INDIA समूह के नेताओं की एक बैठक में मल्लिकार्जुन खड़गे ने अपने शुरुआती वक्तव्य में सभी का स्वागत किया, यह बताते हुए कि यह समूह लगभग तीन साल पहले अस्तित्व में आया था। खड़गे ने याद दिलाया कि 17 अप्रैल, 2026 को लोकसभा में समूह ने अपनी एकजुटता और एकता का निर्णायक प्रदर्शन किया था, जब सभी ने मजबूती से एकजुट होकर मोदी सरकार के दुर्भावनापूर्ण डिलिमिटेशन बिलों को परास्त किया था। उन्होंने ज़ोर दिया कि अब उसी भावना को और मजबूत करके मोदी सरकार के कुशासन के कारण देश के सामने खड़ी कई राजनीतिक, आर्थिक, सामाजिक और विदेश नीति से जुड़ी चुनौतियों का सामना करना होगा। खड़गे ने आरोप लगाया कि 'SIR' के कारण करोड़ों लोगों से उनका मताधिकार छीना जा रहा है और संविधान पर लगातार हमला जारी है। इसके साथ ही, जांच एजेंसियों का उपयोग राजनीतिक विरोधियों को परेशान करने और डराने-धमकाने के लिए एक औजार के रूप में किया जा रहा है, जबकि गैर-भाजपा सरकारों के साथ भेदभाव किया जा रहा है। आर्थिक मोर्चे पर, मल्लिकार्जुन खड़गे ने आवश्यक वस्तुओं की बढ़ती कीमतों और बेहद नकारात्मक आर्थिक माहौल पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि नई नौकरियां पैदा करने के लिए जिस गति से नए निवेश आने चाहिए, वे उस गति से नहीं आ रहे हैं, जिससे कई क्षेत्रों में निजी एकाधिकार बढ़ रहा है और MSMEs का भविष्य गंभीर संकट में है। खड़गे ने परीक्षा प्रणाली के पूर्ण कुप्रबंधन को लाखों युवाओं की आशाओं और आकांक्षाओं के साथ 'विश्वासघात' बताया। उन्होंने भाजपा शासित राज्यों में समाज के कमजोर वर्गों पर लगातार हो रहे अत्याचारों का भी उल्लेख किया। विदेश नीति के संदर्भ में, उन्होंने दावा किया कि भारत की विदेश नीति से 'पूरी तरह से समझौता' किया गया है और उन पारंपरिक मूल्यों को कायम नहीं रखा गया है, जिनकी भारत लंबे समय से पुरजोर समर्थन करता रहा है। खड़गे ने प्रत्येक दल के नेता से कुछ शब्द कहने का अनुरोध किया, जिसके बाद आगे उठाए जाने वाले कदमों पर सामूहिक चर्चा की योजना है। इस बैठक के बाद, सभी नेता दोपहर 2:30 बजे बगल के हॉल में संयुक्त रूप से मीडिया से मिलेंगे। मल्लिकार्जुन खड़गे ने अखिलेश जी से कार्यवाही शुरू करने का अनुरोध करते हुए अपना वक्तव्य समाप्त किया।
INDIA समूह के नेताओं की एक बैठक में मल्लिकार्जुन खड़गे ने अपने शुरुआती वक्तव्य में सभी का स्वागत किया, यह बताते हुए कि यह समूह लगभग तीन साल पहले अस्तित्व में आया था। खड़गे ने याद दिलाया कि 17 अप्रैल, 2026 को लोकसभा में समूह ने अपनी एकजुटता और एकता का निर्णायक प्रदर्शन किया था, जब सभी ने मजबूती से एकजुट होकर मोदी सरकार के दुर्भावनापूर्ण डिलिमिटेशन बिलों को परास्त किया था। उन्होंने ज़ोर दिया कि अब उसी भावना को और मजबूत करके मोदी सरकार के कुशासन के कारण देश के सामने खड़ी कई राजनीतिक, आर्थिक, सामाजिक और विदेश नीति से जुड़ी चुनौतियों का सामना करना होगा। खड़गे ने आरोप लगाया कि 'SIR' के कारण करोड़ों लोगों से उनका मताधिकार छीना जा रहा है और संविधान पर लगातार हमला जारी है। इसके साथ ही, जांच एजेंसियों का उपयोग राजनीतिक विरोधियों को परेशान करने और डराने-धमकाने के लिए एक औजार के रूप में किया जा रहा है, जबकि गैर-भाजपा सरकारों के साथ भेदभाव किया जा रहा है। आर्थिक मोर्चे पर, मल्लिकार्जुन खड़गे ने आवश्यक वस्तुओं की बढ़ती कीमतों और बेहद नकारात्मक आर्थिक माहौल पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि नई नौकरियां पैदा करने के लिए जिस गति से नए निवेश आने चाहिए, वे उस गति से नहीं आ रहे हैं, जिससे कई क्षेत्रों में निजी एकाधिकार बढ़ रहा है और MSMEs का भविष्य गंभीर संकट में है। खड़गे ने परीक्षा प्रणाली के पूर्ण कुप्रबंधन को लाखों युवाओं की आशाओं और आकांक्षाओं के साथ 'विश्वासघात' बताया। उन्होंने भाजपा शासित राज्यों में समाज के कमजोर वर्गों पर लगातार हो रहे अत्याचारों का भी उल्लेख किया। विदेश नीति के संदर्भ में, उन्होंने दावा किया कि भारत की विदेश नीति से 'पूरी तरह से समझौता' किया गया है और उन पारंपरिक मूल्यों को कायम नहीं रखा गया है, जिनकी भारत लंबे समय से पुरजोर समर्थन करता रहा है। खड़गे ने प्रत्येक दल के नेता से कुछ शब्द कहने का अनुरोध किया, जिसके बाद आगे उठाए जाने वाले कदमों पर सामूहिक चर्चा की योजना है। इस बैठक के बाद, सभी नेता दोपहर 2:30 बजे बगल के हॉल में संयुक्त रूप से मीडिया से मिलेंगे। मल्लिकार्जुन खड़गे ने अखिलेश जी से कार्यवाही शुरू करने का अनुरोध करते हुए अपना वक्तव्य समाप्त किया।
- रायबरेली जनपद के सरेनी विकासखंड स्थित हथनासा गांव में गढ़वा तालाब के पास बना इंटरलॉक मार्ग पिछले तीन महीनों से क्षतिग्रस्त पड़ा हुआ है। यह मार्ग गांव का मुख्य रास्ता है, जिससे होकर रोजाना सैकड़ों ग्रामीण आवागमन करते हैं। मार्ग के किनारे तालाब और एक गहरी ढलान होने के कारण ग्रामीणों को किसी भी समय एक बड़े हादसे की आशंका बनी हुई है। ग्रामीणों का आरोप है कि उन्होंने कई बार ग्राम प्रधान और संबंधित अधिकारियों को इस समस्या की सूचना दी, लेकिन अब तक इस पर कोई समाधान नहीं किया गया है। आने वाले समय में विद्यालय खुलने वाले हैं, जिससे स्कूली वाहनों की आवाजाही बढ़ेगी और दुर्घटना का खतरा और भी गंभीर हो जाएगा। 23 जून को ग्रामीणों ने इस समस्या का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर प्रशासन की लापरवाही को उजागर किया। इस पूरे मामले में मुख्य विकास अधिकारी ने जांच कर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया है। अब यह देखना होगा कि प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार करता है या समय रहते इस जर्जर मार्ग की मरम्मत कर ग्रामीणों को राहत प्रदान करता है।1
- मंगलवार के दिन एक भंडारे का आयोजन किया गया।1
- लखनऊ के अलीगंज में हुए भीषण अग्निकांड के बाद रायबरेली प्रशासन पूरी तरह अलर्ट हो गया है। जिलाधिकारी सरनीत कौर ब्रोका ने जिले के सभी कोचिंग सेंटरों की व्यापक जांच के निर्देश दिए हैं, जिसमें छात्रों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया गया है। प्रशासनिक जानकारी के अनुसार, जिले में अब तक केवल 19 कोचिंग संचालकों ने ही पंजीकरण कराया है, जबकि शहर के कई कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था सवालों के घेरे में है। यह भी आशंका है कि कुछ संस्थान बिना निर्धारित मानकों का पालन किए संचालित हो रहे हैं। जांच के दौरान फायर सेफ्टी उपकरणों की उपलब्धता और भवन सुरक्षा पहलुओं का बारीकी से निरीक्षण किया जाएगा। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।1
- लखनऊ के अलीगंज इलाके में एक कोचिंग सेंटर में हुए दर्दनाक अग्निकांड के बाद, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूरे प्रदेश में सुरक्षा मानकों को लेकर प्रशासन को सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। इन निर्देशों के तहत, सभी जिलों में पुलिस, प्रशासन और अग्निशमन विभाग की संयुक्त टीमें सक्रिय हो गई हैं, जो कोचिंग संस्थानों में अग्नि सुरक्षा मानकों जैसे कि फायर एनओसी, वेंटिलेशन और इमरजेंसी एग्जिट के साथ-साथ उनके पंजीकरण दस्तावेजों की भी सघन जांच कर रही हैं। इस दर्दनाक घटना के मद्देनजर, रायबरेली में भी अलर्ट जारी किया गया है। रायबरेली की डीएम सरनीत कौर ब्रोका ने जिले के सभी व्यावसायिक संस्थानों में अग्नि सुरक्षा मानकों की गहन जांच के आदेश दिए हैं। इस संबंध में डीएम सरनीत कौर ब्रोका ने बयान भी दिया है।1
- जेठ मास के अंतिम मंगलवार को ऊंचाहार स्थित गोकना घाट में भक्तों ने गंगा स्नान किया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने पावन गंगा में डुबकी लगाई।1
- लखनऊ में हुए कोचिंग अग्निकांड के बाद अब रायबरेली की सभी कोचिंग संस्थाएं और लाइब्रेरी भी अलर्ट मोड पर आ गई हैं। इन संस्थानों के प्रबंधक सुरक्षा मानकों को लेकर सख्त हो गए हैं। इसी क्रम में, रायबरेली के रतापुर स्थित लक्ष्य लाइब्रेरी के डायरेक्टर कृष्णा सोनकर ने छात्रों को आग लगने की स्थिति में उससे निपटने और खुद का बचाव करने के तरीकों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आग को बालू और फायर सिलेंडर की मदद से बुझाया जा सकता है।2
- हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले में मंगलवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब उर्णी पुल अचानक भरभराकर ढह गया। हादसा उस वक्त हुआ जब एक डंपर पुल से गुजर रहा था, जिसके टूटते ही डंपर भी नीचे जा गिरा और आसपास के क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आजतक मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पुल ध्वस्त होने की घटना के बाद स्थानीय लोगों ने तुरंत प्रशासन को सूचना दी। खबर मिलते ही टापरी थाना पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके के लिए रवाना हो गए और पुलिस द्वारा घटनास्थल का निरीक्षण कर मामले की जांच शुरू कर दी गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पुल के अचानक टूटने से लोगों में दहशत फैल गई और आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया। प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और सुरक्षा के मद्देनजर आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। फिलहाल इस हादसे में किसी के हताहत होने या जान-माल के नुकसान की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। प्रशासन की ओर से राहत एवं बचाव कार्य जारी है तथा पुल टूटने के कारणों की जांच की जा रही है।1