किसानों का ऐलान- जब तक अन्य रुकेगा नहीं, धरना 449वें दिन भी उबाल पर किसानों का गुस्सा घोरावल ब्लॉक के भैसवार गांव में चकबंदी प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों को लेकर किसानों का आक्रोश थमने का नाम नहीं ले रहा है। जमीन बचाओ” के नारे के साथ जारी धरना अब 449 वें दिन में प्रवेश कर चुका है, जिससे प्रशासनिक उदासीनता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। सेमरीहवा टोला स्थित बछनार बिरबाबा देवस्थान पर चल रहे इस आंदोलन का नेतृत्व भारतीय किसान यूनियन (लोक शक्ति) के जिला अध्यक्ष बिरजू कुशवाहा कर रहे हैं। धरना स्थल पर बड़ी संख्या में किसान और ग्रामीण एकजुट होकर अपनी जमीन बचाने की लड़ाई लड़ रहे हैं। किसानों का आरोप है कि चकबंदी विभाग में भारी अनियमितताएं हुई हैं, जिससे हम किसानों के जमीनों के साथ अन्याय किया जा रहा है नेताओं ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जब तक चकबंदी में हुई गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच नहीं होती, तब तक गांव में चकबंदी प्रक्रिया को आगे नहीं बढ़ने दिया जाएगा। यदि प्रशासन ने जल्द संज्ञान नहीं लिया, तो भारती किसान यूनियन लोक शक्ति सोनभद्र जिला अध्यक्ष बिरजू कुशवाहा करेंगे बहुत जल्द पांच सूत्री मांगों को लेकर महापंचायत आंदोलन को और उग्र रूप दिया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी। भाकियू (लोक शक्ति) के जिला अध्यक्ष सोनभद्र ने प्रशासन की निष्क्रियता पर नाराजगी जताते हुए कहा कि किसानों की समस्याओं की लगातार अनदेखी हो रही है। उन्होंने मांग की कि भैसवार गांव के किसानों को न्याय और तत्काल राहत दी जाए। जिसका आज तक किसी भी प्रशासनिक अधिकारी एवं जिला अधिकारी चकबंदी अधिकारी ने संज्ञान नहीं लिया है चकबंदी अनियमितताओं को लेकर जल्द से जल्द आख्या प्रस्तुत करें नहीं तो किसी प्रकार की समस्या आती है तो जिलाधिकारी चकबंदी अधिकारी का होगा! और कहां की समस्याओं को अनदेखा करना किसी भी स्थिति में उचित नहीं है और सरकार से अपील की किसान की मांग को गंभीरता से सुना जाए और उनके हितों में ठोस निर्णय लिया जाए धरना स्थल पर प्रमुख रूप से बिरजू कुशवाहा, मनोज कुमार यादव सीताराम संतलाल मौर्य गजेंद्र बहादुर सिंह सुभाष प्रभु मौर्य ,सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
किसानों का ऐलान- जब तक अन्य रुकेगा नहीं, धरना 449वें दिन भी उबाल पर किसानों का गुस्सा घोरावल ब्लॉक के भैसवार गांव में चकबंदी प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों को लेकर किसानों का आक्रोश थमने का नाम नहीं ले रहा है। जमीन बचाओ” के नारे के साथ जारी धरना अब 449 वें दिन में प्रवेश कर चुका है, जिससे प्रशासनिक उदासीनता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। सेमरीहवा टोला स्थित बछनार बिरबाबा देवस्थान पर चल रहे इस आंदोलन का नेतृत्व भारतीय किसान यूनियन (लोक शक्ति) के जिला अध्यक्ष बिरजू कुशवाहा कर रहे हैं। धरना स्थल पर बड़ी संख्या में किसान और ग्रामीण एकजुट होकर अपनी जमीन बचाने की लड़ाई लड़ रहे हैं। किसानों का आरोप है कि चकबंदी विभाग में भारी अनियमितताएं हुई हैं, जिससे हम किसानों के जमीनों के साथ अन्याय किया जा रहा है नेताओं ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जब तक चकबंदी में हुई गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच नहीं होती, तब तक गांव में चकबंदी प्रक्रिया को आगे नहीं बढ़ने दिया जाएगा। यदि प्रशासन ने जल्द संज्ञान नहीं लिया, तो भारती किसान यूनियन लोक शक्ति सोनभद्र जिला अध्यक्ष बिरजू कुशवाहा करेंगे बहुत जल्द पांच सूत्री मांगों को लेकर महापंचायत आंदोलन को और उग्र रूप दिया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी। भाकियू (लोक शक्ति) के जिला अध्यक्ष सोनभद्र ने प्रशासन की निष्क्रियता पर नाराजगी जताते हुए कहा कि किसानों की समस्याओं की लगातार अनदेखी हो रही है। उन्होंने मांग की कि भैसवार गांव के किसानों को न्याय और तत्काल राहत दी जाए। जिसका आज तक किसी भी प्रशासनिक अधिकारी एवं जिला अधिकारी चकबंदी अधिकारी ने संज्ञान नहीं लिया है चकबंदी अनियमितताओं को लेकर जल्द से जल्द आख्या प्रस्तुत करें नहीं तो किसी प्रकार की समस्या आती है तो जिलाधिकारी चकबंदी अधिकारी का होगा! और कहां की समस्याओं को अनदेखा करना किसी भी स्थिति में उचित नहीं है और सरकार से अपील की किसान की मांग को गंभीरता से सुना जाए और उनके हितों में ठोस निर्णय लिया जाए धरना स्थल पर प्रमुख रूप से बिरजू कुशवाहा, मनोज कुमार यादव सीताराम संतलाल मौर्य गजेंद्र बहादुर सिंह सुभाष प्रभु मौर्य ,सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
- मीरजापुर: मंत्री हंसराज विश्वकर्मा की उपस्थिति में 151 टीबी मरीजों को पोषण पोटली भेंट मझवां विकासखंड में गोद कार्यक्रम, मंत्री ने स्वयं 50 मरीजों को गोद लेने का आश्वासन दिया मीरजापुर: मंत्री हंसराज विश्वकर्मा की उपस्थिति में 151 टीबी मरीजों को पोषण पोटली भेंट मझवां विकासखंड में गोद कार्यक्रम, मंत्री ने स्वयं 50 मरीजों को गोद लेने का आश्वासन दिया मीरजापुर। प्रदेश में चल रहे टीबी उन्मूलन अभियान के तहत मंगलवार को मझवां विकासखंड क्षेत्र के 151 टीबी मरीजों को पोषण पोटली भेंट कर सहयोग देने हेतु कछवा क्रिश्चियन अस्पताल प्रांगण में गोद कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम राज्य मंत्री श्री हंसराज विश्वकर्मा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में कछवा क्रिश्चियन अस्पताल द्वारा 85, हेल्पिंग हैंड फाउंडेशन चितईपुर वाराणसी द्वारा 50, पूर्व कछवा नगर पंचायत अध्यक्ष डॉ. पंधारी यादव द्वारा 11, पूर्व जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. एल.एस. मिश्रा द्वारा 5, मीरजापुर डिप्टी सीएमओ डॉ. सुदीप कुमार सिंह द्वारा 5 तथा टीबी चैंपियन राकेश कुमार द्वारा 2 मरीजों को पोषण पोटली उपलब्ध कराते हुए गोद लेने का सराहनीय कार्य किया गया। मुख्य अतिथि राज्य मंत्री हंसराज विश्वकर्मा ने टीबी उन्मूलन के इन प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि पहले के जमाने में इस रोग का बहुत भय था, लेकिन अब योग्य डॉक्टरों तथा उपलब्ध सरकारी जांच व इलाज की सुविधाओं से यह रोग असाध्य नहीं, साध्य हो चुका है। उन्होंने मरीजों से खान-पान, साफ-सफाई, डॉक्टरों के सुझाव तथा नियमित दवा सेवन पर विशेष ध्यान देने को कहा। मंत्री महोदय ने मरीजों के हित में सहयोग करने वाले सभी नि:क्षय मित्रों की सराहना की तथा उन्हें प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित भी किया। उन्होंने मीरजापुर में आगामी टीबी मरीजों के गोद कार्यक्रम में स्वयं 50 मरीजों को गोद लेने का आश्वासन भी दिया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. के.के. मिश्रा ने कहा कि टीबी के लक्षण मिलने पर आधी-अधूरी जानकारी रखने वाले झोलाछाप डॉक्टरों से इलाज कतई न लें। बल्कि सरकारी अस्पताल से संपर्क कर नि:शुल्क जांच व इलाज की सुविधा प्राप्त करें तथा देश को टीबी मुक्त बनाने में सहयोगी बनें। पूर्व जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. एल.एस. मिश्रा ने मरीजों को सलाह दी कि दवा सेवन में एक दिन का भी अंतराल न होने दें। साथ ही खांसते, छींकते या बोलते समय मुंह पर मास्क, रूमाल या गमछा अवश्य रखें। कार्यक्रम का संचालन जिला क्षय रोग कोऑर्डिनेटर एवं रेडक्रॉस सोसायटी मीरजापुर के सदस्य सतीश शंकर यादव ने किया। उन्होंने लोगों को टीबी के लक्षणों तथा सरकारी स्तर पर उपलब्ध विभिन्न नि:शुल्क सुविधाओं की विस्तृत जानकारी दी। कार्यक्रम के अंत में कछवा क्रिश्चियन अस्पताल के प्रबंधक शंकर रामचंद्रन ने सभी अतिथियों एवं मरीजों का आभार व्यक्त करते हुए बताया कि विकासखंड मझवां के साथ-साथ अब जिले के पिछड़े विकासखंड पटेहरा में भी जल्द ही संस्था द्वारा जन सहयोगी कार्य किए जाएंगे। कार्यक्रम में अजय कुमार उपाध्याय (सदस्य, नागरिक उड्डयन मंत्रालय, नई दिल्ली), रामकुमार विश्वकर्मा (जिला अध्यक्ष, पिछड़ा मोर्चा मीरजापुर), पवन कुमार उपाध्याय (मंडल अध्यक्ष भाजपा कछवा), सुदीप प्रजापति, हिमांशु त्रिपाठी, बबलू, नवीन सिंह तथा क्षय विभाग के दुर्गेश कुमार रावत, प्रदीप कुमार, प्रतीक कुमार, मनभावन, राकेश कुमार आदि मौजूद रहे।4
- मिर्ज़ापुर: बिरहुआ गांव में कोर्ट के स्टे के बाद भी निर्माण का आरोप, पीड़ित मुकेश चौबे ने लगाई न्याय की गुहार।1
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भारतीयों को हर घर तिरंगा अभियान संदेश1
- भारत के प्रधानमंत्री मोदी का संदेश- हर घर तिरंगा अभियान1
- पुरानी कार्रवाई का क्या हुआ? स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पहला एक्शन नहीं है। रैदानी कॉलोनी में पूर्व में भी कई मकानों पर मजिस्ट्रेट द्वारा कार्रवाई कर कागज चिपकाए गए थे और ताले लगाए गए थे। लेकिन आज की तारीख में वे सब मकान आवासीय बनाकर लोग रह रहे हैं। कोई दुकान खोल ली है, कोई दवाखाना चला रहा है तो कोई व्यापार कर रहा है। सील की पर्ची और पीला फीता कहीं गायब हो चुके हैं। सवाल उठता है कि क्या उन पुराने सीज मकानों पर भी दोबारा कार्रवाई होगी? अगर कार्रवाई करनी है तो रैदानी कॉलोनी में जितने भी मकान हैं—खाली पड़े हों, बन रहे हों या उनमें लोग निवास कर रहे हों—सभी को चिन्हित कर एक समान कार्रवाई होनी चाहिए। एकतरफा न्याय नहीं होना चाहिए। मिर्जापुर - रैदानी कॉलोनी में बिना स्वीकृत नक्शे के बन रहे 8 निर्माणाधीन मकान सीज नगर मजिस्ट्रेट अविनाश कुमार ने @mirzapurpolice व विन्ध्य विकास प्राधिकरण की संयुक्त टीम के साथ कार्रवाई की, गेट पर पीला फीता और सील पर्ची चस्पारैदानी कॉलोनी में अवैध निर्माण पर प्रशासन का डंडा: बिना नक्शे बन रहे 8 मकान सीज नगर मजिस्ट्रेट ने कहा, आगे भी जारी रहेगा एक्शन पुरानी सीज संपत्तियों पर भी उठ रहे सवाल, सोशल मीडिया पर शिकायतें कौटिल्य का भारत मिर्जापुर। रैदानी कॉलोनी में बिना स्वीकृत नक्शे के धड़ल्ले से हो रहे अवैध निर्माण पर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। नगर मजिस्ट्रेट अविनाश कुमार मौके पर पुलिस और विन्ध्य विकास प्राधिकरण की टीम के साथ पहुंचे और 8 निर्माणाधीन मकानों को सीज कर दिया। मकानों के गेट पर पीला फीता बांधकर सील की पर्ची चस्पा कर दी गई। कार्रवाई के दौरान कॉलोनी में हड़कंप मच गया। नगर मजिस्ट्रेट ने कहा, “यह पुरानी कॉलोनी है। कुछ लोग बिना नक्शा पास कराए निर्माण करा रहे थे। शिकायत मिली थी। आज 8 मकान सील कराए गए हैं। बिना नक्शा पास कराए किसी को मकान बनाने नहीं दिया जाएगा, क्योंकि इससे सड़क और सीवर की समस्या होती है। आगे भी एक्शन जारी रहेगा।” पुरानी कार्रवाई का क्या हुआ? स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पहला एक्शन नहीं है। रैदानी कॉलोनी में पूर्व में भी कई मकानों पर मजिस्ट्रेट द्वारा कार्रवाई कर कागज चिपकाए गए थे और ताले लगाए गए थे। लेकिन आज की तारीख में वे सब मकान आवासीय बनाकर लोग रह रहे हैं। कोई दुकान खोल ली है, कोई दवाखाना चला रहा है तो कोई व्यापार कर रहा है। सील की पर्ची और पीला फीता कहीं गायब हो चुके हैं। सवाल उठता है कि क्या उन पुराने सीज मकानों पर भी दोबारा कार्रवाई होगी? अगर कार्रवाई करनी है तो रैदानी कॉलोनी में जितने भी मकान हैं—खाली पड़े हों, बन रहे हों या उनमें लोग निवास कर रहे हों—सभी को चिन्हित कर एक समान कार्रवाई होनी चाहिए। एकतरफा न्याय नहीं होना चाहिए। मुख्यालय से महज 500 मीटर पर अवैध निर्माण गंगा के किनारे बसी इस कॉलोनी में लगातार कटान का खतरा भी बना रहता है। फिर भी लोग वहाँ कैसे बस गए? उपरोक्त स्थान मुख्यालय से मुश्किल से 500 मीटर की दूरी पर है। सूचना विभाग, जिलाधिकारी कार्यालय, नगर मजिस्ट्रेट कार्यालय, कलेक्ट्रेट, न्यायालय और पुलिस अधीक्षक कार्यालय सभी 500 मीटर के दायरे में ही आते हैं। फिर भी इस तरीके का निर्माण हो गया और अब सीज किया जा रहा है। आखिर निर्माण कैसे होता रहा? विभाग सोता रहा? किसकी लापरवाही है? जिम्मेदारों की जांच क्यों नहीं होती? शोशल मीडिया समेत ट्विटर पर शिकायतें इस मुद्दे पर सोशल मीडिया पर भी काफी चर्चा हो रही है। शोशल मीडिया समेत कई अकाउंट्स ने ट्विटर (एक्स) पर रैदानी कॉलोनी में हो रहे अवैध निर्माण, पुरानी सीज संपत्तियों में लोगों के रहने और प्रशासन की मिलीभगत के आरोप लगाते हुए शिकायतें दर्ज कराई हैं। लोगों ने जिला प्रशासन, पुलिस और विकास प्राधिकरण को टैग कर कार्रवाई की मांग की है। शिकायतों में कहा गया है कि रात-दिन अवैध निर्माण चल रहा है, लेकिन अधिकारी कान में तेल डाले बैठे हैं। गंगा किनारे निर्माण के नियम ऑनलाइन सरकारी नियमों और एनजीटी-हाईकोर्ट के निर्देशों के अनुसार गंगा किनारे निर्माण पर सख्त पाबंदी है: उत्तर प्रदेश सरकार की नई भवन निर्माण एवं विकास उपविधि-2025 और एनजीटी के निर्देशों के मुताबिक गंगा नदी के तट से 200 मीटर के दायरे में नए आवासीय या व्यावसायिक निर्माण की अनुमति नहीं है। केवल मठ, मंदिर और आश्रम ही बनाए जा सकते हैं। हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार राजस्व और सिंचाई विभाग के अभिलेखों में दर्ज तट के 200 मीटर दायरे में कोई नक्शा पास नहीं होगा। एनजीटी ने 13 जुलाई 2017 को हरिद्वार से उन्नाव के बीच गंगा किनारे 100 मीटर दायरे को ‘नो डेवलपमेंट जोन’ घोषित किया है। पहाड़ी क्षेत्रों में 50 मीटर का प्रावधान है। पुराने मकानों की केवल मरम्मत और जीर्णोद्धार ही संभव है, नया निर्माण नहीं। जनता की मांग रैदानी कॉलोनी में गंगा के 200 मीटर के दायरे में जितने भी मकान बने हैं—चाहे उनमें कोई रह रहा हो, दुकान हो, दवाखाना हो या व्यापार हो—सभी को चिन्हित कर एक समान कार्रवाई होनी चाहिए। तभी न्याय होगा। प्रशासन से पुरानी सीज संपत्तियों पर भी सख्त एक्शन और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग की जा रही है। @DM_MIRZAPUR @CMOfficeUP @ChiefSecy_UP3
- मिर्ज़ापुर: अहरौरा में गाजे-बाजे के साथ हुई माँ भंडारी की पारंपरिक विदाई, उमड़े हज़ारों श्रद्धालु।1
- अष्टभुजा टोल प्लाजा के पास हादसा, अनियंत्रित क्रेन पलटने से चालक की मौत मीरजापुर। विंध्याचल थाना क्षेत्र के अष्टभुजा पुलिस चौकी अंतर्गत टोल प्लाजा के पास मंगलवार को एक बड़ा हादसा हो गया। अनियंत्रित क्रेन (केरान) सड़क किनारे स्थित एक दुकान में जा घुसी और पलट गई। हादसे के दौरान क्रेन दुकान में बनी मजबूत भट्ठी के सहारे टिक गई, जिससे बड़ा हादसा टल गया। दुर्घटना में क्रेन चालक गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना की सूचना मिलते ही अष्टभुजा पुलिस चौकी प्रभारी पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और घायल चालक को तत्काल विंध्याचल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया। अस्पताल में चिकित्सकों ने जांच के बाद चालक को मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान बरौधा-कचार, मीरजापुर निवासी के रूप में बताई जा रही है। पुलिस ने क्रेन को घटनास्थल से हटवा दिया है और मामले में आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है। घटना के बाद मौके पर थाना प्रभारी विंध्याचल सहित पुलिस टीम सक्रिय रही। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस स्थान पर आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं। लोगों ने जिला प्रशासन के उच्चाधिकारियों से मामले का संज्ञान लेकर दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की है।1