भीनमाल के 14 वर्षीय बालक पियूष सोलंकी ने साधारण कागज़ के टुकड़ों का उपयोग करके अपनी असाधारण कल्पना को जीवंत किया है। उसकी नन्ही उंगलियों ने अयोध्या के राम मंदिर, बस स्टेशन और अयोध्या पुल का सूक्ष्म निर्माण किया है, जो उसकी कलात्मक दृष्टि और प्रतिभा का अद्भुत प्रमाण है। यह उपलब्धि समाज के लिए एक प्रेरणा का स्रोत बनकर उभरी है। आज के तकनीकी और डिजिटल युग में, जब बच्चों की रचनात्मकता अक्सर सीमित होती जा रही है, पियूष का यह प्रयास हमें याद दिलाता है कि कला और कल्पना ही वास्तविक शिक्षा का आधार हैं। यह कार्य केवल एक शौक नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति और आस्था से जुड़ी गहरी समझ का प्रतीक है। समाज से यह अपेक्षा की गई है कि वह ऐसे रचनात्मक प्रयासों को केवल सराहना तक सीमित न रखे, बल्कि उन्हें संरक्षण और प्रोत्साहन भी प्रदान करे। विद्यालयों और प्रशासन को भी ऐसी प्रतिभाओं को एक उचित मंच देना चाहिए, जिससे वे भविष्य में बड़े कलाकार, वास्तुकार या अभियंता बनकर देश का नाम रोशन कर सकें। पियूष की यह कला हमें यह महत्वपूर्ण सीख भी देती है कि साधारण साधनों से भी असाधारण उपलब्धियाँ हासिल की जा सकती हैं। वह न केवल भीनमाल की पहचान बन चुका है, बल्कि आने वाले समय में देश की सांस्कृतिक धरोहर का एक महत्वपूर्ण वाहक भी बन सकता है। उसकी कला यह दर्शाती है कि सपनों को आकार देने के लिए महंगे संसाधनों की नहीं, बल्कि केवल दृढ़ संकल्प और अदम्य कल्पनाशक्ति की आवश्यकता होती है। यदि समाज ऐसे प्रतिभाशाली बच्चों को सही दिशा और पर्याप्त अवसर प्रदान करे, तो भारत की सांस्कृतिक और रचनात्मक शक्ति निश्चित रूप से नई ऊँचाइयों को छू सकती है।
भीनमाल के 14 वर्षीय बालक पियूष सोलंकी ने साधारण कागज़ के टुकड़ों का उपयोग करके अपनी असाधारण कल्पना को जीवंत किया है। उसकी नन्ही उंगलियों ने अयोध्या के राम मंदिर, बस स्टेशन और अयोध्या पुल का सूक्ष्म निर्माण किया है, जो उसकी कलात्मक दृष्टि और प्रतिभा का अद्भुत प्रमाण है। यह उपलब्धि समाज के लिए एक प्रेरणा का स्रोत बनकर उभरी है। आज के तकनीकी और डिजिटल युग में, जब बच्चों की रचनात्मकता अक्सर सीमित होती जा रही है, पियूष का यह प्रयास हमें याद दिलाता है कि कला और कल्पना ही वास्तविक शिक्षा का आधार हैं। यह कार्य केवल एक शौक नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति और आस्था से जुड़ी गहरी समझ का प्रतीक है। समाज से यह अपेक्षा की गई है कि वह ऐसे रचनात्मक प्रयासों को केवल सराहना तक सीमित न रखे, बल्कि उन्हें संरक्षण और प्रोत्साहन भी प्रदान करे। विद्यालयों और प्रशासन को भी ऐसी प्रतिभाओं को एक उचित मंच देना चाहिए, जिससे वे भविष्य में बड़े कलाकार, वास्तुकार या अभियंता बनकर देश का नाम रोशन कर सकें। पियूष की यह कला हमें यह महत्वपूर्ण सीख भी देती है कि साधारण साधनों से भी असाधारण उपलब्धियाँ हासिल की जा सकती हैं। वह न केवल भीनमाल की पहचान बन चुका है, बल्कि आने वाले समय में देश की सांस्कृतिक धरोहर का एक महत्वपूर्ण वाहक भी बन सकता है। उसकी कला यह दर्शाती है कि सपनों को आकार देने के लिए महंगे संसाधनों की नहीं, बल्कि केवल दृढ़ संकल्प और अदम्य कल्पनाशक्ति की आवश्यकता होती है। यदि समाज ऐसे प्रतिभाशाली बच्चों को सही दिशा और पर्याप्त अवसर प्रदान करे, तो भारत की सांस्कृतिक और रचनात्मक शक्ति निश्चित रूप से नई ऊँचाइयों को छू सकती है।
- भीनमाल शहर में शुक्रवार रात करीब 9:30 बजे लंबे इंतजार के बाद आखिरकार जोरदार बारिश हुई, जिससे लोगों को भीषण गर्मी और उमस से बड़ी राहत मिली। बरसात के साथ चली तेज हवाओं ने वातावरण को और भी सुहाना बना दिया। इस झमाझम बारिश ने शहरवासियों को ठंडक का एहसास कराया, जहां गलियों और मोहल्लों में ठंडी हवाएं चलने लगीं। वहीं, मानसून आने के बावजूद कई दिनों तक बारिश न होने से मायूस हुए किसानों के चेहरों पर भी अब उम्मीद की चमक लौट आई है। कई दिनों से तेज धूप और उमस से परेशान लोग अब ठंडक का आनंद ले रहे हैं। कुल मिलाकर, यह बारिश भीनमाल के शहरवासियों और किसानों के लिए राहत और उम्मीद का संदेश लेकर आई है, जिसने पूरे माहौल को खुशनुमा बना दिया है।1
- रानी-नाडोल क्षेत्र में मानसून की पहली बारिश दर्ज की गई है, जिससे स्थानीय लोगों को भीषण गर्मी से काफी राहत मिली है।1
- कुछ लोग अब भी यह सवाल उठा रहे हैं कि 'विकास कहाँ है'। इसका सीधा जवाब देते हुए पोस्ट में 'ज़रा ऊपर देखने' का आग्रह किया गया है, जहाँ चिनाब ब्रिज पर वंदे भारत ट्रेन दौड़ रही है। यह दृश्य ही विकास का स्पष्ट और दृश्यात्मक प्रमाण बताया गया है, जो उन सभी लोगों के सवालों का माकूल जवाब है जो 'विकास' की स्थिति पर प्रश्नचिह्न लगा रहे हैं।1
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पचपदरा आगमन से ठीक एक दिन पहले पचपदरा में तेज आंधी के साथ जोरदार बारिश हुई।2
- संगठन को और अधिक मजबूत तथा गतिशील बनाने के उद्देश्य से शिवसेना (शिंदे गुट) की पाली जिला इकाई में कार्यकारिणी का विस्तार किया गया है। जिला प्रमुख तख्तसिंह सोलंकी ने माननीय एकनाथ शिंदे के आदरणीय नेतृत्व और बालासाहेब ठाकरे के विचारों को आगे बढ़ाते हुए इन नई नियुक्तियों की घोषणा की है। इस विस्तार के तहत, जीवन सिंह राजपुरोहित को उप तहसील प्रमुख (पाली) के पद पर मनोनीत किया गया है, जबकि भंवर देवासी को ग्राम प्रमुख (मांडावास) की जिम्मेदारी सौंपी गई है। जिला प्रमुख सोलंकी ने बताया कि इन नई नियुक्तियों से पाली क्षेत्र में संगठन का आधार और मजबूत होगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि नवनियुक्त पदाधिकारी बालासाहेब ठाकरे के हिंदुत्व के सिद्धांतों और मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के विकास कार्यों को जन-जन तक पहुंचाएंगे और संगठन को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे। इस विस्तार के बाद स्थानीय कार्यकर्ताओं में हर्ष का माहौल है और सभी ने नवनियुक्त पदाधिकारियों को बधाई दी है।3
- जिला कलक्टर के निर्देशानुसार, सहकार सप्ताह (29 जून से 6 जुलाई 2026) के अंतर्गत शुक्रवार, 03 जुलाई को पाली कलेक्ट्रेट सभागार में जिला सहकारी विकास समिति (डीसीडीसी) की एक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में अतिरिक्त जिला कलक्टर सीलिंग ओम प्रभा ने जिले में संचालित सहकारिता गतिविधियों और विभिन्न योजनाओं की प्रगति की गहन समीक्षा की। साथ ही, सहकारिता मंत्रालय के 'सहकार से समृद्धि' के विजन को साकार करने के उद्देश्य से सहकार सप्ताह के तहत आयोजित कार्यक्रमों और आगामी कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई। समीक्षा के दौरान, पैक्स, डेयरी और अन्य सहकारी समितियों के गठन, पंजीयन और सुदृढ़ीकरण पर विशेष ध्यान दिया गया। इसके अतिरिक्त, पैक्स कम्प्यूटरीकरण, सहकारी गोदामों के निर्माण, पैक्स को कॉमन सर्विस सेंटर के रूप में संचालित करने, पेट्रोल, डीजल और एलपीजी के खुदरा विक्रय केंद्रों के चयन, प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्रों के संचालन, तथा पैक्स की किसान समृद्धि केंद्र के रूप में कार्यप्रणाली की भी विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में एनसीईएल, एनसीओएल और बीबीएसएसएल की सदस्यता से जुड़े मुद्दों पर भी विचार-विमर्श हुआ। राष्ट्रीय डाटा बेस पोर्टल पर समितियों के डेटा को अद्यतन करने की प्रगति, सहकारी बैंकों में समितियों और सदस्यों के खाते खोलने की स्थिति, प्राथमिक डेयरी एवं अन्य सहकारी समितियों में माइक्रो एटीएम के वितरण, तथा किसानों को रूपे केसीसी कार्ड उपलब्ध कराने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी चर्चा की गई। इस बैठक में पाली सेन्ट्रल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड के प्रबन्ध निदेशक प्रशान्त कल्ला, कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक रमेश चन्द आमेटा, सहकारी समिति उप रजिस्ट्रार जितेन्द्र कुमार, और रसद विभाग के कमल कुमार पंवार सहित संबंधित विभागों के कई अधिकारी उपस्थित रहे।2
- सिरोही जिले के सरूपगंज थाना क्षेत्र में शुक्रवार को थाने के ठीक सामने दो बाइकों की आमने-सामने टक्कर हो गई। इस हादसे में दोनों बाइकों पर सवार दो लोग घायल हो गए, जिससे मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घटना की जानकारी मिलते ही सरूपगंज थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने घायलों को तत्काल प्राथमिक उपचार के लिए आबूरोड अस्पताल भिजवाया। हादसे के बाद, पुलिस ने दोनों क्षतिग्रस्त बाइकों को जब्त कर थाने में खड़ा करवा दिया है। फिलहाल पुलिस दुर्घटना के कारणों की जांच में जुटी हुई है और यह पता लगाने के लिए आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है कि हादसा किन परिस्थितियों में हुआ।1