शिक्षा व्यवस्था की दशा और दिशा पर संगोष्ठी शैक्षणिक व्यवस्था के समक्ष गंभीर चुनौतियां है मौजूद : जयपुर 26 अगस्त! राजीव गांधी स्टडी सर्कल के राज्य मुख्यालय में "शिक्षा व्यवस्था : दशा और दिशा" विषय पर एक विद्वत संगोष्ठी में शिक्षा संस्थानों एवं स्कूलों की ढांचागत दुर्दशा, शैक्षिक परिसरों में बड़े पैमाने पर रिक्त शिक्षकीय एवं अन्य पदों की खस्ताहाल स्थिति, शिक्षकों के अभाव में कक्षा शिक्षण विहीन शिक्षा दीक्षा, पूरे वर्ष लगातार चलती परीक्षाओं से बोझिल शैक्षिक सत्र, शिक्षा बजट से भी बड़े टर्न ओवर की कोचिंग इंडस्ट्री के शिक्षण एवं प्रतिस्पर्धी परीक्षा तंत्र पर पड़ने वाले दबाव, शैक्षणिक पाठ्यक्रमों के पिछड़ेपन एवं साम्प्रदायिकीकरण, शिक्षा एवं रोजगार के बीच गहरी खांई तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति के महत्वाकांक्षी लक्ष्यों के विपरीत जमीनी यथार्थ के अंतर्विरोधों आदि के बीच देश में शिक्षा व्यवस्था की चुनौतियों पर गंभीर वैचारिक विमर्श हुआ। विद्वत संगोष्ठी में मुख्य व्याख्यान देते हुये प्रतिष्ठित शिक्षाविद,कानपुर एवं गोरखपुर विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. अशोक कुमार ने कहा कि सरकारी स्कूली शिक्षा की ढांचागत स्थिति दयनीय हाल में है। दूसरी ओर शिक्षक रहित अथवा अतिथि शिक्षक, तदर्थ शिक्षक, अनुबंधित शिक्षक, आउटसोर्स शिक्षक से विद्या संबल शिक्षक आदि तक की कामचलाऊ शिक्षण संरचना के सहारे चलते 'हायर एजुकेशन' की स्थिति तो 'हाय रे एजूकेशन' की होकर रह गई है। स्कूलों में संख्या बढ़ी है और ढांचा गत एवं बुनियादी सुविधायें नहीं हैं। देश में एक लाख स्कूल मात्र एक शिक्षक के भरोसे चलते हैं। सरकारी और निजी मेडिकल कालेजों में फीस का जितना अंतर है, उससे काफी कम में प्रतियोगी परीक्षार्थी इंतहान के पर्चे खरीद लेने की कोशिश करते हैं, जिससे सरकारी कालेज की मेरिट पा लें। ऊपर से बड़े टर्न ओवर की कोचिंग इंडस्ट्री के दबाव में जहां सरकारी स्कूलों के कोर्स प्रतियोगी अपेक्षा से पिछड़े रखे जाते हैं एवं समुचित शिक्षण की ढांचागत कमियां बच्चों को पीछे करती हैं, वहीं कोचिंग इंडस्ट्री के प्रचुर पैसे के दबाव में प्रतियोगी परीक्षायें लीक होती हैं। प्रो.अशोक कुमार ने कहा कि उक्त स्थितियों के चलते ही जेन-जी एवं अब उससे ज्यादा जेन-अल्फा में उभरे असंतोष तथा उनके बीच देशव्यापी प्रतिरोध के हालात बने हैं। जो हालात हैं उनमें उसके और गहराने की संभावनायें खारिज नहीं की जा सकतीं। उस असंतोष से राजनीतिक विपक्ष कनेक्ट भले बना रहा है, लेकिन वह वैकल्पिक विजन डाक्यूमेंट की सकारात्मक पहल के साथ ही इन नई पीढ़ियों का विश्वास सहेज सकता है। विद्वत संगोष्ठी में अध्यक्षता हरदेव जोशी पत्रकारिता विश्वविद्यालय, जयपुर की पूर्व कुलपति प्रो.सुधी राजीव ने की। विचार रखने वालों में कोटा विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति एवं आरपीएससी पूर्व चेयरमैन प्रो.बी. एम.शर्मा, वरिष्ठ सर्वोदयी सवाई सिंह, प्रो. विनोद शर्मा, प्रो. रमेश वर्मा, प्रो.निमाली सिंह, शिवचरण माली, डा.दीपक शर्मा आदि थे। संचालन प्रो.सतीश कुमार ने किया!
शिक्षा व्यवस्था की दशा और दिशा पर संगोष्ठी शैक्षणिक व्यवस्था के समक्ष गंभीर चुनौतियां है मौजूद : जयपुर 26 अगस्त! राजीव गांधी स्टडी सर्कल के राज्य मुख्यालय में "शिक्षा व्यवस्था : दशा और दिशा" विषय पर एक विद्वत संगोष्ठी में शिक्षा संस्थानों एवं स्कूलों की ढांचागत दुर्दशा, शैक्षिक परिसरों में बड़े पैमाने पर रिक्त शिक्षकीय एवं अन्य पदों की खस्ताहाल स्थिति, शिक्षकों के अभाव में कक्षा शिक्षण विहीन शिक्षा दीक्षा, पूरे वर्ष लगातार चलती परीक्षाओं से बोझिल शैक्षिक सत्र, शिक्षा बजट से भी बड़े टर्न ओवर की कोचिंग इंडस्ट्री के शिक्षण एवं प्रतिस्पर्धी परीक्षा तंत्र पर पड़ने वाले दबाव, शैक्षणिक पाठ्यक्रमों के पिछड़ेपन एवं साम्प्रदायिकीकरण, शिक्षा एवं रोजगार के बीच गहरी खांई तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति के महत्वाकांक्षी लक्ष्यों के विपरीत जमीनी यथार्थ के अंतर्विरोधों आदि के बीच देश में शिक्षा व्यवस्था की चुनौतियों पर गंभीर वैचारिक विमर्श हुआ। विद्वत संगोष्ठी में मुख्य व्याख्यान देते हुये प्रतिष्ठित शिक्षाविद,कानपुर एवं गोरखपुर विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. अशोक कुमार ने कहा कि सरकारी स्कूली शिक्षा की ढांचागत स्थिति दयनीय हाल में है। दूसरी ओर शिक्षक रहित अथवा अतिथि शिक्षक, तदर्थ शिक्षक, अनुबंधित शिक्षक, आउटसोर्स शिक्षक से विद्या संबल शिक्षक आदि तक की कामचलाऊ शिक्षण संरचना के सहारे चलते 'हायर एजुकेशन' की स्थिति तो 'हाय रे एजूकेशन' की होकर रह गई है। स्कूलों में संख्या बढ़ी है और ढांचा गत
एवं बुनियादी सुविधायें नहीं हैं। देश में एक लाख स्कूल मात्र एक शिक्षक के भरोसे चलते हैं। सरकारी और निजी मेडिकल कालेजों में फीस का जितना अंतर है, उससे काफी कम में प्रतियोगी परीक्षार्थी इंतहान के पर्चे खरीद लेने की कोशिश करते हैं, जिससे सरकारी कालेज की मेरिट पा लें। ऊपर से बड़े टर्न ओवर की कोचिंग इंडस्ट्री के दबाव में जहां सरकारी स्कूलों के कोर्स प्रतियोगी अपेक्षा से पिछड़े रखे जाते हैं एवं समुचित शिक्षण की ढांचागत कमियां बच्चों को पीछे करती हैं, वहीं कोचिंग इंडस्ट्री के प्रचुर पैसे के दबाव में प्रतियोगी परीक्षायें लीक होती हैं। प्रो.अशोक कुमार ने कहा कि उक्त स्थितियों के चलते ही जेन-जी एवं अब उससे ज्यादा जेन-अल्फा में उभरे असंतोष तथा उनके बीच देशव्यापी प्रतिरोध के हालात बने हैं। जो हालात हैं उनमें उसके और गहराने की संभावनायें खारिज नहीं की जा सकतीं। उस असंतोष से राजनीतिक विपक्ष कनेक्ट भले बना रहा है, लेकिन वह वैकल्पिक विजन डाक्यूमेंट की सकारात्मक पहल के साथ ही इन नई पीढ़ियों का विश्वास सहेज सकता है। विद्वत संगोष्ठी में अध्यक्षता हरदेव जोशी पत्रकारिता विश्वविद्यालय, जयपुर की पूर्व कुलपति प्रो.सुधी राजीव ने की। विचार रखने वालों में कोटा विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति एवं आरपीएससी पूर्व चेयरमैन प्रो.बी. एम.शर्मा, वरिष्ठ सर्वोदयी सवाई सिंह, प्रो. विनोद शर्मा, प्रो. रमेश वर्मा, प्रो.निमाली सिंह, शिवचरण माली, डा.दीपक शर्मा आदि थे। संचालन प्रो.सतीश कुमार ने किया!
- पटना BPSC प्रदर्शन में Gen Alpha की हुंकार, बोला- जेल भी जाना पड़ा तो जाएंगे, गोली भी खानी पड़ी तो खाएंगे पटना में BPSC परीक्षा और भर्ती प्रक्रिया से जुड़ी मांगों को लेकर छात्रों का प्रदर्शन लगातार तेज होता जा रहा है। मंगलवार को प्रदर्शन के दौरान एक कम उम्र के छात्र यानी Gen Alpha की जोशीली बातों ने लोगों का ध्यान खींच लिया। छात्र ने कहा कि "जेल भी जाना पड़ा तो जाएंगे, गोली भी खानी पड़ी तो खाएंगे, लेकिन भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई से पीछे नहीं हटेंगे।" उसकी बात सुनकर प्रदर्शन स्थल पर सौजूद लोगों ने तालियां बजाकर हौसला बढ़ाया। पटना में प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग तोड़ते हुए मार्च करने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस ने वॉटर कैनन और लाठीचार्ज का इस्तेमाल किया। कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने की भी खबर है। छात्रों की प्रमुख मांगों में परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता, भर्ती नियमों में स्पष्टता और एकल चरण में परीक्षा समेत अन्य मांगें शामिल हैं। प्रदर्शन के दौरान Gen Alpha छात्र की बेबाक बात अब सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बनी हुई है।1
- भजनलाल ने सबको पेल रखा है! 😱 डोटासरा ने यह क्या कह दिया? राजस्थान की सियासत में बयान ने मचा दी हलचल! #GovindDotasra #BhajanlalSharma #rajasthanpolitics #CityCablenewsjaipur1
- जयपुर में विदेशी महिलाओं वाले मसाज पार्लरों की बढ़ती चर्चा, पुलिस जांच पर उठे सवाल जयपुर। राजधानी जयपुर में मसाज पार्लरों में विदेशी महिलाओं की मौजूदगी और उनकी बढ़ती मांग को लेकर सवाल उठने लगे हैं। आरोप है कि कुछ मसाज पार्लरों में थाईलैंड सहित अन्य देशों की महिलाओं को काम पर रखा जा रहा है और ग्राहकों से सामान्य मसाज की तुलना में कई गुना अधिक राशि वसूली जा रही है। बताया जा रहा है कि जहां कुछ पार्लरों में घरेलू महिला कर्मचारियों द्वारा मसाज के लिए करीब 1,000 से 1,500 रुपये तक लिए जाते हैं, वहीं विदेशी महिलाओं के लिए ग्राहकों से करीब 5,000 रुपये तक वसूले जाने की बात सामने आ रही है। हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी। स्थानीय स्तर पर कुछ ऐसे मसाज पार्लरों का भी जिक्र सामने आया है, जो बड़े मॉल, होटल या व्यावसायिक परिसरों में संचालित हो रहे हैं। 22 गोदाम सर्किल स्थित क्रिस्टल मॉल में संचालित एक मसाज पार्लर को लेकर भी शिकायतें सामने आई हैं, जहां कथित तौर पर थाईलैंड की महिलाएं काम करती हैं। वहीं भाजपा कार्यालय के सामने गली में एक होटल के निचले हिस्से में संचालित बताए जा रहे मसाज पार्लर के कुछ दिनों से बंद होने की जानकारी भी सामने आई है। सबसे गंभीर सवाल तब खड़ा हुआ जब करीब दो दिन पहले अशोक नगर थाना पुलिस के मसाज पार्लरों में पहुंचने की बात सामने आई। आरोप है कि पुलिस को देखकर वहां मौजूद कर्मचारी और मैनेजर मौके से चले गए। पुलिस कुछ देर मौके पर रुकी और बाद में वहां से लौट गई। इस पूरे घटनाक्रम की वास्तविकता पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। मसाज पार्लरों में विदेशी महिलाओं के काम करने को लेकर सुरक्षा और वैध दस्तावेजों की जांच भी महत्वपूर्ण है। यदि विदेशी नागरिक बिना वैध अनुमति या नियमों के विपरीत किसी प्रतिष्ठान में काम कर रहे हैं तो संबंधित एजेंसियों द्वारा इसकी जांच की जानी चाहिए। वहीं इस मामले में एक महिला द्वारा हमारे संवाददाता को जानकारी दिए जाने के बाद कथित तौर पर मसाज पार्लर संचालक की ओर से उसे जान से मारने की धमकी दिए जाने का आरोप भी सामने आया है। यह आरोप बेहद गंभीर है और इसकी स्वतंत्र पुलिस जांच आवश्यक है। फिलहाल सवाल यह है कि जयपुर में संचालित ऐसे मसाज पार्लरों में विदेशी नागरिकों के वीजा, पासपोर्ट, वर्क परमिट, कर्मचारियों के रिकॉर्ड और प्रतिष्ठान के लाइसेंस की जांच नियमित रूप से होती है या नहीं? साथ ही यह भी जांच का विषय है कि कहीं मसाज पार्लर की आड़ में कोई गैरकानूनी गतिविधि तो संचालित नहीं हो रही। नोट: विदेशी महिलाओं, मसाज पार्लरों में अवैध गतिविधियों और धमकी से जुड़े सभी आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है। संबंधित पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों का पक्ष सामने आने के बाद तस्वीर और स्पष्ट होगी।2
- चोंमू उपखंड क्षेत्र के सैनी अस्पताल के बाहर से बाइक चोरी,सीसीटीवी में कैद हुई चोरी की वारदात,संदिग्ध चोर का वीडियो वायरल चौमू उपखंड क्षेत्र के सामोद रोड स्थित एक सैनी अस्पताल के बाहर से बाइक चोरी होने का मामला सामने आया है। हालांकि घटना बीती शाम की बताई जा रही है। वही बाइक चोरी की घटना अस्पताल परिसर में लगे एक सीसीटीवी में कैद हो गई। वहीं बाइक चोरी की घटना के बाद संदिग्ध चोर का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। जानकारी के अनुसार, पीड़ित अपनी बाइक अस्पताल के बाहर खड़ी कर अंदर गया था। इसी दौरान एक संदिग्ध युवक बाइक लेकर वहां से फरार हो गया। कुछ समय बाद पीड़ित अस्पताल से बाहर आया तो बाइक मौके से गायब मिली। इसके बाद उसने घटना की सूचना चौमू थाना पुलिस को दी। बाइक चोरी की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। वहीं, सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो के आधार पर पुलिस संदिग्ध चोर की पहचान करने के प्रयास में जुटी है। पुलिस अस्पताल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है, ताकि आरोपी तक पहुंचा जा सके। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और संदिग्ध की पहचान होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।1
- 🚨 देर रात स्कूटी पर निकले जयपुर कलेक्टर! जयपुर जिला कलेक्टर संदेश नायक मंगलवार देर रात सरकारी गाड़ी छोड़कर स्कूटी से परकोटे में सफाई व्यवस्था का जायजा लेने पहुंचे। 🛵 अजमेरी गेट से शुरू हुए निरीक्षण में नालियों की सफाई, रात्रिकालीन सफाई व्यवस्था और दुकानों के आसपास जमा कचरे के निस्तारण की जानकारी ली। साथ ही निकाय चुनाव की आचार संहिता से जुड़े अपडेट भी अधिकारियों से लिए। कलेक्टर के इस औचक दौरे को शहर की सफाई व्यवस्था को लेकर प्रशासन की सक्रियता के तौर पर देखा जा रहा है।1
- 🚨 BREAKING NEWS | JUST JAIPUR LIVE 24×7 🚨 ⚡ UGC ACT 2026 के विरोध में चंडीगढ़ कलेक्ट्रेट के बाहर बड़ा प्रदर्शन! चंडीगढ़ कलेक्ट्रेट के बाहर बड़ी संख्या में सवर्ण समाज के लोग UGC ACT 2026 के विरोध में पहुंचे। प्रदर्शन का नेतृत्व करणी सेना अध्यक्ष महिपाल सिंह मकराना ने किया। 📍 प्रदर्शनकारियों की ओर से सरकार के सामने अपनी मांगें रखते हुए ज्ञापन सौंपा गया। बताया जा रहा है कि राज्यपाल के OSD और ADC स्वयं ज्ञापन लेने मौके पर पहुंचे। 🎙️ महिपाल सिंह मकराना ने चेतावनी देते हुए कहा— “हम अपने बच्चों के साथ अन्याय नहीं सहेंगे। चाहे हमें इस सरकार का तख्ता पलट करना पड़े, लेकिन यह कानून बर्दाश्त नहीं करेंगे।” उन्होंने आरोप लगाया कि यह कानून बच्चों को जन्मजात अपराधी घोषित करने जैसा है, जिसका वे कड़ा विरोध करते हैं। 🔥 अब सवाल— क्या सरकार प्रदर्शनकारियों की मांगों पर गंभीरता से विचार करेगी? 📢 UGC ACT 2026 को लेकर विरोध तेज! 👉 पूरी खबर के लिए जुड़े रहिए JUST JAIPUR LIVE 24×7 📰 आपकी आवाज़, आपकी खबर1
- राजस्थान के कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें जयपुर के एसएमएस अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जांच में उनके स्वाइन फ्लू से संक्रमित होने की पुष्टि हुई है। डॉक्टरों की टीम उनकी निगरानी कर रही है #CityCablenewsjaipur #किरोड़ी_संग_राजस्थान1
- नेपाल में आई बाढ़ का एक और डरावना वीडियो। यह तस्वीर चीन अधिकृत तिब्बत के इमिग्रेशन सेंटर की है। बाढ़ की वेव करीब 5 मंजिला ऊंची इमारत को पार कर गईं। यहां पर शायद ही कोई जिंदा बच पाया होगा। बाढ़ की शुरुआत इसी एरिया से हुई, जो बाद में नेपाल में एंटर हुई।1