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5 hrs ago
user_Jagtapal Yadav g
Jagtapal Yadav g
मैहर, सतना, मध्य प्रदेश•
5 hrs ago

  • user_Lavkush yadav
    Lavkush yadav
    मैहर, सतना, मध्य प्रदेश
    👍👍👍👍
    4 hrs ago
More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
  • पूज्य गुरुदेव महाराज स्वामी सच्चिदानन्द महाराज जी का समाधि लीन हुए देखें वीडियो
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    पूज्य गुरुदेव महाराज स्वामी सच्चिदानन्द महाराज जी का समाधि लीन हुए देखें वीडियो
    user_खबर हम देंगे चित्रकूट न्यूज़
    खबर हम देंगे चित्रकूट न्यूज़
    Local News Reporter मैहर, सतना, मध्य प्रदेश•
    17 min ago
  • Post by Jagtapal Yadav g
    1
    Post by Jagtapal Yadav g
    user_Jagtapal Yadav g
    Jagtapal Yadav g
    मैहर, सतना, मध्य प्रदेश•
    25 min ago
  • Post by Lavkush yadav
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    Post by Lavkush yadav
    user_Lavkush yadav
    Lavkush yadav
    मैहर, सतना, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • बिहार के दरभंगा में छह साल की बच्ची के साथ हुए भयानक रेप और मर्डर की डिटेल्स डरावनी और दिल दहला देने वाली हैं। राक्षस रेपिस्ट ने क्रूरता की सारी हदें पार कर दीं। #JusticeForDarbhangaGirl
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    बिहार के दरभंगा में छह साल की बच्ची के साथ हुए
भयानक रेप और मर्डर की डिटेल्स डरावनी और दिल दहला देने वाली हैं।
राक्षस रेपिस्ट ने क्रूरता की सारी हदें पार कर दीं। #JusticeForDarbhangaGirl
    user_MADHYA BHARAT NEWS
    MADHYA BHARAT NEWS
    Local News Reporter Maihar, Satna•
    2 hrs ago
  • मैहर। PWD मार्ग को निपटाने का बीड़ा उठाने का ढोल पीटने वाला अल्ट्राटेक प्रबंधन स्थानीय लोगों के पत्रों पर भी बेखबर बना रहा—या यूँ कहें, जानबूझकर अंधा! सूत्रों के मुताबिक उद्योग प्रबंधन के कुछ तथाकथित जिम्मेदार खुलेआम दंभ भरते फिर रहे हैं कि जिले के हर प्रशासनिक अधिकारी की निजी व्यवस्था हमारी है, महीना वेतन की तरह जाता है—तो ओवरलोड पत्थर परिवहन कैसे रोका जाए? वाह! कानून से ऊपर बैठा यह आत्मविश्वास किसकी शह पर? बताया जा रहा है कि पत्थर परिवहन करने वाली संस्था का सीधा रिश्ता अल्ट्राटेक से है। सवाल यह नहीं कि सड़कें टूट रहीं—सवाल यह है कि किसके संरक्षण में टूट रहीं। PWD मार्गों पर ओवरलोड ट्रकों का तांडव जारी है, और जिम्मेदारों की आंखों पर जैसे सीमेंट की परत जम गई हो।स्थानीय लोगों ने मैहर के जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से साफ अपील की है—अधिकारियों को वेतन और सुविधाएं सरकार देती है, किसी सीमेंट प्लांट का विश्रामगृह नहीं! जनता की सेवा की कसम खाई है तो कम से कम 50% तो निभा दीजिए। क्या इतना भी भारी है? इधर जनप्रतिनिधियों की कार्यशैली पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्राम स्तर से लेकर बड़े मंचों तक—एक जैसी चुप्पी! क्या यह मौन सहमति है या सुविधाजनक विवशता?उधर उद्योग प्रबंधन के कुछ लोग अकड़ में कहते फिरते हैं कि प्रशासन और जनप्रतिनिधि हमारी उंगलियों पर नाचते हैं। अगर यह झूठ है तो खंडन क्यों नहीं? और अगर सच है तो शर्म किसे आनी चाहिए?जनहित की मांगें—सड़क सुरक्षा, ओवरलोड पर रोक, जवाबदेही—सब मैहर की धरती में ही दफन होती दिख रही हैं। अब सवाल सीधा है: मैहर प्रशासन ओवरलोड वाहनों को रोकने जाएगा या संरक्षण की हदें और बढ़ेंगी? कानून चलेगा या मैनेजमेंट? जनता देख रही है, इतिहास लिख रहा है—और जवाबदेही दरवाज़े पर दस्तक दे रही है।
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    मैहर। PWD मार्ग को निपटाने का बीड़ा उठाने का ढोल पीटने वाला अल्ट्राटेक प्रबंधन स्थानीय लोगों के पत्रों पर भी बेखबर बना रहा—या यूँ कहें, जानबूझकर अंधा! सूत्रों के मुताबिक उद्योग प्रबंधन के कुछ तथाकथित जिम्मेदार खुलेआम दंभ भरते फिर रहे हैं कि जिले के हर प्रशासनिक अधिकारी की निजी व्यवस्था हमारी है, महीना वेतन की तरह जाता है—तो ओवरलोड पत्थर परिवहन कैसे रोका जाए?
वाह! कानून से ऊपर बैठा यह आत्मविश्वास किसकी शह पर?
बताया जा रहा है कि पत्थर परिवहन करने वाली संस्था का सीधा रिश्ता अल्ट्राटेक से है। सवाल यह नहीं कि सड़कें टूट रहीं—सवाल यह है कि किसके संरक्षण में टूट रहीं। PWD मार्गों पर ओवरलोड ट्रकों का तांडव जारी है, और जिम्मेदारों की आंखों पर जैसे सीमेंट की परत जम गई हो।स्थानीय लोगों ने मैहर के जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से साफ अपील की है—अधिकारियों को वेतन और सुविधाएं सरकार देती है, किसी सीमेंट प्लांट का विश्रामगृह नहीं! जनता की सेवा की कसम खाई है तो कम से कम 50% तो निभा दीजिए। क्या इतना भी भारी है?
इधर जनप्रतिनिधियों की कार्यशैली पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्राम स्तर से लेकर बड़े मंचों तक—एक जैसी चुप्पी! क्या यह मौन सहमति है या सुविधाजनक विवशता?उधर उद्योग प्रबंधन के कुछ लोग अकड़ में कहते फिरते हैं कि प्रशासन और जनप्रतिनिधि हमारी उंगलियों पर नाचते हैं। अगर यह झूठ है तो खंडन क्यों नहीं? और अगर सच है तो शर्म किसे आनी चाहिए?जनहित की मांगें—सड़क सुरक्षा, ओवरलोड पर रोक, जवाबदेही—सब मैहर की धरती में ही दफन होती दिख रही हैं। अब सवाल सीधा है:
मैहर प्रशासन ओवरलोड वाहनों को रोकने जाएगा या संरक्षण की हदें और बढ़ेंगी? कानून चलेगा या मैनेजमेंट? जनता देख रही है, इतिहास लिख रहा है—और जवाबदेही दरवाज़े पर दस्तक दे रही है।
    user_Deepak Tiwari (Sonu)
    Deepak Tiwari (Sonu)
    पत्रकार मैहर, सतना, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
  • सनसनीखेज मामला नपुंसक बताकर छोड़ा, तीस वर्ष बाद दूसरी संतान को फरियादी के सिर मढ़ने का आरोप DNA जांच और सुरक्षा की मांग खबर/मैहर, मध्यप्रदेश मैहर जिले के ग्राम पोड़ी निवासी एक व्यक्ति ने कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक से गुहार लगाते हुए एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने रखा है फरियादी रंगनाथ सेन (पिता जीवन सेन) ने आरोप लगाया है कि उनके साथ षड्यंत्र रचकर किसी अन्य की संतान को उनकी संतान बताया जा रहा है और डरा-धमकाकर उनकी संपत्ति हड़पने की कोशिश की जा रही है *क्या है पूरा मामला* रंगनाथ सेन, जो मां शारदा प्रबंध समिति के नाऊवाड़ा में कार्यरत हैं,बचपन का विवाह और अलगाव बाल्यावस्था में उनका विवाह 'घोखा बाई' से हुआ था कुछ समय बाद, शारीरिक संबंध न बन पाने की बात कहकर घोखा बाई ने ग्राम पंचायत में बैठक बुलवाई और प्रार्थी को 'नपुंसक' बताते हुए सामाजिक रीति-रिवाज से 'छोड़-छुट्टी' (तलाक) कर ली तीस साल के बाद नया मोड़ प्रार्थी का दावा है कि अलगाव के लगभग 30 वर्ष बाद, घोखा बाई के जीजा शम्भू सेन और उनके परिवार ने एक लड़की (सोना उर्फ मोना) को प्रार्थी की संतान बताकर पेश किया धमकी और जबरन वसूली आरोप है कि शम्भू सेन, कमला सेन और बबलू सेन ने जान से मारने की धमकी देकर प्रार्थी को डराया, जिसके डर से प्रार्थी ने अपनी 3 बिस्वा जमीन बेचकर उन्हें नकद राशि भी दी *प्रार्थी के मुख्य तर्क* वैज्ञानिक आधार फरियादी का कहना है कि जब उनके और घोखा बाई के बीच कभी शारीरिक संबंध ही नहीं बने, और अलगाव के 2 साल बाद बच्ची का जन्म हुआ, तो वह उनकी संतान कैसे हो सकती है षड्यंत्र फरियादी ने आरोप लगाया है कि आरोपीगण शैक्षणिक दस्तावेजों में फर्जी तरीके से उनका नाम पिता के रूप में दर्ज करवाकर उनकी चल-अचल संपत्ति पर कब्जा करना चाहते हैं DNA टेस्ट की मांग न्याय की गुहार लगाते हुए फरियादी ने जिला प्रशासन से मांग की है कि उक्त लड़की का DNA टेस्ट कराया जाए ताकि सच सामने आ सके *कड़े कदम की चेतावनी* फरियादी रंगनाथ सेन ने आवेदन में स्पष्ट किया है कि वे लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित हो रहे हैं और उन्हें जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि इस मामले की निष्पक्ष जांच नहीं हुई और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई, तो वे पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सामने आत्महत्या करने को मजबूर होंगे *कानूनी सलाह और अगला कदम (आपके लिए सुझाव)* (1)दस्तावेजों का संग्रह: ग्राम पंचायत में हुए उस पुराने सामाजिक समझौते (छोड़-छुट्टी के कागज) की कॉपी सुरक्षित रखें जहाँ प्रार्थी को नपुंसक बताकर अलग होने की बात कही गई थी (2)DNA टेस्ट के लिए आवेदन: आप न्यायालय के समक्ष धारा 125 CrPC (या नए कानून के तहत) या सिविल सूट के दौरान DNA टेस्ट की मांग कर सकते हैं। वैज्ञानिक साक्ष्य ही इस मामले में सबसे मजबूत हथियार है (3)पुलिस में FIR: यदि आपको जान का खतरा है, तो धारा 351 (धमकी) और 308 (वसूली के लिए डराना) के तहत औपचारिक स्थानीय थाना को FIR दर्ज करना अनिवार्य है
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    सनसनीखेज मामला नपुंसक बताकर छोड़ा, तीस वर्ष बाद दूसरी संतान को फरियादी के सिर मढ़ने का आरोप DNA जांच और सुरक्षा की मांग
खबर/मैहर, मध्यप्रदेश मैहर जिले के ग्राम पोड़ी निवासी एक व्यक्ति ने कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक से गुहार लगाते हुए एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने रखा है फरियादी रंगनाथ सेन (पिता जीवन सेन) ने आरोप लगाया है कि उनके साथ षड्यंत्र रचकर किसी अन्य की संतान को उनकी संतान बताया जा रहा है और डरा-धमकाकर उनकी संपत्ति हड़पने की कोशिश की जा रही है
*क्या है पूरा मामला*
रंगनाथ सेन, जो मां शारदा प्रबंध समिति के नाऊवाड़ा में कार्यरत हैं,बचपन का विवाह और अलगाव बाल्यावस्था में उनका विवाह 'घोखा बाई' से हुआ था कुछ समय बाद, शारीरिक संबंध न बन पाने की बात कहकर घोखा बाई ने ग्राम पंचायत में बैठक बुलवाई और प्रार्थी को 'नपुंसक' बताते हुए सामाजिक रीति-रिवाज से 'छोड़-छुट्टी' (तलाक) कर ली
तीस साल के बाद नया मोड़ प्रार्थी का दावा है कि अलगाव के लगभग 30 वर्ष बाद, घोखा बाई के जीजा शम्भू सेन और उनके परिवार ने एक लड़की (सोना उर्फ मोना) को प्रार्थी की संतान बताकर पेश किया धमकी और जबरन वसूली आरोप है कि शम्भू सेन, कमला सेन और बबलू सेन ने जान से मारने की धमकी देकर प्रार्थी को डराया, जिसके डर से प्रार्थी ने अपनी 3 बिस्वा जमीन बेचकर उन्हें नकद राशि भी दी 
*प्रार्थी के मुख्य तर्क*
वैज्ञानिक आधार फरियादी का कहना है कि जब उनके और घोखा बाई के बीच कभी शारीरिक संबंध ही नहीं बने, और अलगाव के 2 साल बाद बच्ची का जन्म हुआ, तो वह उनकी संतान कैसे हो सकती है षड्यंत्र फरियादी ने आरोप लगाया है कि आरोपीगण शैक्षणिक दस्तावेजों में फर्जी तरीके से उनका नाम पिता के रूप में दर्ज करवाकर उनकी चल-अचल संपत्ति पर कब्जा करना चाहते हैं DNA टेस्ट की मांग न्याय की गुहार लगाते हुए फरियादी ने जिला प्रशासन से मांग की है कि उक्त लड़की का DNA टेस्ट कराया जाए ताकि सच सामने आ सके
*कड़े कदम की चेतावनी*
फरियादी रंगनाथ सेन ने आवेदन में स्पष्ट किया है कि वे लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित हो रहे हैं और उन्हें जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि इस मामले की निष्पक्ष जांच नहीं हुई और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई, तो वे पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सामने आत्महत्या करने को मजबूर होंगे 
*कानूनी सलाह और अगला कदम (आपके लिए सुझाव)*
(1)दस्तावेजों का संग्रह: ग्राम पंचायत में हुए उस पुराने सामाजिक समझौते (छोड़-छुट्टी के कागज) की कॉपी सुरक्षित रखें जहाँ प्रार्थी को नपुंसक बताकर अलग होने की बात कही गई थी
(2)DNA टेस्ट के लिए आवेदन: आप न्यायालय के समक्ष धारा 125 CrPC (या नए कानून के तहत) या सिविल सूट के दौरान DNA टेस्ट की मांग कर सकते हैं। वैज्ञानिक साक्ष्य ही इस मामले में सबसे मजबूत हथियार है
(3)पुलिस में FIR: यदि आपको जान का खतरा है, तो धारा 351 (धमकी) और 308 (वसूली के लिए डराना) के तहत औपचारिक स्थानीय थाना को FIR दर्ज करना अनिवार्य है
    user_मीडिया
    मीडिया
    मैहर, सतना, मध्य प्रदेश•
    8 hrs ago
  • *फूलों से सजी राह, नम आंखों से विदाई धर्मेश घई सहित श्रद्धालुओं ने सच्चिदानंद जी महाराज को किया अंतिम नमन* मैहर। मध्यभारत के प्रसिद्ध आध्यात्मिक केंद्र धारकुंडी आश्रम के संस्थापक एवं महान तपस्वी संत स्वामी परमहंस सच्चिदानंद जी महाराज 102 वर्ष की आयु में मुंबई में ब्रह्मलीन हो गए। उनके ब्रह्मलीन होने के समाचार से संपूर्ण क्षेत्र सहित देशभर के संत समाज और श्रद्धालुओं में गहरा शोक व्याप्त है। स्वामी परमहंस सच्चिदानंद जी महाराज ने अपने गुरुदेव ब्रह्मलीन स्वामी परमानंद जी महाराज के आशीर्वाद से 22 नवंबर 1956 को घने जंगलों से आच्छादित धारकुंडी क्षेत्र में कठोर तप, साधना और सेवा कार्यों के साथ आश्रम की स्थापना की थी। समय के साथ यह आश्रम आध्यात्मिक साधना, धर्म प्रचार, संस्कार एवं जनकल्याण का प्रमुख तीर्थस्थल बन गया और आज इसे पूरे मध्यभारत के सबसे बड़े आध्यात्मिक केंद्रों में विशेष स्थान प्राप्त है। गुरुदेव महाराज के ब्रह्मलीन होने के पश्चात उनके पार्थिव शरीर को मुंबई से सड़क मार्ग द्वारा अत्यंत श्रद्धा और सम्मान के साथ धारकुंडी आश्रम लाया गया। इस दौरान मैहर टोल प्लाजा के समीप भावुक एवं श्रद्धामय दृश्य देखने को मिला। जिला कांग्रेस अध्यक्ष धर्मेश घई की अगुवाई में भक्तों एवं कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा गुरुदेव महाराज को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए विशेष तैयारियां की गई थीं। टोल प्लाजा मार्ग को पुष्पों से सजाया गया था और जैसे ही गुरुदेव महाराज का वाहन वहां पहुंचा, उपस्थित श्रद्धालुओं द्वारा पुष्प वर्षा कर उन्हें भावभीनी विदाई दी गई। श्रद्धालुओं ने वाहन में विराजित गुरुदेव महाराज के पार्थिव शरीर के दर्शन कर अत्यंत भावविभोर होकर प्रणाम किया और श्रद्धा सुमन अर्पित किए। इस दौरान पूरा वातावरण भक्ति और भावनाओं से ओतप्रोत हो गया। कई श्रद्धालुओं की आंखें नम दिखाई दीं और ‘गुरुदेव अमर रहें’ के जयघोषों से क्षेत्र गूंज उठा। उपस्थित भक्तजनों ने स्वामी परमहंस सच्चिदानंद जी महाराज को युगद्रष्टा संत बताते हुए कहा कि उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन मानव सेवा, धर्म जागरण और आध्यात्मिक मार्गदर्शन के लिए समर्पित कर दिया। उनके सान्निध्य में अनेक धार्मिक अनुष्ठान, यज्ञ, सेवा कार्य एवं सामाजिक जागरूकता कार्यक्रम निरंतर संचालित होते रहे, जिससे हजारों लोगों को धर्म और अध्यात्म की प्रेरणा प्राप्त हुई। गौरतलब है कि गुरुदेव महाराज का समाधि संस्कार धारकुंडी आश्रम में विधि-विधान और श्रद्धा के साथ संपन्न किया जाएगा, जिसमें देशभर से संत समाज एवं श्रद्धालुओं के बड़ी संख्या में शामिल होने की संभावना है। स्वामी परमहंस सच्चिदानंद जी महाराज का ब्रह्मलीन होना आध्यात्मिक जगत के लिए अपूरणीय क्षति माना जा रहा है, किंतु उनके द्वारा दिखाया गया साधना, सेवा और धर्म का पथ सदैव श्रद्धालुओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा।
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    *फूलों से सजी राह, नम आंखों से विदाई धर्मेश घई सहित श्रद्धालुओं ने सच्चिदानंद जी महाराज को किया अंतिम नमन* 
मैहर। मध्यभारत के प्रसिद्ध आध्यात्मिक केंद्र धारकुंडी आश्रम के संस्थापक एवं महान तपस्वी संत स्वामी परमहंस सच्चिदानंद जी महाराज 102 वर्ष की आयु में मुंबई में ब्रह्मलीन हो गए। उनके ब्रह्मलीन होने के समाचार से संपूर्ण क्षेत्र सहित देशभर के संत समाज और श्रद्धालुओं में गहरा शोक व्याप्त है।
स्वामी परमहंस सच्चिदानंद जी महाराज ने अपने गुरुदेव ब्रह्मलीन स्वामी परमानंद जी महाराज के आशीर्वाद से 22 नवंबर 1956 को घने जंगलों से आच्छादित धारकुंडी क्षेत्र में कठोर तप, साधना और सेवा कार्यों के साथ आश्रम की स्थापना की थी। समय के साथ यह आश्रम आध्यात्मिक साधना, धर्म प्रचार, संस्कार एवं जनकल्याण का प्रमुख तीर्थस्थल बन गया और आज इसे पूरे मध्यभारत के सबसे बड़े आध्यात्मिक केंद्रों में विशेष स्थान प्राप्त है।
गुरुदेव महाराज के ब्रह्मलीन होने के पश्चात उनके पार्थिव शरीर को मुंबई से सड़क मार्ग द्वारा अत्यंत श्रद्धा और सम्मान के साथ धारकुंडी आश्रम लाया गया। इस दौरान मैहर टोल प्लाजा के समीप भावुक एवं श्रद्धामय दृश्य देखने को मिला। जिला कांग्रेस अध्यक्ष धर्मेश घई की अगुवाई में भक्तों एवं कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा गुरुदेव महाराज को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए विशेष तैयारियां की गई थीं। टोल प्लाजा मार्ग को पुष्पों से सजाया गया था और जैसे ही गुरुदेव महाराज का वाहन वहां पहुंचा, उपस्थित श्रद्धालुओं द्वारा पुष्प वर्षा कर उन्हें भावभीनी विदाई दी गई।
श्रद्धालुओं ने वाहन में विराजित गुरुदेव महाराज के पार्थिव शरीर के दर्शन कर अत्यंत भावविभोर होकर प्रणाम किया और श्रद्धा सुमन अर्पित किए। इस दौरान पूरा वातावरण भक्ति और भावनाओं से ओतप्रोत हो गया। कई श्रद्धालुओं की आंखें नम दिखाई दीं और ‘गुरुदेव अमर रहें’ के जयघोषों से क्षेत्र गूंज उठा।
उपस्थित भक्तजनों ने स्वामी परमहंस सच्चिदानंद जी महाराज को युगद्रष्टा संत बताते हुए कहा कि उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन मानव सेवा, धर्म जागरण और आध्यात्मिक मार्गदर्शन के लिए समर्पित कर दिया। उनके सान्निध्य में अनेक धार्मिक अनुष्ठान, यज्ञ, सेवा कार्य एवं सामाजिक जागरूकता कार्यक्रम निरंतर संचालित होते रहे, जिससे हजारों लोगों को धर्म और अध्यात्म की प्रेरणा प्राप्त हुई।
गौरतलब है कि गुरुदेव महाराज का समाधि संस्कार धारकुंडी आश्रम में विधि-विधान और श्रद्धा के साथ संपन्न किया जाएगा, जिसमें देशभर से संत समाज एवं श्रद्धालुओं के बड़ी संख्या में शामिल होने की संभावना है।
स्वामी परमहंस सच्चिदानंद जी महाराज का ब्रह्मलीन होना आध्यात्मिक जगत के लिए अपूरणीय क्षति माना जा रहा है, किंतु उनके द्वारा दिखाया गया साधना, सेवा और धर्म का पथ सदैव श्रद्धालुओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा।
    user_Tej pratap Kacher
    Tej pratap Kacher
    Local News Reporter मैहर, सतना, मध्य प्रदेश•
    16 hrs ago
  • जिला सतना स्वामी जी की पार्थिव देह धारकुंडी थाना के पास पहुंची। 5 किलोमीटर दूर हैं आश्रम से। अंतिम दर्शन को उमड़ा जन सैलाब स्वामी जी ने 17 साल की उम्र में बोऐज कम्पनी में अंडर ऐज में द्वितीय विश्व युद्ध में 4 वर्ष सैन्य अधिकारी पद छोड़ने के बाद जोधपुर में प्राप्त हुआ वैराग्य , फिर कुछ समय अयोध्या में गुज़ारे और कुछ संतों के साथ में चित्रकूट पहुंचे और भगवान के आदेश पर अनुसुइया आश्रम में गुरु महाराज परमहंस स्वामी परमानंद महाराज का सानिध्य प्राप्त हुआ और 22 वर्ष की उम्र में जानकी कुण्ड से शुरू हुआ था अध्यात्म व तप का सिलसिला , सति अनुसूया आश्रम में साढ़े 11 वर्ष गुजारने के बाद 32 वर्ष की उम्र में 22 नवम्बर 1956 को धारकुंडी के जंगल में आये। निर्जन जंगल की एक शेर गुफ़ा बनी महाराज की तप स्थली और धार गिरते कुंड से इस जगह का नाम महाराज ने रखा धारकुंडी , आज 50 से ज्यादा आश्रम देश के कोने कोने में मौजूद है। 500 के लगभग संत जो तप कार्य में लगे है। धारकुंडी आश्रम के साथ परमहंस विद्या पीठ व सच्चिदानंद चिकित्सालय का निर्माण भी कराया।
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    जिला सतना स्वामी जी की पार्थिव देह धारकुंडी थाना के पास पहुंची। 5 किलोमीटर दूर हैं आश्रम से। अंतिम दर्शन को उमड़ा जन सैलाब
स्वामी जी ने 17 साल की उम्र में बोऐज कम्पनी में अंडर ऐज में द्वितीय विश्व युद्ध में 4 वर्ष सैन्य अधिकारी पद छोड़ने के बाद जोधपुर में प्राप्त हुआ वैराग्य , फिर कुछ समय अयोध्या में गुज़ारे और कुछ संतों के साथ में चित्रकूट पहुंचे और भगवान के आदेश पर अनुसुइया आश्रम में गुरु महाराज परमहंस स्वामी परमानंद महाराज का सानिध्य प्राप्त हुआ और 22 वर्ष की उम्र में जानकी कुण्ड से शुरू हुआ था अध्यात्म व तप का सिलसिला , सति अनुसूया आश्रम में साढ़े 11 वर्ष गुजारने के बाद 32 वर्ष की उम्र में 22 नवम्बर 1956 को धारकुंडी के जंगल में आये। निर्जन जंगल की एक शेर गुफ़ा बनी महाराज की तप स्थली और धार गिरते कुंड से इस जगह का नाम महाराज ने रखा धारकुंडी , आज 50 से ज्यादा आश्रम देश के कोने कोने में मौजूद है। 500 के लगभग संत जो तप कार्य में लगे है। धारकुंडी आश्रम के साथ परमहंस विद्या पीठ व सच्चिदानंद चिकित्सालय का निर्माण भी कराया।
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    खबर हम देंगे चित्रकूट न्यूज़
    Local News Reporter मैहर, सतना, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
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