसके चांसलर बन गए। पिछले साल, उत्तर प्रदेश एसटीएफ (STF) ने इस यूनिवर्सिटी में छापेमारी कर पैसे लेकर डिग्रियां बांटने के एक बड़े घोटाले का भंडाफोड़ किया, जिसके चलते हुड्डा साहब को जेल जाना पड़ा। वे कुछ महीने पहले ही जेल से बाहर आए हैं। अब, हाल ही में विजेंद्र हुड्डा ने उत्तर प्रदेश में फिर से अपना टीवी चैनल 'Nation-27' लॉन्च किया है। इस लॉन्च कार्यक्रम में सत्ता पक्ष और विपक्ष, दोनों के कई नेता मौजूद थे, और दूसरे राज्य के 'गवर्नर साहब' तक इसमें शामिल होने पहुंचे। इन सारी घटनाओं को देखते हुए, यह सवाल उठाया गया है कि क्या उत्तर प्रदेश में इतने सारे 'पाप' यूं ही धुल जाते हैं?1
- एक ओर जहां हुसैनाबाद ट्रस्ट और सरकार ऐतिहासिक सतखंडा तथा पुराने गेटों की मूल पहचान सुरक्षित रखने के लिए पारंपरिक शैली व उपयुक्त सामग्री का उपयोग कर संरक्षण का दावा कर रहे हैं, वहीं ठीक बगल में कथित तौर पर सीमेंट से नए निर्माण कर शटर वाली दुकानें बनाई जा रही हैं। यह स्थिति विरासत संरक्षण के दावों पर गंभीर सवाल खड़े करती है। करोड़ों रुपये खर्च करके ऐतिहासिक धरोहरों को बचाने के प्रयासों के बावजूद, उनके आसपास विरासत संरक्षण मानकों की खुलेआम अनदेखी कैसे हो रही है, इस पर जनता जवाब मांग रही है। यदि यह निर्माण नियमों के विरुद्ध है, तो संबंधित अधिकारियों की अब तक की खामोशी पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। जनता जानना चाहती है कि कहीं संरक्षण के नाम पर केवल दिखावा तो नहीं किया जा रहा और कहीं इसके पीछे व्यावसायिक हितों को बढ़ावा देने का खेल तो नहीं है।1
- लखनऊ में NEET UG-2026 की पुन:परीक्षा से ठीक पहले, ठाकुरगंज पुलिस को हाई अलर्ट पर रखा गया है। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह से चाक-चौबंद किया गया है और सभी परीक्षा केंद्रों पर निगरानी बढ़ा दी गई है।1
- उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के सरधना क्षेत्र से सामने आया एक कथित वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल दावों के मुताबिक, सड़क पर हुए एक विवाद के दौरान एक युवती और पुलिसकर्मियों के बीच तीखी नोकझोंक हुई, जिसमें युवती द्वारा पुलिसकर्मियों से कथित तौर पर अभद्रता भी की गई। इस घटना के दौरान मौके पर लोगों की काफी भीड़ जमा हो गई थी। इस कथित वीडियो के सामने आने के बाद सार्वजनिक स्थानों पर कानून-व्यवस्था और अनुशासन को लेकर सोशल मीडिया पर एक नई बहस छिड़ गई है। हालांकि, वायरल वीडियो में किए जा रहे इन सभी दावों और घटनाक्रम की अभी तक कोई स्वतंत्र या आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। मामले की वास्तविक स्थिति पुलिस की जांच और उनके आधिकारिक बयान के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।1
- उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के सरधना थाना क्षेत्र में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ दिल्ली से अपने बॉयफ्रेंड से मिलने पहुँची एक युवती ने शराब के नशे में सड़क पर जमकर हंगामा किया। रात के समय हुई इस घटना में युवती ने मौके पर पहुँची पुलिस टीम के साथ बदसलूकी और हाथापाई भी की। यह पूरी घटना तब शुरू हुई जब दिल्ली निवासी युवती अपने बॉयफ्रेंड परवेज से मिलने सरधना आई थी। बताया गया कि दोनों ने गाड़ी के अंदर शराब पीकर पार्टी की। पुलिस को इसकी सूचना मिलने पर जब वे मौके पर पहुँचे और पूछताछ करने लगे, तो नशे में धुत युवती ने पुलिसकर्मियों से बहस शुरू कर दी। वायरल वीडियो में युवती एक पुलिसकर्मी की वर्दी खींचते, उंगली दिखाकर "तेरी औकात क्या है" जैसे आपत्तिजनक शब्द कहते और एक सिपाही को थप्पड़ मारने का प्रयास करते हुए दिखाई दे रही है। उसने पुलिस से यह भी कहा कि वह अपने बॉयफ्रेंड से मिलने आई थी और इसमें क्या गलत है। इसके बाद पुलिस ने स्थिति को देखते हुए युवती, उसके बॉयफ्रेंड और उनके साथियों का एल्कोहल टेस्ट करवाया। पुलिस ने युवती और उसके बॉयफ्रेंड को हिरासत में ले लिया और शांतिभंग (धारा 151) के तहत मुकदमा दर्ज कर दोनों को जेल भेज दिया गया। उनकी गाड़ियों को भी सीज कर दिया गया है।1