अलीगढ़ के जिलाधिकारी अविनाश कुमार ने मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल (आईजीआरएस) पर प्राप्त शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण में लापरवाही बरतने वाले 33 अधिकारियों का मई माह का वेतन रोक दिया है। समीक्षा के दौरान खराब प्रदर्शन सामने आने के बाद, वरिष्ठ कोषाधिकारी सहित इन अधिकारियों के खिलाफ यह बड़ी कार्रवाई की गई है। जिलाधिकारी ने सख्त निर्देश दिए हैं कि जब तक शिकायतों के संतोषजनक निस्तारण में सुधार नहीं होता, तब तक संबंधित अधिकारियों का वेतन जारी नहीं किया जाएगा, जिससे विभागों में हड़कंप मच गया है। आईजीआरएस की समीक्षा बैठक में बिजली विभाग का प्रदर्शन सबसे खराब पाया गया। अधिशासी अभियंता विद्युत वितरण के पास कुल 464 शिकायतें लंबित थीं, जिनमें से 260 शिकायतों का निस्तारण असंतोषजनक रहा, जिससे विभाग का संतोषजनक निस्तारण प्रतिशत केवल 44 प्रतिशत रहा। इसके अतिरिक्त, विद्युत वितरण खंड-5 की स्थिति और भी बदतर पाई गई, जहाँ प्राप्त शिकायतों में से एक भी शिकायत का संतोषजनक ढंग से निस्तारण नहीं किया गया था। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) का प्रदर्शन भी चिंताजनक श्रेणी में रहा। जिलाधिकारी अविनाश कुमार ने अधिकारियों को कड़ी चेतावनी देते हुए साफ कहा है कि जनता की शिकायतों के निस्तारण में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि शासन की मंशा के अनुरूप शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण और पारदर्शी निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, अन्यथा भविष्य में और भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
अलीगढ़ के जिलाधिकारी अविनाश कुमार ने मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल (आईजीआरएस) पर प्राप्त शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण में लापरवाही बरतने वाले 33 अधिकारियों का मई माह का वेतन रोक दिया है। समीक्षा के दौरान खराब प्रदर्शन सामने आने के बाद, वरिष्ठ कोषाधिकारी सहित इन अधिकारियों के खिलाफ यह बड़ी कार्रवाई की गई है। जिलाधिकारी ने सख्त निर्देश दिए हैं कि जब तक शिकायतों के संतोषजनक निस्तारण में सुधार नहीं होता, तब तक संबंधित अधिकारियों का वेतन जारी नहीं किया जाएगा, जिससे विभागों में हड़कंप मच गया है। आईजीआरएस की समीक्षा बैठक में बिजली विभाग का प्रदर्शन सबसे खराब पाया गया। अधिशासी अभियंता विद्युत वितरण के पास कुल 464 शिकायतें लंबित थीं, जिनमें से 260 शिकायतों का निस्तारण असंतोषजनक रहा, जिससे विभाग का संतोषजनक निस्तारण प्रतिशत केवल 44 प्रतिशत रहा। इसके अतिरिक्त, विद्युत वितरण खंड-5 की स्थिति और भी बदतर पाई गई, जहाँ प्राप्त शिकायतों में से एक भी शिकायत का संतोषजनक ढंग से निस्तारण नहीं किया गया था। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) का प्रदर्शन भी चिंताजनक श्रेणी में रहा। जिलाधिकारी अविनाश कुमार ने अधिकारियों को कड़ी चेतावनी देते हुए साफ कहा है कि जनता की शिकायतों के निस्तारण में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि शासन की मंशा के अनुरूप शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण और पारदर्शी निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, अन्यथा भविष्य में और भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
- अलीगढ़ जिले के गोंडा क्षेत्र के ढांटौली गांव में उस समय हड़कंप मच गया जब जल विभाग के अधिकारियों और पुलिस प्रशासन ने नीरज चौधरी को उनके ही निजी निवास पर नजरबंद कर दिया। आज सुबह 6:00 बजे से ही नीरज चौधरी के घर के बाहर भारी पुलिस बल तैनात है और उन्हें घर से बाहर निकलने की अनुमति नहीं दी जा रही है। यह पूरा मामला ढांटौली नदी की सफाई के लिए निकाले गए एक सरकारी निविदा (टेंडर) से जुड़ा है। नीरज चौधरी के मुताबिक, जल विभाग ने 25 मई 2026 को यह टेंडर जारी किया था, जिसकी अंतिम तिथि 30 मई 2026 तय की गई थी। हालांकि, आरोप है कि अंतिम तिथि बीत जाने के बाद भी विभाग द्वारा कोई टेंडर नहीं खोला गया। जब नीरज चौधरी ने इस संबंध में जल विभाग के आला अधिकारियों से बात कर नदी सफाई कार्य में हो रही देरी का कारण पूछा, तो उन्हें कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। अधिकारियों के इस 'अड़ियल रवैये' से नाराज होकर नीरज चौधरी ने आज विभाग को एक औपचारिक ज्ञापन सौंपने का ऐलान किया था। लेकिन, इससे पहले कि वह घर से निकल पाते, आज सुबह 06:00 बजे पुलिस प्रशासन ने उन्हें उनके ही घर में नजरबंद कर दिया। नीरज चौधरी ने अपनी नजरबंदी पर बयान देते हुए इसे 'लोकतंत्र की हत्या' करार दिया। उन्होंने कहा कि जल विभाग की लापरवाही के कारण ढांटौली नदी की सफाई 'अधर में लटकी है' और जब उन्होंने जवाब मांगा तथा 'शांतिपूर्ण ढंग से ज्ञापन देने की बात कही', तो प्रशासन ने 'आवाज दबाने के लिए' उन्हें सुबह से ही घर में कैद कर दिया।1
- रविवार को छुट्टी के दिन, अलीगढ़ से 20 हजार से ज़्यादा श्रद्धालु पूर्णिमा स्नान के लिए राजघाट पहुँचे। बड़ी संख्या में आई यह भीड़ अलीगढ़ से लेकर राजघाट तक फैली हुई थी।1
- जनपद अलीगढ़ की इगलास तहसील स्थित महर्षि विश्वामित्र की तपोस्थली बेसवा में तेज आंधी के साथ जमकर ओले बरसे। इस प्राकृतिक आपदा के कारण धरनीधर सरोवर पर चल रहे धरनीधर कुंभ के मेले में दुकानदारों की दुकानों को भारी क्षति पहुँची, जिससे दुकानदारों के चेहरे पर उदासी छा गई। इसी दौरान, चौरासी परिक्रमणार्थियों को भी इस आंधी और ओलावृष्टि का सामना करना पड़ा। हालांकि, श्रद्धालुओं की आस्था ईश्वरीय प्रकोप पर भारी पड़ी और चौरासी कोस की परिक्रमा नहीं रुकी। वहीं, इस घटना ने नगर पंचायत की व्यवस्थाओं की पोल खोल दी, क्योंकि थोड़ी सी बारिश में ही बाजार में जगह-जगह नालियाँ चोक होने से जलभराव हो गया। जब श्रद्धालुओं से इस स्थिति के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने दुखी मन से नगर अध्यक्ष की कमियों को उजागर किया।4
- हाथरस में थाना कोतवाली नगर पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है, जहाँ गुमशुदा हुई तीन युवतियों को मात्र 6 घंटे के अंदर सकुशल बरामद कर लिया गया। जैसे ही तीनों युवतियों के गुमशुदा होने की सूचना पुलिस टीम को मिली, वह तुरंत सक्रिय हो गई और त्वरित कार्रवाई करते हुए उन्हें ढूंढ निकाला। इस मामले में पुलिस ने आरोपीगणों को भी गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक हाथरस ने पूरी घटना की जानकारी देते हुए पुलिस टीम की इस तत्परता और कार्यकुशलता की सराहना की है।1
- हाथरस जिले के ब्लॉक सहपऊ क्षेत्र में हुई जोरदार बरसात और तूफान ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। इस भारी बारिश और तेज हवाओं के कारण सड़कों पर कई पेड़ टूटकर गिर गए, जिससे आवागमन बाधित हुआ। इसके साथ ही, कई बिजली के खंभे भी टूट गए। जोरदार बारिश और तूफान के चलते जिला हाथरस में सड़कों पर लंबा जाम लग गया है।2
- हाथरस से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहाँ घर से लापता हुई तीन युवतियों को पुलिस ने महज छह घंटों के भीतर दिल्ली से सकुशल बरामद कर लिया है। पुलिस द्वारा बरामद की गई तीनों युवतियों में दो मुस्लिम और एक हिन्दू युवती शामिल हैं। पुलिस ने इन युवतियों को दिल्ली के द्वारका नजफगढ़ स्थित एक होटल से बरामद किया। इस कार्रवाई के दौरान, पाँच युवकों को भी पुलिस ने हिरासत में लिया है। हाथरस पुलिस की कई टीमें इन हिरासत में लिए गए पाँचों युवकों से सघन पूछताछ करने में जुटी हैं। थाना सदर कोतवाली क्षेत्र से लापता हुई इन युवतियों को सकुशल बरामद करने वाली पुलिस टीमों की सराहना करते हुए, एसपी चिरंजीव नाथ सिन्हा ने उन्हें पच्चीस हजार रुपये के पुरस्कार से सम्मानित किया है।3
- उत्तर प्रदेश में विधायक डॉ. शैलेश सिंह पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। जानकारी के अनुसार, उन पर महल के गेटों पर 84 कोस की परिक्रमा करने वाले पर्यटकों से ₹50 का टिकट वसूलने का आरोप है। इस मामले के सामने आने के बाद विधायक डॉ. शैलेश सिंह सवालों के घेरे में आ गए हैं।1
- अलीगढ़ के खैर थाना क्षेत्र में एक सड़क हादसे के बाद भारी हंगामा देखने को मिला है। यहाँ एक रोडवेज बस और ट्रैक्टर के बीच जोरदार भिड़ंत हो गई। इस हादसे के बाद, ट्रैक्टर सवार गुस्साए लोगों ने कानून हाथ में लेते हुए रोडवेज बस पर जमकर पथराव किया और उसके शीशे तोड़ दिए।1