लखनऊ में एक कोचिंग संस्थान में हुए हादसे के बाद जौनपुर प्रशासन पूरी तरह से सतर्क हो गया है। इसी क्रम में, मंगलवार को अपर जिलाधिकारी (ADM) परमानंद झा के नेतृत्व में फायर विभाग की एक टीम ने शहर के विभिन्न कोचिंग संस्थानों में सघन जांच अभियान चलाया। इस औचक निरीक्षण के दौरान, दृष्टि कोचिंग संस्थान और विद्यापीठ कोचिंग समेत लगभग 5 से 6 प्रमुख कोचिंग संस्थानों का जायजा लिया गया। टीम ने इन संस्थानों में भवन की सुरक्षा व्यवस्था, अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता, आपातकालीन निकास मार्ग और अन्य सुरक्षा मानकों की बारीकी से जांच की, जहाँ कई संस्थानों में फायर सेफ्टी और सुरक्षा मानकों से जुड़ी खामियां पाई गईं। जांच में जिन संस्थानों में लापरवाही सामने आई, उन्हें तत्काल नोटिस जारी किए गए और जल्द से जल्द आवश्यक सुधार करने के निर्देश दिए गए। प्रशासन ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि छात्रों की सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और निर्धारित मानकों का पालन न करने वाले संस्थानों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। अपर जिलाधिकारी परमानंद झा ने जोर देकर कहा कि विद्यार्थियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और सभी कोचिंग संस्थानों को फायर सेफ्टी व सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करना अनिवार्य होगा। इस अचानक हुई छापेमारी से कोचिंग संचालकों में हड़कंप मच गया।
लखनऊ में एक कोचिंग संस्थान में हुए हादसे के बाद जौनपुर प्रशासन पूरी तरह से सतर्क हो गया है। इसी क्रम में, मंगलवार को अपर जिलाधिकारी (ADM) परमानंद झा के नेतृत्व में फायर विभाग की एक टीम ने शहर के विभिन्न कोचिंग संस्थानों में सघन जांच अभियान चलाया। इस औचक निरीक्षण के दौरान, दृष्टि
कोचिंग संस्थान और विद्यापीठ कोचिंग समेत लगभग 5 से 6 प्रमुख कोचिंग संस्थानों का जायजा लिया गया। टीम ने इन संस्थानों में भवन की सुरक्षा व्यवस्था, अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता, आपातकालीन निकास मार्ग और अन्य सुरक्षा मानकों की बारीकी से जांच की, जहाँ कई संस्थानों में फायर सेफ्टी और सुरक्षा मानकों से जुड़ी
खामियां पाई गईं। जांच में जिन संस्थानों में लापरवाही सामने आई, उन्हें तत्काल नोटिस जारी किए गए और जल्द से जल्द आवश्यक सुधार करने के निर्देश दिए गए। प्रशासन ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि छात्रों की सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और निर्धारित मानकों का पालन
न करने वाले संस्थानों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। अपर जिलाधिकारी परमानंद झा ने जोर देकर कहा कि विद्यार्थियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और सभी कोचिंग संस्थानों को फायर सेफ्टी व सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करना अनिवार्य होगा। इस अचानक हुई छापेमारी से कोचिंग संचालकों में हड़कंप मच गया।
- प्रतापगढ़ के कलेक्ट्रेट परिसर में स्थित संकट मोचन धाम में मंगलवार को एक भव्य दिव्य भंडारे का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में अधिवक्ताओं, विभिन्न विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ-साथ आसपास के क्षेत्र के श्रद्धालुओं और गणमान्य नागरिकों ने बढ़-चढ़कर सहभागिता की। भंडारे में उपस्थित श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण कर भगवान संकट मोचन हनुमान जी का आशीर्वाद प्राप्त किया, जिससे पूरे परिसर में भक्ति एवं श्रद्धा का वातावरण बना रहा। आयोजकों द्वारा सभी आगंतुकों के लिए उत्कृष्ट व्यवस्था की गई थी, जिसकी उपस्थित लोगों ने सराहना भी की। इस अवसर पर अधिवक्ताओं, अधिकारियों और क्षेत्रीय नागरिकों ने आपसी सौहार्द, सामाजिक एकता एवं धार्मिक आस्था के महत्व पर चर्चा की। यह संपूर्ण कार्यक्रम शांतिपूर्ण एवं श्रद्धामय वातावरण में संपन्न हुआ।1
- समय के मम्मी-पापा की एक मजेदार और फनी वीडियो सामने आई है। इस वीडियो में समय की मम्मी से यह खास सवाल पूछा गया है कि वे सबसे पहले क्या बनाती हैं।1
- राम मंदिर के दानपात्र से कथित गबन के आरोपों के बीच, पिछले कुछ वर्षों में रामलला को कितने चढ़ावे आए, यह एक बड़ा सवाल बना हुआ था। इस रहस्य पर से पर्दा उठाते हुए, श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने शनिवार को मीडिया के सामने मंदिर की आय-व्यय और चढ़ावे का पूरा ब्योरा प्रस्तुत किया। उनके द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, वर्ष 2020 से 2024 तक चार वर्षों की अवधि में मंदिर को कुल 1300 किलोग्राम चांदी और 20 किलोग्राम सोना प्राप्त हुआ है। विशेष रूप से, केवल वित्तीय वर्ष 2023-24 में ही राम भक्तों द्वारा लगभग 363 करोड़ रुपये का दान नकद और अन्य माध्यमों से किया गया। ट्रस्ट की ओर से यह भी बताया गया कि भक्तों ने नकद, ऑनलाइन, विदेश से और बहुमूल्य धातुओं के रूप में यह योगदान दिया है, और यह आंकड़े काफी चौंकाने वाले हैं। पिछले चार वर्षों में मंदिर को भारी मात्रा में सोना और चांदी भी अर्पित की गई है।1
- एक बुजुर्ग व्यक्ति पर हुए हमले के मामले में कानूनी कार्रवाई की गई है। इस घटना के संबंध में पाँच अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज की गई है।1
- सुलतानपुर जिले की जयसिंहपुर तहसील के अंतर्गत ग्राम पंचायत भिदूरा में तालाब की सरकारी भूमि पर अवैध खनन का गंभीर मामला सामने आया है, जिससे ग्रामीणों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों ने सीधे तौर पर पूर्व प्रधान पर तालाब की जमीन से अवैध रूप से मिट्टी का खनन कराने का आरोप लगाया है। इस अवैध खनन के कारण राजस्व और ग्राम समाज की भूमि को भारी नुकसान पहुंचने की बात कही जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि तालाब जल संरक्षण का एक महत्वपूर्ण स्रोत है, लेकिन लगातार मिट्टी निकाले जाने से इसका प्राकृतिक स्वरूप बिगड़ रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने यह चेतावनी भी दी है कि यदि समय रहते अवैध खनन पर रोक नहीं लगाई गई, तो तालाब का अस्तित्व खतरे में पड़ जाएगा, जिसका सीधा प्रतिकूल प्रभाव वर्षा जल संचयन और भूजल संरक्षण पर पड़ेगा। क्षेत्र में इस मामले को लेकर गहमागहमी का माहौल है और ग्रामीण जिला प्रशासन एवं राजस्व विभाग से मौके पर जांच कराकर सरकारी भूमि को अतिक्रमण और अवैध खनन से मुक्त कराने की गुहार लगा रहे हैं।1
- बिहार के शाहपुर क्षेत्र में एक युवक ने भरत तिवारी को न्याय दिलाने की मांग को लेकर उनके घर के सामने आमरण अनशन शुरू कर दिया है। अनशन पर बैठे युवक का आरोप है कि इस मामले में अब तक उचित कार्रवाई नहीं की गई है, जिसके कारण उसे यह कदम उठाने के लिए मजबूर होना पड़ा है। अनशन स्थल पर स्थानीय लोगों की भारी भीड़ उमड़ रही है, जिसमें कई सामाजिक कार्यकर्ता और ग्रामीण युवक के समर्थन में सामने आए हैं। प्रदर्शनकारी युवक ने स्पष्ट किया है कि जब तक संबंधित मामले में निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती, तब तक उसका अनशन जारी रहेगा। मौके पर मौजूद पत्रकारों से बातचीत में युवक ने अपनी मांगों को विस्तार से रखा और प्रशासन से तुरंत हस्तक्षेप की अपील की। इस बीच, क्षेत्र में यह मुद्दा गरमाया हुआ है और स्थानीय प्रशासन ने भले ही कोई आधिकारिक बयान जारी न किया हो, लेकिन अनशन और बढ़ते जनसमर्थन को देखते हुए उसकी पूरी नजर घटनाक्रम पर बनी हुई है। ग्रामीणों का मानना है कि न्याय की मांग को लेकर शुरू हुआ यह आंदोलन आने वाले दिनों में और व्यापक रूप ले सकता है, यदि संबंधित पक्षों द्वारा समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए।1
- प्रतापगढ़ के बाबा बेलखरनाथ धाम क्षेत्र के जयसिंगढ़ गांव की निवासी श्रेयांशी ने अपनी मेहनत और लगन से सफलता का परचम लहराया है। एक शिक्षामित्र की बेटी श्रेयांशी ने बिना किसी कोचिंग के, केवल स्वाध्याय के बल पर बिहार में एक अधिकारी का पद हासिल किया है।1
- मध्य प्रदेश के ग्वालियर से दो बच्चियां लापता हो गई हैं, जिनकी आखिरी जानकारी भी ग्वालियर से ही मिली थी। इन लापता बच्चियों की माताओं को कोई भी मदद नहीं मिल रही है। इस स्थिति में, सभी हिंदुओं से एक वीडियो के माध्यम से भावुक अपील की गई है। इस जानकारी और वीडियो को मध्य प्रदेश के साथ-साथ पूरे भारत में अधिक से अधिक साझा करने का आग्रह किया गया है, ताकि लापता बच्चियों को ढूंढने में सहायता मिल सके।1
- लखनऊ में एक कोचिंग सेंटर में भीषण अग्निकांड हुआ है, जिसमें सिस्टम की घोर लापरवाही के कारण 18 लोगों की जान चली गई। बताया गया है कि घटना के वक्त लोग लगातार फोन करते रहे, लेकिन दमकल की गाड़ियाँ समय पर नहीं पहुँचीं। पहली फायर ब्रिगेड की गाड़ी 40 मिनट की देरी से घटनास्थल पर पहुँची, और एंबुलेंस भी काफी देर से पहुँची थी। इस हृदय विदारक घटना के पीछे कई गंभीर अनियमितताएँ सामने आई हैं। जानकारी के अनुसार, इस इमारत के ध्वस्तीकरण के आदेश वर्ष 2016 में ही जारी किए गए थे, लेकिन लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) ने मात्र दो महीने के भीतर ही उन आदेशों को वापस ले लिया था। इसके अतिरिक्त, बिल्डिंग के पास फायर एनओसी (NOC) भी नहीं थी, और यह 20 किलोवॉट के बिजली कनेक्शन पर 34 किलोवॉट की खपत कर रही थी, जो सुरक्षा मानकों का सीधा उल्लंघन है। इन सभी तथ्यों के आलोक में, लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA), दमकल विभाग और नगर निगम की कार्यप्रणाली और उनकी गंभीर लापरवाही पर बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं, जिसके चलते 18 बेकसूर जानें चली गईं।1