उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में, निघासन पुलिस ने नशे के सौदागरों के खिलाफ एक बड़ी ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ करते हुए 6 तस्करों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई 'फिल्मी स्टाइल' में घेराबंदी के बाद की गई, जिसमें एक सफेद रंग की स्विफ्ट कार (नंबर UP-31 CU-1123) से भारी मात्रा में अवैध अफीम बरामद हुई। बरामद अफीम का कुल वजन 3.024 किलोग्राम बताया गया है, जिसकी अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 60 लाख रुपये और भारतीय बाजार में 15 लाख रुपये है। पुलिस के अनुसार, तस्करों ने अफीम को दो पैकेटों में छिपाकर रखा था, जिसमें से एक पैकेट में 1.986 किलोग्राम और दूसरे में 1.038 किलोग्राम अफीम थी। यह अभियान लखीमपुर खीरी की पुलिस कप्तान (एसएसपी) डॉ. ख्याति गर्ग के सख्त आदेशों पर चलाया गया, जिसकी निगरानी अपर पुलिस अधीक्षक (पूर्वी) और क्षेत्राधिकारी निघासन कर रहे थे। एक खुफिया इनपुट के आधार पर पुलिस ने इस कार को घेरा था। पुलिस की इस मुस्तैदी से नशे की एक बड़ी खेप को बाजार में पहुंचने से पहले ही रोक दिया गया। पकड़े गए सभी 6 आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया गया है। पुलिस अब इन तस्करों से जुड़ी और जानकारी खंगाल रही है, जिसमें यह पता लगाया जाएगा कि अफीम कहां से लाई गई थी और इसे आगे कहां सप्लाई किया जाना था। तस्करी में इस्तेमाल हुई स्विफ्ट कार को भी एमवी एक्ट की धारा 207 के तहत तुरंत जब्त कर लिया गया है।
उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में, निघासन पुलिस ने नशे के सौदागरों के खिलाफ एक बड़ी ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ करते हुए 6 तस्करों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई 'फिल्मी स्टाइल' में घेराबंदी के बाद की गई, जिसमें एक सफेद रंग की स्विफ्ट कार (नंबर UP-31 CU-1123) से भारी मात्रा में अवैध अफीम बरामद हुई। बरामद अफीम का कुल वजन 3.024 किलोग्राम बताया गया है, जिसकी अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 60 लाख रुपये और भारतीय बाजार में 15 लाख रुपये
है। पुलिस के अनुसार, तस्करों ने अफीम को दो पैकेटों में छिपाकर रखा था, जिसमें से एक पैकेट में 1.986 किलोग्राम और दूसरे में 1.038 किलोग्राम अफीम थी। यह अभियान लखीमपुर खीरी की पुलिस कप्तान (एसएसपी) डॉ. ख्याति गर्ग के सख्त आदेशों पर चलाया गया, जिसकी निगरानी अपर पुलिस अधीक्षक (पूर्वी) और क्षेत्राधिकारी निघासन कर रहे थे। एक खुफिया इनपुट के आधार पर पुलिस ने इस कार को घेरा था। पुलिस की इस मुस्तैदी से नशे की एक बड़ी खेप को बाजार में
पहुंचने से पहले ही रोक दिया गया। पकड़े गए सभी 6 आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया गया है। पुलिस अब इन तस्करों से जुड़ी और जानकारी खंगाल रही है, जिसमें यह पता लगाया जाएगा कि अफीम कहां से लाई गई थी और इसे आगे कहां सप्लाई किया जाना था। तस्करी में इस्तेमाल हुई स्विफ्ट कार को भी एमवी एक्ट की धारा 207 के तहत तुरंत जब्त कर लिया गया है।
- लखीमपुर खीरी के पढुआ थाना क्षेत्र में एक महिला के घर में कथित चोरी का मामला सामने आया है। इस घटना के बाद पीड़ित महिला ने उच्चाधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई है। महिला का आरोप है कि चोरी की शिकायत दर्ज कराने के बावजूद पुलिस द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई है, और अब उसके परिवार को लगातार धमकियां मिल रही हैं।4
- पलिया नगर में आयोजित नुमाइश मेला इन दिनों क्षेत्रवासियों के बीच आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। मेले में लगे विभिन्न झूलों, मनोरंजन के साधनों, खानपान की दुकानों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के बीच जलपरी शो लोगों की विशेष रुचि का विषय बना हुआ है। शाम होते ही इस शो को देखने के लिए दर्शकों की लंबी कतारें लगने लगती हैं और बड़ी संख्या में लोग अपने परिवार के साथ इसका आनंद लेने पहुँच रहे हैं। मेला ठेकेदार कृष्ण कुमार गोपी के अनुसार, जलपरी शो को लेकर लोगों में काफी उत्साह है, और इसका टिकट मात्र 50 रुपये निर्धारित किया गया है, जो अन्य स्थानों की तुलना में काफी कम है। यह शो प्रतिदिन रात्रि आठ बजे से शुरू होता है और प्रत्येक शो लगभग पाँच मिनट का होता है, जिसे दर्शकों की अधिक संख्या के कारण लगातार संचालित किया जा रहा है। ठेकेदार कृष्ण कुमार गोपी ने बताया कि कुछ लोग सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से जलपरी शो को लेकर भ्रामक बातें फैला रहे हैं, जबकि वास्तविकता इससे अलग है। उन्होंने स्पष्ट किया कि शो में जलपरी के रूप में प्रस्तुति देने वाली कलाकार एक बड़े काँच के बॉक्स में पानी के भीतर पूरी तरह से वस्त्र धारण किए रहती हैं। आयोजकों ने कहा कि शो का उद्देश्य केवल मनोरंजन है और इसमें किसी भी प्रकार की अश्लीलता नहीं है। उनका आरोप है कि कुछ अराजक तत्व मेले की लोकप्रियता से परेशान होकर गलत प्रचार-प्रसार कर रहे हैं और लोगों के बीच भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहे हैं। आयोजकों ने दावा किया कि प्रतिदिन सैकड़ों लोग यह शो देखकर लौट रहे हैं और किसी भी प्रकार की आपत्तिजनक गतिविधि सामने नहीं आई है, साथ ही शो के दौरान सभी आवश्यक सुरक्षा मानकों का पालन किया जाता है और पूरे परिसर में सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रहती है। मेले में पहुँचे कई दर्शकों ने भी इस बात की पुष्टि की है कि उन्होंने सोशल मीडिया पर अफवाहें सुनी थीं, लेकिन शो देखने के बाद उन्हें ऐसा कुछ भी नहीं लगा जिसे अश्लील कहा जा सके; उनके अनुसार यह एक सामान्य मनोरंजक प्रस्तुति है, जिसे परिवार के साथ देखा जा सकता है। मेला ठेकेदार कृष्ण कुमार गोपी ने क्षेत्रवासियों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें और स्वयं मेला पहुँचकर व्यवस्थाओं एवं कार्यक्रमों का अवलोकन करें। उन्होंने यह भी कहा कि नुमाइश मेला क्षेत्र की पुरानी सांस्कृतिक परंपरा का हिस्सा है और इसे सफल बनाने के लिए जनता का सहयोग आवश्यक है। जलपरी शो को लेकर चल रही इन चर्चाओं और विवादों के बीच भी यह कार्यक्रम मेले का सबसे चर्चित आकर्षण बन गया है। जहाँ एक ओर कुछ लोग इसे लेकर सवाल उठा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर बड़ी संख्या में दर्शक इस शो का आनंद लेने पहुँच रहे हैं, जिससे यह संकेत मिलता है कि लोगों की उत्सुकता लगातार बढ़ रही है और जलपरी शो फिलहाल नुमाइश मेले की सबसे अधिक चर्चा में रहने वाली प्रस्तुति बन चुका है।4
- आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने बुधवार को लखीमपुर खीरी के ईसानगर पहुंचकर दिवंगत छात्र रितिक मिश्रा के परिजनों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया और परिवार को न्याय दिलाने का आश्वासन दिया, यह कहते हुए कि वह इस मामले को संसद में जोरदार तरीके से उठाएंगे। मीडिया से बातचीत में संजय सिंह ने रितिक मिश्रा की मौत को "बेहद दुखद और चिंताजनक" बताया। उन्होंने जोर देकर कहा कि पीड़ित परिवार को हर हाल में न्याय मिलना चाहिए और यदि इस मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही या दोषियों की भूमिका सामने आती है, तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। संजय सिंह ने सरकार की कानून व्यवस्था पर भी सवाल उठाए, यह कहते हुए कि प्रदेश में कानून व्यवस्था और युवाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर प्रश्न खड़े हो रहे हैं। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाने की मांग की। सांसद संजय सिंह ने पीड़ित परिवार को भरोसा दिलाते हुए दोहराया कि वह उनकी आवाज को संसद तक पहुंचाएंगे और जब तक उन्हें न्याय नहीं मिल जाता, तब तक उनके साथ खड़े रहेंगे।1
- लखीमपुर खीरी जिले के पलिया-निघासन रोड पर दून स्कूल के सामने स्थित एक तालाब की करोड़ों रुपये की ज़मीन पर भूमाफियाओं द्वारा रात के अंधेरे में अवैध मिट्टी पटान कराया जा रहा है। यह कार्रवाई सुबह तक जारी रहने की बात कही गई है। इस अवैध गतिविधि को लेकर भ्रष्ट तहसील प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं, जिस पर आँखों में काली पट्टी बांधने और सुप्रीम कोर्ट व एनजीटी के आदेशों की अवहेलना करने का आरोप है। रिपोर्ट के अनुसार, जिले के मुखिया, डीएम अंजनी कुमार सिंह से भी तीन बार उनके सीयूजी नंबर पर संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन बात नहीं हो सकी। एक ओर जहाँ सरकार तालाब बनवाने पर करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, वहीं दूसरी ओर उन्हीं के अधिकारी रात के अंधेरे में इन तालाबों को पटवा रहे हैं। आरोप है कि पलिया सहित दर्जनों अन्य अवैध धंधों में लिप्त अधिकारी, जो अवैध बालू व मिट्टी खनन में शामिल हैं, उन पर भी कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। यह स्थिति सीएम योगी आदित्यनाथ की 'जीरो टॉलरेंस' की नीति की खुलेआम धज्जियां उड़ा रही है।1
- कुंभी चीनी मिल का एक बॉयलर कैमहरा मोहम्मदी मार्ग पर देखा गया, जिसे सफलतापूर्वक मार्ग से पास करवाया गया।1
- लखीमपुर में आयोजित दिशा बैठक के दौरान आनंद भदौरिया ने अपना दर्द व्यक्त किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि संसद सदस्यों का सम्मान सुनिश्चित किया जाना चाहिए, चाहे वे सत्ता पक्ष के हों या विपक्ष के। भदौरिया ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सम्मान सभी सांसदों का होना चाहिए।1
- नीमगाँव पुलिस ने हाल ही में एक मुठभेड़ को अंजाम दिया, जिसके दौरान एक व्यक्ति के पैर में गोली लगी। इस कार्रवाई में पुलिस ने कुल पाँच अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है।1
- लखीमपुर खीरी में 26 यूपी बीएन एनसीसी, लखीमपुर द्वारा आयोजित 10-दिवसीय संयुक्त वार्षिक प्रशिक्षण शिविर (CATC-215) का भव्य शुभारंभ बुधवार, 03 जून को पंडित दीनदयाल उपाध्याय सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में उत्साहपूर्ण वातावरण के बीच किया गया। शिविर का उद्घाटन शिविर कमांडेंट कर्नल चित्र सैन द्वारा संपन्न हुआ, जिसमें क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों एवं महाविद्यालयों से 500 से अधिक सीनियर डिवीजन एवं सीनियर विंग एनसीसी कैडेट हिस्सा ले रहे हैं। शिविर परिसर में पहले ही दिन देशभक्ति, अनुशासन और उत्साह का स्पष्ट माहौल देखने को मिला। शिविर के प्रथम दिवस पर कैडेटों के आगमन और पंजीकरण का कार्य सफलतापूर्वक पूरा किया गया। आधुनिक व्यवस्था के तहत सभी कैडेटों की बायोमेट्रिक एवं ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज की गई, साथ ही उनके आवश्यक दस्तावेजों का सत्यापन भी किया गया। प्रशिक्षण एवं आवास व्यवस्था को सुव्यवस्थित बनाए रखने के लिए, कैडेटों को अल्फा, ब्रावो, चार्ली और डेल्टा कंपनियों में विभाजित किया गया। कैडेटों की सुरक्षा एवं स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए, सभी प्रतिभागियों का मेडिकल चेकअप भी कराया गया, जिससे शिविर अवधि के दौरान उनके स्वास्थ्य की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जा सके। शिविर कमांडेंट कर्नल चित्र सैन ने इस अवसर पर कहा कि CATC-215 का उद्देश्य केवल सैन्य प्रशिक्षण प्रदान करना नहीं है, बल्कि युवाओं में नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास, अनुशासन, टीम भावना और राष्ट्रसेवा की भावना का विकास करना भी है। उन्होंने सभी कैडेटों से शिविर के प्रत्येक प्रशिक्षण सत्र का अधिकतम लाभ उठाने का आह्वान किया। आगामी दस दिनों में कैडेटों को ड्रिल, मैप रीडिंग, व्यक्तित्व विकास, नेतृत्व प्रशिक्षण, खेलकूद, सांस्कृतिक गतिविधियों और विभिन्न सैन्य विषयों का गहन प्रशिक्षण दिया जाएगा। कैम्प के पहले दिन ही सैकड़ों कैडेटों की ऊर्जा और उत्साह ने यह संकेत दिया कि CATC-215 आने वाले दिनों में अनुशासन, नेतृत्व और राष्ट्रभक्ति का एक उत्कृष्ट मंच साबित होगा, जो युवाओं को एक जिम्मेदार, अनुशासित और राष्ट्रहित के प्रति समर्पित नागरिक बनने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करेगा।4