बिहार के कैमूर जिले में एक बेहद दुखद और हैरान करने वाली घटना सामने आई है। चैनपुर थाना क्षेत्र के सिकंदरपुर गांव में ट्यूशन पढ़कर घर लौट रहे दो छात्रों के बीच रास्ते में झड़प हो गई। इस विवाद के दौरान 13 वर्षीय प्रिंस कुमार अचानक जमीन पर गिरकर बेहोश हो गया और अस्पताल ले जाने के दौरान उसकी संदेहास्पद स्थिति में मौत हो गई। प्रिंस कुमार सिकंदरपुर गांव निवासी बब्बन गोंड का पुत्र था और 8वीं कक्षा का छात्र था। मृतक के परिजनों ने बताया कि बुधवार दोपहर प्रिंस ट्यूशन पढ़ने गया था, जहां कोचिंग क्लास के दौरान ही उसकी किसी बात को लेकर एक दूसरे छात्र से कहा-सुनी हो गई थी। छुट्टी होने के बाद जब दोनों छात्र अपने-अपने घर लौट रहे थे, तभी बीच रास्ते में वे फिर से आपस में भिड़ गए। चश्मदीदों के अनुसार, इसी झड़प के दौरान प्रिंस अचानक जमीन पर गिरा और बेहोश हो गया। रास्ते से गुजर रहे ग्रामीणों ने अचेत अवस्था में प्रिंस को देखा तो परिजनों को सूचना दी। परिजन आनन-फानन में किशोर को इलाज के लिए भभुआ सदर अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों के मुताबिक, मृत किशोर के शरीर पर बाहरी चोट का कोई निशान नहीं मिला है, जिससे मौत की असली वजह संदिग्ध बनी हुई है। हालांकि, परिजनों ने शव का पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया और कानूनी प्रक्रिया पूरी किए बिना ही शव को अंतिम संस्कार के लिए गांव ले गए। इस पूरी घटना में एक चौंकाने वाला पहलू यह भी है कि इतनी बड़ी वारदात होने के बावजूद परिजनों या ग्रामीणों ने स्थानीय पुलिस को इसकी सूचना नहीं दी है। बिना पोस्टमार्टम और पुलिस जांच के शव को ले जाने के कारण मौत की असली वजह फिलहाल रहस्य बनी हुई है।
बिहार के कैमूर जिले में एक बेहद दुखद और हैरान करने वाली घटना सामने आई है। चैनपुर थाना क्षेत्र के सिकंदरपुर गांव में ट्यूशन पढ़कर घर लौट रहे दो छात्रों के बीच रास्ते में झड़प हो गई। इस विवाद के दौरान 13 वर्षीय प्रिंस कुमार अचानक जमीन पर गिरकर बेहोश हो गया और अस्पताल ले जाने के दौरान उसकी संदेहास्पद स्थिति में मौत हो गई। प्रिंस कुमार सिकंदरपुर गांव निवासी बब्बन गोंड का पुत्र था और 8वीं कक्षा का छात्र था। मृतक के परिजनों ने बताया कि बुधवार दोपहर प्रिंस ट्यूशन पढ़ने गया था, जहां कोचिंग क्लास के दौरान ही उसकी किसी बात को लेकर एक दूसरे छात्र से कहा-सुनी हो गई थी। छुट्टी होने के बाद जब दोनों छात्र अपने-अपने घर लौट रहे थे, तभी बीच रास्ते में वे फिर से आपस में भिड़ गए। चश्मदीदों के अनुसार, इसी झड़प के दौरान प्रिंस अचानक जमीन पर गिरा और बेहोश हो गया। रास्ते से गुजर रहे ग्रामीणों ने अचेत अवस्था में प्रिंस को देखा तो परिजनों को सूचना दी। परिजन आनन-फानन में किशोर को इलाज के लिए भभुआ सदर अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों के मुताबिक, मृत किशोर के शरीर पर बाहरी चोट का कोई निशान नहीं मिला है, जिससे मौत की असली वजह संदिग्ध बनी हुई है। हालांकि, परिजनों ने शव का पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया और कानूनी प्रक्रिया पूरी किए बिना ही शव को अंतिम संस्कार के लिए गांव ले गए। इस पूरी घटना में एक चौंकाने वाला पहलू यह भी है कि इतनी बड़ी वारदात होने के बावजूद परिजनों या ग्रामीणों ने स्थानीय पुलिस को इसकी सूचना नहीं दी है। बिना पोस्टमार्टम और पुलिस जांच के शव को ले जाने के कारण मौत की असली वजह फिलहाल रहस्य बनी हुई है।
- चंदौली जिले में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार होने का आरोप लगाया गया है। शिकायतकर्ता ने कहा है कि सरकारी पैसे का खुलेआम बंदरबांट किया जा रहा है, जिससे सरकारी खजाने को नुकसान हो रहा है।2
- रोहतास के ससा में 'देहाती दूधवाला' नामक एक व्लॉगर ने अपने वीडियो के माध्यम से ग्रामीण जीवन की झलकियाँ साझा की हैं। ये 'विलेज लाइफ शॉर्ट्स' सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे हैं, जिसमें एक दूधवाले की रोज़मर्रा की ज़िंदगी और उसके अनुभवों को दिखाया गया है।4
- स्थानीय क्षेत्र के भैसूर गांव के पास पटना-दानापुर रेल मार्ग पर बन रहे अंडरपास के निर्माण कार्य की धीमी प्रगति को लेकर ग्रामीणों में गहरी नाराजगी बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से चल रहा यह निर्माण कार्य बेहद धीमी गति से हो रहा है, जिससे परियोजना के जल्द पूरा होने की उम्मीद लगातार धूमिल होती जा रही है। किसान नेता भानु राय, टुनटुन राय, राजाराम राय, सोनू राय और रामजी शुक्ला सहित अन्य किसानों ने बताया कि रेलवे लाइन के उत्तरी हिस्से में उनकी कृषि भूमि स्थित है। वर्तमान में अंडरपास न होने के कारण किसानों को अपने खेतों तक पहुंचने के लिए 10 से 15 किलोमीटर का लंबा चक्कर लगाना पड़ता है, जबकि अंडरपास बनने के बाद यह दूरी घटकर लगभग 500 मीटर रह जाएगी, जिससे उन्हें काफी राहत मिलेगी। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि ठेकेदार जानबूझकर कार्य में देरी कर रहे हैं, ताकि बरसात के दौरान जलभराव का बहाना बनाकर काम को एक और वर्ष के लिए टाला जा सके। उनका कहना है कि यदि बरसात से पहले निर्माण कार्य में तेजी लाई जाती तो इसका लाभ किसानों को तुरंत मिल सकता था। किसानों और ग्रामीणों ने बलपूर्वक कहा कि अंडरपास का निर्माण पूरा होने से न केवल कृषि कार्य सुगम होगा, बल्कि क्षेत्र के हजारों ग्रामीणों को भी आवागमन में बड़ी सुविधा मिलेगी। उन्होंने पटना मंडल के डीआरएम और पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर (मुगलसराय) मंडल के रेलवे अधिकारियों से निर्माण कार्य में तेजी लाकर इस लंबे समय से लंबित परियोजना को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूरा कराने की जोरदार मांग की है।2
- उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले में भपौली करनाल (नहर) में पानी न आने के कारण किसानों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। किसानों का कहना है कि नहर में पानी नहीं है और बारिश भी नहीं हो रही है, जिससे उनकी फसलों को नुकसान हो रहा है।1
- चंदौली जिले के सैयदराजा विधानसभा क्षेत्र के अवही, सिसौडा और रैथा गांव में मथुरा वन विभाग की टीम ने गुरुवार को एक अभियान चलाकर कुल 81 बंदरों को पकड़ा। यह कार्रवाई सैयदराजा विधायक सुशील सिंह की पहल पर की गई, जिससे ग्रामीणों ने बंदरों के उपद्रव से बड़ी राहत महसूस की। पकड़े गए 81 बंदरों में अवही से 24, सिसौडा से 32 और रैथा गांव से 25 बंदर शामिल हैं। दरअसल, इन गांवों में बंदरों के झुंड घरों में घुसकर उत्पात मचाते थे, महिलाओं को डराते थे, रसोई घरों से खाने का सामान खा जाते थे और विरोध करने पर लोगों को काट कर घायल कर देते थे। छतों और आंगन में बंदरों की मौजूदगी से बच्चे व महिलाएं भयभीत रहते थे, जिससे बचने के प्रयास में कई लोग चोटिल भी हुए। ग्रामीणों ने इस समस्या के समाधान के लिए पूर्व जिला पंचायत सदस्य सुशील सिंह जनौली से संपर्क किया, जिन्होंने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए विधायक सुशील सिंह के समक्ष यह मुद्दा उठाया। विधायक सुशील सिंह की पहल के बाद वन विभाग की टीम ने रैथा गांव में पिंजरे लगाकर अभियान चलाया। टीम ने पिंजरों में केला और चना रखकर बंदरों को फंसाया। देर रात और सुबह तक चले इस अभियान में कुल 81 बंदर पकड़े गए, जिन्हें वन विभाग की टीम अपने साथ वन क्षेत्र में छोड़ने के लिए ले गई। इस दौरान पूर्व जिपंस सुशील सिंह जनौली, रामजी तिवारी, जूली सिंह, मंजीत सिंह सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे, और ग्रामीणों ने विधायक सुशील सिंह व पूर्व जिपंस सुशील सिंह जनौली की सराहना की।4
- सोनभद्र के दुद्धी में सरकारी स्वास्थ्य विभाग से जुड़ा एक शर्मनाक वीडियो तेज़ी से वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि कुछ दलाल एक गाड़ी लेकर अस्पताल परिसर में आते हैं और एक मरीज को सरकारी अस्पताल से निजी अस्पताल में स्थानांतरित कर देते हैं। हालांकि, कुछ ही घंटों बाद उस मरीज की मौत हो जाती है। मरीज की मौत होने के बाद वही दलाल मृत शरीर को बाइक पर लेकर वापस सरकारी अस्पताल आते हैं और उसे अस्पताल में छोड़कर फरार हो जाते हैं।1
- चंदौली जिले के चकिया थाना क्षेत्र में मां काली मंदिर, रघुनाथपुर के पास एक तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने दो बाइक सवारों और एक बच्चे को टक्कर मार दी। इस दर्दनाक हादसे में एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई। टक्कर से बाइक पर सवार एक बच्चा और एक अन्य व्यक्ति घायल हो गए। मौके पर मौजूद लोगों ने घायलों को तुरंत चकिया स्थित जिला संयुक्त चिकित्सालय पहुँचाया। अस्पताल में एक घायल युवक की हालत गंभीर होने के कारण उसे रेफर कर दिया गया।1
- चंदौली जिले की सकलडीहा तहसील के इटवा गांव में ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया और जमकर नारेबाजी की। ग्रामीण अपनी विभिन्न मांगों को लेकर प्रधान के विरुद्ध एकजुट हुए और अपनी नाराजगी व्यक्त की।1
- चंदौली जनपद के इलिया कस्बा स्थित मुख्य बाजार क्षेत्र में लगातार चार दिनों से विद्युत आपूर्ति बाधित रहने के कारण उपभोक्ता आक्रोशित हो गए। भीषण गर्मी और उमस के बीच बिजली संकट से परेशान लोगों ने गुरुवार को इलिया पावर हाउस पहुंचकर विद्युत विभाग के खिलाफ जमकर नाराजगी जताई और तत्काल आपूर्ति बहाल करने की मांग की। स्थानीय लोगों के अनुसार, मुख्य बाजार के ट्रांसफार्मर के उत्तर दिशा में पिछले चार दिनों से बिजली पूरी तरह ठप है। विद्युत विभाग ने बुधवार को लगभग 100 मीटर केबल बदली थी, लेकिन आपूर्ति शुरू होते ही केबल में दोबारा शॉर्ट सर्किट हो गया और वह जल गई, जिससे एक बार फिर पूरे क्षेत्र की बिजली व्यवस्था ठप हो गई। आक्रोशित उपभोक्ताओं में अशोक गुप्ता, विजय विश्वकर्मा, पारस चौरसिया, रंजीत गुप्ता, मकरध्वज चौरसिया, दीपक केशरी सहित अन्य लोगों ने बताया कि बिजली न मिलने के कारण घरों में पानी की गंभीर समस्या पैदा हो गई है, क्योंकि मोटर और पंप नहीं चल पा रहे हैं। ग्रामीणों और कस्बावासियों का यह भी कहना है कि बार-बार आने वाले विद्युत फाल्ट और वोल्टेज की समस्या से कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण खराब हो गए हैं। इस भीषण गर्मी में छोटे बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को अत्यधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पावर हाउस पर हंगामे की सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचे विभागीय कर्मचारी विनोद कुमार ने उपभोक्ताओं को समझाकर शांत कराया। उन्होंने बताया कि विद्युत विभाग की टीम मरम्मत कार्य में लगी है और केबल की खराबी दूर करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द से जल्द विद्युत आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी। हालांकि, क्षेत्रीय लोगों ने विभाग से बार-बार होने वाले फाल्ट की तकनीकी जांच कर स्थायी समाधान निकालने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी समस्याओं का सामना न करना पड़े।1