सातवें दिनभूख हड़ताल को लेकर भाजपा नेता चंद्रमणि पांडे सुदामा के आगे झुका प्रशासन। बस्ती जिले में जिले में भूख हड़ताल को लेकर के भाजपा नेता के आगे झुका प्रशासन नदियों के सफाई के लिए किया खाका तैयार भूख हड़ताल किया समाप्त प्रशासन को चेतावनी दिया एक सप्ताह के अंदर कार्य योजना तैयार नहीं हुई और नदियों की सफाई नहीं हो पाई तो हम आगे भी भूख हड़ताल शुरू कर सकते हैंसमाप्त हो रही नदियों की दुर्दशा को लेकर चंद्रमणि पांडे द्वारा मनोरमा नदी की सफाई को लेकर भाजपा नेता चन्द्र मणि पाण्डेय का 6वे दिन भी भूख हडताल जारी.चन्द्र मणि पाण्डेय ने बताया कि जब जनहित में स्याही के पत्र को न मिले इज्जत तो मजबूर होकर लिखना पड़ता है खून से खत.पौराणिक नदी पर स्थापित घाटों की सफाई व विषाक्त हो चुके जल की स्वच्छता को लेकर धरना/भूख-हड़ताल जारी.. जिला प्रशासन के हिला हवाले के चलते छठे दिन भी वरिष्ठ भाजपा नेता प्रमोद पाण्डेय व अभिषेक तिवारी भी पहुंचे धरने पर.चन्द्र मणि पाण्डेय ने बताया कि कल माननीय मुख्यमंत्री आदित्यनाथ जी को खून से लिखूंगा पत्र.भूख हड़ताल के सातवें दिन जिला प्रशासन के वादे खिलाफी व संवेदन शून्यता के विरुद्ध,अब होगी आरपार की लडाई. पूर्व में हुई नदियों की सफाई में भ्रष्टाचार की जांच को लेकर तथाजनहित के मुद्दों पर मूकदर्शक बना जिला प्रशासन, नहीं दे रहा है ध्यान. जिला प्रशासन किसी भी शिकायत पत्र पर कोई ठोस कार्रवाई न होने से लोगों का मनोबल गिरता नजर आ रहा है जब पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं समाजसेवी चंद्रमणि पांडे सुदामा द्वारा जब भी धरना प्रदर्शन भूख हड़ताल किया है तो कार्य को पूरा करना प्रशासन का काम था लेकिन इस बार जिला अधिकारी के इस रवैया से आम जनमानस परेशान नेता भी परेशान है कल लिखेंगे खून से पत्र मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को जिले में जिस तरह भ्रष्टाचार पनप रहा है उसको रोकने में नाकाम सिद्ध हो रही जिलाधिकारी कैसे होगा बस्ती जिले का बेड़ा पार 6 दिन से धरने भूख हड़ताल पर बैठे भाजपा नेता चंद्रमणि पांडे द्वारा जनपद में मर रही नदियों का सफाई के लिए कुछ भी करने को तैयार हैं लेकिन प्रशासन कुंभकरण नींद में सो रहा है विजुअल। जिला अधिकारी का फोटो और कार्यालय का फोटो वाइट ,। भाजपा नेता एवं समाजसेवी चंद्रमणि पांडे
सातवें दिनभूख हड़ताल को लेकर भाजपा नेता चंद्रमणि पांडे सुदामा के आगे झुका प्रशासन। बस्ती जिले में जिले में भूख हड़ताल को लेकर के भाजपा नेता के आगे झुका प्रशासन नदियों के सफाई के लिए किया खाका तैयार भूख हड़ताल किया समाप्त प्रशासन को चेतावनी दिया एक सप्ताह के अंदर कार्य योजना तैयार नहीं हुई और नदियों की सफाई नहीं हो पाई तो हम आगे भी भूख हड़ताल शुरू कर सकते हैंसमाप्त हो रही नदियों की दुर्दशा को लेकर चंद्रमणि पांडे द्वारा मनोरमा नदी की सफाई को लेकर भाजपा नेता चन्द्र मणि पाण्डेय का 6वे दिन भी भूख हडताल जारी.चन्द्र मणि पाण्डेय ने बताया कि जब जनहित में स्याही के पत्र को न मिले इज्जत तो मजबूर होकर लिखना पड़ता है खून से खत.पौराणिक नदी पर स्थापित घाटों की सफाई व विषाक्त हो चुके जल की स्वच्छता को लेकर धरना/भूख-हड़ताल जारी.. जिला प्रशासन के हिला हवाले के चलते छठे दिन भी वरिष्ठ भाजपा नेता प्रमोद पाण्डेय व अभिषेक तिवारी भी पहुंचे धरने पर.चन्द्र मणि पाण्डेय ने बताया कि कल माननीय मुख्यमंत्री आदित्यनाथ जी को खून से लिखूंगा पत्र.भूख हड़ताल के सातवें दिन जिला प्रशासन के वादे
खिलाफी व संवेदन शून्यता के विरुद्ध,अब होगी आरपार की लडाई. पूर्व में हुई नदियों की सफाई में भ्रष्टाचार की जांच को लेकर तथाजनहित के मुद्दों पर मूकदर्शक बना जिला प्रशासन, नहीं दे रहा है ध्यान. जिला प्रशासन किसी भी शिकायत पत्र पर कोई ठोस कार्रवाई न होने से लोगों का मनोबल गिरता नजर आ रहा है जब पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं समाजसेवी चंद्रमणि पांडे सुदामा द्वारा जब भी धरना प्रदर्शन भूख हड़ताल किया है तो कार्य को पूरा करना प्रशासन का काम था लेकिन इस बार जिला अधिकारी के इस रवैया से आम जनमानस परेशान नेता भी परेशान है कल लिखेंगे खून से पत्र मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को जिले में जिस तरह भ्रष्टाचार पनप रहा है उसको रोकने में नाकाम सिद्ध हो रही जिलाधिकारी कैसे होगा बस्ती जिले का बेड़ा पार 6 दिन से धरने भूख हड़ताल पर बैठे भाजपा नेता चंद्रमणि पांडे द्वारा जनपद में मर रही नदियों का सफाई के लिए कुछ भी करने को तैयार हैं लेकिन प्रशासन कुंभकरण नींद में सो रहा है विजुअल। जिला अधिकारी का फोटो और कार्यालय का फोटो वाइट ,। भाजपा नेता एवं समाजसेवी चंद्रमणि पांडे
- कैसरगंज की सड़कों पर उमड़ा* *जनसैलाब: पूर्व सांसद* *बृजभूषण शरण सिंह का भव्य* *स्वागत* कैसरगंज। उत्तर प्रदेश के दिग्गज नेता और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह का आज कैसरगंज आगमन पर क्षेत्र की जनता ने पलक-पावड़े बिछाकर ऐतिहासिक स्वागत किया। क्षेत्र में उनके कदम पड़ते ही समर्थकों का उत्साह सातवें आसमान पर दिखाई दिया। *हिमांशु सिंह के नेतृत्व में हुआ शक्ति प्रदर्शन* स्वागत समारोह का मुख्य केंद्र सभासद प्रतिनिधि हिमांशु सिंह का नेतृत्व रहा। हिमांशु सिंह के आह्वान पर सैकड़ों की संख्या में स्थानीय नागरिक और समर्थक एकत्रित हुए। जैसे ही नेताजी का काफिला कैसरगंज पहुँचा, गगनभेदी नारों के साथ उनका अभिनंदन किया गया। समर्थकों ने उन्हें फूलों की मालाओं से लाद दिया, जो क्षेत्र में उनकी गहरी पैठ और लोकप्रियता का जीवंत प्रमाण था। बी.पी. मिश्रा एवं बद्रीनाथ यज्ञसैनी जनमेजय गुप्ता, शनि सिंह और धर्मेंद्र सिंह (प्रधान) बृजेश सिंह, देव प्रताप सिंह, दीपक सिंह, आर के गुप्ता (कांटाबाबू जी) बबलू यज्ञसैनी सहित भारी संख्या में क्षेत्रीय लोग।1
- अंबेडकर जयंती से पहले पूर्व विधायक ओपी श्रीवास्तव बस्तौली स्थित अंबेडकर मूर्ति बस्तौली पहुंचे। उन्होंने वहां पहुंचकर बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके विचारों को आत्मसात करने का संदेश दिया। 👆🏻1
- ग्वालियर में तैनात एक पुलिस इंस्पेक्टर के खिलाफ महिला ने दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कराया है। आरोप है कि आरोपी ने सोशल मीडिया के जरिए संपर्क कर शादी का झांसा दिया और कई बार संबंध बनाए। महिला के अनुसार वह गर्भवती हो गई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और आगे की कार्रवाई जारी है।1
- लखनऊ: थाना सआदतगंज क्षेत्र के वजीरबाग हांफिया मस्जिद के पास जमकर मारपीट, स्थानीय लोगों का आरोप है कि दिन-रात क्षेत्र में अराजक तत्वों का जमावड़ा लगा रहता है, जिसके कारण अक्सर मारपीट की घटनाएं होती रहती हैं। मामला गाड़िया चौकी क्षेत्र का बताया जा रहा है।1
- रायबरेली। जनपद के मिल एरिया थाना क्षेत्र से चिकित्सा जगत को शर्मसार करने वाली एक दुखद घटना सामने आई है। यहाँ रतापुर चौराहा स्थित जे.एन. हॉस्पिटल (J.N. Hospital) में इलाज के दौरान हुई कथित लापरवाही के कारण एक युवती की जान चली गई। युवती की मौत से आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा काटा और डॉक्टरों व स्टाफ पर गंभीर आरोप लगाए। क्या है पूरा मामला? प्राप्त जानकारी के अनुसार, युवती को सामान्य पेट दर्द की शिकायत होने पर परिजनों ने उसे जे.एन. हॉस्पिटल में भर्ती कराया था। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल के स्टाफ और संचालक की ओर से इलाज में भारी लापरवाही बरती गई। गलत इंजेक्शन का आरोप: परिजनों ने सीधा आरोप लगाया है कि अस्पताल के स्टाफ ने युवती को एक गलत इंजेक्शन लगाया, जिसके कुछ ही समय बाद उसकी स्थिति बिगड़ गई और उसकी मृत्यु हो गई। अस्पताल में हंगामा: मौत की खबर मिलते ही मृतका के परिजनों का धैर्य जवाब दे गया। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन पर इलाज के नाम पर खिलवाड़ करने का आरोप लगाते हुए रतापुर चौराहे के पास स्थित अस्पताल में भारी विरोध प्रदर्शन और हंगामा किया। पुलिस की कार्रवाई हंगामे की सूचना मिलते ही मिल एरिया थाना पुलिस मौके पर पहुँची और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। पुलिस ने परिजनों को शांत कराते हुए मामले की जाँच का आश्वासन दिया है। "पेट में मामूली दर्द था, हम ठीक होने की उम्मीद में लाए थे, लेकिन यहाँ के स्टाफ की लापरवाही ने हमारी बच्ची की जान ले ली। गलत इंजेक्शन लगाने के बाद उसकी हालत बिगड़ी और उसे बचाया नहीं जा सका।"1
- खबरों के मुताबिक लखनऊ पब्लिक स्कूल ए ब्लॉक राजाजीपुरम लखनऊ में अवैध स्कूल वैन का संचालन , छोटे बच्चों की जान के साथ खेला जा रहा है और इसी वैन से लाया जा रहा है और सभी वैन में ना तो फिटनेस है, ना टैक्स है, ना ही परमिट है, ना बीमा है जैसा कि दिख रहा है। UP32LN9625, UP32DV3921 UP32EN5405 uP32DN8426 और भी शामिल है। लगभाग 30 वैन इस तरह चल रही है एलपीएस में, स्कूल वाले भी कुछ नहीं कर सकते। कई बार शिकायत की गई लेकिन कोई फ़ायदा नहीं हुआ। जब आरटीओ अभियान चलता है तो इस तरह की वैन आरटीओ की पकड़ में नहीं आती है।3
- पत्रकार गीतांजलि के पिता की 13वीं में श्रद्धांजलि पहुंचे वह इस भाजपा नेता पूर्व सदस्य विधान परिषद अरविंद कुमार त्रिपाठी गुड्डू वनस्पतिकाय विनय मिश्रा राम जी त्रिपाठी1
- आज अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद जिला डिंडोरी इकाई समनापुर के शासकीय महाविद्यालय में बंदे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने के अवसर में सामूहिक वन्देमातरम गान का आयोजन किया गया। जिसमें मुख्य रूप से डिंडोरी 150 वर्षों का इतिहास वंदे मातरम यह गीत की स्थायी भावना और भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में इसकी ऐतिहासिक भूमिका को याद करने के लिए एक राष्ट्रीय पहल है। स्वतंत्रता संग्राम के दौरान, वंदे मातरम राष्ट्र की सामूहिक भावना को मूर्त रूप दिया और स्वतंत्रता के लिए एक एकीकृत आह्वान के रूप में कार्य किया। 1 अक्टूबर को मंत्रिमंडल ने भारत की 150वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में राष्ट्रव्यापी समारोहों को मंजूरी दी वंदे मातरम नागरिकों, विशेष रूप से युवाओं और छात्रों को एकता और साहस के अपने मूल संदेश के साथ फिर से जुड़ने के लिए प्रेरित करना। यह पहल इस कालातीत विरासत का सम्मान करने और आने वाली पीढ़ियों के लिए इसके महत्व को संरक्षित करने का प्रयास करती है। 1950 में संविधान सभा ने इसे भारत के राष्ट्रीय गीत के रूप में अपनाया। शुरू1