Shuru
Apke Nagar Ki App…
रांची के बरियातू थाना क्षेत्र में, थाने के ठीक पीछे स्थित अर्पण विला, विद्यापति मार्ग, तेतर टोली गेट के पास, दिनदहाड़े एक महिला से सोने की चेन छीनने की घटना सामने आई है। बताया जा रहा है कि बाइक सवार दो बदमाशों ने महिला के गले से चेन झपटी और तुरंत मौके से फरार हो गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस आरोपियों की पहचान के लिए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। यह जानकारी सार्वजनिक रूप से सामने आई रिपोर्टों और पुलिस की प्रारंभिक जांच पर आधारित है, और अधिकारियों ने जोर दिया है कि जांच पूरी होने तक किसी भी निष्कर्ष पर पहुँचना उचित नहीं होगा।
Ranchi Club Tv
रांची के बरियातू थाना क्षेत्र में, थाने के ठीक पीछे स्थित अर्पण विला, विद्यापति मार्ग, तेतर टोली गेट के पास, दिनदहाड़े एक महिला से सोने की चेन छीनने की घटना सामने आई है। बताया जा रहा है कि बाइक सवार दो बदमाशों ने महिला के गले से चेन झपटी और तुरंत मौके से फरार हो गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस आरोपियों की पहचान के लिए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। यह जानकारी सार्वजनिक रूप से सामने आई रिपोर्टों और पुलिस की प्रारंभिक जांच पर आधारित है, और अधिकारियों ने जोर दिया है कि जांच पूरी होने तक किसी भी निष्कर्ष पर पहुँचना उचित नहीं होगा।
More news from झारखंड and nearby areas
- रांची के पुराने विधानसभा सभागार में साइबर सुरक्षा, डिजिटल सुरक्षा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) विषय पर एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में झारखंड विधानसभा अध्यक्ष रबिन्द्र नाथ महतो, राज्यसभा सांसद महुआ माजी, हटिया विधायक नवीन जायसवाल और पार्षद नीलम चौधरी सहित कई जनप्रतिनिधियों ने भाग लिया। सभी ने बढ़ते साइबर अपराधों, AI के दुरुपयोग, डिजिटल सुरक्षा की आवश्यकता और लोगों में जागरूकता बढ़ाने पर अपने विचार साझा किए। कार्यशाला में साइबर धोखाधड़ी से बचने के तरीकों पर विस्तृत चर्चा हुई, जिसमें AI के बढ़ते दुरुपयोग पर जनप्रतिनिधियों के वक्तव्य शामिल थे। मजबूत पासवर्ड और टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (Two-Factor Authentication) के महत्व पर जोर दिया गया। इसके अतिरिक्त, डीपफेक, ओटीपी धोखाधड़ी, फ़िशिंग और ऑनलाइन घोटालों जैसे विभिन्न साइबर खतरों से बचाव के उपायों पर भी प्रकाश डाला गया। यह कार्यशाला सूचनात्मक और जन जागरूकता के उद्देश्य से आयोजित की गई थी।1
- चंबल के बीहड़ों में लंबे समय तक सक्रिय रहे कुख्यात डकैत जगन गुर्जर का अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच संपन्न हुआ। इस दौरान, जगन गुर्जर के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए गांव में भारी संख्या में लोग उमड़े, जिसके चलते सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे।1
- लातेहार जिले को एक महत्वपूर्ण सौगात मिली है, जहाँ अब सदर अस्पताल में आधुनिक जाँच की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इस पहल को जिले के लिए एक 'बड़ी सौगात' के रूप में देखा जा रहा है, जिससे स्थानीय निवासियों को अत्याधुनिक चिकित्सा जाँच का लाभ मिल सकेगा।1
- रांची के बरियातू थाना क्षेत्र में दिनदहाड़े एक महिला से चेन छिनतई की घटना सामने आई है। यह वारदात बरियातू थाने के ठीक पीछे, अर्पण विला, विद्यापति मार्ग स्थित तेतर टोली गेट के पास हुई।1
- ई-रिक्शा चालकों के लिए एक बड़ी और महत्वपूर्ण चेतावनी जारी की गई है। इस चेतावनी में प्रमुख सवाल उठाया गया है कि क्या उनकी ई-रिक्शा की बैटरी भी लॉक की जा सकती है। यह खबर एक वायरल वीडियो चैलेंज और ब्रेकिंग न्यूज़ के रूप में सामने आई है, जो ई-रिक्शा समुदाय के बीच सावधानी बरतने और संभावित खतरे के प्रति आगाह करने का संदेश देती है।1
- झारखंड के लातेहार जिले में जमीन की हेराफेरी का एक मामला सामने आया है। इस पूरी घटना में अंचल अधिकारी की कथित मिलीभगत पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।1
- दुनिया भर में मनाए जा रहे अंतर्राष्ट्रीय प्लास्टिक बैग मुक्त दिवस 2026 के अवसर पर यह संदेश दिया जा रहा है कि हमें प्लास्टिक के थैलों का उपयोग टालना चाहिए। इसके स्थान पर, कागज़ और कपड़े के थैलों को अपनाना चाहिए, क्योंकि यह कदम हमारे पर्यावरण की रक्षा करने और सभी लोगों को स्वस्थ बनाने में सहायक होगा।1
- गुजरात के जूनागढ़ के आजाद चौक इलाके में पहली बारिश के दौरान एक सड़क हादसा हुआ, जिसमें पानी से भरे एक गड्ढे में बाइक गिरने से यह घटना घटी। इस घटना से जुड़ी उपलब्ध तस्वीरें सामने आई हैं। इस घटना को केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के सड़क अवसंरचना संबंधी सार्वजनिक बयान से जोड़ा गया है। इस वीडियो का उद्देश्य किसी व्यक्ति या संस्था पर आरोप लगाना नहीं है, बल्कि सार्वजनिक महत्व की घटना और उससे जुड़े तथ्यों को दर्शकों तक पहुंचाना है। दर्शकों से अनुरोध किया गया है कि वे किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले आधिकारिक जानकारी का इंतजार करें।1