मिर्ज़ापुर जिले के लालगंज तहसील के सिकटा ग्राम पंचायत निवासी मिश्रीलाल मौर्य ने माननीय मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश शासन को राजस्व एवं चकबंदी विभाग के अधिकारियों के खिलाफ शिकायत भेजी है। शिकायत में खाता संख्या 249 और गाटा 13 खाता संख्या 243 की भूमि की स्थिति स्पष्ट न करने, भूमाफियाओं को कथित रूप से संरक्षण देने और अवैध निर्माण न रुकवाने का आरोप लगाया गया है। प्रार्थी पिछले लगभग 3 माह से लगातार तहसील प्रशासन, राजस्व विभाग, चकबंदी विभाग, थाना हलिया और उच्च अधिकारियों को प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगा रहा है, लेकिन आज तक कोई प्रभावी कार्यवाही नहीं हुई है। प्रकरण यह है कि खाता संख्या 249 और उससे संबंधित गाटा 13 खाता संख्या 243 की भूमि पर विपक्षी/भूमाफियाओं द्वारा जबरन अवैध निर्माण कार्य कराया जा रहा है। प्रार्थी ने प्रशासन को कई बार अवगत कराया है कि यह मामला न्यायालय और प्रशासनिक स्तर पर विचाराधीन है, फिर भी निर्माण कार्य लगातार जारी है। थाना हलिया के एसओ साहब ने कहा है कि जब तक राजस्व विभाग का कोई अधिकारी, जैसे राजस्व लेखपाल, चकबंदी लेखपाल, कानूनगो या तहसील प्रशासन लिखित रूप से भूमि की स्थिति और निर्माण कार्य वाली जगह स्पष्ट नहीं करेगा, तब तक पुलिस निर्माण कार्य नहीं रुकवा सकती। हालांकि, चिंताजनक बात यह है कि राजस्व या चकबंदी विभाग का कोई भी संबंधित अधिकारी खाता संख्या 249 और 243 की वास्तविक स्थिति लिखित रूप से बताने को तैयार नहीं है, जबकि विपक्षी उसी भूमि पर लगातार निर्माण कर रहे हैं। इससे स्पष्ट है कि संबंधित अधिकारी जानबूझकर मामले को दबाने और भूमाफियाओं/विपक्षियों को संरक्षण देने का प्रयास कर रहे हैं। प्रार्थी का कहना है कि वह 1जनवरी 2026 से लगातार विभिन्न अधिकारियों को प्रार्थना पत्र दे रहा है, लेकिन न तो भूमि की सही स्थिति बताई गई और न ही दोषियों के विरुद्ध कोई कठोर कार्यवाही की गई। इस कारण वह अत्यंत मानसिक, आर्थिक और सामाजिक पीड़ा झेल रहा है तथा न्याय से वंचित है। अतः प्रार्थी ने उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए निवेदन किया है कि खाता संख्या 249 और गाटा 13 खाता संख्या 243 की वास्तविक स्थिति राजस्व अभिलेखों के आधार पर तत्काल स्पष्ट कराई जाए, संबंधित लेखपालों, कानूनगो और अन्य जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की जांच कर उन पर कठोर कानूनी एवं विभागीय कार्यवाही की जाए, अवैध निर्माण कार्य को तत्काल रुकवाया जाए, और भूमाफियाओं एवं अवैध कब्जाधारकों के विरुद्ध सख्त कार्यवाही की जाए।
मिर्ज़ापुर जिले के लालगंज तहसील के सिकटा ग्राम पंचायत निवासी मिश्रीलाल मौर्य ने माननीय मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश शासन को राजस्व एवं चकबंदी विभाग के अधिकारियों के खिलाफ शिकायत भेजी है। शिकायत में खाता संख्या 249 और गाटा 13 खाता संख्या 243 की भूमि की स्थिति स्पष्ट न करने, भूमाफियाओं को कथित रूप से संरक्षण देने और अवैध निर्माण न रुकवाने का आरोप लगाया गया है। प्रार्थी पिछले लगभग 3 माह से लगातार तहसील प्रशासन, राजस्व विभाग, चकबंदी विभाग, थाना हलिया और उच्च अधिकारियों को प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगा रहा है, लेकिन आज तक कोई प्रभावी कार्यवाही नहीं हुई है। प्रकरण यह है कि खाता संख्या 249 और उससे संबंधित गाटा 13 खाता संख्या 243 की भूमि पर विपक्षी/भूमाफियाओं द्वारा जबरन अवैध निर्माण कार्य कराया जा रहा है। प्रार्थी ने प्रशासन को कई बार अवगत कराया है कि यह मामला न्यायालय और प्रशासनिक स्तर पर विचाराधीन है, फिर भी निर्माण कार्य लगातार जारी है। थाना हलिया के एसओ साहब ने कहा है कि जब तक राजस्व विभाग का कोई अधिकारी, जैसे राजस्व लेखपाल, चकबंदी लेखपाल, कानूनगो या तहसील प्रशासन लिखित रूप से भूमि की स्थिति और निर्माण कार्य वाली जगह स्पष्ट नहीं करेगा, तब तक पुलिस निर्माण कार्य नहीं रुकवा सकती। हालांकि, चिंताजनक बात यह है कि राजस्व या चकबंदी विभाग का कोई भी संबंधित अधिकारी खाता संख्या 249 और 243 की वास्तविक स्थिति लिखित रूप से बताने को तैयार नहीं है, जबकि विपक्षी उसी भूमि पर लगातार निर्माण कर रहे हैं। इससे स्पष्ट है कि संबंधित अधिकारी जानबूझकर मामले को दबाने और भूमाफियाओं/विपक्षियों को संरक्षण देने का प्रयास कर रहे हैं। प्रार्थी का कहना है कि वह 1जनवरी 2026 से लगातार विभिन्न अधिकारियों को प्रार्थना पत्र दे रहा है, लेकिन न तो भूमि की सही स्थिति बताई गई और न ही दोषियों के विरुद्ध कोई कठोर कार्यवाही की गई। इस कारण वह अत्यंत मानसिक, आर्थिक और सामाजिक पीड़ा झेल रहा है तथा न्याय से वंचित है। अतः प्रार्थी ने उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए निवेदन किया है कि खाता संख्या 249 और गाटा 13 खाता संख्या 243 की वास्तविक स्थिति राजस्व अभिलेखों के आधार पर तत्काल स्पष्ट कराई जाए, संबंधित लेखपालों, कानूनगो और अन्य जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की जांच कर उन पर कठोर कानूनी एवं विभागीय कार्यवाही की जाए, अवैध निर्माण कार्य को तत्काल रुकवाया जाए, और भूमाफियाओं एवं अवैध कब्जाधारकों के विरुद्ध सख्त कार्यवाही की जाए।
- मिर्जापुर में एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहाँ दबंगों ने प्रधान पुत्र को हमला कर मौत के घाट उतार दिया। यह वारदात तब हुई जब दबंग शादी में किसी की मदद करने को लेकर भड़क गए, जिसके बाद उन्होंने प्रधान पुत्र पर हमला कर दिया।1
- मध्य प्रदेश के रीवा जिले के मशहूर यूट्यूबर मनीष पटेल, जो कॉमेडी वीडियो बनाकर लोगों को हंसाने के काम में लगे थे, हाल ही में एक विवादित वीडियो पोस्ट करने के बाद जेल पहुँच गए हैं। फरवरी माह में उन्होंने 'ब्राह्मण की लड़कियां कैसे पटती है' शीर्षक से एक वीडियो साझा किया था, जिसके बाद ब्राह्मण समाज के लोगों ने उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई। इसी मामले में मनीष पटेल को जेल भी जाना पड़ा है।1
- मिर्जापुर जिले के अहरौरा नगर पालिका परिषद के नई बाजार वार्ड में करोड़ों रुपये की लागत से बनाए जा रहे नाले का निर्माण भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रहा है, जिससे मनोनीत सभासदों में गहरा आक्रोश है। पानी निकासी की समस्या के समाधान के लिए शुरू की गई यह परियोजना घटिया सामग्री और खराब गुणवत्ता के कारण विवादों में घिर गई है। निर्माण कार्य में मानकों का उल्लंघन करते हुए गिट्टी की जगह स्थानीय और हल्की गिट्टी का इस्तेमाल किया जा रहा है, और कंक्रीट का अनुपात भी ठीक से नहीं मिलाया जा रहा है। इसकी गुणवत्ता इतनी खराब है कि छूने मात्र से ही नाले की गिट्टी गिरने लगती है। राज्यपाल द्वारा मनोनीत सभासदों ने इस पर उग्र विरोध दर्ज कराया है, जबकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का भ्रष्टाचार पर 'जीरो टॉलरेंस' का दावा अहरौरा नगर में 'हवा हवाई' साबित हो रहा है। नगर पालिका अध्यक्ष और अधिशासी अधिकारी की चुप्पी इस मामले में एक अलग ही कहानी बयां कर रही है, और स्थानीय सभासद सहित कई अन्य सभासदों ने भी निर्माण की गुणवत्ता पर अपना आक्रोश व्यक्त किया है। जिम्मेदार अधिकारियों से बात करने पर सभासदों को सांत्वना मिली है, जिसमें अधिकारियों ने स्वीकार किया कि ठेकेदार द्वारा घटिया निर्माण सामग्री का उपयोग किया जा रहा था। अधिकारियों ने सूचित किया है कि फिलहाल काम रोक दिया गया है और ठेकेदार को नोटिस जारी किया जाएगा। हालांकि, एक 'यक्ष प्रश्न' यह बना हुआ है कि क्या वास्तव में निर्माण मानकों में सुधार होगा, या फिर यह 'टेबल के नीचे से समझौते' में बदल जाएगा।4
- मुंबई पुलिस की कांदिवली एंटी नारकोटिक्स सेल (एएनसी) ने मुंबई में चल रही एमडी ड्रग्स बनाने की एक अवैध प्रयोगशाला का भंडाफोड़ किया है। इस बड़ी कार्रवाई के दौरान पुलिस ने लगभग 14 किलो 423 ग्राम मेफेड्रोन (एमडी), लिक्विड एमडी और अन्य रसायन जब्त किए हैं, जिनकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत 70 करोड़ 74 लाख 3 हजार 900 रुपये बताई जा रही है। पुलिस ने इस कार्रवाई में एक देसी पिस्टल और 19 जिंदा कारतूस भी बरामद किए हैं। इस मामले में अब तक 03 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।1
- मुकेश कुमार ने अपनी एक पोस्ट के माध्यम से अपनी उलझन व्यक्त की है, जिसमें उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और 'आप सबका साथ आपकाबिकास' का जिक्र किया। पोस्ट में मुकेश कुमार ने सवाल उठाया है कि क्या कोई 'जय श्रीराम जी' को उनके जन्मदिन पर बधाई नहीं देगा। इसके साथ ही, उन्होंने अपनी 'आईडी' पर लिखी बातों और दूसरों के अपने बारे में विचारों को लेकर भी प्रश्न किए, यह कहते हुए कि वह स्वयं अपनी आईडी पर कुछ नहीं कह रहे हैं।1
- मिर्ज़ापुर में नपाध्यक्ष के आवास पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'मन की बात' कार्यक्रम को सुना गया। इस अवसर पर किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष भी उपस्थित थे।1
- प्रयागराज के मेजा थाना क्षेत्र में ऊंचडीह बाजार से उरुवा मार्ग पर पट्टीनाथ राय गांव के सामने शनिवार सुबह करीब साढ़े आठ बजे एक भीषण सड़क हादसा हो गया। तेज रफ्तार वैन और बाइक की आमने-सामने की जोरदार भिड़ंत में बाइक सवार दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि टक्कर के बाद वैन पलट गई। यह वैन क्षेत्र के चर्चित प्रयाग हॉस्पिटल की बताई जा रही है। इस दुर्घटना में सोनबरसा गांव निवासी सुरेश पाल (25) पुत्र छोटेलाल पाल का दाहिना पैर गंभीर रूप से जख्मी हो गया। वहीं, दूसरे बाइक सवार धीरज पाल (18) पुत्र राजू पाल के बाएं पैर और छाती में गंभीर चोटें आई थीं, जिसके चलते उन्हें जिला अस्पताल भेजा गया था। अस्पताल में इलाज के दौरान धीरज पाल की मौत हो गई। मृतक धीरज का शव जैसे ही उनके गांव पहुंचा, परिजनों में रोना-पीटना मच गया और आक्रोशित परिवारजनों ने सोनार का तारा स्थित प्रयाग हॉस्पिटल पर पहुंचकर चक्का जाम कर दिया।1