*नारनौल में मंदिर के नाम पर चंदा वसूलने वाले गिरोह से सावधान, मंदिर प्रबंधन ने जारी की चेतावनी* *नारनौल में मंदिर के नाम पर चंदा वसूलने वाले गिरोह से सावधान, मंदिर प्रबंधन ने जारी की चेतावनी* नारनौल : शहर में इन दिनों मंदिर के नाम पर लोगों को गुमराह कर चंदा वसूलने का मामला सामने आया है। कड़ियाँ वाले बालाजी मंदिर के नाम से कुछ असामाजिक तत्व घर-घर जाकर जागरण, भंडारा और कन्या विवाह जैसे धार्मिक कार्यों का हवाला देकर लोगों से चंदा इकट्ठा कर रहे हैं। इस तरह की गतिविधियों को लेकर मंदिर प्रबंधन ने नागरिकों से सतर्क रहने की अपील की है। मंदिर के आचार्य नरेंद्र ने जानकारी देते हुए बताया कि कड़ियाँ वाले बालाजी मंदिर की ओर से कभी भी घर-घर जाकर चंदा एकत्र नहीं किया जाता। उन्होंने कहा कि कुछ लोग धार्मिक भावनाओं का फायदा उठाकर लोगों को भ्रमित कर रहे हैं, जिससे समाज में गलत संदेश जा रहा है। आचार्य नरेंद्र ने सभी श्रद्धालुओं और शहरवासियों से आग्रह किया है कि *यदि कोई व्यक्ति मंदिर के नाम पर चंदा मांगने के लिए घर पर आए तो तुरंत मंदिर प्रबंधन या पुलिस प्रशासन को इसकी सूचना दें।* साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि जो भी श्रद्धालु मंदिर में सहयोग देना चाहते हैं, वे स्वय मंदिर आकर बालाजी के श्री चरणों में अपनी श्रद्धानुसार भेंट अर्पित करें। *मंदिर प्रबंधन ने इसे समाज के लिए गंभीर विषय बताते हुए कहा कि धार्मिक आस्था के नाम पर धोखाधड़ी करने वालों से सावधान रहना जरूरी है। जागरूक नागरिक बनकर ही ऐसे असामाजिक तत्वों पर रोक लगाई जा सकती है।
*नारनौल में मंदिर के नाम पर चंदा वसूलने वाले गिरोह से सावधान, मंदिर प्रबंधन ने जारी की चेतावनी* *नारनौल में मंदिर के नाम पर चंदा वसूलने वाले गिरोह से सावधान, मंदिर प्रबंधन ने जारी की चेतावनी* नारनौल : शहर में इन दिनों मंदिर के नाम पर लोगों को गुमराह कर चंदा वसूलने का मामला सामने आया है। कड़ियाँ वाले बालाजी मंदिर के नाम से कुछ असामाजिक तत्व घर-घर जाकर जागरण, भंडारा और कन्या विवाह जैसे धार्मिक कार्यों का हवाला देकर लोगों से चंदा इकट्ठा कर रहे हैं। इस तरह की गतिविधियों को लेकर मंदिर प्रबंधन ने नागरिकों से सतर्क रहने की अपील की है। मंदिर के आचार्य नरेंद्र ने जानकारी देते हुए बताया कि कड़ियाँ वाले बालाजी मंदिर की ओर से कभी भी घर-घर जाकर चंदा एकत्र नहीं किया जाता। उन्होंने कहा कि कुछ लोग धार्मिक भावनाओं का फायदा उठाकर लोगों को भ्रमित कर रहे हैं, जिससे समाज में गलत संदेश जा रहा है। आचार्य नरेंद्र ने सभी श्रद्धालुओं और शहरवासियों से आग्रह किया है कि *यदि कोई व्यक्ति मंदिर के नाम पर चंदा मांगने के लिए घर पर आए तो तुरंत मंदिर प्रबंधन या पुलिस प्रशासन को इसकी सूचना दें।* साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि जो भी श्रद्धालु मंदिर में सहयोग देना चाहते हैं, वे स्वय मंदिर आकर बालाजी के श्री चरणों में अपनी श्रद्धानुसार भेंट अर्पित करें। *मंदिर प्रबंधन ने इसे समाज के लिए गंभीर विषय बताते हुए कहा कि धार्मिक आस्था के नाम पर धोखाधड़ी करने वालों से सावधान रहना जरूरी है। जागरूक नागरिक बनकर ही ऐसे असामाजिक तत्वों पर रोक लगाई जा सकती है।
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- Post by Om Parkash2
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- भिवानी: हरियाणा के मनीषा मौत मामले में न्याय की मांग को लेकर निकाला जा रहा 'पैदल मार्च' आज भिवानी पहुंचा। इस यात्रा में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, सामाजिक कार्यकर्ता और महिलाएं शामिल हुईं। हाथों में तख्तियां और मनीषा की तस्वीरें लिए प्रदर्शनकारी प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे। मुख्य बिंदु: न्याय की गुहार: प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पुलिस इस मामले में ढुलमुल रवैया अपना रही है और मुख्य आरोपियों को अब तक गिरफ्तार नहीं किया गया है। पैदल यात्रा का उद्देश्य: यह यात्रा विभिन्न गांवों और कस्बों से होते हुए लोगों को जागरूक करने और सरकार पर दबाव बनाने के लिए निकाली जा रही है। यात्रा का मुख्य उद्देश्य मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाना है। प्रशासन को चेतावनी: प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो वे अपना आंदोलन और तेज करेंगे। पैदल यात्रा के दौरान लोगों ने "मनीषा को न्याय दो" और "दोषियों को फांसी दो" के नारे लगाए। स्थानीय समर्थन: भिवानी पहुंचने पर स्थानीय निवासियों ने भी इस यात्रा का जोरदार स्वागत किया और अपनी एकजुटता प्रकट की। बाजार क्षेत्रों से गुजरते समय भारी भीड़ देखी गई, जिससे यातायात पर भी असर पड़ा। मनीषा के परिवार वालों का कहना है कि वे तब तक हार नहीं मानेंगे जब तक उनकी बेटी को इंसाफ नहीं मिल जाता। फिलहाल, पुलिस और प्रशासन की ओर से इस मामले पर कोई नया आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन इस पैदल यात्रा ने शासन के गलियारों में हलचल जरूर पैदा कर दी है।1
- Post by Bolti Awaaz news1
- सोडावास. सोडावास कस्बे के सबसे अधिक बुजुर्ग 106 वर्षीय रामसिंह बोहरा समाजसेवी का सोमवार प्रातः 6:15 बजे निधन हो गया । उनके निधन पर पूरा कस्बा उनके घर से श्मशान घाट तक एकत्रित होकर पहुंचा। अंतिम संस्कार में सोडावास सरपंच सरजीत चौधरी, जांगिड़ समाज के राष्ट्रीय प्रधान रामपाल जांगिड़, पूर्व सरपंच सूरजभान बोहरा, किसान महापंचायत के जिला अध्यक्ष वीरेंद्र चौधरी एवं कार्यकारणी के सदस्य, मुंडावर पूर्व प्रधान रोहिताश चौधरी, सामाजिक कार्यकर्ता अनिल शर्मा, पंजाब नेशनल बैंक के सुरेंद्र जाट, वीरेंद्र जाट अध्यापक, बाबा मनिराम गौशाला के अध्यक्ष रोहिताश जाट व समस्त कार्यकर्ता सहित ग्रामीण मौजूद रहे।1
- Post by Rajbala1
- इसको कहते है सता से सवाल जवाब,मानसिक गुलाम लोग जो कभी नहीं कर सकते यहा तो नेताओं कि चमचागीरी से टिकट लेकर विधायक मंत्री बनना चाहते है और ठीक है कुछ बन भी जाते है लेकिन विधायक मंत्री बन जाते है लेकिन क्या कोई नेता बना ? जवाब नहीं पूरे दक्षिणी हरियाणा मे एक नेता बता दे जो असल में नेता हो केवल कठपुतलियों कि भरमार है और जनता के अधिकारों हकों पर मौन रहते है जो लोग बंगाल कि बेटी को न्याय दिलाने को लेकर और यह समझ कर की कोई मुस्लिम नाम का लड़का होगा विरोध करते है और अगले दिन जब सभी हिन्दू नाम आते ही चुप हो जाते खुद के प्रदेश कि बेटी बहन को लेकर चुप क्यों है ? क्यों CBI जांच भी किसी निर्णय पर नहीं पहुंच पा रही है ?यह क्यों हो रहा है ? कोई बड़े नेता को लेकर तो यह सब लीपापोती नहीं कि जा रही है ? क्या बेटी को न्याय दिलाने के लिए इनका आवाज उठाना गलत है? उसको प्रशासन के माध्य से दबाने कि कोशिश गलत नहीं है ? आखिरी सवाल क्या CM का रोज यह कहना कि हजारों लोगों से मिलता हू लेकिन फिर लहारू SDM को ज्ञापन देते समय पंचायत के द्वारा CM साहब से मिलने के लिए समय देने आग्रह जो आज तक नहीं दिया गया अधिकारियों को दिए ज्ञापन ऊपर नहीं जाते है या फिर CM खुद समय जनता को नहीं दे रहे है ?1