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​4 साल का लंबा इंतज़ार, टूटता सब्र: Ranchi के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में JSSC LDC अभ्यर्थियों का राँची:राजधानी राँची का ऐतिहासिक 'जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम' आज एक बार फिर युवाओं के संघर्ष और सिसकियों का गवाह बना। साल 2022 से सरकारी नौकरी की राह देख रहे JSSC LDC (निम्न वर्गीय लिपिक) अभ्यर्थी अपनी जायज मांगों को लेकर मैदान में एकत्र हुए। पिछले 4 सालों से लगातार अनिश्चितता और तकनीकी देरी के फेर में फँसे अभ्यर्थियों के चेहरे पर अब निराशा और आक्रोश साफ झलक रहा है। ​मुख्य बिंदु (Key Highlights) ​4 वर्षों का लंबा संघर्ष: 2022 में निकली भर्ती विज्ञापन के बाद से अब तक प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई है। ​भविष्य पर अनिश्चितता का साया: परीक्षा, परिणाम और नियुक्ति की लचर रफ्तार से कई अभ्यर्थियों की उम्र सीमा (Age Limit) खत्म होने की कगार पर है। ​मानसिक और आर्थिक तंगी: लंबे समय से घर-परिवार से दूर रहकर तैयारी कर रहे छात्र अब आर्थिक और मानसिक रूप से टूट चुके हैं। ​एकजुट होकर गुहार: जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में सैकड़ों छात्रों ने शांतिपूर्ण ढंग से एकजुट होकर आयोग और राज्य सरकार से जल्द-से-जल्द प्रक्रिया पूरी करने की मांग की। ​छात्रों की दर्दभरी दास्तान: "आखिर कब खत्म होगा हमारा इंतज़ार?" ​प्रदर्शन में शामिल अभ्यर्थियों ने अपना दुख साझा करते हुए बताया कि वे पिछले चार सालों से सिर्फ तारीखों के भंवरजाल में उलझे हुए हैं। ​"हम 2022 से दिन-रात एक करके तैयारी कर रहे हैं। राँची जैसे शहर में रहकर पढ़ाई का खर्च उठाना अब मुश्किल होता जा रहा है। सरकार और आयोग को समझना चाहिए कि यह सिर्फ एक नौकरी का सवाल नहीं है, बल्कि हमारे और हमारे परिवार के भविष्य और स्वाभिमान का सवाल है।" — एक पीड़ित अभ्यर्थी ​प्रमुख माँगें ​नियुक्ति प्रक्रिया में तेज़ी: JSSC LDC की शेष बची सभी प्रक्रियाओं को तय समय-सीमा (Time-bound) के भीतर पूरा किया जाए। ​पारदर्शिता और स्पष्ट कैलेंडर: परीक्षा और परिणाम का एक स्पष्ट टाइमलाइन जारी हो, ताकि छात्रों को बार-बार सड़कों पर न उतरना पड़े। ​उम्र सीमा में छूट की मांग: सालों की देरी के कारण जिन छात्रों की अधिकतम उम्र सीमा पार हो रही है, उन्हें न्यायोचित राहत दी जाए। ​आगे की राह ​जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में जुटे अभ्यर्थियों ने स्पष्ट संदेश दिया है कि वे अब और देरी बर्दाश्त करने की स्थिति में नहीं हैं। यदि आयोग और शासन की ओर से जल्द ही कोई सकारात्मक और ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो यह आंदोलन और अधिक व्यापक रूप ले सकता है।

4 hrs ago
user_Brajesh Gope (एलआइसी अभिकर्ता)
Brajesh Gope (एलआइसी अभिकर्ता)
Insurance Agent लापुंग, रांची, झारखंड•
4 hrs ago
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​4 साल का लंबा इंतज़ार, टूटता सब्र: Ranchi के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में JSSC LDC अभ्यर्थियों का राँची:राजधानी राँची का ऐतिहासिक 'जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम' आज एक बार फिर युवाओं के संघर्ष और सिसकियों का गवाह बना। साल 2022 से सरकारी नौकरी की राह देख रहे JSSC LDC (निम्न वर्गीय लिपिक) अभ्यर्थी अपनी जायज मांगों को लेकर मैदान में एकत्र हुए। पिछले 4 सालों से लगातार अनिश्चितता और तकनीकी देरी के फेर में फँसे अभ्यर्थियों के चेहरे पर अब निराशा और आक्रोश साफ झलक रहा है। ​मुख्य बिंदु (Key Highlights) ​4 वर्षों का लंबा संघर्ष: 2022 में निकली भर्ती विज्ञापन के बाद से अब तक प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई है। ​भविष्य पर अनिश्चितता का साया: परीक्षा, परिणाम और नियुक्ति की लचर रफ्तार से कई अभ्यर्थियों की उम्र सीमा (Age Limit) खत्म होने की कगार पर है। ​मानसिक और आर्थिक तंगी: लंबे समय से घर-परिवार से दूर रहकर तैयारी कर रहे छात्र अब आर्थिक और मानसिक रूप से टूट चुके हैं। ​एकजुट होकर गुहार: जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में सैकड़ों छात्रों ने शांतिपूर्ण ढंग से एकजुट होकर आयोग और राज्य सरकार से जल्द-से-जल्द प्रक्रिया पूरी करने की मांग की। ​छात्रों की दर्दभरी दास्तान: "आखिर कब खत्म होगा हमारा इंतज़ार?" ​प्रदर्शन में शामिल अभ्यर्थियों ने अपना दुख साझा करते हुए बताया कि वे पिछले चार सालों से सिर्फ तारीखों के भंवरजाल में उलझे हुए हैं। ​"हम 2022 से दिन-रात एक करके तैयारी कर रहे हैं। राँची जैसे शहर में रहकर पढ़ाई का खर्च उठाना अब मुश्किल होता जा रहा है। सरकार और आयोग को समझना चाहिए कि यह सिर्फ एक नौकरी का सवाल नहीं है, बल्कि हमारे और हमारे परिवार के भविष्य और स्वाभिमान का सवाल है।" — एक पीड़ित अभ्यर्थी ​प्रमुख माँगें ​नियुक्ति प्रक्रिया में तेज़ी: JSSC LDC की शेष बची सभी प्रक्रियाओं को तय समय-सीमा (Time-bound) के भीतर पूरा किया जाए। ​पारदर्शिता और स्पष्ट कैलेंडर: परीक्षा और परिणाम का एक स्पष्ट टाइमलाइन जारी हो, ताकि छात्रों को बार-बार सड़कों पर न उतरना पड़े। ​उम्र सीमा में छूट की मांग: सालों की देरी के कारण जिन छात्रों की अधिकतम उम्र सीमा पार हो रही है, उन्हें न्यायोचित राहत दी जाए। ​आगे की राह ​जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में जुटे अभ्यर्थियों ने स्पष्ट संदेश दिया है कि वे अब और देरी बर्दाश्त करने की स्थिति में नहीं हैं। यदि आयोग और शासन की ओर से जल्द ही कोई सकारात्मक और ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो यह आंदोलन और अधिक व्यापक रूप ले सकता है।

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  • झारखंड में नौकरियों की 'रेट लिस्ट'!: तराजू में पोस्ट तौलकर अभ्यर्थियों का अनूठा प्रदर्शन, सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा। रांची। झारखंड में JPSC और JSSC जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित धांधली, पेपर लीक और भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर युवाओं का गुस्सा अब सातवें आसमान पर है। राजधानी रांची का जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम इस वक्त विरोध-प्रदर्शन का मुख्य केंद्र बना हुआ है—जहां गुस्साए अभ्यर्थियों ने एक बेहद अनोखे और तीखे अंदाज में हेमन्त सोरेन सरकार के खिलाफ अपनी नाराजगी जताई है। ​गले में तराजू टांगकर बेची जा रही 'सरकारी नौकरियां' ​प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे अभ्यर्थियों ने गले में 'तराजू' लटकाकर और उस पर विभिन्न सरकारी पदों का 'रेट चार्ट' (Rate Chart) चिपकाकर प्रतीकात्मक विरोध दर्ज कराया। ​तराजू और बक्से पर विभिन्न सरकारी नौकरियों के दाम की रेट लिस्ट लिखी हुई थी: ​FRO (फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर): ₹50 लाख ​माध्यमिक आचार्य: ₹35 लाख ​लेडीज सुपरवाइजर: ₹20 लाख ​उत्पाद पुलिस: ₹15 लाख ​पंचायत सचिव: ₹15 लाख ​BSO / PGT / TGT / BDO / CO / पुलिस दरोगा: (विभिन्न रेट लिस्ट) ​प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने पोस्टर के जरिए सीधे तौर पर आरोप लगाया कि राज्य में योग्यता की जगह "बोली" लग रही है और नौकरियां बेची जा रही हैं। ​क्या हैं अभ्यर्थियों की प्रमुख मांगें? ​CBI और ED से जांच: अभ्यर्थियों ने मांग की है कि भर्ती प्रक्रिया से जुड़ी विवादित एजेंसियों और संदिग्ध अधिकारियों की भूमिका की जांच CBI और ED जैसी केंद्रीय एजेंसियों से कराई जाए। ​परीक्षाओं में पारदर्शिता: JPSC और JSSC द्वारा आयोजित सभी परीक्षाओं में पूर्ण पारदर्शिता और जवाबदेही तय की जाए। ​कड़ी कार्रवाई: पेपर लीक और धांधली में लिप्त सभी दोषियों पर त्वरित कानूनी कार्रवाई हो। ​"मेहनत करने वाले छात्र सड़कों पर हैं और रेट लिस्ट तय करने वाले मौज में हैं!" — धरना स्थल पर मौजूद गुस्साए अभ्यर्थी ​छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जातीं, तब तक जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में उनका यह आंदोलन और विरोध प्रदर्शन अनिश्चितकालीन रूप से जारी रहेगा।
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    झारखंड में नौकरियों की 'रेट लिस्ट'!: तराजू में पोस्ट तौलकर अभ्यर्थियों का अनूठा प्रदर्शन, सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा।
रांची।
झारखंड में JPSC और JSSC जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित धांधली, पेपर लीक और भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर युवाओं का गुस्सा अब सातवें आसमान पर है। राजधानी रांची का जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम इस वक्त विरोध-प्रदर्शन का मुख्य केंद्र बना हुआ है—जहां गुस्साए अभ्यर्थियों ने एक बेहद अनोखे और तीखे अंदाज में हेमन्त सोरेन सरकार के खिलाफ अपनी नाराजगी जताई है।
​गले में तराजू टांगकर बेची जा रही 'सरकारी नौकरियां'
​प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे अभ्यर्थियों ने गले में 'तराजू' लटकाकर और उस पर विभिन्न सरकारी पदों का 'रेट चार्ट' (Rate Chart) चिपकाकर प्रतीकात्मक विरोध दर्ज कराया।
​तराजू और बक्से पर विभिन्न सरकारी नौकरियों के दाम की रेट लिस्ट लिखी हुई थी:
​FRO (फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर): ₹50 लाख
​माध्यमिक आचार्य: ₹35 लाख
​लेडीज सुपरवाइजर: ₹20 लाख
​उत्पाद पुलिस: ₹15 लाख
​पंचायत सचिव: ₹15 लाख
​BSO / PGT / TGT / BDO / CO / पुलिस दरोगा: (विभिन्न रेट लिस्ट)
​प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने पोस्टर के जरिए सीधे तौर पर आरोप लगाया कि राज्य में योग्यता की जगह "बोली" लग रही है और नौकरियां बेची जा रही हैं।
​क्या हैं अभ्यर्थियों की प्रमुख मांगें?
​CBI और ED से जांच: अभ्यर्थियों ने मांग की है कि भर्ती प्रक्रिया से जुड़ी विवादित एजेंसियों और संदिग्ध अधिकारियों की भूमिका की जांच CBI और ED जैसी केंद्रीय एजेंसियों से कराई जाए।
​परीक्षाओं में पारदर्शिता: JPSC और JSSC द्वारा आयोजित सभी परीक्षाओं में पूर्ण पारदर्शिता और जवाबदेही तय की जाए।
​कड़ी कार्रवाई: पेपर लीक और धांधली में लिप्त सभी दोषियों पर त्वरित कानूनी कार्रवाई हो।
​"मेहनत करने वाले छात्र सड़कों पर हैं और रेट लिस्ट तय करने वाले मौज में हैं!"
— धरना स्थल पर मौजूद गुस्साए अभ्यर्थी
​छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जातीं, तब तक जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में उनका यह आंदोलन और विरोध प्रदर्शन अनिश्चितकालीन रूप से जारी रहेगा।
    user_Brajesh Gope (एलआइसी अभिकर्ता)
    Brajesh Gope (एलआइसी अभिकर्ता)
    Insurance Agent लापुंग, रांची, झारखंड•
    50 min ago
  • कस्तूरबा गांधी विद्यालय पंडरानी की कमान शांति उरांव को, शिवनाथपुर की अध्यक्ष बनी जुबी उरांव सिसई प्रखंड के कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय पंडरानी में शनिवार को विद्यालय प्रबंधन समिति के पुनर्गठन को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। वार्डेन सह प्रधानाध्यापिका मीनू कुमारी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में सर्वसम्मति से शांति उरांव को समिति का नया अध्यक्ष चुना गया। इसके साथ ही विद्यालय के बेहतर संचालन के लिए 20 सदस्यीय एक मजबूत और सक्रिय समिति का गठन किया गया। समिति के गठन के बाद विद्यालय परिवार की ओर से स्कूली बच्चों द्वारा हस्त निर्मित पुष्प गुच्छ को नवनिर्वाचित पदाधिकारियों का अनोखे अंदाज में स्वागत किया गया। इस मौके पर नवनिर्वाचित पदाधिकारियों ने कस्तूरबा गांधी विद्यालय के सर्वांगीण विकास और शिक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ व बेहतर बनाने का सामूहिक संकल्प लिया। शिवनाथपुर स्कूल में भी हुआ नई समिति का गठन दूसरी ओर राजकीयकृत उत्क्रमित मध्य विद्यालय शिवनाथपुर में भी प्रबंधन समिति का पुनर्गठन किया गया। जहां अभिभावकों ने सर्वसम्मति से जुबी उरांव को अध्यक्ष और पूनम देवी को उपाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी सौंपी। वहीं विद्यालय के प्रधानाध्यापक शैलेश कुजूर को समिति का सचिव मनोनीत किया गया। इस अवसर पर मुख्य रूप से अनिता कुमारी, स्वेता निर्मला यू मिंज, शोभा मुक्ता कुल्लू, स्मिता, शिवानी, प्रमिला लकड़ा, शिवानी कुमारी, अनीश उल्लाह सहित दोनों विद्यालयों के शिक्षक शिक्षिकाएं सहित भारी संख्या में अभिभावक और स्थानीय ग्रामीण मौजूद थे।
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    कस्तूरबा गांधी विद्यालय पंडरानी की कमान शांति उरांव को, शिवनाथपुर की अध्यक्ष बनी जुबी उरांव 
सिसई प्रखंड के कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय पंडरानी में शनिवार को विद्यालय प्रबंधन समिति के पुनर्गठन को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। वार्डेन सह प्रधानाध्यापिका मीनू कुमारी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में सर्वसम्मति से शांति उरांव को समिति का नया अध्यक्ष चुना गया। इसके साथ ही विद्यालय के बेहतर संचालन के लिए 20 सदस्यीय एक मजबूत और सक्रिय समिति का गठन किया गया। समिति के गठन के बाद विद्यालय परिवार की ओर से स्कूली बच्चों द्वारा हस्त निर्मित पुष्प गुच्छ को नवनिर्वाचित पदाधिकारियों का अनोखे अंदाज में स्वागत किया गया। इस मौके पर नवनिर्वाचित पदाधिकारियों ने कस्तूरबा गांधी विद्यालय के सर्वांगीण विकास और शिक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ व बेहतर बनाने का सामूहिक संकल्प लिया।
शिवनाथपुर स्कूल में भी हुआ नई समिति का गठन
दूसरी ओर राजकीयकृत उत्क्रमित मध्य विद्यालय शिवनाथपुर में भी प्रबंधन समिति का पुनर्गठन किया गया। जहां अभिभावकों ने सर्वसम्मति से जुबी उरांव को अध्यक्ष और पूनम देवी को उपाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी सौंपी। वहीं विद्यालय के प्रधानाध्यापक शैलेश कुजूर को समिति का सचिव मनोनीत किया गया। इस अवसर पर मुख्य रूप से अनिता कुमारी, स्वेता निर्मला यू मिंज, शोभा मुक्ता कुल्लू, स्मिता, शिवानी, प्रमिला लकड़ा, शिवानी कुमारी, अनीश उल्लाह सहित दोनों विद्यालयों के शिक्षक शिक्षिकाएं सहित भारी संख्या में अभिभावक और स्थानीय ग्रामीण मौजूद थे।
    user_कृष्णा कुमार साहु
    कृष्णा कुमार साहु
    रिपोर्टर सिसई, गुमला, झारखंड•
    1 hr ago
  • Address angrabari bichna khunti pin code 835210 jharkhand Address angrabari bichna khunti pin code 835210 jharkhand
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    Address angrabari bichna khunti pin code 835210 jharkhand
Address angrabari bichna khunti pin code 835210 jharkhand
    user_Rishi Kisan Machine
    Rishi Kisan Machine
    Farmer Torpa, Khunti•
    6 hrs ago
  • Lohardaga news suru app par , , #loharadaga
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    Lohardaga news  suru app par  ,                             ,              
#loharadaga
    user_Altamas king
    Altamas king
    Photographer भंडरा, लोहरदगा, झारखंड•
    23 hrs ago
  • गुमला में चोरों का दहशत चोरों ने फैलाया आतंक छप्पर तोड़कर किया हाथ साफ
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    गुमला में चोरों का दहशत चोरों ने फैलाया आतंक छप्पर तोड़कर किया हाथ साफ
    user_Shivam Singh
    Shivam Singh
    Local News Reporter गुमला, गुमला, झारखंड•
    44 min ago
  • सिसई बंद व धरना प्रदर्शन रहा पूरी तरह सफल, चार सूत्री मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम सीओ को सौंपा गया ज्ञापन सिसई विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत सिसई की ज्वलंत समस्याओं और प्रशासनिक उदासीनता के खिलाफ आज सिसई बचाओ संघर्ष समिति के बैनर तले आयोजित एक दिवसीय शांति पूर्ण धरना प्रदर्शन और सिसई बंद पूरी तरह सफल रहा। अपनी विभिन्न मांगों के समर्थन में आज सिसई प्रखंड मुख्यालय के समीप स्थानीय नागरिकों और समाजसेवियों ने एक दिवसीय धरना दिया। इसके साथ ही स्थानीय व्यवसायियों ने स्वेच्छा से अपने-अपने व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को बंद रखकर आंदोलन को अपना पूर्ण समर्थन दिया। धरना प्रदर्शन के बाद समिति के शिष्टमंडल द्वारा प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं अंचल अधिकारी के माध्यम से माननीय राज्यपाल, मुख्यमंत्री, लोहरदगा सांसद और स्थानीय विधायक के नाम चार सूत्री मांग पत्र अंचलाधिकारी अशोक बड़ाईक को सौंपा गया। अशोक बड़ाईक स्वयं धरना स्थल पर पहुंचे थे। उनके आश्वासन के बाद धरना प्रदर्शन समाप्त किया गया। *ज्ञापन में शामिल मुख्य मांगें* रेड़वा से महुआडीपा तक की पुरानी NH-43 जर्जर सड़क का ढलाई के साथ अतिशीघ्र कालीकरण सड़क निर्माण, सड़क के दोनों किनारों पर ढक्कनयुक्त पक्की नाली का निर्माण, सिसई बस पड़ाव में आम जनता के लिए सार्वजनिक शौचालय, पेयजल और यात्रियों के बैठने की अविलंब व्यवस्था,जामा मस्जिद से कुम्हार मोड़ एवं मदरसा रोड से सिसई तालाब तक सड़क किनारे फैली गंदगी का अतिशीघ्र स्थायी निस्तारण हो। *15 दिनों में मांगें पूरी न होने पर NH-43 जाम करने की चेतावनी* धरना प्रदर्शन में शामिल आम जनों ने स्पष्ट रूप से कहा कि सिसई प्रखंड की जनता पिछले कई वर्षों से इन बुनियादी समस्याओं का दंश झेल रही है। यदि प्रशासन और सरकार द्वारा अगले 15 दिनों के भीतर इन सभी मांगों को पूरा नहीं करती हैं तो सिसई प्रखंड के तमाम नागरिक मजबूरन रांची-गुमला NH-43 में चक्का जाम कर उग्र आंदोलन करेंगे। धरना प्रदर्शन में मुख्य रूप से संजय वर्मा, सदर सलमान अली,मो रब्बानी, जुबेर अंसारी,जफर इकबाल, दिलशाद अंसारी, रोहित शर्मा, पंकज कुमार साहु, आनंद साहु, मुकेश श्रीवास्तव डेविड, गजराज महतो, चामू उरांव, ओज जायसवाल, उमेश गोप, भाजपा सिसई मंडल अध्यक्ष संजय महतो, लक्ष्मीनारायण यादव, उमेश गोप, लालमोहन साहु, रोहित घंटी, रामानंद सिंह, सहित भारी संख्या में सभी समुदाय वर्ग के आम जन उपस्थित थे।
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    सिसई बंद व धरना प्रदर्शन रहा पूरी तरह सफल, चार सूत्री मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम सीओ को सौंपा गया ज्ञापन
सिसई विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत सिसई की ज्वलंत समस्याओं और प्रशासनिक उदासीनता के खिलाफ आज सिसई बचाओ संघर्ष समिति के बैनर तले आयोजित एक दिवसीय शांति पूर्ण धरना प्रदर्शन और सिसई बंद पूरी तरह सफल रहा। अपनी विभिन्न मांगों के समर्थन में आज सिसई प्रखंड मुख्यालय के समीप स्थानीय नागरिकों और समाजसेवियों ने एक दिवसीय धरना दिया। इसके साथ ही स्थानीय व्यवसायियों ने स्वेच्छा से अपने-अपने व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को बंद रखकर आंदोलन को अपना पूर्ण समर्थन दिया। धरना प्रदर्शन के बाद समिति के शिष्टमंडल द्वारा प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं अंचल अधिकारी के माध्यम से माननीय राज्यपाल, मुख्यमंत्री, लोहरदगा सांसद और स्थानीय विधायक के नाम चार सूत्री मांग पत्र अंचलाधिकारी अशोक बड़ाईक को सौंपा गया। अशोक बड़ाईक स्वयं धरना स्थल पर पहुंचे थे। उनके आश्वासन के बाद धरना प्रदर्शन समाप्त किया गया। 
*ज्ञापन में शामिल मुख्य मांगें* 
रेड़वा से महुआडीपा तक की पुरानी NH-43 जर्जर सड़क का ढलाई के साथ अतिशीघ्र कालीकरण सड़क निर्माण, सड़क के दोनों किनारों पर ढक्कनयुक्त पक्की नाली का निर्माण, सिसई बस पड़ाव में आम जनता के लिए सार्वजनिक शौचालय, पेयजल और यात्रियों के बैठने की अविलंब व्यवस्था,जामा मस्जिद से कुम्हार मोड़ एवं मदरसा रोड से सिसई तालाब तक सड़क किनारे फैली गंदगी का अतिशीघ्र स्थायी निस्तारण हो। 
*15 दिनों में मांगें पूरी न होने पर NH-43 जाम करने की चेतावनी* 
धरना प्रदर्शन में शामिल आम जनों ने स्पष्ट रूप से कहा कि सिसई प्रखंड की जनता पिछले कई वर्षों से इन बुनियादी समस्याओं का दंश झेल रही है। यदि प्रशासन और सरकार द्वारा अगले 15 दिनों के भीतर इन सभी मांगों को पूरा नहीं करती हैं तो सिसई प्रखंड के तमाम नागरिक मजबूरन रांची-गुमला NH-43 में चक्का जाम कर उग्र आंदोलन करेंगे।
धरना प्रदर्शन में मुख्य रूप से संजय वर्मा, सदर सलमान अली,मो रब्बानी, जुबेर अंसारी,जफर इकबाल, दिलशाद अंसारी,  रोहित शर्मा, पंकज कुमार साहु, आनंद साहु,  मुकेश श्रीवास्तव डेविड, गजराज महतो, चामू उरांव, ओज जायसवाल, उमेश गोप, भाजपा सिसई मंडल अध्यक्ष संजय महतो, लक्ष्मीनारायण यादव, उमेश गोप, लालमोहन साहु, रोहित घंटी, रामानंद सिंह, सहित भारी संख्या में सभी समुदाय वर्ग के आम जन उपस्थित थे।
    user_कृष्णा कुमार साहु
    कृष्णा कुमार साहु
    रिपोर्टर सिसई, गुमला, झारखंड•
    9 hrs ago
  • विश्वासघात की सारी हदें पार... सात फेरों के बंधन को ताक पर रखकर पत्नी पिछले 7 सालों से अपने बॉयफ्रेंड के साथ गुपचुप अफेयर चला रही थी। लेकिन कहते हैं ना कि झूठ की उम्र लंबी नहीं होती—आखिरकार पति ने दोनों को रंगे हाथों दबोच ही लिया! देखें कैसे पति की एंट्री से खुला इस 7 साल पुराने राज़ का काला चिट्ठा।
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    विश्वासघात की सारी हदें पार... सात फेरों के बंधन को ताक पर रखकर पत्नी पिछले 7 सालों से अपने बॉयफ्रेंड के साथ गुपचुप अफेयर चला रही थी। लेकिन कहते हैं ना कि झूठ की उम्र लंबी नहीं होती—आखिरकार पति ने दोनों को रंगे हाथों दबोच ही लिया!
देखें कैसे पति की एंट्री से खुला इस 7 साल पुराने राज़ का काला चिट्ठा।
    user_RAMSEWAK SAHU
    RAMSEWAK SAHU
    News Anchor Bero, Ranchi•
    21 hrs ago
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