मथुरा जनपद के कोसीकलां स्थित हरिपुरा गांव के पास मंगलवार को तीन वाहनों के बीच एक भीषण सड़क दुर्घटना हो गई। यह हादसा इतना जबरदस्त था कि इसमें तीनों वाहनों को काफी भारी नुकसान पहुंचा। हालांकि, गनीमत रही कि किसी भी वाहन सवार को गंभीर चोट नहीं आई और सभी लोग सुरक्षित बच गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दुर्घटना के तुरंत बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। क्षतिग्रस्त वाहन सड़क पर ही खड़े रह जाने के कारण मार्ग पर लंबा ट्रैफिक जाम लग गया, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और उन्होंने क्षतिग्रस्त वाहनों को सड़क से हटवाकर यातायात व्यवस्था को सुचारु कराया। पुलिस की काफी मशक्कत के बाद आखिरकार जाम खुल सका और यातायात सामान्य हो पाया। इस हादसे में किसी भी प्रकार की जनहानि न होने से सभी ने राहत की सांस ली, हालांकि वाहनों को काफी नुकसान हुआ है।
मथुरा जनपद के कोसीकलां स्थित हरिपुरा गांव के पास मंगलवार को तीन वाहनों के बीच एक भीषण सड़क दुर्घटना हो गई। यह हादसा इतना जबरदस्त था कि इसमें तीनों वाहनों को काफी भारी नुकसान पहुंचा। हालांकि, गनीमत रही कि किसी भी वाहन सवार को गंभीर चोट नहीं आई और सभी लोग सुरक्षित बच गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दुर्घटना के तुरंत बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। क्षतिग्रस्त वाहन सड़क पर ही खड़े रह जाने के कारण मार्ग पर लंबा ट्रैफिक जाम लग गया, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और उन्होंने क्षतिग्रस्त वाहनों को सड़क से हटवाकर यातायात व्यवस्था को सुचारु कराया। पुलिस की काफी मशक्कत के बाद आखिरकार जाम खुल सका और यातायात सामान्य हो पाया। इस हादसे में किसी भी प्रकार की जनहानि न होने से सभी ने राहत की सांस ली, हालांकि वाहनों को काफी नुकसान हुआ है।
- मथुरा के फरह क्षेत्र के मिर्जापुर गांव में आयोजित एक भंडारे के दौरान बलदेव विधायक पूरन प्रकाश और गांव के प्रधान के बीच जन सुनवाई को लेकर तीखी झड़प हो गई। इस घटना से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।1
- वृंदावन स्थित बिरला मंदिर के पास दारू के ठेके को लेकर साधु-संतों ने कड़ा विरोध प्रदर्शन किया। साधु-संतों ने इस शराब की दुकान को मंदिर परिसर के निकट से हटाने की माँग की है।1
- मथुरा में अखिल भारतीय समता फाऊंडेशन द्वारा लखनऊ स्थित एक कोचिंग सेंटर में हुए अग्निकांड में जान गंवाने वाले छात्र-छात्राओं के लिए मौन प्रदर्शन कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस दौरान उपस्थित सदस्यों ने हाथों में पट्टिकाएँ ले रखी थीं, जिसमें पीड़ितों के लिए न्याय और उचित मुआवजे की मांग की गई। श्रद्धांजलि सभा के दौरान, रमेश सैनी, विजेंद्र सिंह बौद्ध और संजय बीडीसी ने संयुक्त रूप से मांग की कि मृत छात्र-छात्राओं के परिवारों को एक करोड़ रुपये की राशि दी जाए, जबकि घायलों के इलाज के लिए प्रत्येक को दस-दस लाख रुपये प्रदान किए जाएं। लुकेश कुमार राही ने सरकार द्वारा की गई घोषणा को "ऊँट के मुँह में ज़ीरा" बताते हुए नाकाफी करार दिया और मृत छात्रों के परिजनों को एक करोड़ रुपये की राशि दिए जाने की अपनी मांग दोहराई। इस श्रद्धांजलि एवं मौन प्रदर्शन में हीरालाल अहिरवार, विजेंद्र सिंह बौद्ध, सागर सिंह, सरदार महेंद्र सिंह, विनय कुमार, मोंटी कुमार, सौदान सिंह, संजय बीडीसी, अभिषेक कुमार, महेंद्र सिंह चौधरी, गौरव कुमार, मुस्तकीम कुरैशी, आकाश बाबू, लक्ष्य चौहान, सुमित और लुकेश कुमार राही सहित कई लोग मौजूद रहे।3
- मथुरा-वृंदावन की जनता मथुरा नगर निगम के कार्यों पर गहरा सवाल उठा रही है, जहाँ लाखों रुपये खर्च करके निर्मित किए गए शौचालयों और अन्य सार्वजनिक निर्माण कार्यों को कुछ समय के अंतराल पर तोड़कर दोबारा बनाने की आवश्यकता पड़ रही है। इस प्रक्रिया को लेकर स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी है। जनता का कहना है कि जब ये शौचालय और निर्माण पहले से ही अच्छी स्थिति में थे, तो उन्हें ध्वस्त कर फिर से नया बनाने का कोई औचित्य नहीं है। लोगों का मानना है कि यह कदम जनता के टैक्स और सरकारी धन की सरासर बर्बादी है, जिसके कारण स्थानीय निवासियों में असंतोष लगातार बढ़ रहा है। मथुरा-वृंदावन के लोगों ने विकास कार्यों में पूर्ण पारदर्शिता की मांग की है। वे नगर निगम से स्पष्टीकरण चाहते हैं कि आखिर बार-बार तोड़फोड़ और पुनर्निर्माण की यह आवश्यकता क्यों उत्पन्न हो रही है। जनता चाहती है कि जिम्मेदार अधिकारी इस मुद्दे पर जवाब दें। कुल मिलाकर, यह एक बड़ा सवाल बन गया है कि नगर निगम का यह कृत्य वास्तव में विकास की दिशा में एक कदम है या केवल जनता के पैसे की बर्बादी का एक 'खेल' मात्र।1
- मथुरा के थाना जमुनापार क्षेत्र की शिवनगर कॉलोनी में रहने वाली 28 वर्षीय प्रीति नामक महिला की इलाज के दौरान मौत हो जाने के बाद परिवार में विवाद की स्थिति बन गई है। इस घटना के संबंध में, सोलो ने अस्पताल पर 'उद्योग' का आरोप लगाया है। प्रीति के परिजनों ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है।1
- गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेड़म की पहल पर बृज नगर क्षेत्र में अलवर से भरतपुर तक सड़क निर्माण का कार्य ज़ोरों पर चल रहा है। करोड़ों रुपये की लागत से बन रही यह महत्वपूर्ण सड़क कामां, बृज नगर और आसपास के दर्जनों गांवों को सीधा लाभ पहुँचाएगी। यह प्रोजेक्ट लंबे समय से लंबित था, और क्षेत्रवासियों की अलवर-भरतपुर मार्ग को लेकर लगातार माँग थी। जर्जर सड़क के कारण लोगों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। मंत्री बेड़म के हस्तक्षेप के बाद, पीडब्ल्यूडी विभाग ने इस कार्य को प्राथमिकता पर लेकर निर्माण शुरू किया है। इस सड़क के बनने से डीग-कामां क्षेत्र की अलवर और भरतपुर जिलों से सीधी कनेक्टिविटी मज़बूत होगी। किसान, व्यापारी, छात्र और आमजन को सुगम यातायात की सुविधा मिलेगी, जिससे क्षेत्र में आर्थिक और सामाजिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी। मंत्री जवाहर सिंह बेड़म लगातार इस प्रोजेक्ट की निगरानी कर रहे हैं और उनका कहना है कि क्षेत्र का समग्र विकास तथा जनता की सुविधा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। सड़क निर्माण के अतिरिक्त, बिजली, पानी, शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़े कार्यों पर भी ध्यान केंद्रित किया जा रहा है।1
- मथुरा-वृंदावन नगर निगम ने मंगलवार को अपने भूतेश्वर स्थित मुख्यालय कार्यालय में 'संभव दिवस' जनसुनवाई का आयोजन किया। इस जनसुनवाई के दौरान कुल सात शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से एक का मौके पर ही तत्काल समाधान कर दिया गया। अपर नगर आयुक्त सौरभ सिंह ने स्वयं फरियादियों की समस्याओं को सुना, और उनके साथ नगर निगम के सभी विभागाध्यक्ष भी उपस्थित थे। भूतेश्वर जोन से सर्वाधिक सात शिकायतें दर्ज की गईं, जो मुख्य रूप से अतिक्रमण, स्ट्रीट लाइट, बिजली के खंभों में केबल बदलना, सफाई व्यवस्था, सीवर की समस्या, हैंडपंप की रीबोरिंग, नए हैंडपंप की स्थापना और विभिन्न निर्माण कार्यों से संबंधित थीं। नगर आयुक्त ने सभी उपस्थित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि शेष बची शिकायतों का निस्तारण निर्धारित समय सीमा के भीतर प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित किया जाए।4
- मथुरा के बर्मन अस्पताल में डॉक्टरों पर लापरवाही का गंभीर आरोप लगने के बाद जनता का गुस्सा फूट पड़ा। इस घटना के कारण वहां इतना आक्रोश फैल गया कि स्थिति को संभालने में पुलिस के भी पसीने छूट गए।1