जिला ब्यूरो रिपोर्टर राजेश बबेले बुंदेली लोकगीत सम्राट दादा विष्णु पटैरिया को भावभीनी श्रद्धांजलि लोकेशन बीना रिपोर्टर राजेश बबेले बुंदेली लोकगीत सम्राट दादा विष्णु पटैरिया को भावभीनी श्रद्धांजलि श्रद्धांजलि सभा में वक्ताओं ने कहा- बुंदेलखंड की लोकगायन परंपरा को देशभर में पहचान दिलाने में उनका योगदान अविस्मरणीय राजेश बबेले बीना। बुंदेली लोकगीतों को देशभर में पहचान दिलाने वाले बुंदेलखंड के प्रसिद्ध लोकगायक एवं लोकगीत सम्राट पं. विष्णु प्रसाद पटैरिया की स्मृति में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन जवाहर वार्ड स्थित गायत्री विद्या मंदिर स्कूल के सभागार में किया गया। सभा में नगर के साहित्यकारों, कवियों, शिक्षाविदों, समाजसेवियों और उनके स्नेहीजनों ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम की शुरुआत स्वर्गीय पटैरिया के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर की गई। उपस्थित लोगों ने उनके व्यक्तित्व, कृतित्व और बुंदेली लोकगीत के क्षेत्र में दिए गए योगदान को स्मरण करते हुए उनके साथ बिताए संस्मरण साझा किए। *बुंदेलखंड के गौरव थे पटैरिया जी* श्रद्धांजलि सभा में मुरारी गोस्वामी ने कहा कि पं. पटैरिया बुंदेलखंड के गौरव थे। उनका जीवन बेहद सहज, सरल और आत्मीय रहा धर्माधिकारी पं. दशरथ पुरोहित ने उन्हें अपना ‘भीष्म पितामह’ बताते हुए कहा कि वे गीता स्वाध्याय मंडल के वरिष्ठ सदस्य रहे और आध्यात्मिक गतिविधियों से निरंतर जुड़े रहे। पार्षद जितेंद्र बोहरे ने कहा कि पटैरिया जी एक आदर्श शिक्षक भी थे। उनके पढ़ाए विद्यार्थी आज विभिन्न उच्च पदों पर कार्य कर रहे हैं। मूलचंद सेन ने कविता के माध्यम से श्रद्धांजलि अर्पित की। *लोकगीतों के माध्यम से बुंदेली संस्कृति को दी पहचान* अवतार सिंह अरोरा ने कहा कि पं. पटैरिया ने बुंदेली लोकगीत गायन के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया। एल्डरमैन पवन गुलाटी ने कहा कि उन्होंने बुंदेली लोकगीत गायन की परंपरा को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कवि सीताराम चौरसिया ने कहा कि पटैरिया जी बुंदेलखंड की पहचान और गौरव थे। संगीत एवं गायन के क्षेत्र में उन्होंने उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कीं। कवि देवेंद्र नाथ तिवारी ने कहा कि उनका जीवन परिचय अत्यंत व्यापक है और उनका सानिध्य मिलना सभी के लिए सौभाग्य की बात रही। *संगीत के साथ साहित्य और अध्यात्म से भी गहरा जुड़ाव* पं. महेशदत्त तिवारी ने कहा कि एक महान विभूति हमारे बीच से चली गई। वे सदैव श्रीमद्भगवद्गीता से जुड़े रहे। पं. कुंजबिहारी बिलगैयां ने बताया कि पटैरिया काका को श्रीरामचरितमानस का भी गहरा ज्ञान था। पं. ओमकार देवलिया ने कहा कि पटैरिया जी जीवनभर मुस्कुराते रहे और अपने सहज व्यवहार से सभी को अपना बनाते रहे। राम शर्मा ने उनके सरल और सदैव मुस्कुराते चेहरे को याद करते हुए बताया कि उन्हें ‘नगर रत्न अलंकरण’ की उपाधि से भी सम्मानित किया गया था। *कविताओं और गीतों से दी भावभीनी विदाई* श्रद्धांजलि सभा के दौरान माहौल भावुक हो गया। राजेंद्र ठाकुर ने गीत ‘ओ जाने वाले, हो सके तो लौट के आना’ प्रस्तुत कर श्रद्धांजलि दी। मनोहर लाल दीक्षित ने गीत ‘दुनिया से जाने वाले, जाने चले जाते हैं कहां’ गाकर दिवंगत लोकगायक को याद किया। मूलचंद सेन ने कविता के माध्यम से श्रद्धांजलि अर्पित की। कवि महेंद्र अभागा ने कहा कि पटैरिया जी कविगोष्ठियों में निरंतर उपस्थित रहते और साहित्यकारों को मार्गदर्शन देते थे। *शरीर नहीं, लेकिन विचार और कार्य हमेशा रहेंगे* पं. उमेश शर्मा ने कहा कि पटैरिया जी आज स्थूल शरीर से हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनके विचार, उनकी रचनाएं और उनके कार्य हमेशा समाज के बीच जीवित रहेंगे। हम सभी को उनके बताए मार्ग पर चलना चाहिए। गायत्री विद्या मंदिर के संचालक प्रदीप तिवारी ने कहा कि कुछ ही दिव्य आत्माएं ऐसी होती हैं जो समाज पर अपनी अमिट छाप छोड़ जाती हैं। पटैरिया जी की छत्रछाया लंबे समय तक हम सभी को प्राप्त हुई, जिसे भुलाया नहीं जा सकता। प्राचार्य पं. सुखनंदन तिवारी ने कहा कि पटैरिया जी से उनके परिवार के सदस्यों को हमेशा पिता तुल्य स्नेह और मार्गदर्शन मिला। आरके जैन ने परिवार को इस कठिन समय को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की। *उनकी परंपरा को आगे बढ़ाना ही सच्ची श्रद्धांजलि* रविशंकर अवस्थी ने कहा कि पटैरिया जी ने बुंदेली लोकगीतों के माध्यम से अनेक भजनों को जन-जन तक पहुंचाया। कवि महेंद्र अभागा ने उनके साहित्यिक सानिध्य को याद किया। ठाकुरदास यादव ने जीवन के शाश्वत सत्य का स्मरण कराते हुए कहा कि जन्म लेने वाले प्रत्येक व्यक्ति को एक दिन मृत्यु को प्राप्त होना है, लेकिन महान व्यक्तियों के कर्म उन्हें हमेशा जीवित रखते हैं। पं. उमेश शर्मा ने कहा कि पटैरिया जी की लोकगायन परंपरा, उनके विचार और सामाजिक-सांस्कृतिक योगदान को आगे बढ़ाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। *परिवार सहित बड़ी संख्या में लोग रहे मौजूद* श्रद्धांजलि सभा में पटैरिया परिवार की ओर से अनिल पटैरिया सहित कल्पना चौरसिया, दिनेश पाठक, आरपी शर्मा, मुरारी गोस्वामी, दशरथ पुरोहित, विनोद कुमार श्रीवास्तव, बेनी प्रसाद सेन, आशुतोष तिवारी, लक्ष्मीनारायण श्रोती, वैभव दुबे, प्रेमनारायण शर्मा, एडवोकेट राजकुमार सोनी, एडवोकेट अनिल सोनी, एल्डरमैन संतोष कुशवाहा, पवन गुलाटी, ओमकार देवलिया, राकेश पुरोहित, मूलचंद सेन, महेशदत्त तिवारी, आरके जैन, रज्जन चौबे, सुखनंदन तिवारी, राजेश चौबे, अवतार सिंह अरोरा, ठाकुरदास यादव, प्रदीप तिवारी, राम शर्मा, प्रमोद राय, अनिल शर्मा, संजीव मिश्रा, रवि शास्त्री, महेंद्र अभागा, देवेंद्र नाथ तिवारी, कुंजबिहारी बिलगैयां, विवेक रावत, माता प्रसाद अहिरवार, शरद श्रीवास, रविशंकर अवस्थी, मोनू जय विश्वकर्मा सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ कवि सीताराम चौरसिया ने किया। अंत में गायत्री परिवार के बेनी प्रसाद सेन ने शांति पाठ कराया। दिवंगत आत्मा की शांति के लिए उपस्थित सभी लोगों ने मौन धारण किया। आभार पं. उमेश शर्मा ने व्यक्त किया।
जिला ब्यूरो रिपोर्टर राजेश बबेले बुंदेली लोकगीत सम्राट दादा विष्णु पटैरिया को भावभीनी श्रद्धांजलि लोकेशन बीना रिपोर्टर राजेश बबेले बुंदेली लोकगीत सम्राट दादा विष्णु पटैरिया को भावभीनी श्रद्धांजलि श्रद्धांजलि सभा में वक्ताओं ने कहा- बुंदेलखंड की लोकगायन परंपरा को देशभर में पहचान दिलाने में उनका योगदान अविस्मरणीय राजेश बबेले बीना। बुंदेली लोकगीतों को देशभर में पहचान दिलाने वाले बुंदेलखंड के प्रसिद्ध लोकगायक एवं लोकगीत सम्राट पं. विष्णु प्रसाद पटैरिया की स्मृति में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन जवाहर वार्ड स्थित गायत्री विद्या मंदिर स्कूल के सभागार में किया गया। सभा में नगर के साहित्यकारों, कवियों, शिक्षाविदों, समाजसेवियों और उनके स्नेहीजनों ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम की शुरुआत स्वर्गीय पटैरिया के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर की गई। उपस्थित लोगों ने उनके व्यक्तित्व, कृतित्व और बुंदेली लोकगीत के क्षेत्र में दिए गए योगदान को स्मरण करते हुए उनके साथ बिताए संस्मरण साझा किए। *बुंदेलखंड के गौरव थे पटैरिया जी* श्रद्धांजलि सभा में मुरारी गोस्वामी ने कहा कि पं. पटैरिया बुंदेलखंड के गौरव थे। उनका जीवन बेहद सहज, सरल और आत्मीय रहा धर्माधिकारी पं. दशरथ पुरोहित ने उन्हें अपना ‘भीष्म पितामह’ बताते हुए कहा कि वे गीता स्वाध्याय मंडल के वरिष्ठ सदस्य रहे और आध्यात्मिक गतिविधियों से निरंतर जुड़े रहे। पार्षद जितेंद्र बोहरे ने कहा कि पटैरिया जी एक आदर्श शिक्षक भी थे। उनके पढ़ाए विद्यार्थी आज विभिन्न उच्च पदों पर कार्य कर रहे हैं। मूलचंद सेन ने कविता के माध्यम से श्रद्धांजलि अर्पित की। *लोकगीतों के माध्यम से बुंदेली संस्कृति को दी पहचान* अवतार सिंह अरोरा ने कहा कि पं. पटैरिया ने बुंदेली लोकगीत गायन के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया। एल्डरमैन पवन गुलाटी ने कहा कि उन्होंने बुंदेली लोकगीत गायन की परंपरा को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कवि सीताराम चौरसिया ने कहा कि पटैरिया जी बुंदेलखंड की पहचान और गौरव थे। संगीत एवं
गायन के क्षेत्र में उन्होंने उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कीं। कवि देवेंद्र नाथ तिवारी ने कहा कि उनका जीवन परिचय अत्यंत व्यापक है और उनका सानिध्य मिलना सभी के लिए सौभाग्य की बात रही। *संगीत के साथ साहित्य और अध्यात्म से भी गहरा जुड़ाव* पं. महेशदत्त तिवारी ने कहा कि एक महान विभूति हमारे बीच से चली गई। वे सदैव श्रीमद्भगवद्गीता से जुड़े रहे। पं. कुंजबिहारी बिलगैयां ने बताया कि पटैरिया काका को श्रीरामचरितमानस का भी गहरा ज्ञान था। पं. ओमकार देवलिया ने कहा कि पटैरिया जी जीवनभर मुस्कुराते रहे और अपने सहज व्यवहार से सभी को अपना बनाते रहे। राम शर्मा ने उनके सरल और सदैव मुस्कुराते चेहरे को याद करते हुए बताया कि उन्हें ‘नगर रत्न अलंकरण’ की उपाधि से भी सम्मानित किया गया था। *कविताओं और गीतों से दी भावभीनी विदाई* श्रद्धांजलि सभा के दौरान माहौल भावुक हो गया। राजेंद्र ठाकुर ने गीत ‘ओ जाने वाले, हो सके तो लौट के आना’ प्रस्तुत कर श्रद्धांजलि दी। मनोहर लाल दीक्षित ने गीत ‘दुनिया से जाने वाले, जाने चले जाते हैं कहां’ गाकर दिवंगत लोकगायक को याद किया। मूलचंद सेन ने कविता के माध्यम से श्रद्धांजलि अर्पित की। कवि महेंद्र अभागा ने कहा कि पटैरिया जी कविगोष्ठियों में निरंतर उपस्थित रहते और साहित्यकारों को मार्गदर्शन देते थे। *शरीर नहीं, लेकिन विचार और कार्य हमेशा रहेंगे* पं. उमेश शर्मा ने कहा कि पटैरिया जी आज स्थूल शरीर से हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनके विचार, उनकी रचनाएं और उनके कार्य हमेशा समाज के बीच जीवित रहेंगे। हम सभी को उनके बताए मार्ग पर चलना चाहिए। गायत्री विद्या मंदिर के संचालक प्रदीप तिवारी ने कहा कि कुछ ही दिव्य आत्माएं ऐसी होती हैं जो समाज पर अपनी अमिट छाप छोड़ जाती हैं। पटैरिया जी की छत्रछाया लंबे समय तक हम सभी को प्राप्त हुई, जिसे भुलाया नहीं जा सकता।
प्राचार्य पं. सुखनंदन तिवारी ने कहा कि पटैरिया जी से उनके परिवार के सदस्यों को हमेशा पिता तुल्य स्नेह और मार्गदर्शन मिला। आरके जैन ने परिवार को इस कठिन समय को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की। *उनकी परंपरा को आगे बढ़ाना ही सच्ची श्रद्धांजलि* रविशंकर अवस्थी ने कहा कि पटैरिया जी ने बुंदेली लोकगीतों के माध्यम से अनेक भजनों को जन-जन तक पहुंचाया। कवि महेंद्र अभागा ने उनके साहित्यिक सानिध्य को याद किया। ठाकुरदास यादव ने जीवन के शाश्वत सत्य का स्मरण कराते हुए कहा कि जन्म लेने वाले प्रत्येक व्यक्ति को एक दिन मृत्यु को प्राप्त होना है, लेकिन महान व्यक्तियों के कर्म उन्हें हमेशा जीवित रखते हैं। पं. उमेश शर्मा ने कहा कि पटैरिया जी की लोकगायन परंपरा, उनके विचार और सामाजिक-सांस्कृतिक योगदान को आगे बढ़ाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। *परिवार सहित बड़ी संख्या में लोग रहे मौजूद* श्रद्धांजलि सभा में पटैरिया परिवार की ओर से अनिल पटैरिया सहित कल्पना चौरसिया, दिनेश पाठक, आरपी शर्मा, मुरारी गोस्वामी, दशरथ पुरोहित, विनोद कुमार श्रीवास्तव, बेनी प्रसाद सेन, आशुतोष तिवारी, लक्ष्मीनारायण श्रोती, वैभव दुबे, प्रेमनारायण शर्मा, एडवोकेट राजकुमार सोनी, एडवोकेट अनिल सोनी, एल्डरमैन संतोष कुशवाहा, पवन गुलाटी, ओमकार देवलिया, राकेश पुरोहित, मूलचंद सेन, महेशदत्त तिवारी, आरके जैन, रज्जन चौबे, सुखनंदन तिवारी, राजेश चौबे, अवतार सिंह अरोरा, ठाकुरदास यादव, प्रदीप तिवारी, राम शर्मा, प्रमोद राय, अनिल शर्मा, संजीव मिश्रा, रवि शास्त्री, महेंद्र अभागा, देवेंद्र नाथ तिवारी, कुंजबिहारी बिलगैयां, विवेक रावत, माता प्रसाद अहिरवार, शरद श्रीवास, रविशंकर अवस्थी, मोनू जय विश्वकर्मा सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ कवि सीताराम चौरसिया ने किया। अंत में गायत्री परिवार के बेनी प्रसाद सेन ने शांति पाठ कराया। दिवंगत आत्मा की शांति के लिए उपस्थित सभी लोगों ने मौन धारण किया। आभार पं. उमेश शर्मा ने व्यक्त किया।
- जिला ब्यूरो रिपोर्टर राजेश बबेले थाने के सामने से बिना रॉयल्टी रेत का ट्रक जब्त, खनिज विभाग की कार्रवाई लोकेशन बीना रिपोर्टर राजेश बबेले थाने के सामने से बिना रॉयल्टी रेत का ट्रक जब्त, खनिज विभाग की कार्रवाई खिमलासा में बेखौफ रेत कारोबार पर उठे सवाल: एक ट्रक पकड़ा, लेकिन दर्जनों ठिकानों पर अब भी बिक्री के आरोप राजेश बबेले बीना/खिमलासा। खिमलासा क्षेत्र में लंबे समय से चर्चा में बने बिना रॉयल्टी रेत कारोबार के बीच खनिज विभाग ने कार्रवाई करते हुए एम-सैंड रेत से भरे एक ट्रक को जब्त किया है। कार्रवाई उस समय हुई, जब बिना वैध दस्तावेजों के रेत से भरा ट्रक खिमलासा थाना के सामने से गुजर रहा था। खनिज विभाग की इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में संचालित कथित अवैध रेत कारोबार को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। *खनिज अधिकारी ने की छापामार कार्रवाई* मिली जानकारी के अनुसार खनिज अधिकारी विराज नागवंशी को बिना रॉयल्टी रेत परिवहन की सूचना मिली थी। इसके बाद टीम ने खिमलासा थाना के सामने से गुजर रहे ट्रक क्रमांक यूपी-94-टी-3644 को रोककर जांच की। जांच में आवश्यक दस्तावेज नहीं मिलने पर ट्रक को जब्त कर खिमलासा पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया। *थाने के सामने से गुजरता रहा ट्रक, उठे कई सवाल* कार्रवाई के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि बिना रॉयल्टी रेत से भरा ट्रक थाना क्षेत्र के मुख्य मार्ग से गुजरता रहा, फिर भी कारोबारियों में किसी प्रकार का भय क्यों नहीं था। स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में लंबे समय से रेत का कारोबार खुलेआम संचालित हो रहा है और रेत को ऊंचे दामों पर बेचे जाने की शिकायतें भी सामने आती रही हैं। *एक दर्जन से अधिक स्थानों पर कारोबार के आरोप* ग्रामीणों और स्थानीय लोगों का आरोप है कि खिमलासा क्षेत्र में एक दर्जन से अधिक स्थानों पर रेत का भंडारण और बिक्री की जा रही है। इनमें कई स्थानों पर वैध रॉयल्टी और अनुमति को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। लोगों का कहना है कि यदि विभाग व्यापक स्तर पर जांच करे तो बड़े पैमाने पर अनियमितताएं सामने आ सकती हैं। *एक कार्रवाई से नहीं रुकेगा कारोबार* क्षेत्रवासियों का मानना है कि केवल एक ट्रक की जब्ती से रेत के कथित अवैध कारोबार पर पूरी तरह रोक लगाना संभव नहीं होगा। विभाग को रेत के भंडारण स्थलों, परिवहन के स्रोतों और बिक्री केंद्रों की गहन जांच करनी होगी। साथ ही यह भी पता लगाना होगा कि रेत कहां से लाई जा रही है और किस आधार पर उसका व्यापार किया जा रहा है। *अब अगली कार्रवाई पर टिकी निगाहें* खनिज विभाग की इस कार्रवाई के बाद अब लोगों की नजरें आगे की कार्रवाई पर टिकी हैं। यदि लगातार जांच और कार्रवाई होती है तो क्षेत्र में बिना रॉयल्टी रेत के कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकता है। वहीं, यदि कार्रवाई केवल एक ट्रक तक सीमित रहती है, तो अवैध कारोबार पर लगाम लगाना चुनौती बना रहेगा। *क्या खास* - खिमलासा थाना के सामने से बिना रॉयल्टी रेत से भरा ट्रक जब्त - ट्रक क्रमांक यूपी-94-टी-3644 को खनिज विभाग ने पकड़ा - क्षेत्र में एक दर्जन से अधिक स्थानों पर रेत बिक्री के आरोप - विभाग की अगली कार्रवाई पर टिकी लोगों की निगाहें।4
- सागर संभाग के सबसे बड़े रियल एस्टेट समूह कल्पधाम के आयोजन में आप सभी का स्वागत है सागर संभाग के सबसे बड़े रियल एस्टेट समूह कल्पधाम के आयोजन में आप सभी का स्वागत है1
- जैसीनगर के सूखा की बहु डॉ दिव्या द्विवेदी की कहानी तो आपने सुनी होगी लेकिन उनकी बेटी गौरांगी जो मजह 3 साल की है वो मां से भी आगे जाना चाहती है साइंटिस्ट (वैज्ञानिक) बनना चाहती है1
- सागर जिले में ऐसी पंचायत जहां पहले शासकीय राशि से नाडेफ बना दिया फिर उसको हटाने पुनः सरकारी भुक्तान लगा मिटवा दिया "नेता जी ने सफाई अभियान में पहले कचरा फैलाया फिर फोटो खींचने उसी कचरे को साफ कराया" यह राजनेतिक होता है परंतु गौरझामर में पंचायत प्रशासनिक करती दिख रही है मामला है शासकीय राशि के दुरुपयोग का जिसमें बीते 12 सितंबर को अवैध अतिक्रमण हटाने के नाम पर पुलिस थाना गौरझामर के बाउंड्री एवं यात्री प्रतीक्षालय के समीप बना कचरा डालने नाडेफ बना हुआ था जो वीडियो में हटाने के लिए जेसीबी एवं प्रशासनिक अमला लगा हुआ है वही पंचायत सचिव की मौजदूगी में यह कार्य हुआ वीडियो में वह दिख रहे हैं फिर भी उनसे इसका कारण जानना चाहा तो उन्होंने इसके बारे में क्या कहा सुने3
- 40 साल पुराने कांजी हाउस पर भूमाफियाओं की नजर, गौ-सेवा दल ने लगाई प्रशासन को गुहार, बोले - एक तरफ सरकार गौशाला बना रही है, दूसरी तरफ गायों के आश्रय को उजाड़ा जा रहा है लोकेशन:-बीना रिपोर्टर:-राकेश सेन *बीना।* जिस देश में गाय को माता कहा जाता है, उसी बीना में बेजुबानों के इकलौते सहारे को ही उजाड़ने की तैयारी चल रही है। यह दर्द लेकर मंगलवार को गौ सेवा दल बीना के वरिष्ठ सदस्य राजेंद्र यादव और वट्टी के नेतृत्व में सैकड़ों गौ-प्रेमी तहसील में जनसुनवाई में पहुंचे और नायब तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया गया कि कटरा मंदिर के पास शासकीय भूमि खसरा नंबर 187 बीना-इटावा पर पिछले 40 वर्षों से नगर पालिका द्वारा कांजी हाउस संचालित हो रहा है, जहां आवारा घूमने वाले बीमार गाय, बैल और बछड़ों का इलाज और देखभाल की जाती है। आरोप है कि अब कुछ अवैध कॉलोनाइजर इस पुण्य भूमि को अपना बताकर उसे खुर्द-बुर्द करने का प्रयास कर रहे हैं। राजेंद्र सिंह वट्टी ने भावुक होते हुए कहा "एक ओर शासन लाखों खर्च कर गौशालाएं बनवाने का ढिंढोरा पीट रहा है, तो दूसरी ओर शहर के बीचों-बीच मौजूद 40 साल पुराने कांजी हाउस को भू-माफिया निगलने पर तुले हैं। यह सिर्फ जमीन पर कब्जा नहीं, बल्कि बेजुबानों के मुंह से निवाला छीनने जैसा है। उन्होंने कहा कि यह कोई पहला मामला नहीं है। पूरे बीना में यही हाल हो रहा है। देव रघुनाथ बड़ा मंदिर स्थित मोतीचूर नदी को भी अपना हिस्सा बताकर विकास कार्यों में बाधा डाली गई, जिससे कार्य महीनों तक लंबित रहा। अब वही लोग कांजी हाउस की जमीन को हड़पना चाहते हैं। गौ सेवा दल ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने तुरंत संज्ञान लेकर इस बेशकीमती शासकीय, गौ-हित और जन-हित की भूमि को नगर पालिका के नाम सुरक्षित नहीं किया और दोषियों पर कार्रवाई नहीं की, तो यह प्रशासन की गौ-भक्ति पर सबसे बड़ा सवाल होगा। उन्होंने मांग की है कि शिकायती आवेदन पर त्वरित कार्रवाई कर भूमि को सुरक्षित किया जाए। इस मौके पर राजेंद्र यादव, अनुराग जैन, सुमित यादव, नवीन भिलवारे, रुपेश यादव सूरज यादव सहित सैकड़ों गौ-सेवक मौजूद रहे।1
- प्रेम प्रसंग में दुस्साहस : होमगार्ड के घर दिनदहाड़े फायरिंग,चार अंतर्राज्यीय आरोपी गिरफ्तार तीन तमंचे,चार कारतूस, 12 बोर की अवैध अदिया व कारतूस बरामद; युवती की दोस्ती को लेकर वारदात को दिया था अंजाम प्रेम प्रसंग में दुस्साहस : होमगार्ड के घर दिनदहाड़े फायरिंग,चार अंतर्राज्यीय आरोपी गिरफ्तार तीन तमंचे,चार कारतूस, 12 बोर की अवैध अदिया व कारतूस बरामद; युवती की दोस्ती को लेकर वारदात को दिया था अंजाम इन्द्रपाल सिंह ‘प्रिइन्द्र’ ललितपुर। थाना बार क्षेत्र के ग्राम गढ़िया में बीते 12 सितंबर को होमगार्ड के घर पर कार सवार बदमाशों द्वारा दिनदहाड़े की गई फायरिंग के मामले में पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस अधीक्षक संजीव बाजपेई के निर्देशन में आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए गठित पुलिस टीमों ने कार्रवाई करते हुए मामले में शामिल चार अंतर्राज्यीय आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त अवैध असलहे एवं कारतूस भी बरामद किए गए हैं। पुलिस के अनुसार पूछताछ और प्रारंभिक जांच में घटना के पीछे प्रेम प्रसंग एवं युवती की दोस्ती को लेकर उपजा विवाद सामने आया है। पुलिस ने चारों आरोपियों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई करते हुए उन्हें न्यायालय के समक्ष पेश किया, जहां से जेल भेजे जाने की कार्रवाई की गई। कार सवार होकर पहुंचे थे बदमाश बताया जाता है कि 12 सितंबर को ग्राम गढ़िया में होमगार्ड के घर को निशाना बनाकर कार सवार बदमाशों ने अचानक फायरिंग कर दी थी। दिनदहाड़े गोलियां चलने से गांव में हड़कंप मच गया था। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए थे। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक संजीव बाजपेई ने आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी के निर्देश दिए थे। इसके बाद थाना बार पुलिस एवं अन्य पुलिस टीमों ने संभावित स्थानों पर दबिश देने के साथ ही आरोपियों की तलाश शुरू कर दी। पुलिस की जांच आगे बढ़ने पर घटना में शामिल आरोपियों के संबंध में महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगे और अंततः चारों को गिरफ्तार कर लिया गया। प्रेम प्रसंग में दोस्ती बनी विवाद की वजह पुलिस की जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी यशप्रताप परमार थाना बार क्षेत्र के एक गांव में स्थित अपनी नानी के घर अक्सर आता-जाता था। इसी दौरान गांव में रहने वाली एक युवती से उसकी जान-पहचान हुई और दोनों के बीच प्रेम प्रसंग शुरू हो गया। समय के साथ दोनों के बीच बातचीत का सिलसिला भी चलने लगा। इसी दौरान आरोपी को जानकारी हुई कि उक्त युवती की होमगार्ड के पुत्र सोनू से दोस्ती हो गई है। युवती की सोनू से बढ़ती नजदीकी की जानकारी मिलने के बाद यशप्रताप नाराज हो गया। पुलिस के मुताबिक, इसी बात को लेकर उसके मन में रंजिश पैदा हुई और उसने अपने साथियों के साथ मिलकर सोनू एवं उसके परिवार पर दबाव बनाने तथा भय का माहौल पैदा करने के उद्देश्य से होमगार्ड के घर पर फायरिंग की घटना को अंजाम दिया। दिनदहाड़े हुई इस दुस्साहसिक वारदात ने गांव में सनसनी फैला दी थी। हालांकि पुलिस की तत्परता से मामले का खुलासा करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। तीन तमंचे और 12 बोर की अदिया बरामद पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त तीन अवैध देशी तमंचे 315 बोर, चार जिंदा कारतूस 315 बोर, एक अवैध अदिया 12 बोर तथा एक जिंदा कारतूस 12 बोर बरामद किया है। बरामद असलहों के आधार पर पुलिस द्वारा आरोपियों के विरुद्ध संबंधित धाराओं में अग्रिम विधिक कार्रवाई की गई है। चारों आरोपी मध्यप्रदेश से जुड़े गिरफ्तार आरोपियों की पहचान यशप्रताप परमार उम्र 19 वर्ष निवासी चिराई, जिला दतिया (मध्यप्रदेश) के रूप में हुई है। इसके अलावा शिवम रावत उम्र 19 वर्ष, अजमेर रावत उर्फ नन्ना उम्र 20 वर्ष तथा सुरेन्द्र रावत उम्र 22 वर्ष, तीनों निवासी ग्राम सड़, जिला शिवपुरी (मध्यप्रदेश) बताए गए हैं। चारों आरोपियों की गिरफ्तारी से पुलिस ने घटना के पीछे छिपे विवाद का खुलासा करने के साथ ही वारदात में प्रयुक्त असलहों को भी बरामद कर लिया है। पुलिस अब आरोपियों के आपराधिक इतिहास एवं घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से दिनदहाड़े फायरिंग जैसी गंभीर वारदात का खुलासा होने से क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को लेकर लोगों में भरोसा बढ़ा है।2
- माला सिन्हा की खिमलासा के बीच में नर्सरी के पास मोटरसाइकिल की भारत में एक दो घायल एक को सागर रेफर किया गया घायल 112 की मदद से सिविल अस्पताल लाया गया3
- ( जैसीनगर विकासखण्ड के ग्राम सूखा की बहु डॉक्टर दिव्या परिवार के सहयोग सपोर्ट से जैसीनगर के सरकारी अस्पताल की मेडीकल ऑफीसर बनी) इस परिवार की तरह अगर हर बहु को सास के रूप में मां, ससुर के रूप में पिता, देवर के रूप में भाई और देवरानी के रूप में बहिन मिल जाए तो परिवार स्वर्ग बन जाए आज के समाज में जो घटनाएं घट रही परिवारो में बो न हो धन्यवाद के पात्र पूरे परिवार के सदस्य प्रणाम है ऐसे परिवार को 🙏🙏🙏🙏1