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सिंगरौली जिले के आदिवासी विकास विभाग बैढ़न कार्यालय में गुरुवार को लोकायुक्त ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए एक अधिकारी को कथित रूप से रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया। इस कार्रवाई के तहत वर्ग-2 अधिकारी मुन्नालाल वर्मा को 5 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया। यह मामला देवसर परियोजना में पदस्थ कर्मचारी श्रवण तिवारी से इंक्रीमेंट और वेतन वृद्धि से जुड़े कार्य के एवज में पैसे मांगने का बताया जा रहा है। इस पूरे प्रकरण में संजय पांडेय पर भी पैसे मांगने के आरोप लगे हैं, लेकिन कार्रवाई के दौरान उनके भोपाल में होने की जानकारी सामने आई है, जिसके कारण उनकी गिरफ्तारी नहीं हो सकी।
Devendra Journalist_Singrauli
सिंगरौली जिले के आदिवासी विकास विभाग बैढ़न कार्यालय में गुरुवार को लोकायुक्त ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए एक अधिकारी को कथित रूप से रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया। इस कार्रवाई के तहत वर्ग-2 अधिकारी मुन्नालाल वर्मा को 5 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया। यह मामला देवसर परियोजना में पदस्थ कर्मचारी श्रवण तिवारी से इंक्रीमेंट और वेतन वृद्धि से जुड़े कार्य के एवज में पैसे मांगने का बताया जा रहा है। इस पूरे प्रकरण में संजय पांडेय पर भी पैसे मांगने के आरोप लगे हैं, लेकिन कार्रवाई के दौरान उनके भोपाल में होने की जानकारी सामने आई है, जिसके कारण उनकी गिरफ्तारी नहीं हो सकी।
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- बुधवार को सिंगरौली जिले के आदिवासी विकास विभाग में उस समय हड़कंप मच गया, जब लोकायुक्त की टीम ने विभाग में पदस्थ लिपिक एम.एल. वर्मा को कथित रिश्वतखोरी के मामले में कार्यालय से अपने साथ ले जाने की कार्रवाई की। इस घटना की खबर फैलते ही पूरे विभाग में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और कर्मचारियों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। सूत्रों के अनुसार, लोकायुक्त टीम ने यह कार्रवाई पूर्व से मिली एक शिकायत के आधार पर की, जिसमें किसी काम के बदले रिश्वत मांगने का आरोप था। टीम ने विभागीय कार्यालय पहुंचकर आवश्यक पूछताछ और दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी करने के बाद संबंधित कर्मचारी को अपने साथ ले गई। हाल के वर्षों में लोकायुक्त की लगातार हो रही कार्रवाइयां यह स्पष्ट संकेत देती हैं कि भ्रष्टाचार पर जांच एजेंसियां अब अधिक सक्रिय हैं। सिंगरौली जैसे तेजी से विकसित हो रहे जिले में सरकारी योजनाओं और विभागीय कार्यों में पारदर्शिता बनाए रखना प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती और जिम्मेदारी है। यह घटना मात्र एक कर्मचारी तक सीमित नहीं मानी जा सकती; यदि रिश्वतखोरी के आरोप सही साबित होते हैं, तो यह सवाल भी उठेगा कि क्या विभागीय कार्यप्रणाली में ऐसी प्रवृत्तियों को बढ़ावा देने वाली परिस्थितियाँ मौजूद हैं, क्योंकि अक्सर छोटे कर्मचारियों पर कार्रवाई तो होती है, पर भ्रष्टाचार की जड़ तक पहुँचने का प्रयास कम दिखाई देता है। जनता इस मामले में निष्पक्ष और पारदर्शी जांच चाहती है, ताकि यदि आरोप प्रमाणित हों तो दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई हो। वहीं, अगर किसी स्तर पर गलतफहमी या तथ्यात्मक त्रुटि हो तो उसे भी स्पष्ट किया जाना चाहिए, क्योंकि कानून के मूल सिद्धांत के अनुसार जांच पूरी होने तक किसी को दोषी नहीं माना जा सकता। फिलहाल, विभागीय गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म है, लेकिन पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर लोकायुक्त की आधिकारिक जानकारी और जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही स्पष्ट होगी। सिंगरौली की जनता इस कार्रवाई को भ्रष्टाचार के खिलाफ एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देख रही है और आगे की कार्यवाही पर पैनी नजर रखे हुए है।1
- सोनभद्र के कोन थाना क्षेत्र स्थित ग्लोबल हॉस्पिटल एंड सर्जिकल सेंटर में प्रसव के लिए भर्ती आशा बहू सीमा देवी की ऑपरेशन के दौरान मृत्यु हो गई। इस घटना में नवजात शिशु सुरक्षित बताया जा रहा है, लेकिन मृतक के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। परिजन की सूचना पर सैकड़ों ग्रामीण भी तत्काल अस्पताल पहुंच गए और उन्होंने दोषी चिकित्सकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग शुरू कर दी। मामले की जानकारी मिलने के बाद, पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करते हुए घटना की जांच में जुट गई है। इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल है।1
- भारतीय हिंदी पत्रकारिता दिवस की पूर्व संध्या पर ओबरा नगर में आयोजित एक भव्य सम्मान एवं विचार गोष्ठी कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस गरिमामय आयोजन की सफलता पर आयोजन समिति के सदस्यों और सभी पत्रकार साथियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया। इस कार्यक्रम में पत्रकारिता के मूल्यों, सामाजिक दायित्वों और हिंदी पत्रकारिता के महत्वपूर्ण योगदान पर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यक्रम की तैयारियों के लिए लगभग 15 दिनों तक लगातार बैठकें आयोजित की गईं, जिनमें अतिथियों के चयन, कार्यक्रम स्थल की व्यवस्था, सम्मान समारोह का आयोजन, आमंत्रण और प्रचार-प्रसार सहित अन्य सभी महत्वपूर्ण व्यवस्थाओं पर व्यापक विचार-विमर्श किया गया। इस सफल आयोजन में मनमोहन शुक्ला, रंगेश सिंह, पी.डी. राय, जितेंद्र गुप्ता, विकास हलचल, कन्हैया केशरी, कमाल अहमद, शशि शर्मा, राजू जायसवाल, राजू चौधरी, मनोज केसरवानी, अरविंद गुप्ता, राकेश, मुस्ताख अहमद, किरण गौड़ और किरण साहनी सहित ओबरा नगर में कार्यरत समस्त सम्मानित पत्रकार साथियों तथा आयोजन समिति के सदस्यों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। इस आयोजन की सबसे बड़ी विशेषता पत्रकारों की एकजुटता, आपसी सहयोग और हिंदी पत्रकारिता के प्रति उनका गहरा समर्पण रहा। सभी पत्रकार साथियों के सामूहिक प्रयासों के परिणामस्वरूप यह कार्यक्रम भव्यता और गरिमा के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हो सका। आयोजन समिति ने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी पत्रकारों, गणमान्य नागरिकों, अतिथियों और सहयोगियों के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया। भविष्य में भी इसी प्रकार पत्रकार हित और सामाजिक सरोकारों से जुड़े कार्यक्रमों के आयोजन का संकल्प इस अवसर पर दोहराया गया।1
- सोनभद्र के कोन क्षेत्र स्थित ग्लोबल हॉस्पिटल एंड सर्जिकल सेंटर में प्रसव के दौरान एक आशा बहू की मौत के बाद शनिवार को भारी जनाक्रोश देखने को मिला। परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की। प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए अस्पताल को सील कर दिया है और संचालक समेत संबंधित चिकित्सकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। सिंगा-बागेसोती निवासी लगभग 38 वर्षीय सीमा देवी, जो एक आशा बहू के रूप में कार्यरत थीं, को देर रात प्रसव पीड़ा होने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिजनों ने बताया कि उनके पहले चार प्रसव सामान्य तरीके से हुए थे, लेकिन इस बार अस्पताल पहुंचते ही ऑपरेशन की सलाह दी गई। आरोप है कि ऑपरेशन के दौरान सीमा देवी की तबीयत बिगड़ गई और समय पर उचित उपचार न मिलने के कारण उनकी मौत हो गई, हालांकि नवजात शिशु सुरक्षित है। परिजनों का यह भी आरोप है कि घटना के बाद अस्पताल के डॉक्टर और कर्मचारी अस्पताल छोड़कर चले गए, जिससे नाराज ग्रामीण बड़ी संख्या में अस्पताल पहुंचकर प्रदर्शन करने लगे। सूचना मिलने पर प्रभारी निरीक्षक अखिलेश कुमार मिश्रा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित किया। इसी अस्पताल में भर्ती एक अन्य प्रसूता, लौकवाखाड़ी बागेसोती निवासी 35 वर्षीय कुसुमरी देवी की हालत भी गंभीर बताई जा रही है, जिन्हें स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की मौजूदगी में सरकारी अस्पताल रेफर किया गया। घटना की सूचना मिलते ही उपजिलाधिकारी ओबरा विवेक कुमार सिंह मौके पर पहुंचे और उन्होंने संबंधित लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी कहा कि क्षेत्र में किसी भी अपंजीकृत अस्पताल को संचालित नहीं होने दिया जाएगा। उनकी मौजूदगी में ही अस्पताल को सील किया गया। एसीएमओ गुलाब शंकर यादव ने बताया कि इस अस्पताल के खिलाफ पहले भी कार्रवाई की जा चुकी है। फिलहाल अस्पताल संचालक नसीम अंसारी और संबंधित चिकित्सकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच जारी है। इस अवसर पर उप जिलाधिकारी ओबरा विवेक कुमार सिंह, एसीएमओ डॉक्टर गुलाब शंकर यादव, डॉक्टर कृति आजाद बिंद, प्रधान संघ जिलाध्यक्ष लक्ष्मी जायसवाल, विजय शंकर यादव, भाजपा पूर्व ब्लॉक प्रमुख बंशीधर, भाजपा नेता अलख नारायण शुक्ला और जोखन यादव सहित कई अन्य लोग उपस्थित रहे। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल है, और ग्रामीण अवैध अस्पतालों के संचालन तथा स्वास्थ्य विभाग की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं।4
- उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले से एक चिंताजनक घटना सामने आई है, जहाँ थाना रामपुर बर्कोनिया के धर्मदासपुर गांव में अराजकतत्वों ने एक मंदिर पर हमला किया है। इस हमले में उपद्रवियों ने हनुमानजी की मूर्ति को तोड़कर नाली में फेंक दिया। हमलावरों ने मंदिर को भी काफी नुकसान पहुँचाया है। उन्होंने मंदिर के शिखर को क्षत-विक्षत कर दिया और मंदिर में लगे घंटे तथा झंडे को निकालकर खेत में फेंक दिया। यह हनुमानजी की मूर्ति शीतला मंदिर के प्रांगण में रखी गई थी। यह भी बताया गया है कि पूर्व में भी सोनभद्र के कई अलग-अलग इलाकों में मंदिरों पर हमले हो चुके हैं।4
- सोनभद्र जिले के चोपन थाना क्षेत्र में एक युवक-युवती के आपसी विवाद और युवक द्वारा असलहा प्रदर्शन के मामले पर क्षेत्राधिकारी नगर श्री रणधीर मिश्रा ने बयान दिया है। यह बयान इस पूरी घटना के संबंध में जारी किया गया है।1
- वैज्ञानिकों ने एक गंभीर चेतावनी जारी की है, जिसमें एक 'महाप्रलय' की आशंका जताई गई है। इस चेतावनी के अनुसार, महाप्रलय आने पर 30 करोड़ जनता के मारे जाने का खतरा है।1
- सिंगरौली जिले में खनिज संपदा के अवैध दोहन और बिना अनुमति खनिज परिवहन पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए जिला प्रशासन लगातार सक्रिय है। इसी क्रम में, कलेक्टर गौरव बैनल के निर्देशों और खनिज अधिकारी आकांक्षा पटेल के मार्गदर्शन में खनिज विभाग ने बिना वैध अभिवहन पास के गिट्टी का परिवहन कर रहे एक डंपर को जब्त कर बड़ी कार्रवाई की है। यह कार्रवाई अवैध खनन के खिलाफ एक सख्त संदेश देती है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, दिनांक 29 मई 2026 को खनिज विभाग की जांच के दौरान डंपर क्रमांक MP66ZD0758 गिट्टी का परिवहन करते हुए पाया गया। वाहन चालक वैध अभिवहन पास प्रस्तुत करने में विफल रहा, जिसके बाद विभागीय अधिकारी अशोक मिश्रा ने तत्काल कार्रवाई करते हुए डंपर को जब्त कर पुलिस थाना चितरंगी में सुरक्षित खड़ा कराया। यह कार्रवाई केवल एक वाहन की जब्ती तक सीमित नहीं है, बल्कि उन सभी लोगों के लिए एक स्पष्ट चेतावनी है जो शासन के नियमों को ताक पर रखकर खनिज संसाधनों के अवैध परिवहन में संलिप्त हैं। खनिजों का अवैध परिवहन न केवल सरकारी राजस्व को भारी नुकसान पहुँचाता है, बल्कि खनन क्षेत्र में पारदर्शिता और वैधानिक व्यवस्था को भी गंभीर रूप से प्रभावित करता है। हाल के दिनों में सिंगरौली जिले में खनिज विभाग द्वारा लगातार निरीक्षण और कार्रवाई की जा रही है, जो यह दर्शाता है कि जिला प्रशासन अवैध खनन एवं परिवहन के मामलों को लेकर बेहद गंभीर है और नियमों के उल्लंघन पर किसी प्रकार की नरमी बरतने के पक्ष में नहीं है। खनिज विभाग के अनुसार, जब्त वाहन के विरुद्ध खनिज नियमों के तहत अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जा रही है और जांच पूरी होने के बाद संबंधित प्रावधानों के अनुसार जुर्माना अथवा अन्य दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। सिंगरौली जैसे खनिज समृद्ध जिले में प्रशासन की ऐसी कार्रवाइयाँ न केवल कानून का पालन सुनिश्चित करती हैं, बल्कि ईमानदारी से कार्य कर रहे वैध परिवहनकर्ताओं और खनन व्यवसायियों के हितों की भी रक्षा करती हैं। यह आवश्यक है कि ऐसी कार्रवाई अभियान के रूप में निरंतर जारी रहे, ताकि अवैध परिवहन के नेटवर्क पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके और शासन को होने वाली राजस्व हानि को रोका जा सके। खनिज विभाग की यह कार्रवाई एक सकारात्मक संदेश देती है कि कानून से ऊपर कोई नहीं है और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के लिए प्रशासन पूरी सजगता के साथ मैदान में मौजूद है।1