आज दिनांक 29/06/2026 को नालंदा जिले के राजगीर में संत कबीर दास जी की 629वीं जयंती बड़े उत्साह के साथ मनाई गई, जिसके उपलक्ष्य में एक शोभा यात्रा भी निकाली गई। इस अवसर पर उनके कालजयी संदेशों को स्मरण किया गया, जिन्होंने समाज को सत्य, समता, भाईचारा, मानवता और सामाजिक न्याय का मार्ग दिखाया। संत कबीर ने अपने जीवन और वाणी के माध्यम से जाति-पांति, ऊँच-नीच के भेदभाव तथा आडंबर का मुखर विरोध किया। उन्होंने प्रेम, सद्भाव और समानता पर आधारित एक न्यायपूर्ण समाज की स्थापना का आह्वान किया। इसी संदर्भ में उनका प्रसिद्ध दोहा है: 'जाति न पूछो साधु की, पूछ लीजिए ज्ञान। मोल करो तलवार का, पड़ा रहन दो म्यान।।' इस जयंती समारोह में बहुजन समाज पार्टी के कार्यकर्ता और नालंदा जिला के पूर्व जिला उपाध्याय एकलव्य बौद्ध भी शामिल थे। इस आयोजन के माध्यम से सद्गुरु कबीर दास जी के अमर विचारों को नमो बुद्धाय, जय भीम, जय कांशीराम और जय संविधान के उद्घोषों के साथ जोड़कर एक समतामूलक और मानवीय समाज के निर्माण का संकल्प दोहराया गया।
आज दिनांक 29/06/2026 को नालंदा जिले के राजगीर में संत कबीर दास जी की 629वीं जयंती बड़े उत्साह के साथ मनाई गई, जिसके उपलक्ष्य में एक शोभा यात्रा भी निकाली गई। इस अवसर पर उनके कालजयी संदेशों को स्मरण किया गया, जिन्होंने समाज को सत्य, समता, भाईचारा, मानवता और सामाजिक न्याय का मार्ग दिखाया। संत कबीर ने अपने जीवन और वाणी के माध्यम से जाति-पांति, ऊँच-नीच के भेदभाव तथा आडंबर का मुखर विरोध किया। उन्होंने प्रेम, सद्भाव और समानता पर आधारित एक न्यायपूर्ण समाज की स्थापना का आह्वान किया। इसी संदर्भ में उनका प्रसिद्ध दोहा है: 'जाति न पूछो साधु की, पूछ लीजिए ज्ञान। मोल करो तलवार का, पड़ा रहन दो म्यान।।' इस जयंती समारोह में बहुजन समाज पार्टी के कार्यकर्ता और नालंदा जिला के पूर्व जिला उपाध्याय एकलव्य बौद्ध भी शामिल थे। इस आयोजन के माध्यम से सद्गुरु कबीर दास जी के अमर विचारों को नमो बुद्धाय, जय भीम, जय कांशीराम और जय संविधान के उद्घोषों के साथ जोड़कर एक समतामूलक और मानवीय समाज के निर्माण का संकल्प दोहराया गया।
- भाकपा माले के ग्रामीण प्रभारी सुनील कुमार, ब्रांच सचिव प्रदीप पासवान और माले नेता रामप्रीत केवट की तीन सदस्यीय जांच टीम ने बिहार शरीफ थाना क्षेत्र के उपरौरा गांव का दौरा किया। टीम ने मृतक त्रिभुवन पंडित उर्फ नेपाली पंडित के परिजनों से मुलाकात कर घटना के संबंध में विस्तृत जानकारी ली। मृतक की छोटी बच्ची ने टीम को बताया कि अपने पिता को बचाने के प्रयास में उसे भी गोली का झटका लगा था। बच्ची ने यह भी खुलासा किया कि अपराधी उन्हें लगातार धमकी दे रहे हैं कि वे दो और व्यक्तियों को मारकर ही जेल जाएंगे, जिससे परिवार में लगातार डर का माहौल बना हुआ है। परिजनों का आरोप है कि प्रशासन की ओर से उन्हें अभी तक कोई सुरक्षा मुहैया नहीं कराई गई है। जांच टीम ने एक संयुक्त बयान जारी करते हुए कहा कि पूरे बिहार में अपराधियों का मनोबल काफी बढ़ गया है, जिसका असर नालंदा जिले में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। टीम ने उल्लेख किया कि जिले में ऐसी घटनाएं रोजाना अखबारों में पढ़ने को मिल जाती हैं। जांच दल ने मांग की है कि दोषियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए, स्पीडी ट्रायल चलाकर कठोरतम सजा दी जाए और पीड़ित परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही, मृतक के परिजनों को ₹50 लाख का मुआवजा देने की भी मांग की गई है। टीम ने चेतावनी दी है कि जिले में बढ़ते अपराध के खिलाफ भाकपा माले द्वारा आंदोलन को और तेज किया जाएगा।1
- भाकपा माले के ग्रामीण प्रभारी सुनील कुमार, ब्रांच सचिव प्रदीप पासवान और माले नेता रामप्रीत केवट की तीन सदस्यीय जांच टीम ने बिहार शरीफ थाना क्षेत्र के उपरौरा गांव का दौरा किया। इस दौरान, टीम ने मृतक त्रिभुवन पंडित उर्फ नेपाली पंडित के परिजनों से मुलाकात कर घटना की पूरी विस्तृत जानकारी हासिल की। मृतक की छोटी बच्ची ने जांच टीम को बताया कि अपने पिता को बचाने के प्रयास में उसे भी हाथ में गोली का झटका लगा था। बच्ची ने आरोप लगाया कि अपराधी अभी भी लगातार उन्हें धमकी दे रहे हैं कि वे दो और व्यक्तियों को मारकर ही जेल जाएंगे, जिससे परिवार में लगातार भय का माहौल बना हुआ है। परिजनों के अनुसार, प्रशासन की ओर से अब तक उन्हें कोई सुरक्षा उपलब्ध नहीं कराई गई है। जांच टीम ने एक संयुक्त बयान जारी कर कहा कि पूरे बिहार में अपराधियों का मनोबल बहुत बढ़ा हुआ है, जिसका असर नालंदा जिले में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि हर दिन समाचार पत्रों के माध्यम से जिले में इस तरह की घटनाओं की खबरें सामने आती रहती हैं। जांच दल ने सरकार से मांग की है कि दोषियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए, स्पीडी ट्रायल के माध्यम से उन्हें कठोर से कठोर सजा दिलाई जाए, पीड़ित परिवार की सुरक्षा की गारंटी सुनिश्चित की जाए और मृतक के परिजनों को ₹50 लाख का मुआवजा दिया जाए। भाकपा माले ने यह भी चेतावनी दी है कि जिले में बढ़ते अपराध के खिलाफ उनका आंदोलन और तेज किया जाएगा।1
- एक सोशल मीडिया पोस्ट में किसी व्यक्ति ने एक गाँव की सुंदरता की भावपूर्ण प्रशंसा की है। पोस्ट के अनुसार, व्यक्ति को यह गाँव 'बड़ा प्यारा' लगा है, और वे इसकी मोहकता से अभिभूत होकर यहाँ 'मारा' गए हैं, जो गाँव के प्रति गहरे लगाव और प्रेम को दर्शाता है।1
- बिहारशरीफ के नाला रोड स्थित ब्लॉक चौक पर अतिपिछड़ा/दलित/अल्पसंख्यक संघर्ष मोर्चा द्वारा 1857 की महान वीरांगना और प्रथम स्वतंत्रता सेनानी ऊदा देवी पासी की जयंती श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई। इस कार्यक्रम में उनके चित्र पर माल्यार्पण और पुष्पांजलि अर्पित कर उनके अदम्य साहस और बलिदान को याद किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता किसान नेता एवं गांव बचाओ संघर्ष मोर्चा के संस्थापक चंद्रशेखर प्रसाद ने की। इस अवसर पर मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामदेव चौधरी ने ऊदा देवी के जीवन संघर्ष, 1857 की क्रांति में उनके योगदान और अंग्रेजों के खिलाफ उनके शौर्यपूर्ण संघर्ष पर प्रकाश डाला। उन्होंने रेखांकित किया कि ऊदा देवी ने अपने साहस से इतिहास में एक अमिट पहचान बनाई है और समाज को उनके आदर्शों से प्रेरणा लेनी चाहिए। इस जयंती समारोह में कई सामाजिक कार्यकर्ता और संगठन के पदाधिकारी भी उपस्थित रहे।1
- संत कबीर साहेब का 629 वाँ जयंती महोत्सव अत्यंत हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।1
- भारतीय न्यायपालिका में जजों की नियुक्तियों को लेकर सामाजिक प्रतिनिधित्व के सवाल पर एक नई और गहन बहस छिड़ गई है। यह विमर्श विशेष रूप से इस चिंता पर केंद्रित है कि देश के 85% बहुजन समाज का न्यायपालिका में प्रतिनिधित्व कहाँ है, जिससे यह गंभीर प्रश्न उठाया जा रहा है कि क्या न्यायिक नियुक्तियों में सभी वर्गों को समान अवसर मिल रहे हैं। इसी संदर्भ में 'वन नेशन, वन एजुकेशन' यानी समान शिक्षा व्यवस्था को लेकर भी फिर से चर्चा शुरू हो गई है। यह सार्वजनिक विमर्श इस बात पर केंद्रित है कि समान शिक्षा और सामाजिक न्याय, क्या दोनों एक साथ संभव हैं। ये सभी विषय संविधान, सामाजिक समानता, लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक संस्थाओं में विविधता और प्रतिनिधित्व के व्यापक पहलुओं से जुड़े हुए हैं।1
- बिहार के शिवहर जिले के पूर्व सांसद आनंद मोहन सिंह ने नालंदा में एक कार्यक्रम के दौरान भरत तिवारी के फर्जी एनकाउंटर के मुद्दे पर एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में यह सवाल उठाया कि जब पुलिसकर्मी ही गोली मारकर न्याय करने लगेंगे, तो फिर न्यायपालिका का क्या काम रह जाएगा। आनंद मोहन सिंह ने इस बात पर जोर दिया कि यदि पुलिस ही न्यायकर्ता की भूमिका निभाने लगे, तो न्यायपालिका की प्रासंगिकता समाप्त हो जाएगी।1
- भोजपुर आरा जिले के जगदीशपुर विधानसभा क्षेत्र के लाल बिहारी सिंह टोला, हाई स्कूल खेल मैदान में 5 जुलाई 2026 को प्रस्तावित बहुजन महापंचायत की तैयारी को लेकर नालंदा जिले के दीपनगर स्थित एक निजी मैरिज हॉल में कुशवाहा कल्याण सेवा समिति, नालंदा के बैनर तले प्रबुद्ध बहुजनों की एक आपात बैठक हुई। संजय कुमार ज्योति की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया कि आरा भोजपुर में होने वाली इस महापंचायत में नालंदा जिले से लाखों की संख्या में बहुजन शामिल होकर अपनी भागीदारी सुनिश्चित करेंगे। बैठक में उपस्थित प्रबुद्ध बहुजनों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि 90% बहुजन आबादी को 10% अगड़ी जाति के लोग बदनाम कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि पिछले 35 सालों में बिहार में जितने भी मुख्यमंत्री हुए, वे सभी बहुजन समाज से थे, लेकिन उन सभी पर 10% अगड़ी जाति का ही दबदबा रहा। हालांकि, वर्तमान में बिहार सरकार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर 10% अगड़ी जाति का कोई दबाव नहीं बन पा रहा है। इसी कारण, 10% अगड़ी जाति, सम्राट सरकार को बदनाम करने के लिए, बिहार में अपराधियों द्वारा जगह-जगह तांडव करवा रही है। बहुजनों ने यह भी आरोप लगाया कि अगड़ी जाति के लोग षड्यंत्र रचकर बहुजन समाज के मुख्यमंत्रियों को कुर्सी से हटाते रहे हैं। इस मौके पर कुशवाहा कल्याण सेवा समिति, नालंदा के अध्यक्ष संजय कुमार ज्योति, उपाध्यक्ष नंदकिशोर प्रसाद, मीडिया प्रभारी सह पैक्स अध्यक्ष जीतू कुशवाह, स्वास्थ्य प्रभारी डॉक्टर बी पी भारती, बिहार शरीफ नगर निगम के वार्ड पार्षद संजय कुमार आजाद, अर्जुन कुशवाहा, धर्मेंद्र कुमार और भोला प्रसाद सहित कई अन्य लोग बैठक में मौजूद थे।1