अयोध्या राम मंदिर से जुड़े कथित ज़मीन घोटाले को लेकर सियासी बयानबाज़ी एक बार फिर तेज़ हो गई है। एक नए दावे के अनुसार, प्रभु श्रीराम के नाम पर खरीदी गई ज़मीनों में कथित अनियमितताओं से जुड़े 13 दस्तावेज़ विशेष जांच दल (एसआईटी) को सौंपे गए थे। आरोप है कि इन दस्तावेज़ों में सीधे तौर पर ट्रस्ट से जुड़े लोगों की भूमिका सामने आती है। हालांकि, दस्तावेज़ सौंपे जाने के बावजूद इस मामले में जांच को आगे नहीं बढ़ाया गया और अब यह दावा किया जा रहा है कि एसआईटी ज़मीन और निर्माण से जुड़े इन कथित मामलों की जांच नहीं करेगी। इस मामले को लेकर अब सीधे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से सवाल पूछा गया है। दावा करने वाले वक्ता का कहना है कि उनके पास ऐसे कुल 26 दस्तावेज़ मौजूद हैं। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि इस मामले की जांच नहीं की गई, तो वे न्याय के लिए अदालत का रुख करेंगे। उनकी मांग है कि भ्रष्टाचार के इन गंभीर आरोपों की पूरी तरह से निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और जो भी लोग इसमें दोषी पाए जाएं, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। फिलहाल, इन गंभीर आरोपों और दावों पर संबंधित पक्षों की तरफ से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया या जवाब सामने नहीं आया है। इस मामले में जांच की वर्तमान वास्तविक और आधिकारिक स्थिति क्या है, इस पर भी अभी स्पष्ट जानकारी का इंतज़ार है। अभी ये केवल आरोप और दावे ही हैं, जिनकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि होना बाकी है।
अयोध्या राम मंदिर से जुड़े कथित ज़मीन घोटाले को लेकर सियासी बयानबाज़ी एक बार फिर तेज़ हो गई है। एक नए दावे के अनुसार, प्रभु श्रीराम के नाम पर खरीदी गई ज़मीनों में कथित अनियमितताओं से जुड़े 13 दस्तावेज़ विशेष जांच दल (एसआईटी) को सौंपे गए थे। आरोप है कि इन दस्तावेज़ों में सीधे तौर पर ट्रस्ट से जुड़े लोगों की भूमिका सामने आती है। हालांकि, दस्तावेज़ सौंपे जाने के बावजूद इस मामले में जांच को आगे नहीं बढ़ाया गया और अब यह दावा किया जा रहा है कि एसआईटी ज़मीन और निर्माण से जुड़े इन कथित मामलों की जांच नहीं करेगी। इस मामले को लेकर अब सीधे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से सवाल पूछा गया है। दावा करने वाले वक्ता का कहना है कि उनके पास ऐसे कुल 26 दस्तावेज़ मौजूद हैं। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि इस मामले की जांच नहीं की गई, तो वे न्याय के लिए अदालत का रुख करेंगे। उनकी मांग है कि भ्रष्टाचार के इन गंभीर आरोपों की पूरी तरह से निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और जो भी लोग इसमें दोषी पाए जाएं, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। फिलहाल, इन गंभीर आरोपों और दावों पर संबंधित पक्षों की तरफ से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया या जवाब सामने नहीं आया है। इस मामले में जांच की वर्तमान वास्तविक और आधिकारिक स्थिति क्या है, इस पर भी अभी स्पष्ट जानकारी का इंतज़ार है। अभी ये केवल आरोप और दावे ही हैं, जिनकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि होना बाकी है।
- E20 पेट्रोल को लेकर एक बार फिर बहस तेज हो गई है। दिल्ली के कुछ कार मैकेनिकों और वाहन मालिकों का दावा है कि E20 पेट्रोल का इस्तेमाल करने के बाद कई गाड़ियों में तकनीकी समस्याएं सामने आई हैं और उनका माइलेज भी पहले की तुलना में कम हो गया है। इसके चलते गैराजों में खराब होने वाली गाड़ियों की संख्या बढ़ रही है। इस मुद्दे को लेकर सरकार की नीति पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं और आलोचकों का आरोप है कि इसे लागू करने से पहले आम लोगों की चिंताओं तथा वाहन निर्माताओं की तैयारियों पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया। दूसरी तरफ, सरकार का कहना है कि E20 ईंधन आयातित तेल पर निर्भरता कम करने, किसानों को लाभ पहुंचाने और प्रदूषण घटाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। साथ ही, कई नए वाहनों को E20 के अनुकूल बनाया जा रहा है। इस स्थिति के बीच अब यह बड़ा सवाल उठ रहा है कि जिन वाहन मालिकों को इस ईंधन से वास्तव में समस्याएं आ रही हैं, उनके समाधान के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे।1
- मऊ में भारतीय जनता पार्टी के मंडल अध्यक्ष अर्पित कुमार उपाध्याय के नेतृत्व में नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा के जन्मदिन के अवसर पर देईया माता मंदिर परिसर में विभिन्न सामाजिक और धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस दौरान मंदिर परिसर में विशेष स्वच्छता अभियान चलाकर साफ-सफाई की गई और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए वृक्षारोपण भी किया गया। धार्मिक आयोजन के अंतर्गत मंदिर में सुंदरकांड पाठ का आयोजन हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम के समापन पर सभी श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया गया। इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने मंत्री ए.के. शर्मा के स्वस्थ, दीर्घायु एवं सफल जीवन की कामना करते हुए उनके द्वारा किए जा रहे जनसेवा के कार्यों की सराहना की।3
- Post by SONI DEVI1
- Uttar Pradesh Mau doharighat Thana Uttar Pradesh gram Chauhan1
- मऊ के मुहम्मदाबाद गोहना में 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत पौधरोपण किया गया है। इस अभियान के अंतर्गत आजमगढ़ के मंडलायुक्त श्री विवेक कुमार ने स्वयं पौधरोपण किया।1
- बलिया के बेल्थरारोड में भीमपुरा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) सीयर में इलाज की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। वार्ड नंबर-5 के सभासद मोहम्मद सद्दाम ने अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही का सीधा आरोप लगाया है। परिजनों का आरोप है कि बीमार बच्चे का सीएचसी सीयर में उचित इलाज नहीं किया गया और वहां मौजूद डॉक्टर ने उसे बलिया के लिए रेफर कर दिया। परिजनों के अनुसार, गंभीर हालत में बच्चे को सरकारी एंबुलेंस उपलब्ध कराने के बजाय प्राइवेट एंबुलेंस से भेजा गया, जिससे रास्ते में ही बच्चे ने दम तोड़ दिया। मऊ अस्पताल में डॉक्टरों को दिखाने पर उसे मृत घोषित कर दिया गया। इसके बाद प्राइवेट एंबुलेंस चालक परिजनों से ₹4,000 किराया वसूल कर वापस लौट गया। सभासद मोहम्मद सद्दाम ने इस पूरे संवेदनशील मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।1
- आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने अयोध्या के श्रीराम मंदिर से जुड़े मामलों को लेकर केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। केजरीवाल का दावा है कि राम मंदिर के लिए सस्ती जमीनें बहुत ऊंचे दामों पर खरीदी गईं और इसके निर्माण कार्य में कमीशनखोरी की गई है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कथित जमीन घोटालों की कोई निष्पक्ष जांच नहीं कराई जा रही है, बल्कि चढ़ावे की चोरी के मामले में भी दोषियों को बचाने की कोशिश की जा रही है। अरविंद केजरीवाल के अनुसार, सुंदरकांड पाठ के बाद रामभक्तों ने आरोपियों को सजा दिलाने तक अपना संघर्ष जारी रखने की शपथ ली है। उनका कहना है कि इस पूरे घटनाक्रम के कारण रामभक्तों का सरकार से भरोसा टूट रहा है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। हालांकि, इन गंभीर आरोपों पर संबंधित पक्ष की ओर से क्या प्रतिक्रिया आई है, यह देखना भी महत्वपूर्ण होगा क्योंकि फिलहाल इन दावों की कोई स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।1