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शुगर बवासीर जोड़ों के दर्द कमर का दर्द के लिए आप संपर्क करें डॉक्टर पंकज कुमार 7091077898

1 day ago
user_Pankaj kumar
Pankaj kumar
Health and beauty shop Bargarh, Garhwa•
1 day ago

शुगर बवासीर जोड़ों के दर्द कमर का दर्द के लिए आप संपर्क करें डॉक्टर पंकज कुमार 7091077898

  • user_User2230
    User2230
    Garhwa, Jharkhand
    👏
    10 hrs ago
More news from Chhattisgarh and nearby areas
  • शिक्षा के मंदिर कहे जाने वाले स्कूल से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने पूरे शिक्षक समाज को झकझोर कर रख दिया है। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के बसकेपी हायर सेकेंडरी स्कूल में एक 9 महीने की गर्भवती महिला शिक्षिका ने स्कूल के प्राचार्य पर गाली-गलौज और मारपीट का गंभीर आरोप लगाया है। इस घटना के बाद शिक्षक संघ ने जिला शिक्षा अधिकारी से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है, वहीं पीड़िता ने थाने में भी मामला दर्ज कराया है।
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    शिक्षा के मंदिर कहे जाने वाले स्कूल से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने पूरे शिक्षक समाज को झकझोर कर रख दिया है। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के बसकेपी हायर सेकेंडरी स्कूल में एक 9 महीने की गर्भवती महिला शिक्षिका ने स्कूल के प्राचार्य पर गाली-गलौज और मारपीट का गंभीर आरोप लगाया है। इस घटना के बाद शिक्षक संघ ने जिला शिक्षा अधिकारी से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है, वहीं पीड़िता ने थाने में भी मामला दर्ज कराया है।
    user_Rachna devi
    Rachna devi
    Balrampur, Chhattisgarh•
    18 hrs ago
  • रंका समुदायिक स्वस्थ केंद्र में भब्य स्वस्थ्य मेला का आयोजन 60 निशुल्क मोतियाबिंद का निशुल्क हुआ सफल ऑपरेशन
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    रंका समुदायिक स्वस्थ केंद्र में भब्य स्वस्थ्य मेला का आयोजन 60 निशुल्क मोतियाबिंद का निशुल्क हुआ सफल ऑपरेशन
    user_Sunil singh
    Sunil singh
    Reporter Ranka, Garhwa•
    10 hrs ago
  • https://youtube.com/shorts/SdcQ_leaKZE?si=m_3v-9oc7vI32Xt2
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    https://youtube.com/shorts/SdcQ_leaKZE?si=m_3v-9oc7vI32Xt2
    user_Ashish chandravanshi
    Ashish chandravanshi
    Teacher गढ़वा, गढ़वा, झारखंड•
    6 hrs ago
  • Bajrang dal Panama Jharkhand
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    Bajrang dal Panama Jharkhand
    user_Dhananjay Singh
    Dhananjay Singh
    Farmer Patan, Palamu•
    8 hrs ago
  • चैनपुर के छीछवानी गांव में एक ऐसी घटना घटी है, जिसने हर किसी का दिल दहला दिया है!
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    चैनपुर के छीछवानी गांव में एक ऐसी घटना घटी है, जिसने हर किसी का दिल दहला दिया है!
    user_राहुल कुमार
    राहुल कुमार
    Local News Reporter चैनपुर, गुमला, झारखंड•
    19 hrs ago
  • भव्य कलश यात्रा हिंडालको कॉलोनी सेकेंड प्लांट रेणुकूट सोनभद्र
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    भव्य कलश यात्रा हिंडालको कॉलोनी सेकेंड प्लांट रेणुकूट सोनभद्र
    user_संजय श्रीवास्तव ( ब्यूरो चीफ)
    संजय श्रीवास्तव ( ब्यूरो चीफ)
    Journalist Dudhi, Sonbhadra•
    6 hrs ago
  • धोखे से ‘गोद’ लिया या ममता का सौदा ? मैनपाट के मजदूर दंपति ने पड़ोसी व कोलकाता के अग्रवाल परिवार पर लगाया बच्चा छीनने का आरोप, सरगुजा एसपी से शिकायत… ₹100 के स्टांप पर दस्तखत कराकर 2 माह के मासूम को ले जाने का दावा; 1 लाख रुपये के लेनदेन की भी चर्चा सरगुजा जिले के मैनपाट क्षेत्र के जामढ़ोढ़ी निवासी एक मजदूर दंपत्ति ने पुलिस अधीक्षक (SP) और पुलिस महानिरीक्षक (IG) को लिखित शिकायत सौंपकर अपने दो माह के मासूम बच्चे को साज़िश के तहत ‘गायब’ करने का संगीन आरोप लगाया है। पीड़ितों का दावा है कि उनकी गरीबी और अशिक्षा का लाभ उठाकर पड़ोसी और कोलकाता के एक दंपत्ति ने मिलकर उनके बच्चे को उनसे दूर कर दिया है। हालांकि, सच्चाई क्या है यह पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा। शिकायत के अनुसार: भविष्य का झांसा देकर विश्वास में लिया प्रार्थी विजय कुमार और उनकी पत्नी बसंती मरावी ने पुलिस को दी गई शिकायत में बताया कि वे मजदूरी कर अपने पांच बच्चों का भरण-पोषण करते हैं। उनके पड़ोसी दालू ने उन्हें विश्वास दिलाया कि कोलकाता निवासी गौतम कुमार अग्रवाल और उनकी पत्नी श्वेता दीवान बहुत संपन्न परिवार से हैं। प्रार्थी का आरोप है कि पड़ोसी ने उन्हें लालच दिया कि यदि वे अपने सबसे छोटे बच्चे ‘अयांश’ को उक्त दंपत्ति को सौंप देते हैं, तो वे उसका पालन-पोषण अपने पुत्र की तरह करेंगे। बच्चे के बेहतर भविष्य की उम्मीद में माता-पिता इस प्रस्ताव पर चर्चा के लिए तैयार हो गए। न्यायालय परिसर में गोदनामे का खेल शिकायती पत्र में यह उल्लेख किया गया है कि 28 दिसंबर 2025 को आरोपियों ने पीड़ित दंपत्ति को अम्बिकापुर जिला न्यायालय परिसर बुलाया। यहाँ स्टाम्प वेंडर से 100 रुपए का स्टाम्प प्राप्त कर एक दस्तावेज तैयार कराया गया। पीड़ितों का आरोप है कि नोटरी के समक्ष उन पर विधि विरुद्ध तरीके से दबाव डाला गया और उनकी अनपढ़ता का फायदा उठाकर दस्तावेजों पर हस्ताक्षर व अंगूठे के निशान ले लिए गए। शिकायत के मुताबिक, इसी दौरान जच्चा-बच्चा कार्ड और जन्म प्रमाण पत्र भी आरोपियों ने अपने कब्जे में ले लिए। 1 लाख रुपये के लेनदेन का आरोप और मानव तस्करी की आशंका पीड़िता बसंती मरावी ने आवेदन में दावा किया है कि आरोपी गौतम कुमार अग्रवाल और श्वेता दीवान ने इस कथित समझौते के एवज में पड़ोसी दालू को 1,00,000/- (एक लाख) रुपये का भुगतान किया है। प्रार्थी ने इसे मानव तस्करी से जोड़ते हुए आशंका जताई है कि उनके बच्चे को कहीं और विक्रय कर दिया गया है। शिकायत में यह भी कहा गया है कि अब उन्हें बच्चे से मिलने भी नहीं दिया जा रहा है और डराया-धमकाया जा रहा है। मामले में राउरकेला निवासी एक महिला पुष्पा अग्रवाल की भूमिका पर भी संदेह जताया गया है। जांच के बाद ही स्पष्ट होगी हकीकत कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि गोद लेने की प्रक्रिया केवल ‘कारा’ (CARA) के नियमों के तहत ही मान्य होती है, स्टाम्प पेपर पर ऐसा कोई भी समझौता विधिक रूप से शून्य है। फिलहाल, यह पूरा मामला केवल पीड़ित पक्ष द्वारा लगाए गए आरोपों और प्रस्तुत किए गए ₹100 के स्टांप पर हुए कथित गोदनामा पर आधारित है। सच्चाई की पुष्टि के लिए पुलिस को आरोपियों का पक्ष और दस्तावेजों की प्रमाणिकता की जांच करनी होगी। पीड़ित परिवार ने तत्काल FIR दर्ज करने और बच्चे की सुरक्षित बरामदगी की मांग की है। स्टाम्प पर बच्चा गोद लेना या देना ‘सफेद झूठ’ और दंडनीय अपराध ​ इस मामले में ₹100 के स्टाम्प पर जिस ‘गोदनामा’ की बात सामने आई है, कानूनन उसकी कोई मान्यता नहीं है। देश में बच्चा गोद लेने की प्रक्रिया बेहद सख्त है: ​CARA ही एकमात्र रास्ता: भारत में बच्चा गोद लेने के लिए ‘सेंट्रल एडॉप्शन रिसोर्स अथॉरिटी’ (CARA) के माध्यम से ऑनलाइन पंजीकरण और अदालती आदेश अनिवार्य है। ​जेजे एक्ट का उल्लंघन: जुवेनाइल जस्टिस एक्ट (JJ Act), 2015 के अनुसार, बिना कानूनी प्रक्रिया के बच्चे का हस्तांतरण करना ‘चाइल्ड ट्रैफिकिंग’ (मानव तस्करी) की श्रेणी में आ सकता है। इसमें दोषी को कड़ी जेल और जुर्माने का प्रावधान है। ​नोटरी की सीमा: कोई भी नोटरी या स्टाम्प वेंडर बच्चा गोद लेने का दस्तावेज प्रमाणित करने के लिए अधिकृत नहीं है। यदि ऐसा किया गया है, तो उनकी भूमिका भी जांच के दायरे में आती है। ​क्यों है यह अवैध?: बच्चे कोई वस्तु नहीं हैं जिनका सौदा स्टाम्प पेपर पर किया जा सके। बिना जिला बाल संरक्षण इकाई और सीडब्ल्यूसी (CWC) की जांच के किसी को भी बच्चा सौंपना बच्चे के जीवन को खतरे में डालना माना जाता है।
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    धोखे से ‘गोद’ लिया या ममता का सौदा ? मैनपाट के मजदूर दंपति ने पड़ोसी व कोलकाता के अग्रवाल परिवार पर लगाया बच्चा छीनने का आरोप, सरगुजा एसपी से शिकायत…
₹100 के स्टांप पर दस्तखत कराकर 2 माह के मासूम को ले जाने का दावा; 1 लाख रुपये के लेनदेन की भी चर्चा
सरगुजा जिले के मैनपाट क्षेत्र के जामढ़ोढ़ी निवासी एक मजदूर दंपत्ति ने पुलिस अधीक्षक (SP) और पुलिस महानिरीक्षक (IG) को लिखित शिकायत सौंपकर अपने दो माह के मासूम बच्चे को साज़िश के तहत ‘गायब’ करने का संगीन आरोप लगाया है। पीड़ितों का दावा है कि उनकी गरीबी और अशिक्षा का लाभ उठाकर पड़ोसी और कोलकाता के एक दंपत्ति ने मिलकर उनके बच्चे को उनसे दूर कर दिया है। हालांकि, सच्चाई क्या है यह पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा।
शिकायत के अनुसार: भविष्य का झांसा देकर विश्वास में लिया
प्रार्थी विजय कुमार और उनकी पत्नी बसंती मरावी ने पुलिस को दी गई शिकायत में बताया कि वे मजदूरी कर अपने पांच बच्चों का भरण-पोषण करते हैं। उनके पड़ोसी दालू ने उन्हें विश्वास दिलाया कि कोलकाता निवासी गौतम कुमार अग्रवाल और उनकी पत्नी श्वेता दीवान बहुत संपन्न परिवार से हैं। प्रार्थी का आरोप है कि पड़ोसी ने उन्हें लालच दिया कि यदि वे अपने सबसे छोटे बच्चे ‘अयांश’ को उक्त दंपत्ति को सौंप देते हैं, तो वे उसका पालन-पोषण अपने पुत्र की तरह करेंगे। बच्चे के बेहतर भविष्य की उम्मीद में माता-पिता इस प्रस्ताव पर चर्चा के लिए तैयार हो गए।
न्यायालय परिसर में गोदनामे का खेल
शिकायती पत्र में यह उल्लेख किया गया है कि 28 दिसंबर 2025 को आरोपियों ने पीड़ित दंपत्ति को अम्बिकापुर जिला न्यायालय परिसर बुलाया। यहाँ स्टाम्प वेंडर से 100 रुपए का स्टाम्प प्राप्त कर एक दस्तावेज तैयार कराया गया। पीड़ितों का आरोप है कि नोटरी के समक्ष उन पर विधि विरुद्ध तरीके से दबाव डाला गया और उनकी अनपढ़ता का फायदा उठाकर दस्तावेजों पर हस्ताक्षर व अंगूठे के निशान ले लिए गए। शिकायत के मुताबिक, इसी दौरान जच्चा-बच्चा कार्ड और जन्म प्रमाण पत्र भी आरोपियों ने अपने कब्जे में ले लिए।
1 लाख रुपये के लेनदेन का आरोप और मानव तस्करी की आशंका
पीड़िता बसंती मरावी ने आवेदन में दावा किया है कि आरोपी गौतम कुमार अग्रवाल और श्वेता दीवान ने इस कथित समझौते के एवज में पड़ोसी दालू को 1,00,000/- (एक लाख) रुपये का भुगतान किया है। प्रार्थी ने इसे मानव तस्करी से जोड़ते हुए आशंका जताई है कि उनके बच्चे को कहीं और विक्रय कर दिया गया है। शिकायत में यह भी कहा गया है कि अब उन्हें बच्चे से मिलने भी नहीं दिया जा रहा है और डराया-धमकाया जा रहा है। मामले में राउरकेला निवासी एक महिला पुष्पा अग्रवाल की भूमिका पर भी संदेह जताया गया है।
जांच के बाद ही स्पष्ट होगी हकीकत
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि गोद लेने की प्रक्रिया केवल ‘कारा’ (CARA) के नियमों के तहत ही मान्य होती है, स्टाम्प पेपर पर ऐसा कोई भी समझौता विधिक रूप से शून्य है। फिलहाल, यह पूरा मामला केवल पीड़ित पक्ष द्वारा लगाए गए आरोपों और प्रस्तुत किए गए ₹100 के स्टांप पर हुए कथित गोदनामा पर आधारित है। सच्चाई की पुष्टि के लिए पुलिस को आरोपियों का पक्ष और दस्तावेजों की प्रमाणिकता की जांच करनी होगी। पीड़ित परिवार ने तत्काल FIR दर्ज करने और बच्चे की सुरक्षित बरामदगी की मांग की है।
स्टाम्प पर बच्चा गोद लेना या देना ‘सफेद झूठ’ और दंडनीय अपराध
​ इस मामले में ₹100 के स्टाम्प पर जिस ‘गोदनामा’ की बात सामने आई है, कानूनन उसकी कोई मान्यता नहीं है। देश में बच्चा गोद लेने की प्रक्रिया बेहद सख्त है:
​CARA ही एकमात्र रास्ता: भारत में बच्चा गोद लेने के लिए ‘सेंट्रल एडॉप्शन रिसोर्स अथॉरिटी’ (CARA) के माध्यम से ऑनलाइन पंजीकरण और अदालती आदेश अनिवार्य है।
​जेजे एक्ट का उल्लंघन: जुवेनाइल जस्टिस एक्ट (JJ Act), 2015 के अनुसार, बिना कानूनी प्रक्रिया के बच्चे का हस्तांतरण करना ‘चाइल्ड ट्रैफिकिंग’ (मानव तस्करी) की श्रेणी में आ सकता है। इसमें दोषी को कड़ी जेल और जुर्माने का प्रावधान है।
​नोटरी की सीमा: कोई भी नोटरी या स्टाम्प वेंडर बच्चा गोद लेने का दस्तावेज प्रमाणित करने के लिए अधिकृत नहीं है। यदि ऐसा किया गया है, तो उनकी भूमिका भी जांच के दायरे में आती है।
​क्यों है यह अवैध?: बच्चे कोई वस्तु नहीं हैं जिनका सौदा स्टाम्प पेपर पर किया जा सके। बिना जिला बाल संरक्षण इकाई और सीडब्ल्यूसी (CWC) की जांच के किसी को भी बच्चा सौंपना बच्चे के जीवन को खतरे में डालना माना जाता है।
    user_Jarif Khan
    Jarif Khan
    Journalist सीतापुर, सरगुजा, छत्तीसगढ़•
    6 hrs ago
  • https://youtu.be/R6ZPZiZlEeM?si=dLQfLl-K9_v5fnEv
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    https://youtu.be/R6ZPZiZlEeM?si=dLQfLl-K9_v5fnEv
    user_Ashish chandravanshi
    Ashish chandravanshi
    Teacher गढ़वा, गढ़वा, झारखंड•
    20 hrs ago
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