Shuru
Apke Nagar Ki App…
पुलिस जीप ने 4 लोगों को रौंदा महसी/बहराइच में पुलिस जीप ने 4 लोगों को रौंदा हादसे में 7 से 8 माह की मासूम की मौत
अंकित अवस्थी
पुलिस जीप ने 4 लोगों को रौंदा महसी/बहराइच में पुलिस जीप ने 4 लोगों को रौंदा हादसे में 7 से 8 माह की मासूम की मौत
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- बहराइच नानपारा थाना के अंतर्गत वर्मा ढाबा के आगे ओवरटेक करते समय दो वाहन आपस में भिड़े जिसमें चालक सहित चार लोग जख्मी हुए है मटेरा थाना पुलिस ने पहुंच कर घायलों को 112 की सहायता से इलाज हेतु जिला अस्पताल भेजवा दिया है नानपारा थाना के जंगली बाबा चौकी प्रभारी मौके पर पहुंच कर दोनों वाहनों को अपने कब्जे में ले लिया है3
- दुबई मे फंसे बेटे को वतन वापस लाने और एजेंट द्वारा फ्राड करने के मामले मे पीड़ित माता पिता ने डीएम से मुलाक़ात कर की शिकायत बहराइच। बहराइच ले बकशीपुरा क्षेत्र के इमामगंज भिंगा बस स्टैंण्ड के रहने वाले मोहम्मद वसीम ने जिलाधिकारी कार्यलय अपनी पत्नी के साथ पहुंच कर एक शिकायती पत्र दिया है। उनका कहना है की खाने की तंगी और परिवार की आजीविका चलाने के लिए उसका बेटा मोहम्मद सलमान रोजगार के लिए दुबई गया था लेकिन लखनऊ निवासी एजेंट सचिन गुप्ता ने नौकरानी दिलाने का झांसा देकर उसे दुबई भेजा और उसके साथ फ्राड कर दिया जिससे उसका बेटा वहाँ फंस गया है। उन्होंने बेटे के वतन वापसी और आरोपी एजेंट पर कार्यवाही की मांग की है।4
- बहराइच तेजवापुर ब्लॉक में जल जीवन मिशन के तहत पानी टंकी व पाइपलाइन निर्माण में भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर ग्रामीण अनशन पर बैठे। सीबीआई जांच की मांग करते हुए प्रदर्शनकारी सीएम से मिलने पैदल निकले, लेकिन प्रशासन ने तिकोरा मोड़ पर रोककर उन्हें बहराइच डीएम कार्यालय ले जाया गया हैं।अब इससे भ्रष्टाचार का अनुमान लगाया जा सकता हैं । #up #2026viralpost #2026challenge #UttarPradesh #Bahraichnews #2026Ready1
- Post by Krishna Shukla1
- थाना बिसवा क्षेत्र में हुई घटना के संबंध में अपर पुलिस अधीक्षक दक्षिणी द्वारा दी गई बाइट1
- 🚨 BREAKING NEWS 🚨 यूजीसी के समर्थन में आवाज़ उठाने पर विधायक से पुलिस की बदसलूकी यूजीसी के समर्थन में प्रदर्शन के दौरान पल्लवी पटेल के साथ पुलिस द्वारा की गई कथित बदसलूकी का मामला सामने आया है। घटना को लेकर ओबीसी-बहुजन समाज में भारी आक्रोश है। एक महिला, एक ओबीसी और एक निर्वाचित जनप्रतिनिधि के साथ ऐसा व्यवहार— क्या यही लोकतंत्र है? 🔴 सवाल उठ रहे हैं— ▪️ क्या असहमति अब अपराध बन गई है? ▪️ क्या पुलिस सत्ता के इशारों पर काम कर रही है? ▪️ क्या जनप्रतिनिधियों की आवाज़ दबाई जा रही है? घटना के बाद निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग तेज़ हो गई है। ✊ पल्लवी पटेल के साथ खड़ा होना ✊ लोकतंत्र और बहुजन सम्मान की लड़ाई1
- *पूर्व चेयरमैन नसीबुननिशा के द्वारा महंगाई के खिलाफ विरोध प्रदर्शन निकाला गया* आज दिनांक 10 फरवरी 2026 दिन मंगलवार को पूर्व चेयरमैन नसीबुननिशा के द्वारा महंगाई के खिलाफ विरोध प्रदर्शन निकाला गया. जिसमें मुन्ना राईनी, अयोध्या प्रसाद सोनी व काफ़ी संख्या में लोग मौजूद रहे..प्रदर्शन कर्तनिया चौराहा,गाँधी पार्क से होते हुवे इमामगंज चौराहा पर समाप्त हुवा. व पूर्व चेयरमैन नसीबुननिशा के द्वारा प्रभारी निरीक्षक को महामहिम राजपाल के नाम से ज्ञापन देकर प्रदर्शन समाप्त किया गया.. *सरकार से मांग -* *1-नानपारा अस्पताल में हार्ट के डॉक्टर व शुगर के डॉक्टर की नियुक्ति हो* *2-अघोषित बिजली कटौती बंद हो व अधिक बिजली बिल कम हो* *3-गैस, सिलेंडर, पेट्रोल, डीजल के दाम कम हो* *4-अस्पताल में एक्सरे मशीन, तौल मशीन,ब्लड प्रेशर मशीन व बड़ा जनरेटर की व्यवस्था की जाये* *5-युवाओं की बेरोजगारी रोका जाये व रोजगार दिया जाये* *6-किसानों के फसलों का सही दाम व खाद बीज सस्ता किया जाये और क़र्ज़ माफ़ हो* *7-धर्म के नाम पर नफरत बंद हो* *8-महिला के खिलाफ आराधी तुरंत कार्यवाही.* #nanfollowers #ptang #manjha #drone #patangbazi #patanglovers #patangbaaz #patang #nonfollowersviewersfollowers #live_official_qadri_news_ #official_qadri_news_ #today #loqnews_new #nanpara #viral #reel #DM #SP #SDM #CO #dgpup1
- Post by Lakhimpur Kheri दस्तक1
- 4 साल बाद पिता ने खोली सच्चाई, दहेज पीड़ित परिवार का दर्दनाक सच धौरहरा, लखीमपुर खीरी धौरहरा क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहाँ दहेज उत्पीड़न से पीड़ित एक परिवार ने गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित पिता का कहना है कि बीते 4 वर्षों से वह चुप था, लेकिन अब मजबूर होकर उसने अपनी पीड़ा और सच्चाई समाज व प्रशासन के सामने रखी है। पीड़ित परिवार के अनुसार, विवाह के बाद से ही महिला को दहेज को लेकर मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाता रहा। बार-बार समझौते और सामाजिक दबाव के चलते परिवार खामोश रहा, लेकिन हालात तब और भयावह हो गए जब मासूम पोती को ज़हर देने का आरोप परिवार के ही एक सदस्य (बाबा) पर लगा। पिता का कहना है कि यह घटना पूरे परिवार को झकझोर कर रख देने वाली है। मासूम की हालत बिगड़ने के बाद परिवार को मामले की गंभीरता का एहसास हुआ और तब उन्होंने चुप्पी तोड़ने का फैसला किया। पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया कि दहेज की मांग पूरी न होने पर लगातार धमकियां दी जाती थीं। मामले की जानकारी मिलने पर स्थानीय लोग भी स्तब्ध हैं। पीड़ित परिवार ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। वहीं, इस पूरे प्रकरण ने एक बार फिर दहेज जैसी सामाजिक बुराई और पारिवारिक हिंसा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल मामले की जांच की मांग उठ रही है और सभी की निगाहें प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।1