शाहपुरा शहर में प्रदेश कांग्रेस कमेटी सचिव प्रवीण व्यास के नेतृत्व में वाल्मीकि सेना ने स्वच्छता सैनिकों की लगातार हो रही हड़तालों के खिलाफ एक उग्र प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने हरियाणा की 'बालाजी' नामक एक फर्म पर गंभीर आरोप लगाए, जिसे उन्होंने 'जल जीवन मिशन घोटाले से भी बड़ी' बताया। आरोप है कि यह फर्म पिछले 5-6 सालों से स्वच्छता श्रमिकों का पीएफ जमा नहीं कर रही है और उन्हें समय पर तनख्वाह भी नहीं दे रही है, जिसके चलते इसे 'एक नंबर का चोर' कहा गया। शहर में हर साल तीन-चार बार होने वाली इन हड़तालों के कारण गरीब सफाई कर्मचारी मजदूरों का शोषण हो रहा है, जबकि नियमतः मजदूर का पसीना सूखने से पहले उसकी मजदूरी मिल जानी चाहिए। प्रदर्शन के दौरान, यह कड़ी चेतावनी भी दी गई कि यदि मजदूरों का शोषण जारी रहता है, तो 'ऊपर वाला जल्दी ही ऐसे संवेदक को हरिद्वार टूरिस्ट विभाग में भेज देता है', जहाँ उन्हें स्वयं सफाई करनी पड़ेगी। वाल्मीकि सेना ने बालाजी फर्म से अपील की कि वह 'हरिद्वार टूरिज्म में टेंडर छुड़वाए' और 'जितने चाहे उतने घोटाले और भ्रष्टाचार' करे, लेकिन शाहपुरा शहर को बख्श दे। प्रदर्शन का समापन इस विश्वास के साथ हुआ कि 'ऊपर वाले के यहां देर है अंधेर नहीं'।
शाहपुरा शहर में प्रदेश कांग्रेस कमेटी सचिव प्रवीण व्यास के नेतृत्व में वाल्मीकि सेना ने स्वच्छता सैनिकों की लगातार हो रही हड़तालों के खिलाफ एक उग्र प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने हरियाणा की 'बालाजी' नामक एक फर्म पर गंभीर आरोप लगाए, जिसे उन्होंने 'जल जीवन मिशन घोटाले से भी बड़ी' बताया। आरोप है कि यह फर्म पिछले 5-6 सालों से स्वच्छता श्रमिकों का पीएफ जमा नहीं कर रही है और उन्हें समय पर तनख्वाह भी नहीं दे रही है, जिसके चलते इसे 'एक नंबर का चोर' कहा गया। शहर में हर साल तीन-चार बार होने वाली इन हड़तालों के कारण गरीब सफाई कर्मचारी मजदूरों का शोषण हो रहा है, जबकि नियमतः मजदूर का पसीना सूखने से पहले उसकी मजदूरी मिल जानी चाहिए। प्रदर्शन के दौरान, यह कड़ी चेतावनी भी दी गई कि यदि मजदूरों का शोषण जारी रहता है, तो 'ऊपर वाला जल्दी ही ऐसे संवेदक को हरिद्वार टूरिस्ट विभाग में भेज देता है', जहाँ उन्हें स्वयं सफाई करनी पड़ेगी। वाल्मीकि सेना ने बालाजी फर्म से अपील की कि वह 'हरिद्वार टूरिज्म में टेंडर छुड़वाए' और 'जितने चाहे उतने घोटाले और भ्रष्टाचार' करे, लेकिन शाहपुरा शहर को बख्श दे। प्रदर्शन का समापन इस विश्वास के साथ हुआ कि 'ऊपर वाले के यहां देर है अंधेर नहीं'।
- राजस्थान से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है, जहां एक संविदा नर्सिंग कर्मचारी दीपक ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली है। इस हृदय विदारक घटना के बाद उनके पूरे परिवार में गहरा शोक पसर गया है। दीपक की पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है, और परिजनों का दर्द देखकर वहां मौजूद हर किसी की आंखें नम हो गईं। घटना की सूचना मिलते ही कई लोग पीड़ित परिवार को सांत्वना देने पहुंचे, जिनमें हनुमान बेनीवाल भी शामिल थे, जिन्होंने शोक संतप्त परिवार को ढांढस बंधाया। परिवार ने दीपक की मौत के पीछे के कारणों की निष्पक्ष एवं गहन जांच कराने की पुरजोर मांग की है, ताकि सच्चाई सामने आ सके और उन्हें न्याय मिल सके। इस दुखद घटना से पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है। आमजन और विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा पीड़ित परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की जा रही है और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग लगातार उठ रही है। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और शोक संतप्त परिवार को इस असहनीय दुःख को सहन करने की शक्ति दें।1
- राजस्थान सरकार जहां एक ओर आमजन को भूमि के पट्टे जारी करने के लिए शिविर आयोजित कर रही है, वहीं दूसरी ओर ऐसे आरोप भी सामने आ रहे हैं कि पट्टाधारकों की संपत्तियों पर अवैध कब्जे का प्रयास किया जा रहा है। इसी क्रम में, जयपुर के मुरलीपुरा थाना क्षेत्र स्थित प्रताप नगर विस्तार से एक मामला सामने आया है। यहां रहने वाले एक बुजुर्ग दंपत्ति ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। दंपत्ति का आरोप है कि कुछ लोग उनके प्लॉट पर अवैध कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि उन्हें इस भूमि का सरकारी पट्टा कई वर्ष पहले मिला था और वे लगभग 30 वर्षों से इसी मकान में रह रहे हैं। इसके बावजूद, कथित तौर पर पुलिस की मिलीभगत से कुछ लोग उनकी जमीन हथियाने का प्रयास कर रहे हैं। पीड़ित दंपत्ति ने प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से इस मामले में निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई करने और उन्हें न्याय दिलाने की मांग की है।1
- दौसा में एक सरपंच पर गंभीर आरोप लगे हैं कि उन्होंने प्रसादी लाल के मकान से नाथ लाल के मकान तक के लिए स्वीकृत कार्य के पैसे गबन कर लिए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि इस विशेष काम के लिए निकाले गए फंड्स को सरपंच ने हड़प लिया है, जबकि जमीनी स्तर पर कार्य बिल्कुल 'शून्य' हुआ है।1
- जयपुर पुलिस ने शहर में "कच्छा-बनियान गिरोह" की संभावित सक्रियता की आशंका के मद्देनजर एक हाई अलर्ट एडवाइजरी जारी की है। पुलिस ने आमजन से विशेष रूप से सतर्क रहने की अपील करते हुए निर्देश दिया है कि वे रात के समय अपने घरों के दरवाजे और खिड़कियां अच्छी तरह से बंद रखें। पुलिस ने नागरिकों से यह भी आग्रह किया है कि वे अपने आसपास दिखाई देने वाले किसी भी संदिग्ध व्यक्ति पर कड़ी नजर रखें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस कंट्रोल रूम या नजदीकी थाने को दें और स्वयं किसी भी प्रकार का जोखिम न उठाएं। जयपुर पुलिस का संदेश है कि "सतर्क नागरिक ही सुरक्षित समाज की सबसे बड़ी ताकत हैं" और उन्होंने इस महत्वपूर्ण सूचना को परिवार, मित्रों और पड़ोसियों तक पहुंचाने का भी आग्रह किया है।1
- ओला कंपनी पर ड्राइवर भाइयों को हवाई अड्डे की पार्किंग में बुलाकर घंटों इंतजार करवाने का आरोप लगा है। कंपनी ड्राइवरों को 4-4 किलोमीटर दूर से एयरपोर्ट पार्किंग में आने का निमंत्रण दे रही है, ताकि वे ग्राहकों के लिए प्रतीक्षा कर सकें। इस प्रक्रिया पर ड्राइवरों ने तीखी आपत्ति जताई है। ड्राइवर इस बात पर सवाल उठा रहे हैं कि उन्हें बिना किसी बुकिंग गारंटी के एयरपोर्ट पार्किंग में क्यों जाना चाहिए, और वहां 1-2 घंटे तक लाइन में खड़े होकर इंतजार क्यों करना पड़े। उनका कहना है कि ड्राइवरों का समय भी कीमती है। यदि बुकिंग की कोई सुनिश्चित व्यवस्था नहीं होती है, तो ग्राहकों के लिए केवल इंतजार करवाने वाली ऐसी बुकिंग ड्राइवरों के लिए एक नुकसान का सौदा साबित होती है। इसी के मद्देनजर, ओला कंपनी से विनम्र निवेदन किया गया है कि ऐसी बुकिंग ड्राइवरों को न भेजी जाए, जिनमें उन्हें लंबा इंतजार करना पड़े और कमाई की कोई गारंटी न हो। यह मांग की गई है कि ड्राइवर के समय, ईंधन और मेहनत – इन तीनों का सम्मान किया जाना चाहिए।1
- दिवंगत नर्सिंग कार्मिक दीपक के परिजनों और एसएमएस मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉक्टर दीपक जी माहेश्वरी, चिकित्सा शिक्षा आयुक्त श्री बीएल गोयल सहित अन्य अधिकारियों के बीच हुई वार्ता सकारात्मक रही। इसी बीच, राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी परिवार की तरफ से दिवंगत दीपक की पत्नी और परिजनों को पांच लाख रुपए देने की घोषणा की गई। इस संदर्भ में कहा गया कि "जनता रोती रहे और सत्ता सोती रहे………लेकिन हनुमान बेनीवाल नहीं सोता"।1
- जयपुर के खोह नागोरियान क्षेत्र में एक अवैध पटाखा फैक्ट्री में हुए दर्दनाक हादसे के बाद पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पीड़ित परिवारों से मिलने पहुंचे। इस दौरान उन्होंने हादसे से प्रभावित परिजनों का दुख-दर्द सुना और उन्हें हर संभव सहयोग का भरोसा दिलाया। अशोक गहलोत ने कहा कि इस त्रासदी ने कई परिवारों को गहरा आघात पहुंचाया है, जिसके चलते सरकार को पीड़ितों के पुनर्वास और आर्थिक सहायता के लिए तत्काल विशेष कदम उठाने चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर प्रभावित परिवारों के लिए विशेष राहत पैकेज और समुचित मुआवजे की मांग की है। इसके अतिरिक्त, गहलोत ने हादसे की गंभीरता को देखते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए एक प्रभावी निगरानी व्यवस्था सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया। इस मुलाकात में पीड़ित परिवारों ने भी अपनी समस्याएं और मांगें अशोक गहलोत के सामने रखीं। हादसे के बाद से पूरे इलाके में शोक का माहौल बना हुआ है।1