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बरसों से आवाजाही के लिए इस्तेमाल किए जा रहे एक रास्ते के अंदर पानी भर गया है।
Manraj Gurjar
बरसों से आवाजाही के लिए इस्तेमाल किए जा रहे एक रास्ते के अंदर पानी भर गया है।
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- जयपुर के कलवाड़ रोड पर स्थित मंगलम सिटी, जो इस मार्ग का पहला प्रोजेक्ट था, आज पानी और सड़कों जैसी मूलभूत सुविधाओं के अभाव में जूझ रही है। लोग लगातार सवाल उठा रहे हैं कि क्या मंगलम सिटी जयपुर का हिस्सा नहीं है, क्योंकि इसे पूरी तरह से उपेक्षित छोड़ दिया गया है। पोस्ट के अनुसार, मंगलम सिटी पानी और सड़कों से इतनी दूर क्यों है, इसका कोई जवाब नहीं मिल रहा। निवासियों का मानना है कि उनकी सुध लेने वाला कोई नहीं है, जिससे वे प्रशासन से यह सवाल कर रहे हैं कि आखिर मंगलम सिटी की देखभाल कौन करेगा। यह स्थिति क्षेत्र में मूलभूत सुविधाओं की कमी और जवाबदेही के अभाव पर गंभीर चिंता व्यक्त करती है।2
- जौनपुर में शिक्षा के नाम पर खोली गई एक लाइब्रेरी में चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहाँ छात्र-छात्राएँ पर्दे वाले कमरों में एक साथ "कुछ और ही पढ़ाई" करते हुए पाए गए। पुलिस ने मौके पर पहुँचकर पर्दे के पीछे से इन छात्र-छात्राओं को बाहर निकाला। इस घटना पर गहरा आक्रोश व्यक्त करते हुए पोस्ट में कहा गया है कि ऐसी घटनाएँ लगभग हर लाइब्रेरी में होती हैं। आरोप है कि अनपढ़ माता-पिता को लाइब्रेरी के वास्तविक स्वरूप की जानकारी नहीं होती, और बच्चे घर पर काम से बचने के लिए "मेरा लाइब्रेरी का टाइम हो गया है" का बहाना बनाकर परिवार वालों को उल्लू बनाते हैं।1
- बहरोड़ में एक दूध का टैंकर पलट गया। इस घटना के बाद, टैंकर से दूध ले जाने के लिए लोगों में होड़ मच गई।1
- मध्य प्रदेश के रतलाम में मोहर्रम के जुलूस के दौरान एक हादसा हो गया, जिसमें चार लोगों की मौत हो गई और दो दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए। इस घटना पर टिप्पणी करते हुए कहा गया कि मरने वाले चारों लोगों को 'हूरें' मिलीं, जबकि घायल हुए दो दर्जन से अधिक लोग भी अब 'हूरों' की आस में हैं।1
- अजमेर पुलिस ने NEET परीक्षा का फर्जी पेपर बेचकर छात्रों को ठगने की एक बड़ी साजिश का खुलासा करते हुए दो आरोपियों आकाश और अश्वनी को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि ये दोनों इंस्टाग्राम पर फर्जी NEET पेपर अपलोड करते थे और छात्रों को यह पेपर उपलब्ध कराने का झांसा देकर उनसे पैसे ठगते थे। पुलिस के अनुसार, अजमेर की एक छात्रा को इसी तरीके से निशाना बनाया गया था, जिससे फर्जी पेपर देने के नाम पर ₹30,000 की मांग की गई। आरोपियों और छात्रा के बीच पूरी बातचीत इंस्टाग्राम चैट के माध्यम से हुई थी, लेकिन बाद में पता चला कि दिया गया पेपर फर्जी था। छात्रा की शिकायत मिलने के बाद अजमेर पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को धर दबोचा। इस मामले का खुलासा वृत्ताधिकारी मनीष बड़गुर्जर ने किया है। पुलिस फिलहाल गिरफ्तार किए गए आरोपियों से पूछताछ कर रही है, और मामले की आगे की जांच जारी है।1
- अजमेर में नाज़िया इलाही खान द्वारा दिए गए एक बयान को लेकर मुस्लिम समाज ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है। समाज के लोगों ने थाना पहुंचकर एक ज्ञापन सौंपा और आरोप लगाया कि नाज़िया इलाही खान ने पैगम्बर मोहम्मद की शान में टिप्पणी करके उनकी धार्मिक भावनाओं को आहत किया है। प्रदर्शनकारियों ने इस मामले में सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है, जिसके तहत समाज के प्रतिनिधियों ने अपनी पूरी प्रतिक्रिया देते हुए प्रशासन से कार्रवाई की अपील की।1
- हटूंड़ी में मग़रिब (सूर्यास्त) के बाद ताज़िया का जुलूस निकाला गया। इस जुलूस में मर्सियख्वानी के शरीफ की सवारी भी शामिल थी। जुलूस समाप्त होने के बाद ताज़िया का सैलाब किया गया।1
- राजस्थान की राजनीति से जुड़ी एक खबर में हनुमान बेनीवाल से संबंधित एक ऑडियो वायरल होने का मामला सामने आया है। इस वायरल ऑडियो में कथित तौर पर अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया गया है, जिसमें सांसद संजना जाटव के खिलाफ अमर्यादित टिप्पणियां शामिल हैं। हालांकि, यह स्पष्ट किया गया है कि इस ऑडियो की पुष्टि नहीं की जाती है।1
- लाइब्रेरियन ग्रेड-3 भर्ती परीक्षा का अंतिम परिणाम 11 माह बीत जाने के बाद भी जारी न होने से नाराज अभ्यर्थियों ने शुक्रवार को जयपुर में राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। अभ्यर्थियों ने दंडवत लेटकर अपनी नाराजगी व्यक्त की और जल्द से जल्द परिणाम जारी करने की मांग उठाई। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि परीक्षा हुए लगभग 11 महीने हो चुके हैं, लेकिन अंतिम परिणाम अभी तक घोषित नहीं किया गया है, जिससे हजारों अभ्यर्थियों का भविष्य अधर में लटका हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस देरी के कारण उन्हें मानसिक, आर्थिक और सामाजिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। प्रदर्शन के दौरान, अभ्यर्थियों ने बोर्ड प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अंतिम परिणाम जारी करने के साथ ही भर्ती प्रक्रिया को तुरंत पूरा करने की मांग की। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो वे अपने आंदोलन को और भी तेज करेंगे।1