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उत्तर प्रदेश के जालौन जिले के उरकरा खुर्द गांव में एक पालतू लंगूर, जिसे स्थानीय लोग 'बजरंगबली जी' कहते थे, का दुखद निधन हो गया है। बताया गया है कि रात के समय अकेला होने पर कुछ कुत्तों ने उस लंगूर को बहुत बुरी तरह घायल कर दिया था। जब गांव के लोगों ने उसे देखा, तब तक काफी देर हो चुकी थी और चोटों के कारण उसकी मृत्यु हो चुकी थी। इस घटना के बाद, उस जीव की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करने की अपील की गई है।
Kamal singh
उत्तर प्रदेश के जालौन जिले के उरकरा खुर्द गांव में एक पालतू लंगूर, जिसे स्थानीय लोग 'बजरंगबली जी' कहते थे, का दुखद निधन हो गया है। बताया गया है कि रात के समय अकेला होने पर कुछ कुत्तों ने उस लंगूर को बहुत बुरी तरह घायल कर दिया था। जब गांव के लोगों ने उसे देखा, तब तक काफी देर हो चुकी थी और चोटों के कारण उसकी मृत्यु हो चुकी थी। इस घटना के बाद, उस जीव की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करने की अपील की गई है।
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- जालौन में हुए एक महिला हत्याकांड का पुलिस ने 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार, यह वारदात करीब 15 साल पुरानी रंजिश के चलते अंजाम दी गई थी। आरोप है कि सो रही महिला पर कुल्हाड़ी और डंडे से हमला कर उसकी हत्या की गई। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान लल्ला उर्फ सहदेव और राज सिंह उर्फ बसंत के रूप में हुई है।3
- कानपुर देहात के अकबरपुर में, जिलाधिकारी/जिला मजिस्ट्रेट कपिल सिंह ने शनिवार को अकबरपुर महाविद्यालय परीक्षा केंद्र का निरीक्षण किया। यह निरीक्षण उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग द्वारा आयोजित उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा-2026 के सफल, निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण आयोजन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से किया गया था। इस दौरान, जिलाधिकारी ने अभ्यर्थियों के प्रवेश प्रक्रिया, पहचान सत्यापन, सुरक्षा व्यवस्था, सीसीटीवी निगरानी, स्ट्रॉन्ग रूम, तथा प्रश्नपत्रों एवं उत्तर पुस्तिकाओं के सुरक्षित रख-रखाव सहित समस्त व्यवस्थाओं का गहनता से जायजा लिया। निरीक्षण के पश्चात, जिलाधिकारी ने परीक्षा संचालन से संबंधित सभी व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग के दिशा-निर्देशों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने सेक्टर मजिस्ट्रेट, स्टेटिक मजिस्ट्रेट एवं केंद्र व्यवस्थापक को विशेष रूप से निर्देशित किया कि परीक्षा को पूर्ण निष्पक्षता, पारदर्शिता एवं शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न कराया जाए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि परीक्षा की शुचिता बनाए रखने में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी, और सभी अधिकारियों को अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी सतर्कता एवं सजगता के साथ करने को कहा। निरीक्षण के अंत में, परीक्षा केंद्र पर सभी व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गईं और परीक्षा निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित ढंग से संचालित होती मिली।1
- सलेमपुर स्थित राधे-राधे पेट्रोल पंप पर एक युवक के साथ हुई मारपीट और जान से मारने की धमकी के मामले में थाना डेरापुर पुलिस ने चार नामजद आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। यह कार्रवाई पीड़ित की तहरीर के आधार पर की गई है। पुलिस फिलहाल मामले की जांच में जुटी है। कस्बा डेरापुर के प्रताप नगर वार्ड-10 निवासी गुफरान पुत्र शरीफ उल्लाह खान ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि 1 जुलाई की शाम करीब 6 बजे वह अपनी मोटरसाइकिल में पेट्रोल भरवाने के लिए सलेमपुर के राधे-राधे पेट्रोल पंप पर गया था। इसी दौरान कुछ युवक वहाँ पहुँचे और उसकी बाइक के सामने आकर गाली-गलौज शुरू कर दी। पीड़ित के अनुसार, जब उसने विरोध किया तो आरोपितों ने उसके साथ मारपीट की और जान से मारने की धमकी भी दी। शोरगुल सुनकर मौके पर मौजूद लोगों और पेट्रोल पंप कर्मचारियों ने बीच-बचाव कर मामले को शांत कराया, जिसके बाद आरोपित वहाँ से चले गए। तहरीर में वार्ड नंबर-5 कृष्णा नगर डेरापुर निवासी विकास चौबे उर्फ भीखखू पुत्र देवेंद्र चौबे, कस्बा डेरापुर निवासी अभिनव उर्फ पिंटू ठाकुर पुत्र मनोज सिंह, डेरापुर निवासी पूती राइन पुत्र छोटे लाल और डेरापुर निवासी शानू कुरैशी पुत्र शफीक कुरैशी को नामजद किया गया है। पीड़ित का कहना है कि यह पूरी घटना पेट्रोल पंप पर लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हुई है। इस मामले में थाना डेरापुर पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। थाना प्रभारी डेरापुर ने शनिवार शाम 5 बजे जानकारी दी कि तहरीर के आधार पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है और मामले की जांच की जा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।1
- कानपुर देहात के झींझक रेलवे स्टेशन पर एक दर्दनाक हादसा हुआ, जहाँ ट्रैक पार करते समय ट्रेन की चपेट में आने से झारखंड के एक 50 वर्षीय मजदूर संस्कृत लोहरा की मौत हो गई। संस्कृत लोहरा, जो झारखंड प्रांत के रांची स्थित पूरियो गाँव के निवासी थे, पनकी के एक भट्ठे पर मजदूरी का काम करते थे और कानपुर के पनकी में मजदूरी का काम मिलने पर शुक्रवार को अपनी पत्नी दुलारी देवी, बेटे शिवा, शशि व छोटे बेटे के साथ झींझक स्टेशन पहुँचे थे। परिवार शाम की पैसेंजर ट्रेन का इंतजार कर रहा था। शाम करीब साढ़े 7 बजे, संस्कृत लोहरा अपने छोटे बेटे के कपड़े लेने के लिए रेलवे ट्रैक पार करके गए थे। कपड़े लेकर वे वापस डाउन प्लेटफॉर्म पर आ रहे थे तभी कानपुर की तरफ जा रही एक ट्रेन की चपेट में आ गए, जिससे उनकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। इस दौरान उनका छोटा बेटा बाल-बाल बच गया। घटना की सूचना मिलने पर जीआरपी पुलिस ने शव को ट्रैक से हटाकर कब्जे में ले लिया और आगे की कार्यवाही शुरू की। संस्कृत लोहरा की मौत से पत्नी दुलारी सहित उनके बच्चे बिलख उठे। जीआरपी प्रभारी चौकी इंचार्ज अर्पित तिवारी ने बताया कि मृतक की जेब से यात्रा टिकट मिला है। शव का पंचायतनामा भरने के बाद उसे पोस्टमार्टम के लिए भेजा जाएगा, जिसके बाद अग्रिम कार्यवाही की जाएगी।1
- कानपुर देहात के सिकंदरा आलमपुर में एक देसी शराब के ठेके को हटाने की मांग पर ग्रामीण दूसरे दिन भी अपनी जिद पर अड़े हुए हैं। पत्रकार आशू श्रीवास्तव भी इस घटना को कवर कर रहे हैं। ग्रामवासियों का आरोप है कि यह शराब ठेका निर्धारित समय के विपरीत भी शराब बेचता है, जिसके कारण आए दिन ठेके पर उपद्रव होता रहता है। ग्रामीणों ने यह भी शिकायत की है कि ठेके पर बैठने वाला व्यक्ति शराबियों से कभी-कभी गैस सिलेंडर रख लेता है, और शराबी नग्न अवस्था में खड़े होकर पेशाब आदि करते हैं, जिससे माहौल खराब होता है। इस बीच, 'एक उम्मीद' की राष्ट्रीय अध्यक्ष दीक्षा यादव मौके पर पहुंचीं और उन्होंने ग्रामीणों को समझाने के साथ-साथ उनकी शिकायतों को भी सुना, जिसके हल निकालने का वे भरपूर प्रयास कर रही हैं। ग्रामीणों द्वारा किसी भी तरह का उपद्रव न हो, इसे सुनिश्चित करने के लिए सिकंदरा थाना प्रभारी जनार्दन प्रताप सिंह भारी पुलिस बल के साथ मौके पर मौजूद हैं। अभिकारी विभाग के अमर सिंह ने भी ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। ग्रामवासियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि शराब का ठेका यहां से नहीं हटाया गया, तो कल तहसील दिवस पर सभी ग्रामवासी मिलकर सिकंदरा तहसील में धरना प्रदर्शन करेंगे। फिलहाल, ठेका आज भी खुला हुआ है और मौके पर पुलिस प्रशासन मौजूद है।2
- कानपुर देहात के सिकंदरा तहसील क्षेत्र के ग्राम आलमपुर में देसी शराब के ठेके को हटाने की जिद पर ग्रामीण लगातार दूसरे दिन भी अड़े रहे। इस मामले को लेकर मौके पर अधिकारियों और पुलिस बल की तैनाती देखी गई। "एक उम्मीद" की राष्ट्रीय अध्यक्ष दीक्षा यादव ने घटनास्थल पर पहुंचकर ग्रामीणों को समझाने और उनकी शिकायतों को सुनने का प्रयास किया, साथ ही इसका हल निकालने का भरपूर प्रयास करने का भरोसा भी दिया। वहीं, सिकंदरा थाना प्रभारी जनार्दन प्रताप सिंह भारी पुलिस बल के साथ मौजूद रहे ताकि ग्रामीणों द्वारा किसी भी तरह का उपद्रव न हो। आबकारी विभाग के अमर सिंह ने भी ग्रामीणों को समझाने की कोशिश की। ग्रामवासियों का आरोप है कि शराब निर्धारित समय के विपरीत भी बेची जाती है, जिसके कारण ठेके पर आए दिन उपद्रव होता है। उन्होंने यह भी शिकायत की कि ठेके पर बैठने वाले व्यक्ति द्वारा शराबियों से कभी गैस सिलेंडर रख लिए जाते हैं, और शराबी नग्न अवस्था में खड़े होकर पेशाब करते हैं। ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि शराब का ठेका वहां से नहीं हटाया गया, तो कल तहसील दिवस पर सभी ग्रामवासी मिलकर सिकंदरा तहसील में धरना प्रदर्शन करेंगे। फिलहाल, शराब का ठेका आज भी खुला हुआ है और मौके पर पुलिस-प्रशासन मौजूद है।4
- जालौन जिले की कालपी कोतवाली एक बार फिर अपनी कार्यप्रणाली को लेकर सवालों के घेरे में है। ग्राम मैनूपुर निवासी प्रमोद कुमार दीक्षित ने क्षेत्राधिकारी कालपी को दिए गए एक प्रार्थना-पत्र में गंभीर आरोप लगाए हैं। उनके अनुसार, उनके साथ मारपीट, पथराव और गोली चलने जैसी बड़ी घटना हुई, लेकिन कोतवाली पुलिस ने उनकी शिकायत पर प्राथमिक रिपोर्ट (FIR) दर्ज नहीं की। शिकायतकर्ता का दावा है कि कार्रवाई करने के बजाय उन्हें और उनके बेटे को कई घंटों तक कोतवाली में बैठाए रखा गया। स्थानीय स्तर पर सुनवाई न होने पर उन्होंने क्षेत्राधिकारी से निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है। शिकायतकर्ता प्रमोद कुमार दीक्षित के मुताबिक, यह घटना 3 जुलाई 2026 की रात करीब 10 बजे हुई, जब वह अपने घर के बरामदे में लेटे थे। तभी उन्हें गोली चलने जैसी आवाज सुनाई दी। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके तुरंत बाद गांव के ही सरस उर्फ जयराम दीक्षित ने उनके हाथ पर लाठी से हमला किया, जबकि अभिषेक उर्फ छोटू ने पथराव शुरू कर दिया। शोर सुनकर उनके पुत्र अतुल दीक्षित और आसपास के लोग मौके पर पहुंचे, जिसके बाद आरोपी कथित तौर पर गाली-गलौज करते हुए वहां से चले गए। घटना की सूचना तत्काल 112 पर दी गई। पीआरवी (पुलिस रिस्पांस व्हीकल) और बाद में थाना पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन शिकायतकर्ता के अनुसार, आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय उन्हें और उनके पुत्र को कोतवाली ले जाया गया। आरोप है कि उन्हें थाने में करीब दो से तीन घंटे तक बैठाए रखा गया, न तो उनका मेडिकल परीक्षण कराया गया और न ही उनकी तहरीर पर कोई मुकदमा दर्ज किया गया। शिकायतकर्ता का कहना है कि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को सूचना देने के बाद देर रात उन्हें घर भेजा गया। इस मामले के सामने आने के बाद कालपी कोतवाली की कार्यशैली को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि, इन आरोपों की अभी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है, और पुलिस का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है। अब सभी की निगाहें क्षेत्राधिकारी और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों की जांच पर टिकी हैं। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी के आधार पर मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी। इस पूरे प्रकरण में कई अनुत्तरित प्रश्न उठ रहे हैं: यदि गोली चलने जैसी सूचना मिली थी तो मौके का निरीक्षण और साक्ष्य जुटाने की कार्रवाई हुई या नहीं? शिकायतकर्ता के घायल होने के दावे पर मेडिकल परीक्षण तत्काल क्यों नहीं कराया गया? शिकायतकर्ता और उसके पुत्र को घंटों कोतवाली में बैठाने की वजह क्या थी? यदि शिकायत सही थी तो एफआईआर दर्ज करने में देरी क्यों हुई, और यदि शिकायत गलत थी तो उसका लिखित निस्तारण क्यों नहीं किया गया? क्या इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदारी तय की जाएगी? यह समाचार शिकायतकर्ता द्वारा क्षेत्राधिकारी को दिए गए प्रार्थना-पत्र में लगाए गए आरोपों पर आधारित है। लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है, और संबंधित पुलिस अधिकारियों का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।1
- जालौन के उरई कोतवाली क्षेत्र के ग्राम कुकरगांव में मरघट के ठीक पीछे लाखों रुपये का जुए का अड्डा खुलेआम संचालित होने का मामला सामने आया है। इस अड्डे पर दर्जनों जुआरियों को हार-जीत की बाजी लगाते हुए एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो के वायरल होने के बाद ग्रामीणों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस खुलेआम जुए के अड्डे के कारण पूरे इलाके का माहौल खराब हो रहा है।1
- कानपुर देहात के माती कोर्ट में माननीय न्यायालय एडीजे-4 ने एक महिला की लाठी-डंडों और पत्थरों से पीटकर हत्या करने के मामले में फैसला सुनाया है। अदालत ने इस मामले में जगदीश पुत्र राकेश, सोनू पुत्र राकेश, कुलदीप पुत्र कुँवरलाल और राकेश पुत्र जालिमसिंह, निवासीगण भूरदेव कहिंजरी, थाना रसूलाबाद, जनपद कानपुर देहात को दोषी करार दिया है। माननीय न्यायालय ने इन चारों अभियुक्तों को 6-6 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है और प्रत्येक दोषी पर ₹11,200 का अर्थदंड भी लगाया है।1