उत्तर प्रदेश सरकार के "एक पेड़ मां के नाम" अभियान के तहत इटावा की पुलिस लाइन में शनिवार को वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक इटावा श्री बृजेश कुमार श्रीवास्तव और उनकी धर्मपत्नी व वामा सारथी की अध्यक्षा श्रीमती रीना श्रीवास्तव ने पुलिस अधिकारियों, कर्मचारियों, पुलिस परिवार की महिलाओं और बच्चों के साथ मिलकर पौधारोपण किया। इस अवसर पर उपस्थित सभी लोगों को अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी नियमित देखभाल करने के लिए प्रेरित किया गया, जिससे पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छ वातावरण के निर्माण में जनसहभागिता का संदेश दिया जा सके। एसएसपी श्री बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि "एक पेड़ मां के नाम" केवल एक सरकारी अभियान नहीं, बल्कि प्रकृति, मातृत्व और आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारी जिम्मेदारी का प्रतीक है। उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि वे एक पौधा अवश्य लगाएं और उसकी देखभाल का संकल्प लेकर हरित व स्वच्छ पर्यावरण के निर्माण में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें। उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार के वृक्षारोपण कार्य को सराहनीय बताया और कहा कि अगर वन विभाग के अधिकारी समय रहते इन पौधों की देखभाल करते रहें, तो आने वाले समय में इटावा जनपद ग्रीन सिटी कहलाएगा। दूसरी ओर, सूत्रों द्वारा बताया गया है कि पर्यावरण बचाने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार हर वर्ष इस जनपद में लाखों वृक्ष लगाने के लिए वन विभाग को लाखों रुपये का बजट देती है। आरोप है कि वन विभाग के अधिकारी केवल वृक्षारोपण कराकर फोटो खिंचवा लेते हैं, लेकिन पौधों के रखरखाव और समय-समय पर देखभाल न करने की वजह से ये पौधे कुछ दिनों बाद सूखकर गिर जाते हैं। रिपोर्ट के अनुसार, यह लापरवाही गंभीर चिंता और जांच का विषय है, जबकि पर्यावरण को बचाना हर व्यक्ति का परम कर्तव्य है।
उत्तर प्रदेश सरकार के "एक पेड़ मां के नाम" अभियान के तहत इटावा की पुलिस लाइन में शनिवार को वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक इटावा श्री बृजेश कुमार श्रीवास्तव और उनकी धर्मपत्नी व वामा सारथी की अध्यक्षा श्रीमती रीना श्रीवास्तव ने पुलिस अधिकारियों, कर्मचारियों, पुलिस परिवार की महिलाओं और बच्चों के साथ मिलकर पौधारोपण किया। इस अवसर पर उपस्थित सभी लोगों को अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी नियमित देखभाल करने के लिए प्रेरित किया गया, जिससे पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छ वातावरण के निर्माण में जनसहभागिता का संदेश दिया जा सके। एसएसपी श्री बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि "एक पेड़ मां के नाम" केवल एक सरकारी अभियान नहीं, बल्कि प्रकृति, मातृत्व और आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारी जिम्मेदारी का प्रतीक है। उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि वे एक पौधा अवश्य लगाएं और उसकी देखभाल का संकल्प लेकर हरित व स्वच्छ पर्यावरण के निर्माण में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें। उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार के वृक्षारोपण कार्य को सराहनीय बताया और कहा कि अगर वन विभाग के अधिकारी समय रहते इन पौधों की देखभाल करते रहें, तो आने वाले समय में इटावा जनपद ग्रीन सिटी कहलाएगा। दूसरी ओर, सूत्रों द्वारा बताया गया है कि पर्यावरण बचाने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार हर वर्ष इस जनपद में लाखों वृक्ष लगाने के लिए वन विभाग को लाखों रुपये का बजट देती है। आरोप है कि वन विभाग के अधिकारी केवल वृक्षारोपण कराकर फोटो खिंचवा लेते हैं, लेकिन पौधों के रखरखाव और समय-समय पर देखभाल न करने की वजह से ये पौधे कुछ दिनों बाद सूखकर गिर जाते हैं। रिपोर्ट के अनुसार, यह लापरवाही गंभीर चिंता और जांच का विषय है, जबकि पर्यावरण को बचाना हर व्यक्ति का परम कर्तव्य है।
- इटावा में 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के अंतर्गत भाजपा के लोगों ने वृक्षारोपण अभियान चलाया है। इस अभियान के तहत भाजपा के लोगों द्वारा वृक्षारोपण किया गया।1
- इटावा के बसरेहर में बालाजी रेडीमेड गारमेंट के पास सड़क किनारे पिछले एक-दो महीने से भारी मात्रा में कूड़ा इकट्ठा है। यहाँ बिल्कुल भी सफाई नहीं कराई जाती है और सारा कूड़ा नल के बाहर ही पड़ा हुआ है।2
- इटावा ब्यूरो की रिपोर्ट के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट में जजों के सामने फाइल फेंकने का नाम लेकर गाली-गलौज करने वाले वकील प्रबल प्रताप यादव और सीजेआई का मामला सामने आया है। इस मामले में वकील प्रबल प्रताप यादव द्वारा जजों के समक्ष फाइल फेंकने की बात कहकर गाली-गलौज की गई है।1
- जसवंतनगर के ग्राम दुर्गापुरा निवासी 70 वर्षीय रामगोपाल शाक्य रविवार सुबह करीब 10 बजे के बाद गांव के सामने से गुजर रही कचौरा नहर में गिरकर लापता हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, वह नहर के पानी में गए और कुछ ही देर में ओझल हो गए। उनके लापता होने की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण और परिजन मौके पर जमा हो गए, जिसके बाद तुरंत पुलिस को इस बात की सूचना दी गई। घटना की जानकारी मिलते ही तहसीलदार अभिजीत गौरव, थाना प्रभारी निरीक्षक कमल भाटी और कस्बा इंचार्ज अनूप कुमार पांडे पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर स्थानीय गोताखोरों और पुलिस टीम की मदद से नहर में तलाश अभियान शुरू करवाया, लेकिन देर शाम तक खोजबीन जारी रहने के बावजूद बुजुर्ग का कोई सुराग नहीं मिल सका। इस हादसे के बाद से लापता रामगोपाल शाक्य की पत्नी शरबती देवी, उनके दो विवाहित बेटे तेजपाल सिंह (45 वर्ष) व सत्यवीर सिंह (42 वर्ष) और विवाहित बेटी लक्ष्मी (40 वर्ष) सहित परिवार के अन्य सदस्य घटनास्थल पर मौजूद हैं। पुलिस प्रशासन के मुताबिक, अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि बुजुर्ग किन परिस्थितियों में नहर में गिरे। घटना के वास्तविक कारणों का पता उनके मिलने के बाद ही चल सकेगा। फिलहाल, पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम मामले की जांच करने के साथ-साथ नहर में लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही है।1
- इटावा जिले के भरथना में चिम्नी से भरथना कचरा रोड को बनवाने की माँग की गई है। योगी जी से सीधे तौर पर अपील करते हुए इस सड़क का निर्माण कराने की गुहार लगाई गई है।1
- उत्तर प्रदेश के इटावा जिले के सैफई में एक गांव की गलियों में पानी भरा हुआ है। इस समस्या को लेकर कहीं कोई सुनवाई नहीं हो रही है। गलियों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है, लेकिन इस परेशानी को दूर करने के लिए कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है और न ही इसकी कोई सुनवाई की जा रही है।1
- इटावा के ऊसराहार थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक नाबालिग बच्ची के साथ दुष्कर्म करने वाले आरोपी को मात्र ढाई घंटे के भीतर मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस द्वारा #CRACKDOWN के तहत की गई इस त्वरित कार्रवाई में आरोपी के पैर में गोली लगी है, जिसके बाद उसे इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है। पुलिस के अनुसार, ग्राम मामन निवासी एक व्यक्ति ने थाना ऊसराहार में सूचना दी थी कि उनकी करीब 8 वर्षीय बेटी गांव के बाहर साइकिल चला रही थी। तभी गांव का ही निवासी रामनिवास उसे पैसे दिलाने का प्रलोभन देकर पास के एक बाग में ले गया, जहां उसके साथ दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया गया। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल सुसंगत धाराओं और पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू की। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक इटावा बृजेश कुमार श्रीवास्तव के पर्यवेक्षण में गठित पुलिस टीम ने तहसील के पास से आरोपी रामनिवास को गिरफ्तार किया। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म स्वीकार किया और घटना से जुड़े साक्ष्यों को छिपाने की बात बताई। जब पुलिस टीम आरोपी की निशानदेही पर साक्ष्य बरामद करने झाड़ियों के पास पहुंची, तो आरोपी ने वहां छिपे तमंचे से पुलिस पर जान से मारने की नीयत से फायर झोंक दिया। पुलिस द्वारा आत्मरक्षार्थ की गई जवाबी फायरिंग में आरोपी रामनिवास के दाहिने पैर में गोली लगी, जिससे वह घायल हो गया। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से एक 315 बोर का अवैध तमंचा, एक खोखा कारतूस, एक जिंदा कारतूस और घटना से संबंधित कपड़े व अन्य साक्ष्य बरामद किए हैं। पुलिस ने इस मुठभेड़ के संबंध में भी मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।1