लोकसभा में उठा यूपी की चिकित्सा अवसंरचना का मुद्दा देवरिया सदर अस्पताल, बलिया मेडिकल कॉलेज और रिक्त पदों पर सरकार का जवाब नई दिल्ली/लखनऊ। लोकसभा में उत्तर प्रदेश की चिकित्सा अवसंरचना को लेकर अतारांकित प्रश्न संख्या 2498 के माध्यम से सांसद रमाशंकर विद्यार्थी राजभर ने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय से विस्तृत जानकारी मांगी। 13 फरवरी 2026 को पूछे गए इस प्रश्न का उत्तर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय में राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने सदन में दिया। दवाओं और संसाधनों की उपलब्धता मंत्री ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक स्वास्थ्य और अस्पताल राज्य विषय हैं, इसलिए डॉक्टरों, नर्सों, पैरामेडिकल स्टाफ तथा उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करना संबंधित राज्य सरकारों की जिम्मेदारी है। हालांकि, केंद्र सरकार राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के माध्यम से वित्तीय और तकनीकी सहायता प्रदान करती है। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार, आवश्यक दवा सूची (ईडीएल) के तहत दवाओं की उपलब्धता इस प्रकार है— जिला अस्पताल: 394 स्वीकृत दवाओं के सापेक्ष 324 उपलब्ध सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी): 242 के सापेक्ष 214 उपलब्ध प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र/स्वास्थ्य एवं कल्याण पीएचसी: 195 के सापेक्ष 181 उपलब्ध स्वास्थ्य एवं कल्याण उपकेंद्र: 84 के सापेक्ष 79 उपलब्ध इसके अतिरिक्त, डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की उपलब्धता से संबंधित विस्तृत जानकारी ‘हेल्थ डायनेमिक्स ऑफ इंडिया (इन्फ्रास्ट्रक्चर एंड ह्यूमन रिसोर्सेज) 2022-23’ रिपोर्ट में मंत्रालय की वेबसाइट पर उपलब्ध है। देवरिया में सदर अस्पताल का प्रस्ताव सरकार ने बताया कि अस्पतालों की स्थापना और उन्नयन का विषय राज्य सरकार के अधिकार क्षेत्र में आता है। यदि राज्य सरकार प्रस्ताव भेजती है तो केंद्र, कार्यक्रम कार्यान्वयन योजना (पीआईपी) के आधार पर उसे कार्यवाही के अभिलेख (आरओपी) के रूप में स्वीकृति प्रदान करता है। देवरिया में नए सदर अस्पताल को लेकर केंद्र के पास पृथक स्वीकृति का उल्लेख नहीं किया गया। बलिया मेडिकल कॉलेज की स्थिति बलिया में निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज की समय-सीमा के संबंध में उत्तर प्रदेश सरकार से प्राप्त जानकारी के आधार पर कार्य प्रगति पर होने की बात कही गई है। इसके पूर्ण संचालन की समय-सीमा राज्य सरकार द्वारा निर्धारित की जाएगी। रिक्त पदों की स्थिति उत्तर प्रदेश के जिला अस्पतालों में एलोपैथिक चिकित्सा अधिकारियों के कुल 3,123 स्वीकृत पद हैं, जिनमें से 2,002 पद भरे हुए हैं। देवरिया: 167 स्वीकृत पदों में 135 कार्यरत बलिया: 277 स्वीकृत पदों में 190 कार्यरत सरकार ने बताया कि रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया राज्य सरकार के स्तर पर संचालित होती है। पारदर्शिता और गुणवत्ता सुधार के उपाय स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधार के लिए राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (एनक्यूएएस) लागू किया गया है। इसके तहत अस्पताल प्रबंधन, पारदर्शिता और शिकायत निवारण तंत्र को मजबूत किया जा रहा है। एनएचएम के अंतर्गत शिकायतों के निस्तारण के लिए संरचित तंत्र भी विकसित किया गया है, जिससे जवाबदेही और सेवा प्रदायगी में सुधार सुनिश्चित हो सके। लोकसभा में उठे इस प्रश्न के माध्यम से उत्तर प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था में संसाधनों की उपलब्धता, रिक्त पदों और अवसंरचना विकास की स्थिति स्पष्ट हुई है, हालांकि कई मुद्दों पर अंतिम निर्णय और क्रियान्वयन राज्य सरकार के स्तर पर ही निर्भर करेगा। इसकी जानकारी सांसद जी के मीडिया प्रभारी जितेश कुमार वर्मा द्वारा दी गई।
लोकसभा में उठा यूपी की चिकित्सा अवसंरचना का मुद्दा देवरिया सदर अस्पताल, बलिया मेडिकल कॉलेज और रिक्त पदों पर सरकार का जवाब नई दिल्ली/लखनऊ। लोकसभा में उत्तर प्रदेश की चिकित्सा अवसंरचना को लेकर अतारांकित प्रश्न संख्या 2498 के माध्यम से सांसद रमाशंकर विद्यार्थी राजभर ने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय से विस्तृत जानकारी मांगी। 13 फरवरी 2026 को पूछे गए इस प्रश्न का उत्तर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय में राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने सदन में दिया। दवाओं और संसाधनों की उपलब्धता मंत्री ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक स्वास्थ्य और अस्पताल राज्य विषय हैं, इसलिए डॉक्टरों, नर्सों, पैरामेडिकल स्टाफ तथा उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करना संबंधित राज्य सरकारों की जिम्मेदारी है। हालांकि, केंद्र सरकार राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के माध्यम से वित्तीय और तकनीकी सहायता प्रदान करती है। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार, आवश्यक दवा सूची (ईडीएल) के तहत दवाओं की उपलब्धता इस प्रकार है— जिला अस्पताल: 394 स्वीकृत दवाओं के सापेक्ष 324 उपलब्ध सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी): 242 के सापेक्ष 214 उपलब्ध प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र/स्वास्थ्य एवं कल्याण पीएचसी: 195 के सापेक्ष 181 उपलब्ध स्वास्थ्य एवं कल्याण उपकेंद्र: 84 के सापेक्ष 79 उपलब्ध इसके अतिरिक्त, डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की उपलब्धता से संबंधित विस्तृत जानकारी ‘हेल्थ डायनेमिक्स ऑफ इंडिया (इन्फ्रास्ट्रक्चर एंड ह्यूमन रिसोर्सेज) 2022-23’ रिपोर्ट में मंत्रालय की वेबसाइट पर उपलब्ध है। देवरिया में सदर अस्पताल का प्रस्ताव सरकार ने बताया कि अस्पतालों की स्थापना और उन्नयन का विषय राज्य सरकार के अधिकार क्षेत्र में आता है। यदि राज्य सरकार प्रस्ताव भेजती है तो केंद्र, कार्यक्रम कार्यान्वयन योजना (पीआईपी) के आधार पर उसे कार्यवाही के अभिलेख (आरओपी) के रूप में स्वीकृति प्रदान करता है। देवरिया में नए सदर अस्पताल को लेकर केंद्र के पास पृथक स्वीकृति का उल्लेख नहीं किया गया। बलिया मेडिकल कॉलेज की स्थिति बलिया में निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज की समय-सीमा के संबंध में उत्तर प्रदेश सरकार से प्राप्त जानकारी के आधार पर कार्य प्रगति पर होने की बात कही गई है। इसके पूर्ण संचालन की समय-सीमा राज्य सरकार द्वारा निर्धारित की जाएगी। रिक्त पदों की स्थिति उत्तर प्रदेश के जिला अस्पतालों में एलोपैथिक चिकित्सा अधिकारियों के कुल 3,123 स्वीकृत पद हैं, जिनमें से 2,002 पद भरे हुए हैं। देवरिया: 167 स्वीकृत पदों में 135 कार्यरत बलिया: 277 स्वीकृत पदों में 190 कार्यरत सरकार ने बताया कि रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया राज्य सरकार के स्तर पर संचालित होती है। पारदर्शिता और गुणवत्ता सुधार के उपाय स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधार के लिए राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (एनक्यूएएस) लागू किया गया है। इसके तहत अस्पताल प्रबंधन, पारदर्शिता और शिकायत निवारण तंत्र को मजबूत किया जा रहा है। एनएचएम के अंतर्गत शिकायतों के निस्तारण के लिए संरचित तंत्र भी विकसित किया गया है, जिससे जवाबदेही और सेवा प्रदायगी में सुधार सुनिश्चित हो सके। लोकसभा में उठे इस प्रश्न के माध्यम से उत्तर प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था में संसाधनों की उपलब्धता, रिक्त पदों और अवसंरचना विकास की स्थिति स्पष्ट हुई है, हालांकि कई मुद्दों पर अंतिम निर्णय और क्रियान्वयन राज्य सरकार के स्तर पर ही निर्भर करेगा। इसकी जानकारी सांसद जी के मीडिया प्रभारी जितेश कुमार वर्मा द्वारा दी गई।
- जनपद में सीबीएसई, यूपीबोर्ड व अन्य परीक्षाओं को नकल विहीन कराने के दृष्टिगत कुल 132 परीक्षा केन्द्रों का निरीक्षण कर सभी केन्द्रों पर प्रश्न पहुचाने से लेकर जमा कराने तक व परीक्षा में लगे समस्त अधिकारी/ कर्मचारीगण से वार्ता कर दिये गये आवश्यक दिशा निर्देश के सम्बन्ध में पुलिस अधीक्षक बलिया ओमवीर सिंह की वीडियो बाइट1
- मैरवा में बड़ी चोरी का खुलासा: दो आरोपी गिरफ्तार, पुलिस ने भेजा जेल मैरवा | संवाददाता मैरवा पुलिस ने चोरी के एक मामले का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर मंगलवार को जेल भेज दिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बभनौली गांव निवासी समसुद्दीन अंसारी के पुत्र अरमान अंसारी और छोटकी बभनौली निवासी सुरेंद्र गोंड के रूप में हुई है। थाना प्रभारी राहुल कुमार ने बताया कि बीते दिनों बभनौली की शाहिदा खातून के घर चोरी की बड़ी घटना हुई थी। मामले की जांच के दौरान पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को दबोच लिया। पुलिस के अनुसार, अरमान अंसारी घरों में चोरी की वारदात को अंजाम देता था, जबकि सुरेंद्र गोंड चोरी के सामान को खपाने का काम करता था। दोनों से पूछताछ के आधार पर गिरोह से जुड़े अन्य फरार आरोपियों की पहचान की जा रही है। थाना प्रभारी ने बताया कि बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है और जल्द ही पूरे मामले का पर्दाफाश किया जाएगा।1
- ➡️ घर के दरवाजा से भटक कर चली गई नाबालिक बच्ची। ➡️ काफी खोजबीन करने के बाद परिजनों से नहीं मिली बच्ची, उभांव पुलिस को दी गई तहरीर।➡️ पूरा मामला बांसपार बहोरवारोड का है।3
- फार्मर रजिस्ट्री का निरीक्षण, अंचलाधिकारी ने दिए निर्देश सिसवन अंचलाधिकारी ने प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न जगहों पर चल रहे फार्मर रजिस्ट्री के कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने किसानों के दस्तावेजों की जांच की और रजिस्ट्री की प्रगति का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए और रजिस्ट्री का कार्य तेजी से किया जाए। अंचलाधिकारी ने किसानों से भी अपील की कि वे अपने दस्तावेजों को पूरा रखें और रजिस्ट्री के लिए आवश्यक प्रक्रिया का पालन करें।1
- बलिया फेफना थाना अंतर्गत ग्राम सभा मिठवार बन्धैता मे संत शिरोमणि रविदास जी कि प्रतिमा क्षतिग्रस्त लोगों में आक्रोश सुचना पर पहुंची पुलिस10
- पटना में आज से बिहार बोर्ड मैट्रिक परीक्षा शुरू हुई. इस बीच गेट बंद होने के बाद मिलर हाई स्कूल में परीक्षा देने आए एक छात्र ने 10 फीट ऊंची दीवार फांदकर सेंटर के अंदर घुसने की कोशिश की, जिससे सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठे1
- Post by Tk singh Singh1
- बसारिखपुर चट्टी पर भारत बुक डिपो एवं जनसेवा केंद्र का हुआ भव्य उद्घाटन खबर जनपद बलिया के सिकंदरपुर से, तहसील क्षेत्र के बसारिखपुर चट्टी पर भारत बुक डिपो एवं आनलाइन जनसेवा केंद्र का भव्य उद्घाटन हुआ। इस दौरान दुकान मालिक नूरुल बशर उर्फ नाज़ू भाई ने बताया कि हमारे यहां कापी/किताब & स्टेशनरी के थोक एवं फुटकर विक्रेता तथा सभी सरकारी व आनलाइन सुविधा और स्कूल बैग, लंच बॉक्स, वॉटर बॉटल सभी प्रकार की शैक्षणिक सामग्री बर्थ-डे पार्टी एवं स्टेशनरी की भी सभी सामग्री उपलब्ध है। इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य गुड्डू मलिक, अरविंद चौहान, अफरोज खान, रईस अहमद उर्फ मन्नू भाई, सनौव्वर खान, इमामुद्दीन जमील अहमद आदि मौजूद रहे।1