श्योपुर करोड़ों रुपए की लागत से तैयार किए गए नेशनल हाईवे NH-552 की हालत निर्माण के कुछ समय बाद ही सवालों के घेरे में आ गई है। पहले फेज में गौरस गांव से सामरसा गांव तक बने इस हाईवे पर जगह-जगह गड्ढे दिखाई देने लगे हैं। सबसे गंभीर बात यह है कि इन गड्ढों की मरम्मत के लिए सड़क की निर्धारित तकनीकी प्रक्रिया के बजाय पेवर ब्लॉक लगाए जाने का मामला सामने आया है जो पेवर ब्लॉक रोड के साइड मे लगाए जाते है बह ब्लॉक रोड के बिच में रोड के पेच भरने मे लगये जा रहे हैं अगर एक भी ब्लॉक निकल जाता है तो बड़ी दुर्घटना हो सकती है नए-नवेले हाईवे पर सड़क निर्माण के कुछ समय बाद ही गड्ढे पड़ना निर्माण की गुणवत्ता और रखरखाव व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। वहीं, गड्ढों में पेवर ब्लॉक लगाकर की गई मरम्मत को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं कि क्या यह हाईवे की निर्धारित निर्माण तकनीक मानकों के अनुरूप है? श्योपुर करोड़ों रुपए की लागत से तैयार किए गए नेशनल हाईवे NH-552 की हालत निर्माण के कुछ समय बाद ही सवालों के घेरे में आ गई है। पहले फेज में गौरस गांव से सामरसा गांव तक बने इस हाईवे पर जगह-जगह गड्ढे दिखाई देने लगे हैं। सबसे गंभीर बात यह है कि इन गड्ढों की मरम्मत के लिए सड़क की निर्धारित तकनीकी प्रक्रिया के बजाय पेवर ब्लॉक लगाए जाने का मामला सामने आया है जो पेवर ब्लॉक रोड के साइड मे लगाए जाते है बह ब्लॉक रोड के बिच में रोड के पेच भरने मे लगये जा रहे हैं अगर एक भी ब्लॉक निकल जाता है तो बड़ी दुर्घटना हो सकती है नए-नवेले हाईवे पर सड़क निर्माण के कुछ समय बाद ही गड्ढे पड़ना निर्माण की गुणवत्ता और रखरखाव व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। वहीं, गड्ढों में पेवर ब्लॉक लगाकर की गई मरम्मत को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं कि क्या यह हाईवे की निर्धारित निर्माण तकनीक मानकों के अनुरूप है?
श्योपुर करोड़ों रुपए की लागत से तैयार किए गए नेशनल हाईवे NH-552 की हालत निर्माण के कुछ समय बाद ही सवालों के घेरे में आ गई है। पहले फेज में गौरस गांव से सामरसा गांव तक बने इस हाईवे पर जगह-जगह गड्ढे दिखाई देने लगे हैं। सबसे गंभीर बात यह है कि इन गड्ढों की मरम्मत के लिए सड़क की निर्धारित तकनीकी प्रक्रिया के बजाय पेवर ब्लॉक लगाए जाने का मामला सामने आया है जो पेवर ब्लॉक रोड के साइड मे लगाए जाते है बह ब्लॉक रोड के बिच में रोड के पेच भरने मे लगये जा रहे हैं अगर एक भी ब्लॉक निकल जाता है तो बड़ी दुर्घटना हो सकती है नए-नवेले हाईवे पर सड़क निर्माण के कुछ समय बाद ही गड्ढे पड़ना निर्माण की गुणवत्ता और रखरखाव व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। वहीं, गड्ढों में पेवर ब्लॉक लगाकर की गई मरम्मत को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं कि क्या यह हाईवे की निर्धारित निर्माण तकनीक मानकों के अनुरूप है? श्योपुर करोड़ों रुपए की लागत से तैयार किए गए नेशनल हाईवे NH-552 की हालत निर्माण के कुछ समय बाद ही सवालों के घेरे में आ गई है। पहले फेज में गौरस गांव से सामरसा गांव तक बने इस हाईवे पर जगह-जगह गड्ढे दिखाई देने लगे हैं। सबसे गंभीर बात यह है कि इन गड्ढों की मरम्मत के लिए सड़क की निर्धारित तकनीकी प्रक्रिया के बजाय पेवर ब्लॉक लगाए जाने का मामला सामने आया है जो पेवर ब्लॉक रोड के साइड मे लगाए जाते है बह ब्लॉक रोड के बिच में रोड के पेच भरने मे लगये जा रहे हैं अगर एक भी ब्लॉक निकल जाता है तो बड़ी दुर्घटना हो सकती है नए-नवेले हाईवे पर सड़क निर्माण के कुछ समय बाद ही गड्ढे पड़ना निर्माण की गुणवत्ता और रखरखाव व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। वहीं, गड्ढों में पेवर ब्लॉक लगाकर की गई मरम्मत को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं कि क्या यह हाईवे की निर्धारित निर्माण तकनीक मानकों के अनुरूप है?
- सवाई माधोपुर ठींगला वार्ड नंबर 5 जलदाय विभाग द्वारा लगाया गया। पानी की पाइपलाइन पाईप वाल जो की नाली में लगा हुआ है।नाली के अंदर गंदगी और गंदा पानी लगे वाल के जरिए स्थानीय लोगों के घरों तक गंदा पीने का पानी पहुंच रहा है। और यहां के लोग बीमार पड़ रहे हैं। स्थानीय लोगों में रोष व्याप्त है। सवाई माधोपुर ठींगला वार्ड नंबर 5 जलदाय विभाग द्वारा लगाया गया। पानी की पाइपलाइन पाईप वाल जो की नाली में लगा हुआ है।नाली के अंदर गंदगी और गंदा पानी लगे वाल के जरिए स्थानीय लोगों के घरों तक गंदा पीने का पानी पहुंच रहा है। और यहां के लोग बीमार पड़ रहे हैं। स्थानीय लोगों में रोष व्याप्त है।1
- शासकीय शिक्षक ने 45000 रुपए महीने में ठेके पर दिया बच्चों को पटाने का ठेका। खबर सोशल मीडिया पर हो रही है। जमकर वायरल। कैलारस। शासकीय प्राथमिक विद्यालय पोखर का पूरा में हेडमास्टर अमरलाल रावत पर गंभीर आरोप लगे हैं। आरोप है कि वे अपनी जगह प्रीति रावत से स्कूल में बच्चों को पढ़वाते हैं और इसके एवज में उसे ₹4500 प्रतिमाह देते हैं। बताया जा रहा है कि प्रीति रावत न तो अतिथि शिक्षक हैं और न ही विद्यालय की कर्मचारी, बावजूद इसके उनसे बच्चों को पढ़ाने का काम कराया जा रहा है। प्रीति रावत का भी कथित रूप से कहना है कि उन्हें ₹4500 महीने देकर शिक्षक की जगह पढ़ाने के लिए कहा गया है। मामले की गंभीरता तब बढ़ी जब जिला शिक्षा अधिकारी इंदौलिया के औचक निरीक्षण में विद्यालय की व्यवस्थाओं को लेकर सवाल सामने आए। अब बड़ा सवाल—क्या सरकारी शिक्षक अपनी जगह किसी निजी व्यक्ति को रखकर बच्चों को पढ़वा सकता है? अगर आरोप सही हैं तो जिम्मेदार शिक्षक पर कार्रवाई कब होगी? स्थानीय लोगों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।1
- श्योपुर अमराड नदी बल्लू टी स्टॉल फेमस श्योपुर मध्य प्रदेश #श्योपुर #बल्लू #sheopur #मध्यप्रदेश #instagram #viralreels #fightcoronavirus #नदी1
- संस्था प्रधान ने जन्मदिन पर बच्चों को वितरित की यूनिफॉर्म मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी चंद्रकेश सिंघल रहे मौजूद शाहाबाद ब्लॉक के पीएमश्री राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय कछियाथाना के संस्थाप्रधान विपिन कुमार जैन द्वारा अपने जन्मदिन पर विद्यालय में अध्यनरत कक्षा 1 से 5 के उपस्थित बच्चों को तैयार ड्रेस वितरण की गईं। इस अवसर पर शाहाबाद के मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी चंद्रकेश सिंघल आरपी कैलाश जरारिया सहित शिक्षक मौजूद रहे। विद्यालय अवलोकन में पधारे मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी सिंघल ने मध्यान्ह भोजन, नो बैग डे सहित अन्य गतिविधियां देखीं। संस्थाप्रधान ने बताया कि बरसात के कारण उपस्थित नहीं हो सके विद्यार्थियों को सोमवार को यूनिफॉर्म वितरण किया जाएगा।4
- आदिवासी कांग्रेस के सभी जिला अध्यक्षों को निर्देशित किया जाता है *मानगढ़ धाम* (बांसवाड़ा)जो कि राजस्थान के जलियांवाला हत्याकांड के नाम से प्रसिद्ध *( 17 नवंबर 1913 )* सवाई माधोपुर आदिवासी कांग्रेस के सभी जिला अध्यक्षों को निर्देशित किया जाता है *मानगढ़ धाम* (बांसवाड़ा)जो कि राजस्थान के जलियांवाला हत्याकांड के नाम से प्रसिद्ध *( 17 नवंबर 1913 )* जिसमें 1500 आदिवासियों को अंग्रेजी हुकूमत द्वारा गोली मारकर हत्या कर दी गई थी उक्त मानगढ़ धाम को केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत द्वारा राष्ट्रीय स्मारक घोषित नही किए जाने के विरोध में आदिवासी कांग्रेस के बैनर तले दिनांक *07/08/2026* को सभी जिला अध्यक्ष अपने अपने जिले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत का पुतला दहन किया गया।1
- बीरपुर में बंदरों के आतंक से लोग परेशान घरों से निकलना हुआ दुश्वार। श्योपुर जिले के बीरपुर थाना क्षेत्र में भारी संख्या में बंदर पैदा हो गए हैं। लोगों के घरों में खिड़की दरवाजों से अंदर जाकर काफी ज्यादा उत्पादन मचाते हैं कपड़े सुखाने से लेकर बच्चों की खेलने तक इन बंदरों से लोगों को परेशानी हो रही है। 3 दिन से बंदरों की खबर कई चैनलों ने प्रकाशित कि लेकिन लेकिन कोई भी प्रशासनिक अधिकारी खबर को संज्ञान में नहीं ले रहा है। लगातार बंदरों की खबर सोशल मीडिया पर भी जमकर वायरल हो रही है लेकिन वीरपुर वन विभाग और श्योपुर जिले में बैठे जिम्मेदार खबर को संज्ञान में ना लेकर कुंभकरण की नींद सोए हुए हैं। वीरपुर में लोगों का हाल ऐसा हो गया है। जैसे अंधेर नगरी चौपट राजा । वीरपुर क्षेत्र में प्रशासनिक सिस्टम पूरी तरह से फेल हो चुका है। अगर यही हाल बंदों का क्षेत्र में बना रहा तो एक न एक दिन कोई भी बड़ी घटना हो सकती है क्षेत्र के लोगों का कहना है अगर जल्द से जल्द इन बंदरों के खिलाफ कोई भी एक्शन नहीं लिया गया तो वीरपुर क्षेत्र में एक बड़ा आंदोलन क्षेत्र की जनता द्वारा इन्वेस्ट अधिकारियों के खिलाफ होगा।।1
- कछियाथाना विद्यालय में जन्मदिन पर बच्चों को वितरित की यूनिफॉर्म शाहाबाद ब्लॉक के पीएमश्री राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय कछियाथाना के संस्थाप्रधान विपिन कुमार जैन ने अपने जन्मदिन पर विद्यालय में अध्ययनरत कक्षा 1 से 5 तक के उपस्थित विद्यार्थियों को तैयार यूनिफॉर्म वितरित की। इस दौरान मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी चंद्रकेश सिंघल व शिक्षक मौजूद रहे। विद्यालय अवलोकन के दौरान सीबीईओ सिंघल ने भोजन, नो बैग डे सहित अन्य गतिविधियों का जायजा लिया। संस्थाप्रधान जैन ने बताया कि बारिश के कारण अनुपस्थित रहे विद्यार्थियों को सोमवार को यूनिफॉर्म वितरित की जाएगी।1
- सोशल मीडिया पर इन दिनों बाघ के हमले (Tiger Attack) का एक खौफनाक सीसीटीवी वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक बाघ बरामदे में बैठे व्यक्ति पर अचानक झपटता और उसे घसीटकर ले जाता नजर आ रहा है। हालांकि, वन विभाग और फैक्ट चेक जांच में इस वीडियो का सच सामने आ गया है। अधिकारियों के मुताबिक यह वीडियो बिल्कुल फर्जी (Fake) है और इसे कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI - Artificial Intelligence) की मदद से तैयार किया गया है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि बिना पुष्टि किए ऐसे भ्रामक और खौफनाक वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर न करें, जिससे आम जनता के बीच बेवजह का डर और अफरा-तफरी फैले। #FactCheck #FakeNews1