जयसिंहनगर में खंड स्तरीय सरपंच एवं पंच सम्मेलन आयोजित कर व्हीबी जीरामजी अधिनियम की दी गई जानकारी ==== ग्रामीण विकास में पंचायत प्रतिनिधियों की भूमिका महत्वपूर्ण- विधायक श्रीमती मनीषा सिंह ==== योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्राथमिकता- विधायक श्री शरद कोल === शहडोल 25 अगस्त 2026- जनपद पंचायत जयसिंहनगर के सभागार में खंड स्तरीय सरपंच एवं पंच सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन का आयोजन विधायक जयसिंहनगर श्रीमती मनीषा सिंह एवं विधायक ब्यौहारी श्री शरद कोल की उपस्थिति में किया गया। कार्यक्रम में क्षेत्र के सरपंचों एवं पंचों सहित पंचायतीराज संस्थाओं के जनप्रतिनिधियों ने सहभागिता की। विधायक जयसिंहनगर श्रीमती मनीषा सिंह ने कहा कि ग्रामीण विकास की योजनाओं को धरातल पर प्रभावी रूप से पहुंचाने में पंचायतीराज संस्थाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। पंचायत प्रतिनिधि शासन और ग्रामीण जनता के बीच महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि व्हीबी जीरामजी अधिनियम के प्रावधानों की जानकारी प्रत्येक पंचायत प्रतिनिधि को होना आवश्यक है, ताकि पात्र परिवारों को रोजगार एवं आजीविका के अवसर उपलब्ध कराने के साथ गांवों में स्थायी और उपयोगी परिसंपत्तियों का निर्माण किया जा सके। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों से योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता एवं जवाबदेही बनाए रखने का आह्वान किया। विधायक ब्यौहारी श्री शरद कोल ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के विकास और आमजन की आजीविका सुरक्षा के लिए पंचायतों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। शासन की योजनाओं का वास्तविक लाभ तभी सुनिश्चित होगा, जब पंचायत प्रतिनिधि अपनी जिम्मेदारियों का गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ निर्वहन करेंगे। उन्होंने कहा कि पंचायत स्तर पर विकास कार्यों का चयन स्थानीय आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर किया जाना चाहिए। योजनाओं में जनभागीदारी, पारदर्शिता एवं सामाजिक अंकेक्षण को प्रभावी बनाते हुए ग्रामीणों को योजनाओं का लाभ दिलाया जाए, ताकि गांवों में स्थायी विकास को गति मिल सके। सीईओ जनपद पंचायत श्रीमती शिवानी जैन द्वारा विकसित भारत-रोजगार और आजीविका के लिए गारंटी मिशन (ग्रामीण) अधिनियम, 2025 के प्रभावी क्रियान्वयन एवं पंचायतीराज संस्थाओं के निर्वाचित प्रतिनिधियों को अधिनियम के उद्देश्यों, प्रावधानों तथा क्रियान्वयन प्रक्रिया से परिचित कराने के उद्देश्य से आयोजित सम्मेलन में अधिनियम की विस्तार से जानकारी दी गई। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को अधिक सक्षम एवं आत्मनिर्भर बनाने के साथ आजीविका सुरक्षा, उत्पादक परिसंपत्तियों के निर्माण, ग्रामीण अधोसंरचना, जल सुरक्षा तथा सतत ग्रामीण विकास पर केंद्रित है। सम्मेलन में पंचायतीराज संस्थाओं की भूमिका एवं दायित्व, सहभागी योजना निर्माण, परिवार पंजीयन एवं ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्ड जारी करने की व्यवस्था की जानकारी दी गई। एपीओ श्री अनुराग निगम द्वारा ग्राम पंचायत स्तर पर कार्यों के चयन, स्वीकृति, क्रियान्वयन, अनुश्रवण एवं परिसंपत्तियों के संधारण तथा विभिन्न ग्रामीण विकास कार्यक्रमों के साथ अभिसरण के संबंध में भी जानकारी प्रदान की गई। योजनाओं में पारदर्शिता, सामाजिक जवाबदेही, सामाजिक अंकेक्षण, शिकायत निवारण एवं आईटी आधारित मॉनिटरिंग व्यवस्था पर भी चर्चा हुई। उपस्थित पंचायत प्रतिनिधियों की जिज्ञासाओं का समाधान विशेषज्ञों एवं प्रशिक्षित मास्टर ट्रेनर्स द्वारा किया गया। कार्यक्रम में अध्यक्ष जनपद पंचायत श्रीमती मालती सिंह, उपाध्यक्ष, जनपद सदस्य, सहायक यंत्री, उपयंत्री ने भाग लिया। जयसिंहनगर में खंड स्तरीय सरपंच एवं पंच सम्मेलन आयोजित कर व्हीबी जीरामजी अधिनियम की दी गई जानकारी ==== ग्रामीण विकास में पंचायत प्रतिनिधियों की भूमिका महत्वपूर्ण- विधायक श्रीमती मनीषा सिंह ==== योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्राथमिकता- विधायक श्री शरद कोल === शहडोल 25 अगस्त 2026- जनपद पंचायत जयसिंहनगर के सभागार में खंड स्तरीय सरपंच एवं पंच सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन का आयोजन विधायक जयसिंहनगर श्रीमती मनीषा सिंह एवं विधायक ब्यौहारी श्री शरद कोल की उपस्थिति में किया गया। कार्यक्रम में क्षेत्र के सरपंचों एवं पंचों सहित पंचायतीराज संस्थाओं के जनप्रतिनिधियों ने सहभागिता की। विधायक जयसिंहनगर श्रीमती मनीषा सिंह ने कहा कि ग्रामीण विकास की योजनाओं को धरातल पर प्रभावी रूप से पहुंचाने में पंचायतीराज संस्थाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। पंचायत प्रतिनिधि शासन और ग्रामीण जनता के बीच महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि व्हीबी जीरामजी अधिनियम के प्रावधानों की जानकारी प्रत्येक पंचायत प्रतिनिधि को होना आवश्यक है, ताकि पात्र परिवारों को रोजगार एवं आजीविका के अवसर उपलब्ध कराने के साथ गांवों में स्थायी और उपयोगी परिसंपत्तियों का निर्माण किया जा सके। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों से योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता एवं जवाबदेही बनाए रखने का आह्वान किया। विधायक ब्यौहारी श्री शरद कोल ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के विकास और आमजन की आजीविका सुरक्षा के लिए पंचायतों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। शासन की योजनाओं का वास्तविक लाभ तभी सुनिश्चित होगा, जब पंचायत प्रतिनिधि अपनी जिम्मेदारियों का गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ निर्वहन करेंगे। उन्होंने कहा कि पंचायत स्तर पर विकास कार्यों का चयन स्थानीय आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर किया जाना चाहिए। योजनाओं में जनभागीदारी, पारदर्शिता एवं सामाजिक अंकेक्षण को प्रभावी बनाते हुए ग्रामीणों को योजनाओं का लाभ दिलाया जाए, ताकि गांवों में स्थायी विकास को गति मिल सके। सीईओ जनपद पंचायत श्रीमती शिवानी जैन द्वारा विकसित भारत-रोजगार और आजीविका के लिए गारंटी मिशन (ग्रामीण) अधिनियम, 2025 के प्रभावी क्रियान्वयन एवं पंचायतीराज संस्थाओं के निर्वाचित प्रतिनिधियों को अधिनियम के उद्देश्यों, प्रावधानों तथा क्रियान्वयन प्रक्रिया से परिचित कराने के उद्देश्य से आयोजित सम्मेलन में अधिनियम की विस्तार से जानकारी दी गई। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को अधिक सक्षम एवं आत्मनिर्भर बनाने के साथ आजीविका सुरक्षा, उत्पादक परिसंपत्तियों के निर्माण, ग्रामीण अधोसंरचना, जल सुरक्षा तथा सतत ग्रामीण विकास पर केंद्रित है। सम्मेलन में पंचायतीराज संस्थाओं की भूमिका एवं दायित्व, सहभागी योजना निर्माण, परिवार पंजीयन एवं ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्ड जारी करने की व्यवस्था की जानकारी दी गई। एपीओ श्री अनुराग निगम द्वारा ग्राम पंचायत स्तर पर कार्यों के चयन, स्वीकृति, क्रियान्वयन, अनुश्रवण एवं परिसंपत्तियों के संधारण तथा विभिन्न ग्रामीण विकास कार्यक्रमों के साथ अभिसरण के संबंध में भी जानकारी प्रदान की गई। योजनाओं में पारदर्शिता, सामाजिक जवाबदेही, सामाजिक अंकेक्षण, शिकायत निवारण एवं आईटी आधारित मॉनिटरिंग व्यवस्था पर भी चर्चा हुई। उपस्थित पंचायत प्रतिनिधियों की जिज्ञासाओं का समाधान विशेषज्ञों एवं प्रशिक्षित मास्टर ट्रेनर्स द्वारा किया गया। कार्यक्रम में अध्यक्ष जनपद पंचायत श्रीमती मालती सिंह, उपाध्यक्ष, जनपद सदस्य, सहायक यंत्री, उपयंत्री ने भाग लिया।
जयसिंहनगर में खंड स्तरीय सरपंच एवं पंच सम्मेलन आयोजित कर व्हीबी जीरामजी अधिनियम की दी गई जानकारी ==== ग्रामीण विकास में पंचायत प्रतिनिधियों की भूमिका महत्वपूर्ण- विधायक श्रीमती मनीषा सिंह ==== योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्राथमिकता- विधायक श्री शरद कोल === शहडोल 25 अगस्त 2026- जनपद पंचायत जयसिंहनगर के सभागार में खंड स्तरीय सरपंच एवं पंच सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन का आयोजन विधायक जयसिंहनगर श्रीमती मनीषा सिंह एवं विधायक ब्यौहारी श्री शरद कोल की उपस्थिति में किया गया। कार्यक्रम में क्षेत्र के सरपंचों एवं पंचों सहित पंचायतीराज संस्थाओं के जनप्रतिनिधियों ने सहभागिता की। विधायक जयसिंहनगर श्रीमती मनीषा सिंह ने कहा कि ग्रामीण विकास की योजनाओं को धरातल पर प्रभावी रूप से पहुंचाने में पंचायतीराज संस्थाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। पंचायत प्रतिनिधि शासन और ग्रामीण जनता के बीच महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि व्हीबी जीरामजी अधिनियम के प्रावधानों की जानकारी प्रत्येक पंचायत प्रतिनिधि को होना आवश्यक है, ताकि पात्र परिवारों को रोजगार एवं आजीविका के अवसर उपलब्ध कराने के साथ गांवों में स्थायी और उपयोगी परिसंपत्तियों का निर्माण किया जा सके। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों से योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता एवं जवाबदेही बनाए रखने का आह्वान किया। विधायक ब्यौहारी श्री शरद कोल ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के विकास और आमजन की आजीविका सुरक्षा के लिए पंचायतों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। शासन की योजनाओं का वास्तविक लाभ तभी सुनिश्चित होगा, जब पंचायत प्रतिनिधि अपनी जिम्मेदारियों का गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ निर्वहन करेंगे। उन्होंने कहा कि पंचायत स्तर पर विकास कार्यों का चयन स्थानीय आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर किया जाना चाहिए। योजनाओं में जनभागीदारी, पारदर्शिता एवं सामाजिक अंकेक्षण को प्रभावी बनाते हुए ग्रामीणों को योजनाओं का लाभ दिलाया जाए, ताकि गांवों में स्थायी विकास को गति मिल सके। सीईओ जनपद पंचायत श्रीमती शिवानी जैन द्वारा विकसित भारत-रोजगार और आजीविका के लिए गारंटी मिशन (ग्रामीण) अधिनियम, 2025 के प्रभावी क्रियान्वयन एवं पंचायतीराज संस्थाओं के निर्वाचित प्रतिनिधियों को अधिनियम के उद्देश्यों, प्रावधानों तथा क्रियान्वयन प्रक्रिया से परिचित कराने के उद्देश्य से आयोजित सम्मेलन में अधिनियम की विस्तार से जानकारी दी गई। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को अधिक सक्षम एवं आत्मनिर्भर बनाने के साथ आजीविका सुरक्षा, उत्पादक परिसंपत्तियों के निर्माण, ग्रामीण अधोसंरचना, जल सुरक्षा तथा सतत ग्रामीण विकास पर केंद्रित है। सम्मेलन में पंचायतीराज संस्थाओं की भूमिका एवं दायित्व, सहभागी योजना निर्माण, परिवार पंजीयन एवं ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्ड जारी करने की व्यवस्था की जानकारी दी गई। एपीओ श्री अनुराग निगम द्वारा ग्राम पंचायत स्तर पर कार्यों के चयन, स्वीकृति, क्रियान्वयन, अनुश्रवण एवं परिसंपत्तियों के संधारण तथा विभिन्न ग्रामीण विकास कार्यक्रमों के साथ अभिसरण के संबंध में भी जानकारी प्रदान की गई। योजनाओं में पारदर्शिता, सामाजिक जवाबदेही, सामाजिक अंकेक्षण, शिकायत निवारण एवं आईटी आधारित मॉनिटरिंग व्यवस्था पर भी चर्चा हुई। उपस्थित पंचायत प्रतिनिधियों की जिज्ञासाओं का समाधान विशेषज्ञों एवं प्रशिक्षित मास्टर ट्रेनर्स द्वारा किया गया। कार्यक्रम में अध्यक्ष जनपद पंचायत श्रीमती मालती सिंह, उपाध्यक्ष, जनपद सदस्य, सहायक यंत्री, उपयंत्री ने भाग लिया। जयसिंहनगर में खंड स्तरीय सरपंच एवं पंच सम्मेलन आयोजित कर व्हीबी जीरामजी अधिनियम की दी गई जानकारी ==== ग्रामीण विकास में पंचायत प्रतिनिधियों की भूमिका महत्वपूर्ण- विधायक श्रीमती मनीषा सिंह ==== योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्राथमिकता- विधायक श्री शरद कोल === शहडोल 25 अगस्त 2026- जनपद पंचायत जयसिंहनगर के सभागार में खंड स्तरीय सरपंच एवं पंच सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन का आयोजन विधायक जयसिंहनगर श्रीमती मनीषा सिंह एवं विधायक ब्यौहारी श्री शरद कोल की उपस्थिति में किया गया। कार्यक्रम में क्षेत्र के सरपंचों एवं पंचों सहित पंचायतीराज संस्थाओं के जनप्रतिनिधियों ने सहभागिता की। विधायक जयसिंहनगर श्रीमती मनीषा सिंह ने कहा कि ग्रामीण विकास की योजनाओं को धरातल पर प्रभावी रूप से पहुंचाने में पंचायतीराज संस्थाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। पंचायत प्रतिनिधि शासन और ग्रामीण जनता के बीच महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि व्हीबी जीरामजी अधिनियम के प्रावधानों की जानकारी प्रत्येक पंचायत प्रतिनिधि को होना आवश्यक है, ताकि पात्र परिवारों को रोजगार एवं आजीविका के अवसर उपलब्ध कराने के साथ गांवों में स्थायी और उपयोगी परिसंपत्तियों का निर्माण किया जा सके। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों से योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता एवं जवाबदेही बनाए रखने का आह्वान किया। विधायक ब्यौहारी श्री शरद कोल ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के विकास और आमजन की आजीविका सुरक्षा के लिए पंचायतों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। शासन की योजनाओं का वास्तविक लाभ तभी सुनिश्चित होगा, जब पंचायत प्रतिनिधि अपनी जिम्मेदारियों का गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ निर्वहन करेंगे। उन्होंने कहा कि पंचायत स्तर पर विकास कार्यों का चयन स्थानीय आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर किया जाना चाहिए। योजनाओं में जनभागीदारी, पारदर्शिता एवं सामाजिक अंकेक्षण को प्रभावी बनाते हुए ग्रामीणों को योजनाओं का लाभ दिलाया जाए, ताकि गांवों में स्थायी विकास को गति मिल सके। सीईओ जनपद पंचायत श्रीमती शिवानी जैन द्वारा विकसित भारत-रोजगार और आजीविका के लिए गारंटी मिशन (ग्रामीण) अधिनियम, 2025 के प्रभावी क्रियान्वयन एवं पंचायतीराज संस्थाओं के निर्वाचित प्रतिनिधियों को अधिनियम के उद्देश्यों, प्रावधानों तथा क्रियान्वयन प्रक्रिया से परिचित कराने के उद्देश्य से आयोजित सम्मेलन में अधिनियम की विस्तार से जानकारी दी गई। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को अधिक सक्षम एवं आत्मनिर्भर बनाने के साथ आजीविका सुरक्षा, उत्पादक परिसंपत्तियों के निर्माण, ग्रामीण अधोसंरचना, जल सुरक्षा तथा सतत ग्रामीण विकास पर केंद्रित है। सम्मेलन में पंचायतीराज संस्थाओं की भूमिका एवं दायित्व, सहभागी योजना निर्माण, परिवार पंजीयन एवं ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्ड जारी करने की व्यवस्था की जानकारी दी गई। एपीओ श्री अनुराग निगम द्वारा ग्राम पंचायत स्तर पर कार्यों के चयन, स्वीकृति, क्रियान्वयन, अनुश्रवण एवं परिसंपत्तियों के संधारण तथा विभिन्न ग्रामीण विकास कार्यक्रमों के साथ अभिसरण के संबंध में भी जानकारी प्रदान की गई। योजनाओं में पारदर्शिता, सामाजिक जवाबदेही, सामाजिक अंकेक्षण, शिकायत निवारण एवं आईटी आधारित मॉनिटरिंग व्यवस्था पर भी चर्चा हुई। उपस्थित पंचायत प्रतिनिधियों की जिज्ञासाओं का समाधान विशेषज्ञों एवं प्रशिक्षित मास्टर ट्रेनर्स द्वारा किया गया। कार्यक्रम में अध्यक्ष जनपद पंचायत श्रीमती मालती सिंह, उपाध्यक्ष, जनपद सदस्य, सहायक यंत्री, उपयंत्री ने भाग लिया।
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- मैहर - राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के स्पेशल मॉनिटर बालकृष्ण गोयल सिविल अस्पताल मैहर का निरीक्षण करने पहुँचे।गंदगी देखकर भडके ,इसके साथ ही मरीज के पास मौजूद काफी लोगो को देखकर जताई नाराजगी, बोले मरीज के पास इतने लोग क्यों मैहर - राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के स्पेशल मॉनिटर बालकृष्ण गोयल सिविल अस्पताल मैहर का निरीक्षण करने पहुँचे।गंदगी देखकर भडके ,इसके साथ ही मरीज के पास मौजूद काफी लोगो को देखकर जताई नाराजगी, बोले मरीज के पास इतने लोग क्यों1
- मैहर /अमरपाटन- राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के स्पेशल मॉनिटर बालकृष्ण गोयल सिविल अस्पताल मैहर का निरीक्षण करने पहुँचे मैहर - राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के स्पेशल मॉनिटर बालकृष्ण गोयल सिविल अस्पताल मैहर का निरीक्षण करने पहुँचे।गंदगी देखकर भडके ,इसके साथ ही मरीज के पास मौजूद काफी लोगो को देखकर जताई नाराजगी, बोले मलिफ्ट के पास लगी शिकायत पेटी में मिली गुटखे का खाली पैकेटरीज के पास इतने लोग क्यों लिफ्ट के पास लगी शिकायत पेटी में मिली गुटखे का खाली पैकेट2
- कमीशन का खेल, पिस रहे मरीज!* राजेंद्र नगर दादा सुखेन्द्र सिंह स्टेडियम के सामने डॉ वी.के.तिवारी और उनके पुत्र ने की मेडिकल संचालक से अभद्रता, दुकान में घुसकर किया हंगामा, सूत्रों की माने तो सारा खेल कमीशन के चक्कर का है। इन्हीं डॉ द्वारा कुछ दिन पूर्व SDM रघुराजनगर से भी अभद्रता की थी। जिसके बाद इनके खिलाफ कड़ी कार्यवाही हुई थी। *कमीशन का खेल, पिस रहे मरीज!* राजेंद्र नगर दादा सुखेन्द्र सिंह स्टेडियम के सामने डॉ वी.के.तिवारी और उनके पुत्र ने की मेडिकल संचालक से अभद्रता, दुकान में घुसकर किया हंगामा, सूत्रों की माने तो सारा खेल कमीशन के चक्कर का है। इन्हीं डॉ द्वारा कुछ दिन पूर्व SDM रघुराजनगर से भी अभद्रता की थी। जिसके बाद इनके खिलाफ कड़ी कार्यवाही हुई थी।1
- *✍️रीवा संभाग ब्यरो चीफ रिप्पू पाण्डेय ✍️???????????????????रीवा में रोड की खुदाई से लोगो क आबा गमन बंद, ग्रामीणों में आक्रोश* रीवा से इस वक्त बड़ी खबर सामने आ रही है। ग्राम पंचायत लक्ष्मणपुर के मयरहा टोला क्षेत्र में नहर एबम रोड की कथित खुदाई के बाद सड़क मार्ग बाधित होने से ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने मामले में जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की है। रीवा विधानसभा क्षेत्र के थाना बिछिया अंतर्गत ग्राम पंचायत लक्ष्मणपुर के मयरहा टोला से ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों के मुताबिक, *लोही तेलियान से सिगरहन टोला नहर के पास तक रोड की खुदाई कर दी गई है,* जिसके चलते सड़क का आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले *10 दिनों से रास्ते की स्थिति जस की तस बनी हुई है,* जिसके कारण आम लोगों को आने-जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि यदि इसी स्थिति में कोई दुर्घटना होती है तो बड़ा हादसा हो सकता है। वहीं, नहर की खुदाई से किसानों की *धान की फसल को भी नुकसान पहुंचने का आरोप* लगाया गया है। ग्रामीणों के अनुसार कई किसानों की फसल बर्बाद होने की स्थिति में है, जिससे उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीणों ने सरपंच पति *कल्लू पटेल और रामसुमिरन पटेल सहित मामले में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच* कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। ग्रामीणों ने प्रशासन से मौके पर पहुंचकर *नहर और सड़क की स्थिति का निरीक्षण करने, आवागमन बहाल कराने और किसानों को हुए नुकसान का आकलन कराने* की मांग की है।घटना से संबंधित वीडियो भी ग्रामीणों द्वारा उपलब्ध कराया गया है, जिसमें सड़क, नहर और आसपास के क्षेत्र की स्थिति दिखाई जा रही है। *ग्रामीणों का सवाल:* आखिर 10 दिनों से बंद पड़े इस रास्ते को कब तक बहाल किया जाएगा और किसानों को हुए नुकसान की भरपाई कौन करेगा? *✍️रीवा संभाग ब्यरो चीफ रिप्पू पाण्डेय ✍️???????????????????रीवा में रोड की खुदाई से लोगो क आबा गमन बंद, ग्रामीणों में आक्रोश* रीवा से इस वक्त बड़ी खबर सामने आ रही है। ग्राम पंचायत लक्ष्मणपुर के मयरहा टोला क्षेत्र में नहर एबम रोड की कथित खुदाई के बाद सड़क मार्ग बाधित होने से ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने मामले में जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की है। रीवा विधानसभा क्षेत्र के थाना बिछिया अंतर्गत ग्राम पंचायत लक्ष्मणपुर के मयरहा टोला से ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों के मुताबिक, *लोही तेलियान से सिगरहन टोला नहर के पास तक रोड की खुदाई कर दी गई है,* जिसके चलते सड़क का आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले *10 दिनों से रास्ते की स्थिति जस की तस बनी हुई है,* जिसके कारण आम लोगों को आने-जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि यदि इसी स्थिति में कोई दुर्घटना होती है तो बड़ा हादसा हो सकता है। वहीं, नहर की खुदाई से किसानों की *धान की फसल को भी नुकसान पहुंचने का आरोप* लगाया गया है। ग्रामीणों के अनुसार कई किसानों की फसल बर्बाद होने की स्थिति में है, जिससे उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीणों ने सरपंच पति *कल्लू पटेल और रामसुमिरन पटेल सहित मामले में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच* कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। ग्रामीणों ने प्रशासन से मौके पर पहुंचकर *नहर और सड़क की स्थिति का निरीक्षण करने, आवागमन बहाल कराने और किसानों को हुए नुकसान का आकलन कराने* की मांग की है।घटना से संबंधित वीडियो भी ग्रामीणों द्वारा उपलब्ध कराया गया है, जिसमें सड़क, नहर और आसपास के क्षेत्र की स्थिति दिखाई जा रही है। *ग्रामीणों का सवाल:* आखिर 10 दिनों से बंद पड़े इस रास्ते को कब तक बहाल किया जाएगा और किसानों को हुए नुकसान की भरपाई कौन करेगा?1
- इश्क और रिश्क में नप गईं कटनी की पूर्व और वर्तमान CSP, CM ने किया निलंबित* *इश्क और रिश्क में नप गईं कटनी की पूर्व और वर्तमान CSP, CM ने किया निलंबित* मध्यप्रदेश के कटनी जिले की पुलिस व्यवस्था से जुड़े दो अलग-अलग विवादों ने पुलिस महकमे की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक ओर वर्ष 2025 में कटनी की CSP रहीं ख्याति मिश्रा का मामला पारिवारिक विवाद और पुलिस कार्रवाई के आरोपों के चलते सुर्खियों में रहा था, वहीं अब वर्तमान CSP नेहा पच्चीसिया पर कथित अवैध वसूली, जांच में अनियमितता और जमीन की रजिस्ट्री में पुलिस दबाव जैसे गंभीर आरोप सामने आए हैं। वर्तमान CSP नेहा पच्चीसिया के मामले में ट्रांसपोर्टर महेंद्र जैन ने आरोप लगाया कि 21 जुलाई 2026 की रात हाईवा चेकिंग के दौरान उनसे 30 हजार रुपये की कथित वसूली की गई। इसके अलावा हत्या के एक मामले में 90 दिन के भीतर चालान पेश नहीं होने के कारण आरोपी को डिफॉल्ट बेल मिलने का मामला भी सामने आया। आरोपी रमेश लोधी के परिवार की ओर से आरोप लगाया गया कि राहत के बदले करीब 82.86 लाख रुपये की गाइडलाइन कीमत वाली जमीन की रजिस्ट्री महज 18.20 लाख रुपये में किसी अन्य के नाम कराई गई। मामले में 19 अगस्त को FIR दर्ज होने की बात सामने आई है। आरोपों और जांच के बीच मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पद के दुरुपयोग को लेकर सख्त कार्रवाई करते हुए CSP नेहा पच्चीसिया को निलंबित करने के आदेश दिए। इसके बाद उनका कार्यालय सील किए जाने की भी जानकारी सामने आई है। मामले की जांच जारी है। पूर्व CSP ख्याति मिश्रा भी रही थीं विवादों में वहीं वर्ष 2025 में कटनी की CSP रहीं ख्याति मिश्रा का नाम भी एक हाईप्रोफाइल विवाद में सामने आया था। उनके पति और तत्कालीन कटनी पुलिस अधीक्षक से जुड़े आरोप-प्रत्यारोप के कारण यह मामला राष्ट्रीय स्तर तक चर्चा में रहा। उस समय भी मुख्यमंत्री स्तर से मामले में संज्ञान लेकर कार्रवाई की गई थी। दोनों मामलों में आरोपों की प्रकृति अलग-अलग है, लेकिन सवाल पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली और अधिकारों के इस्तेमाल को लेकर एक जैसा है। आखिर वर्दी और पुलिस अधिकार विवादों में क्यों घिर रहे हैं? एयर होस्टेस से बनीं DSP, ‘लेडी सिंघम’ के नाम से मिली पहचान CSP नेहा पच्चीसिया मूल रूप से राजगढ़ जिले की रहने वाली हैं। उन्होंने एयर इंडिया में एयर होस्टेस की नौकरी छोड़कर MPPSC परीक्षा में 20वीं रैंक हासिल की और DSP बनीं। गुना में महिला मोबाइल पुलिस स्टेशन की शुरुआत कराने के बाद उन्हें ‘लेडी सिंघम’ के नाम से भी पहचान मिली। कोरोना काल में तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने उनके कार्यों के लिए उन्हें सम्मानित किया था। हालांकि कटनी में पोस्टिंग के दौरान सामने आए आरोपों ने उनके पुलिस करियर को विवादों में ला दिया है। फिलहाल आरोपों की अंतिम सच्चाई जांच और न्यायिक प्रक्रिया से ही तय होगी, लेकिन मुख्यमंत्री द्वारा की गई कार्रवाई ने कटनी पुलिस महकमे में हलचल जरूर बढ़ा दी है।1
- ग्रामीण कृषि विस्तार मैडम ने कहा कि जब तक हमारे अधिकार हमें नहीं मिलेंगे हम काम नहीं करेंगे1
- मैहर - राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के स्पेशल मॉनिटर बालकृष्ण गोयल सिविल अस्पताल मैहर का निरीक्षण करने पहुँचे।गंदगी देखकर भडके ,इसके साथ ही मरीज के पास मौजूद काफी लोगो को देखकर जताई नाराजगी, बोले मरीज के पास इतने लोग क्यों मैहर - राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के स्पेशल मॉनिटर बालकृष्ण गोयल सिविल अस्पताल मैहर का निरीक्षण करने पहुँचे।गंदगी देखकर भडके ,इसके साथ ही मरीज के पास मौजूद काफी लोगो को देखकर जताई नाराजगी, बोले मरीज के पास इतने लोग क्यों1