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बिहार के सीतामढ़ी में प्रदर्शनकारियों ने भाजपा के लगे झंडे वाली गाड़ी को निशाना बनाया है। इस घटना के दौरान गाड़ी में मौजूद युवती बाल-बाल बच गई।
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बिहार के सीतामढ़ी में प्रदर्शनकारियों ने भाजपा के लगे झंडे वाली गाड़ी को निशाना बनाया है। इस घटना के दौरान गाड़ी में मौजूद युवती बाल-बाल बच गई।
More news from Muzaffarpur and nearby areas
- बिहार के मुजफ्फरपुर में कलेक्ट्रेट गेट के पास जबरदस्त प्रदर्शन की खबर सामने आई है। कलेक्ट्रेट गेट के ठीक सामने जोरदार विरोध प्रदर्शन देखने को मिला है।1
- दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों का प्रदर्शन जारी है, जहां शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का मामला गरमाया हुआ है। जंतर-मंतर पर हो रहे इस छात्र प्रदर्शन और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के मुद्दे पर जेपी नड्डा ने अपनी प्रतिक्रिया दी है और अपना रुख स्पष्ट किया है।1
- शिवहर जिले के तरियानी चौक स्थित लक्ष्मीनिया गांव का पुल पूरी तरह जर्जर होकर खंडहर बन चुका है।1
- केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने शनिवार, 25 जुलाई 2026 को दोपहर लगभग 2:18 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना इस्तीफा सौंपा। धर्मेंद्र प्रधान का यह इस्तीफा NEET-UG परीक्षा विवाद और छात्रों के लगातार बढ़ते विरोध प्रदर्शनों के बीच सामने आया है। शिक्षा मंत्री के इस्तीफा देने के इस फैसले से Gen-Z बेहद खुश हैं और इसे Gen-Z की बड़ी जीत माना जा रहा है।3
- मुजफ्फरपुर के नगर परिषद कांटी स्थित वार्ड संख्या 26 में नाले का निर्माण कराया गया है, लेकिन इसके बावजूद सड़क पर लगातार पानी जमा रहता है। नाले का निर्माण कार्य अभी भी अधूरा पड़ा हुआ है और जल निकासी की कहीं कोई व्यवस्था नहीं की गई है। सड़क पर जलजमाव की इस स्थिति से साफ पता चलता है कि नगर प्रशासन आम जनता की समस्याओं को लेकर कितना गंभीर है। भ्रष्टाचार की सारी हदें पार कर चुके इस अधूरे निर्माण कार्य और जल निकासी न होने को लेकर लोगों में भारी नाराजगी है तथा नगर परिषद के विकास के दावों पर तीखा तंज कसा जा रहा है।1
- बिहार के सीतामढ़ी में प्रदर्शन के दौरान अचानक स्थिति बिगड़ गई और कई स्थानों पर पथराव, तोड़फोड़ व आगजनी से हालात तनावपूर्ण हो गए हैं। इस दौरान उपद्रवियों ने भाजपा की एक गाड़ी को निशाना बनाते हुए पहले उसमें तोड़फोड़ की और बाद में उसे आग के हवाले कर दिया। इलाके में स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने जिले के कई संवेदनशील क्षेत्रों में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। कथित तौर पर प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे डीएम कार्यालय का घेराव करने पहुंचे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया और डीएम से मिलने नहीं दिया। उनका दावा है कि भीड़ बढ़ने के बाद प्रशासन की ओर से आंसू गैस के गोले छोड़े गए, जिसके बाद स्थिति और बिगड़ गई तथा प्रदर्शन उपद्रव में तब्दील हो गया। फिलहाल इन दावों की स्वतंत्र या आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और प्रशासन की ओर से विस्तृत बयान का इंतजार किया जा रहा है।1