मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के मगरौनी क्षेत्र में शादी के नाम पर कथित रूप से लाखों रुपये की ठगी किए जाने का मामला सामने आया है। पीड़ित राजेन्द्र सिंह (पुत्र सरदार सिंह सिख) ने पुलिस अधीक्षक शिवपुरी को आवेदन सौंपकर आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की है। पीड़ित के अनुसार, करीब 12 वर्ष पूर्व उनके पुत्र की शादी कराने के नाम पर कुछ लोगों ने स्वयं को युवती के माता-पिता बताकर उन्हें विश्वास में लिया था। शादी की प्रक्रिया के दौरान अलग-अलग बहाने बनाकर उनसे लाखों रुपये लिए गए और विवाह भी कराया गया। मामले में मोड़ तब आया जब 17 जुलाई 2026 को ललितपुर पुलिस ने मगरौनी चौकी को सूचना दी कि संबंधित युवती (जिसका नाम आरती बताया गया) की गुमशुदगी की रिपोर्ट ललितपुर में दर्ज है। मगरौनी पुलिस की पूछताछ में युवती ने बताया कि गुरबाज उसे ललितपुर से अपने साथ लेकर आया था। पुलिस ने युवती के पास से ₹52,000 नकद और एक सोने की चेन बरामद कर पीड़ित राजेन्द्र सिंह को वापस सौंप दी, जिसके बाद ललितपुर पुलिस युवती को अपने साथ ले गई। पीड़ित का आरोप है कि बाद में जानकारी मिलने पर खुलासा हुआ कि खुद को माता-पिता बताने वाले लोग फर्जी थे और यह पूरी घटना शादी के नाम पर लाखों रुपये ऐंठने की सुनियोजित साजिश थी। पीड़ित ने एसपी से मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों पर कठोर कार्रवाई करने और न्याय दिलाने की गुहार लगाई है।
मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के मगरौनी क्षेत्र में शादी के नाम पर कथित रूप से लाखों रुपये की ठगी किए जाने का मामला सामने आया है। पीड़ित राजेन्द्र सिंह (पुत्र सरदार सिंह सिख) ने पुलिस अधीक्षक शिवपुरी को आवेदन सौंपकर आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की है। पीड़ित के अनुसार, करीब 12 वर्ष पूर्व उनके पुत्र की शादी कराने के नाम पर कुछ लोगों ने स्वयं को युवती के माता-पिता बताकर उन्हें विश्वास में लिया था। शादी की प्रक्रिया के दौरान अलग-अलग बहाने बनाकर उनसे लाखों रुपये लिए गए और विवाह भी कराया गया। मामले में मोड़ तब आया जब 17 जुलाई 2026 को ललितपुर पुलिस ने मगरौनी चौकी को सूचना दी कि संबंधित युवती (जिसका नाम आरती बताया गया) की गुमशुदगी की रिपोर्ट ललितपुर में दर्ज है। मगरौनी पुलिस की पूछताछ में युवती ने बताया कि गुरबाज उसे ललितपुर से अपने साथ लेकर आया था। पुलिस ने युवती के पास से ₹52,000 नकद और एक सोने की चेन बरामद कर पीड़ित राजेन्द्र सिंह को वापस सौंप दी, जिसके बाद ललितपुर पुलिस युवती को अपने साथ ले गई। पीड़ित का आरोप है कि बाद में जानकारी मिलने पर खुलासा हुआ कि खुद को माता-पिता बताने वाले लोग फर्जी थे और यह पूरी घटना शादी के नाम पर लाखों रुपये ऐंठने की सुनियोजित साजिश थी। पीड़ित ने एसपी से मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों पर कठोर कार्रवाई करने और न्याय दिलाने की गुहार लगाई है।
- मध्य प्रदेश के शिवपुरी में स्थित नरवर किले से चोरी हुई ऐतिहासिक तोप के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है, जिसमें दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान राजस्थान के करौली जिले के निवासी अमन कुमार मीणा और टिम्मू राम मीणा के रूप में हुई है। इसके साथ ही वारदात को अंजाम देने में इस्तेमाल की गई पिकअप गाड़ी को भी जब्त कर लिया गया है।1
- मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में स्थित नरवर किले से 15 जुलाई की रात को चोरी हुई तोप के मामले में शिवपुरी पुलिस और राजस्थान पुलिस की संयुक्त टीम ने दो आरोपियों को पकड़ा है। मामले की जांच के दौरान पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपियों में अमन कुमार पुत्र मोहनलाल (जाति मीना), निवासी पालनपुर, थाना सदर हिण्डोन, जिला करौली, राजस्थान तथा टिम्मू राम पुत्र भूरा राम (जाति मीना), निवासी गांवडा मीना, थाना सदर, जिला करौली, राजस्थान शामिल हैं। इसके साथ ही पुलिस ने चोरी में इस्तेमाल किए गए महिंद्रा पिकअप वाहन (रजिस्ट्रेशन नंबर RJ34GA2980) को भी जब्त कर लिया है।1
- मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में स्थित ऐतिहासिक नरवर किले के कचहरी महल से 14 में से 1 तोप चोरी होने के मामले में पुलिस को सफलता मिली है। पुरातत्व विभाग में पदस्थ चौकीदार रमेश कोली की रिपोर्ट पर थाना नरवर में अपराध क्रमांक 128/26 धारा 303(2) बीएनएस के तहत अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस महानिरीक्षक ग्वालियर जोन श्री अरविंद कुमार सक्सेना और उप पुलिस महानिरीक्षक ग्वालियर रेंज डॉ. असित यादव ने जल्द से जल्द आरोपियों की पतारसी और त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए थे। मामले में शिवपुरी की पुलिस अधीक्षक श्रीमती यांगचेन डोलकर भूटिया द्वारा फरार आरोपियों पर ₹10,000 का इनाम घोषित किया गया था, जिसे आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर पुलिस महानिरीक्षक ग्वालियर जोन द्वारा बढ़ाकर ₹30,000 किया गया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शिवपुरी श्री आर. डी. प्रजापति एवं एसडीओपी पिछोर श्री प्रशांत शर्मा के मार्गदर्शन में स्पेशल टीम गठित की गई। टीम ने साइबर सेल की मदद ली और सीसीटीवी फुटेज व टोल प्लाजा कैमरों के आधार पर वारदात में प्रयुक्त महिंद्रा बोलेरो पिकअप (रजिस्ट्रेशन क्रमांक RJ34GA2980) के रूट का पीछा करते हुए राजस्थान के जिला करौली तक पहुँच बनाई, जहाँ जिला करौली पुलिस अधीक्षक श्री लोकेश सोनवाल की स्पेशल टीम से भी मदद ली गई। दिनांक 25.07.26 को मुखबिर से सूचना मिली कि आरोपी अमन मीणा अपने एक साथी के साथ उसी बोलेरो पिकअप से राजस्थान से शिवपुरी की तरफ आ रहा है। इस पर थाना नरवर व थाना सुभाषपुरा की संयुक्त टीम ने घेराबंदी कर वाहन को जब्त किया और दो आरोपियों—अमन कुमार (निवासी पालनपुर, थाना सदर हिंडौन, जिला करौली, राजस्थान) तथा टिम्मू राम (निवासी गांवडा मीना, थाना सदर, जिला करौली, राजस्थान) को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने वारदात में प्रयुक्त करीब ₹6,00,000 कीमत की महिंद्रा बोलेरो पिकअप को विधिवत जब्त कर लिया है। शिवपुरी पुलिस द्वारा मामले की विवेचना आगे बढ़ाते हुए इसमें संलिप्त अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है। चोरी गई तोप को बरामद करने के लिए एक पुलिस टीम जिला करौली (राजस्थान) भेजी गई है और जल्द ही तोप बरामद कर शेष आरोपियों को गिरफ्तार करने की बात कही गई है।1
- शिवपुरी के प्रसिद्ध नरवर किले से ऐतिहासिक तोप चोरी होने के सनसनीखेज मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। शिवपुरी पुलिस ने राजस्थान पुलिस के साथ संयुक्त कार्रवाई करते हुए इस वारदात में शामिल दो आरोपियों को राजस्थान से गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान अमन कुमार मीणा (पिता मोहनलाल मीणा, निवासी पालनपुर, थाना सदर हिण्डौन, जिला करौली, राजस्थान) और टिम्मू राम मीणा (पिता भूरा राम मीणा, निवासी गांवडा मीना, थाना सदर, जिला करौली, राजस्थान) के रूप में हुई है। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने चोरी की वारदात में इस्तेमाल की गई महिंद्रा बोलेरो पिकअप गाड़ी (RJ34GA2980) को भी जब्त कर लिया है। फिलहाल पुलिस की टीम चोरी गई ऐतिहासिक तोप की बरामदगी और इस घटना में शामिल अन्य सहयोगियों की तलाश में जुटी हुई है, तथा मामले में आगे की जांच जारी है।1
- अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव (संगठन) श्री के. सी. वेणुगोपाल के निर्देशानुसार श्योपुर में जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद छात्रों के संघर्ष और न्याय की जीत के समर्थन में विजय मार्च निकाला गया। कांग्रेस पार्टी ने इस विजय मार्च को देशभर के उन लाखों छात्रों और युवाओं के संघर्ष व संकल्प को समर्पित किया, जिसे इस जीत का मुख्य आधार बताया गया है। इस विजय मार्च का शुभारंभ पाली रोड स्थित अंबेडकर पार्क से हुआ। इसके बाद यह मार्च पटेल चौक, जय स्तंभ और गोलंबर से होते हुए गांधी पार्क पहुंचा, जहां महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्पमाला अर्पित करके कार्यक्रम का समापन किया गया। कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यह आयोजन केवल एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि छात्रों और युवाओं के अधिकारों, लोकतांत्रिक मूल्यों तथा न्याय की जीत का प्रतीक है। नेताओं ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने पूरे आंदोलन के दौरान छात्रों की आवाज़ को मजबूती से उठाया। जिला कांग्रेस कमेटी श्योपुर के अध्यक्ष मांगीलाल फौजी के नेतृत्व में हुए इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पार्टी के पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए, जिन्होंने युवाओं के अधिकारों की रक्षा का संकल्प दोहराया।1
- शिवपुरी के नरवर किले से सिंधिया काल की 400 वर्ष पुरानी ऐतिहासिक तोप चोरी होने के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। शिवपुरी पुलिस ने राजस्थान पुलिस के सहयोग से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है और वारदात में प्रयुक्त करीब 6 लाख रुपये कीमत का महिंद्रा बोलेरो पिकअप वाहन (RJ34GA2980) जब्त कर लिया है। हालांकि, चोरी हुई ऐतिहासिक तोप अभी बरामद नहीं हुई है और उसकी तलाश में पुलिस टीम राजस्थान में जुटी हुई है। पुलिस को 25 जुलाई को मुखबिर से सूचना मिली थी कि चोरी में शामिल आरोपी अमन मीणा अपने साथी के साथ पिकअप वाहन से राजस्थान से शिवपुरी की ओर आ रहा है। इसके बाद थाना नरवर और थाना सुभाषपुरा पुलिस की टीम ने घेराबंदी कर दोनों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राजस्थान के करौली जिले के निवासी अमन कुमार (थाना सदर हिण्डौन) और टिम्मू राम (थाना सदर) के रूप में हुई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए गठित विशेष टीम ने साइबर सेल की मदद से तकनीकी साक्ष्य जुटाए थे। घटना के संभावित रूट पर लगे सीसीटीवी और टोल प्लाजा कैमरों के फुटेज खंगालने पर पिकअप वाहन का पता चला था। इसके बाद पुलिस टीम वाहन के रूट का पीछा करते हुए राजस्थान के करौली जिले तक पहुंची थी।1