केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने 05 जुलाई 2023 को राजस्थान के प्रतापगढ़ में एक दावा किया था। उन्होंने कहा था कि 60% एथेनॉल और 40% बिजली के संयोजन से वाहन चलाने की प्रभावी लागत लगभग ₹15 प्रति लीटर के बराबर हो सकती है। आज इस दावे को लगभग तीन साल बीत चुके हैं, लेकिन आम नागरिकों को इस सस्ती, उपयोगी और देशहित में बताई गई तकनीक का लाभ बड़े पैमाने पर अभी तक नहीं मिल पाया है। जनता अब सवाल उठा रही है कि क्या यह परियोजना आगे बढ़ रही है और क्या इसकी कोई निर्धारित समय-सीमा तय है? महंगे पेट्रोल-डीजल से राहत की आस लगाए बैठे आम लोगों को आखिर कब ₹15 प्रति लीटर जैसा सस्ता ईंधन मिलेगा? जनता की मांग है कि अगर ₹15 प्रति लीटर जैसी प्रभावी लागत वास्तव में संभव है, तो अब समय आ गया है कि इस परियोजना पर स्पष्ट स्थिति और ठोस प्रगति देश के सामने रखी जाए। जनता केवल वादे नहीं, बल्कि ठोस परिणाम देखना चाहती है।
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने 05 जुलाई 2023 को राजस्थान के प्रतापगढ़ में एक दावा किया था। उन्होंने कहा था कि 60% एथेनॉल और 40% बिजली के संयोजन से वाहन चलाने की प्रभावी लागत लगभग ₹15 प्रति लीटर के बराबर हो सकती है। आज इस दावे को लगभग तीन साल बीत चुके हैं, लेकिन आम नागरिकों को इस सस्ती, उपयोगी और देशहित में बताई गई तकनीक का लाभ बड़े पैमाने पर अभी तक नहीं मिल पाया है। जनता अब सवाल उठा रही है कि क्या यह परियोजना आगे बढ़ रही है और क्या इसकी कोई निर्धारित समय-सीमा तय है? महंगे पेट्रोल-डीजल से राहत की आस लगाए बैठे आम लोगों को आखिर कब ₹15 प्रति लीटर जैसा सस्ता ईंधन मिलेगा? जनता की मांग है कि अगर ₹15 प्रति लीटर जैसी प्रभावी लागत वास्तव में संभव है, तो अब समय आ गया है कि इस परियोजना पर स्पष्ट स्थिति और ठोस प्रगति देश के सामने रखी जाए। जनता केवल वादे नहीं, बल्कि ठोस परिणाम देखना चाहती है।
- चित्तौड़गढ़ जिले में कई प्रमुख घटनाएँ सामने आई हैं, जिनमें पुलक सागर महाराज के विहार के मद्देनजर पुलिस द्वारा एक विशेष ट्रैफिक प्लान जारी किया जाना शामिल है। इसी क्रम में, अफीम किसानों ने अपनी मांगों को लेकर संयुक्त रूप से धरना-प्रदर्शन किया है। जिले से अन्य खबरों में, भील समाज ने एक विधवा की जमीन बचाने के लिए अपनी आवाज बुलंद की है, वहीं एनएसयूआई ने छात्रसंघ चुनाव के संबंध में प्रदर्शन आयोजित किया है। इसके अतिरिक्त, जिले के खिलाड़ियों ने विभिन्न प्रतियोगिताओं में स्वर्ण पदक जीतकर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। यह सभी घटनाक्रम सेवा, पौधारोपण और सामाजिक सरोकारों से जुड़ी अन्य गतिविधियों के साथ जिले की प्रमुख खबरें रहे।2
- चित्तौड़गढ़ में हुए लूटकांड का पुलिस ने 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। इस मामले में पुलिस ने छह आरोपियों को गिरफ्तार कर पूरे प्रकरण को सुलझा लिया है।1
- चित्तौड़गढ़ के गांधी नगर स्थित आकाशवाणी चौराहा पर आयुष हॉस्पिटल में एक मरीज़ का 4 साल पुराना दर्द मात्र 7 दिन में पूरी तरह ठीक कर दिया गया है। अस्पताल ने यह सफल इलाज बिना किसी ऑपरेशन के, पंचकर्म थैरेपी के माध्यम से प्रदान किया।1
- घर बैठे स्वास्थ्यवर्धक ड्रैगन फ्रूट के पौधे मंगाने का अवसर है, जो कि बहुत ही पौष्टिक और गुणों से भरपूर फल का पौधा बताया गया है। इच्छुक ग्राहक तुरंत 8279236554 पर संपर्क कर अपना ऑर्डर बुक कर सकते हैं। बताया गया है कि पौधे सीमित मात्रा में ही उपलब्ध हैं और यह ऑफर भी सीमित समय के लिए है, इसलिए जल्द से जल्द ऑर्डर करने की अपील की गई है।1
- यह एक दुखद सामाजिक विरोधाभास है जहाँ मंदिरों में करोड़ों रुपये का चढ़ावा चढ़ जाता है, लेकिन किसी भूखे गरीब के लिए ₹5 भी नहीं निकलते, भले ही वह भूख से तड़प-तड़प कर मर जाए। कोई व्यक्ति अपने पेट की आग बुझाने के लिए अपने शरीर को नई दवाओं के परीक्षण की प्रयोगशाला बना रहा है, तो कोई दो वक्त की रोटी के लिए अपनी इज्जत तक दांव पर लगाने को मजबूर है। ऐसे में कई लोग जूठा खाना खाकर गुजारा कर रहे हैं, तो कुछ नाली में पड़ी रोटी धोकर अपनी भूख मिटाते हैं। यहाँ तक कि एक माँ को केवल ₹1000 में अपनी बेटी का सौदा करने पर मजबूर होना पड़ता है ताकि कुछ दिनों के लिए गुजारा हो सके, जबकि दूसरी ओर मंदिरों में नोटों की गड्डियाँ इस तरह चढ़ाई जाती हैं, मानो वे भगवान को नहीं, बल्कि अपनी ही तिजोरी में जमा की जा रही हों। सदैव यही सुना जाता है कि भगवान का दूसरा नाम दीनबंधु और दरिद्र नारायण है। यदि यह सत्य है, तो सबसे पहले उस भूखे, असहाय और गरीब इंसान की सेवा होनी चाहिए, क्योंकि भूखे को भोजन, प्यासे को पानी और जरूरतमंद की मदद करना ही ईश्वर की सच्ची पूजा है। आस्था पर किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिए, लेकिन यदि भगवान के नाम पर करोड़ों रुपये चढ़ सकते हैं, तो भगवान के ही रूप माने जाने वाले गरीब के लिए कुछ रुपये क्यों नहीं निकलते? पूजा तभी सार्थक है जब उसके साथ करुणा, दया और इंसानियत भी जुड़ी हो। यह विडंबना तब तक बनी रहेगी जब तक मंदिरों के साथ गरीब की थाली भी नहीं भरेगी। यह मेरा देश है, जहाँ मंदिर सोने-चाँदी से भर जाते हैं, लेकिन कई गरीब आज भी भूखे पेट सोने को मजबूर हैं।1
- अठाना नगर परिषद और उसके आसपास के कई इलाकों में पर्याप्त वर्षा न होने की स्थिति के मद्देनजर, कल अठाना नगर में घास भैरू का नगर भ्रमण कराया गया। इस धार्मिक आयोजन में कई श्रद्धालु शामिल हुए, जो श्रद्धा भाव से इस यात्रा का हिस्सा बने। नगर भ्रमण के दौरान चार से पांच ट्रैक्टर, बैंड बाजे, ढोल ताशे और नाच-गान के साथ भव्य शोभायात्रा निकाली गई।2
- भीलवाड़ा का शिक्षा विभाग उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रबंधन, बेहतर संचालन और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के दम पर पूरे प्रदेश में अपनी एक अलग पहचान बना रहा है। जिले के सरकारी विद्यालयों ने ऐसा कीर्तिमान स्थापित किया है जिसकी गूंज अब पूरे राजस्थान में सुनाई दे रही है। स्कूल शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजेश यादव ने प्रदेश के सभी संस्था प्रधानों को एक प्रेरणादायक पत्र जारी कर भीलवाड़ा के शिक्षा मॉडल की खुले तौर पर सराहना की है। उन्होंने अपने पत्र में जिले के दो प्रमुख सरकारी विद्यालयों की उपलब्धियों का विशेष उल्लेख करते हुए उन्हें प्रदेश के अन्य विद्यालयों के लिए प्रेरणास्रोत बताया है। राजेंद्र मार्ग विद्यालय ने इस मॉडल के तहत उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। विद्यालय के प्रधानाचार्य राजेंद्र सिंह गहलोत ने बताया कि प्रवेशोत्सव के दौरान प्रवेश प्रभारी बालचंद जैन के साथ बनाई गई रणनीति के तहत घर-घर जाकर सर्वे किया गया। इसी का परिणाम है कि ड्रॉपआउट और अनामांकित बच्चों को विद्यालय से सफलतापूर्वक जोड़ा जा सका, जिससे नामांकन बढ़कर 2515 तक पहुंच गया है और दो नए संकाय भी प्रारंभ किए गए हैं। विद्यालय में पाठ्यक्रम नवाचार, अनुभवी शिक्षकों के प्रभावी अध्यापन और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के कारण परीक्षा परिणाम शत-प्रतिशत रहा। साथ ही, 45 विद्यार्थियों ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी उत्कृष्ट पहचान बनाकर विद्यालय और पूरे जिले का गौरव बढ़ाया है।2
- चित्तौड़गढ़ दुर्ग पर फर्जी गाइडों द्वारा इतिहास से 'छेड़छाड़' और 'झूठी कहानियों' को बढ़ावा देने का गंभीर मामला सामने आया है। अधिकृत गाइडों ने इस मुद्दे पर एक बड़ा 'राज' खोला है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि रानी पद्मिनी और अलाउद्दीन के नाम पर मनगढ़ंत और गलत बातें फैलाई जा रही हैं। इस मामले को लेकर अधिकृत गाइडों ने पुलिस अधीक्षक (एसपी) के नाम एक ज्ञापन सौंपा है। उन्होंने मांग की है कि चित्तौड़गढ़ दुर्ग पर सक्रिय फर्जी गाइडों और लपकों के 'आतंक' को खत्म करने के लिए सख्त कार्रवाई की जाए।1