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आज बकरा ईद के अवसर पर एक मुस्लिम युवक ने 'जियो और जीने दो' का महत्वपूर्ण संदेश दिया। उन्होंने इस दौरान ज़ोर देकर कहा कि सभी को जीवन जीने का अधिकार है। युवक ने अपनी बात रखते हुए यह भी स्पष्ट किया कि जो लोग कुर्बानी देते हैं, वे 'हमारे नहीं हो सकते'।

13 hrs ago
user_Mahaveer Jain
Mahaveer Jain
Mechanic पोरसा, मुरैना, मध्य प्रदेश•
13 hrs ago

आज बकरा ईद के अवसर पर एक मुस्लिम युवक ने 'जियो और जीने दो' का महत्वपूर्ण संदेश दिया। उन्होंने इस दौरान ज़ोर देकर कहा कि सभी को जीवन जीने का अधिकार है। युवक ने अपनी बात रखते हुए यह भी स्पष्ट किया कि जो लोग कुर्बानी देते हैं, वे 'हमारे नहीं हो सकते'।

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  • मुरैना पुलिस द्वारा अवैध रेत कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत माताबसैया और सिविल लाइन पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। माताबसैया पुलिस, वन विभाग और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने ग्राम जिगनी में अवैध रूप से भंडारित लगभग 20 ट्रॉली रेत को नष्ट किया। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक मुरैना के निर्देश पर जिलेभर में अवैध रेत उत्खनन, परिवहन और भंडारण रोकने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान का हिस्सा है, जिसे अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक और एसडीओपी के मार्गदर्शन में अंजाम दिया गया। संयुक्त टीम ने ग्राम जिगनी में विभिन्न स्थानों पर दबिश देकर करीब 40 घनमीटर यानी लगभग 20 ट्रॉली अवैध रेत भंडारित पाई, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 44 हजार रुपए है। इस रेत को जेसीबी मशीन की सहायता से मिट्टी में मिलाकर नष्ट कर दिया गया। वहीं दूसरी ओर, सिविल लाइन थाना पुलिस ने भी अवैध रेत परिवहन पर रोक लगाने के लिए कड़े कदम उठाए। पुलिस ने घड़ौना मंदिर के पीछे और प्रेम नगर मार्ग पर कुल 4 स्थानों पर गड्ढे खुदवाकर रास्तों को अवरुद्ध कर दिया, ताकि रेत से भरे वाहनों की आवाजाही को रोका जा सके। इस पूरी कार्रवाई में माताबसैया थाना प्रभारी विवेक तामेर, पुलिस स्टाफ, वन विभाग और राजस्व विभाग की टीम का योगदान सराहनीय रहा।
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    मुरैना पुलिस द्वारा अवैध रेत कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत माताबसैया और सिविल लाइन पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। माताबसैया पुलिस, वन विभाग और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने ग्राम जिगनी में अवैध रूप से भंडारित लगभग 20 ट्रॉली रेत को नष्ट किया।

यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक मुरैना के निर्देश पर जिलेभर में अवैध रेत उत्खनन, परिवहन और भंडारण रोकने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान का हिस्सा है, जिसे अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक और एसडीओपी के मार्गदर्शन में अंजाम दिया गया। संयुक्त टीम ने ग्राम जिगनी में विभिन्न स्थानों पर दबिश देकर करीब 40 घनमीटर यानी लगभग 20 ट्रॉली अवैध रेत भंडारित पाई, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 44 हजार रुपए है। इस रेत को जेसीबी मशीन की सहायता से मिट्टी में मिलाकर नष्ट कर दिया गया।

वहीं दूसरी ओर, सिविल लाइन थाना पुलिस ने भी अवैध रेत परिवहन पर रोक लगाने के लिए कड़े कदम उठाए। पुलिस ने घड़ौना मंदिर के पीछे और प्रेम नगर मार्ग पर कुल 4 स्थानों पर गड्ढे खुदवाकर रास्तों को अवरुद्ध कर दिया, ताकि रेत से भरे वाहनों की आवाजाही को रोका जा सके। इस पूरी कार्रवाई में माताबसैया थाना प्रभारी विवेक तामेर, पुलिस स्टाफ, वन विभाग और राजस्व विभाग की टीम का योगदान सराहनीय रहा।
    user_पत्रकार
    पत्रकार
    Advertising Photographer पोरसा, मुरैना, मध्य प्रदेश•
    8 hrs ago
  • पहाड़गढ़ मुख्यालय और इसके मानपुर, मारा, शिकारपुरा सहित कई गाँवों में पानी के लिए हाहाकार मचा हुआ है, जहाँ जनता बूंद-बूंद पानी को तरस रही है। वर्षों से चल रहे इस गंभीर पेयजल संकट के कारण महिलाएं, बुजुर्ग और छोटे-छोटे बच्चे अपने सारे काम छोड़कर कई किलोमीटर दूर से पानी लाने को मजबूर हैं। ये तस्वीरें सीधे पहाड़गढ़ मुख्यालय से सामने आई हैं, जो पानी की समस्या के विकराल रूप धारण करने को दर्शाती हैं। ग्रामीणों को सुबह से लेकर रात के 11 बजे तक पानी का इंतजार करना पड़ता है और स्थिति इतनी विकट है कि उन्हें ₹500 देकर निजी टैंकरों से पानी मंगवाना पड़ रहा है। जनता का आरोप है कि नल-जल योजना केवल कागजों तक ही सीमित है, जबकि सरपंच और सचिव इस गंभीर समस्या पर मौन हैं और प्रशासन पूरी तरह बेखबर है। इन हालातों को देखते हुए जनता सवाल कर रही है कि क्या यही विकास है और प्रशासन कब जागेगा।
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    पहाड़गढ़ मुख्यालय और इसके मानपुर, मारा, शिकारपुरा सहित कई गाँवों में पानी के लिए हाहाकार मचा हुआ है, जहाँ जनता बूंद-बूंद पानी को तरस रही है। वर्षों से चल रहे इस गंभीर पेयजल संकट के कारण महिलाएं, बुजुर्ग और छोटे-छोटे बच्चे अपने सारे काम छोड़कर कई किलोमीटर दूर से पानी लाने को मजबूर हैं। ये तस्वीरें सीधे पहाड़गढ़ मुख्यालय से सामने आई हैं, जो पानी की समस्या के विकराल रूप धारण करने को दर्शाती हैं।

ग्रामीणों को सुबह से लेकर रात के 11 बजे तक पानी का इंतजार करना पड़ता है और स्थिति इतनी विकट है कि उन्हें ₹500 देकर निजी टैंकरों से पानी मंगवाना पड़ रहा है। जनता का आरोप है कि नल-जल योजना केवल कागजों तक ही सीमित है, जबकि सरपंच और सचिव इस गंभीर समस्या पर मौन हैं और प्रशासन पूरी तरह बेखबर है। इन हालातों को देखते हुए जनता सवाल कर रही है कि क्या यही विकास है और प्रशासन कब जागेगा।
    user_Mahaveer Jain
    Mahaveer Jain
    Mechanic पोरसा, मुरैना, मध्य प्रदेश•
    13 hrs ago
  • मुरैना जिले के अंबाह नगर में ईद-उल-जुहा का पर्व बड़े ही हर्षोल्लास, उत्साह और धार्मिक आस्था के साथ मनाया गया। ईदगाह में सुबह से ही नमाजियों की भारी भीड़ उमड़ी, जहां मुस्लिम समाज के लोगों ने सामूहिक रूप से ईद की नमाज अदा की और मुल्क में अमन-चैन, खुशहाली तथा भाईचारे की दुआ मांगी। ईदगाह परिसर में “अल्लाहु अकबर” की तकबीरों से पूरा वातावरण गूंज उठा। नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की मुबारकबाद दी। बच्चों और युवाओं में खासा उत्साह देखने को मिला, जिससे पूरे नगर में प्रेम, सौहार्द और खुशियों का माहौल बना रहा। इस अवसर पर प्रशासन की ओर से सुरक्षा और व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। नगर के विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक संगठनों ने भी मुस्लिम समाज को ईद की शुभकामनाएं दीं।
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    मुरैना जिले के अंबाह नगर में ईद-उल-जुहा का पर्व बड़े ही हर्षोल्लास, उत्साह और धार्मिक आस्था के साथ मनाया गया। ईदगाह में सुबह से ही नमाजियों की भारी भीड़ उमड़ी, जहां मुस्लिम समाज के लोगों ने सामूहिक रूप से ईद की नमाज अदा की और मुल्क में अमन-चैन, खुशहाली तथा भाईचारे की दुआ मांगी।

ईदगाह परिसर में “अल्लाहु अकबर” की तकबीरों से पूरा वातावरण गूंज उठा। नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की मुबारकबाद दी। बच्चों और युवाओं में खासा उत्साह देखने को मिला, जिससे पूरे नगर में प्रेम, सौहार्द और खुशियों का माहौल बना रहा।

इस अवसर पर प्रशासन की ओर से सुरक्षा और व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। नगर के विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक संगठनों ने भी मुस्लिम समाज को ईद की शुभकामनाएं दीं।
    user_B,s
    B,s
    अंबाह, मुरैना, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • ओडिशा के गोपालपुर में विगत बुधवार को हृदयगति रुक जाने के कारण चंबल के वीर सपूत अमर शहीद हवलदार महावीर सिंह तोमर वीरगति को प्राप्त हुए थे। चंबलांचल को वीर सपूतों की भूमि कहा जाता है, जहाँ प्रथम विश्व युद्ध से लेकर 1962, 1965, 1971 और 1999 के युद्धों तक यहाँ के योद्धाओं ने अपना पराक्रम दिखाया है और अपनी विशिष्ट सेवाओं के लिए जाने जाते हैं। दिमनी थाना क्षेत्र के तुत का पुरा निवासी 42 वर्षीय हवलदार महावीर सिंह तोमर भारतीय सेना की एयर डिफेंस में सेवारत थे। उनके पार्थिव शरीर को हवाई सेवा से दिल्ली लाया गया, और फिर एंबुलेंस के माध्यम से मुरैना के सर्किट हाउस पहुँचाया गया। वहाँ से पूरे सैनिक सम्मान के साथ काफ़िला और अंतिम पराक्रम यात्रा उनके पैतृक गांव तक निकाली गई। इस दुखद घटना में वे अपने पीछे माता-पिता, पत्नी, दो बेटियों और एक 12 वर्षीय पुत्र को छोड़ गए हैं, जो उन्हें याद कर विलाप कर रहे हैं। उनके 12 वर्षीय पुत्र ने उन्हें मुखाग्नि दी। अंतिम यात्रा और सशस्त्र सलामी के दौरान मुरैना के जिला सैनिक कल्याण अधिकारी, दिमनी थाना प्रभारी जितेंद्र दोहरे, अमर शहीद सम्मान सेवा संघ के प्रदेश अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह तोमर सहित मनोज सिंह तोमर, अवधेश सिंह तोमर, भीमसेन सिंह तोमर, रोहित शर्मा, शिवम, अन्य सेवक, भूतपूर्व सैनिक संगठन और सैकड़ों ग्रामीणजन मौजूद थे। शहादत और सशस्त्र सलामी के दौरान "भारत माता की जय हो" और "हवलदार महावीर सिंह तोमर साहब अमर रहे" के जयघोष गूँजते रहे, जिससे पूरा माहौल गमगीन हो गया। अंचल का यह लाल वीर सपूत पंचतत्व में विलीन हो गया, जिनका अंतिम संस्कार सशस्त्र सम्मान के साथ संपन्न हुआ।
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    ओडिशा के गोपालपुर में विगत बुधवार को हृदयगति रुक जाने के कारण चंबल के वीर सपूत अमर शहीद हवलदार महावीर सिंह तोमर वीरगति को प्राप्त हुए थे। चंबलांचल को वीर सपूतों की भूमि कहा जाता है, जहाँ प्रथम विश्व युद्ध से लेकर 1962, 1965, 1971 और 1999 के युद्धों तक यहाँ के योद्धाओं ने अपना पराक्रम दिखाया है और अपनी विशिष्ट सेवाओं के लिए जाने जाते हैं।

दिमनी थाना क्षेत्र के तुत का पुरा निवासी 42 वर्षीय हवलदार महावीर सिंह तोमर भारतीय सेना की एयर डिफेंस में सेवारत थे। उनके पार्थिव शरीर को हवाई सेवा से दिल्ली लाया गया, और फिर एंबुलेंस के माध्यम से मुरैना के सर्किट हाउस पहुँचाया गया। वहाँ से पूरे सैनिक सम्मान के साथ काफ़िला और अंतिम पराक्रम यात्रा उनके पैतृक गांव तक निकाली गई।

इस दुखद घटना में वे अपने पीछे माता-पिता, पत्नी, दो बेटियों और एक 12 वर्षीय पुत्र को छोड़ गए हैं, जो उन्हें याद कर विलाप कर रहे हैं। उनके 12 वर्षीय पुत्र ने उन्हें मुखाग्नि दी। अंतिम यात्रा और सशस्त्र सलामी के दौरान मुरैना के जिला सैनिक कल्याण अधिकारी, दिमनी थाना प्रभारी जितेंद्र दोहरे, अमर शहीद सम्मान सेवा संघ के प्रदेश अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह तोमर सहित मनोज सिंह तोमर, अवधेश सिंह तोमर, भीमसेन सिंह तोमर, रोहित शर्मा, शिवम, अन्य सेवक, भूतपूर्व सैनिक संगठन और सैकड़ों ग्रामीणजन मौजूद थे। शहादत और सशस्त्र सलामी के दौरान "भारत माता की जय हो" और "हवलदार महावीर सिंह तोमर साहब अमर रहे" के जयघोष गूँजते रहे, जिससे पूरा माहौल गमगीन हो गया। अंचल का यह लाल वीर सपूत पंचतत्व में विलीन हो गया, जिनका अंतिम संस्कार सशस्त्र सम्मान के साथ संपन्न हुआ।
    user_Avdhesh  Tomar patrakar THARA
    Avdhesh Tomar patrakar THARA
    Teacher अंबाह, मुरैना, मध्य प्रदेश•
    8 hrs ago
  • अम्बाह मिल्हेडा रोड पर स्थित आवासों में बिजली, पानी और नल कनेक्शन जैसी मूलभूत सुविधाओं का अभाव है, जिसके कारण वहां के रहवासी पिछले करीब 2-3 सालों से गंभीर परेशानी का सामना कर रहे हैं। इन आवासों में निवास कर रहे लोग इन बुनियादी आवश्यकताओं की कमी से त्रस्त हैं और इस समस्या से निजात पाने का कोई रास्ता नहीं दिख रहा। निवासियों का आरोप है कि नगर पालिका इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर कोई ध्यान नहीं दे रही है।
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    अम्बाह मिल्हेडा रोड पर स्थित आवासों में बिजली, पानी और नल कनेक्शन जैसी मूलभूत सुविधाओं का अभाव है, जिसके कारण वहां के रहवासी पिछले करीब 2-3 सालों से गंभीर परेशानी का सामना कर रहे हैं। इन आवासों में निवास कर रहे लोग इन बुनियादी आवश्यकताओं की कमी से त्रस्त हैं और इस समस्या से निजात पाने का कोई रास्ता नहीं दिख रहा। निवासियों का आरोप है कि नगर पालिका इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर कोई ध्यान नहीं दे रही है।
    user_User7480
    User7480
    Ambah, Morena•
    11 hrs ago
  • चंबल अंचल के वीर सपूत अमर शहीद हवलदार महावीर सिंह तोमर का अंतिम संस्कार सशस्त्र सम्मान के साथ किया गया, जिसमें उनके 12 वर्षीय पुत्र ने उन्हें मुखाग्नि दी। भारतीय सेना की एयर डिफेंस में सेवारत 42 वर्षीय हवलदार महावीर सिंह तोमर विगत बुधवार को ओडिशा के गोपालपुर में हृदय गति रुक जाने के कारण वीरगति को प्राप्त हो गए थे। उनके पार्थिव शरीर को पहले हवाई सेवा से दिल्ली लाया गया, फिर एंबुलेंस के माध्यम से मुरैना के सर्किट हाउस तक पहुंचाया गया। मुरैना से उनके पैतृक गांव तुत का पुरा, जो दिमनी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आता है, तक पूरे सैनिक सम्मान के साथ काफ़िला और अंतिम पराक्रम यात्रा निकाली गई। शहीद हवलदार महावीर सिंह तोमर अपने पीछे दो बेटियां, एक बेटा, माता-पिता और पत्नी को विलखता हुआ छोड़ गए। अंतिम यात्रा और सलामी के दौरान जिला सैनिक कल्याण अधिकारी मुरैना, दिमनी थाना प्रभारी जितेंद्र दोहरे, अमर शहीद सम्मान सेवा संघ के प्रदेश अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह तोमर सहित मनोज सिंह तोमर, अवधेश सिंह तोमर, भीमसेन सिंह तोमर, रोहित शर्मा, शिवम व अन्य सेवक, भूतपूर्व सैनिक संगठन के सदस्य और सैकड़ों की संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे। शहादत और सशस्त्र सलामी के बीच 'भारत माता की जय' और 'हवलदार महावीर सिंह तोमर साहब अमर रहे' के जयघोष गूंजते रहे, जिससे पूरा माहौल गमगीन हो गया। चंबलांचल, जिसे वीर सपूतों की भूमि कहा जाता है, के योद्धाओं ने प्रथम विश्व युद्ध से लेकर 1962, 1965, 1971 और 1999 के हर युद्ध में अपना पराक्रम दिखाया है और अपनी विशिष्ट सेवा के लिए जाने जाते हैं।
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    चंबल अंचल के वीर सपूत अमर शहीद हवलदार महावीर सिंह तोमर का अंतिम संस्कार सशस्त्र सम्मान के साथ किया गया, जिसमें उनके 12 वर्षीय पुत्र ने उन्हें मुखाग्नि दी। भारतीय सेना की एयर डिफेंस में सेवारत 42 वर्षीय हवलदार महावीर सिंह तोमर विगत बुधवार को ओडिशा के गोपालपुर में हृदय गति रुक जाने के कारण वीरगति को प्राप्त हो गए थे।

उनके पार्थिव शरीर को पहले हवाई सेवा से दिल्ली लाया गया, फिर एंबुलेंस के माध्यम से मुरैना के सर्किट हाउस तक पहुंचाया गया। मुरैना से उनके पैतृक गांव तुत का पुरा, जो दिमनी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आता है, तक पूरे सैनिक सम्मान के साथ काफ़िला और अंतिम पराक्रम यात्रा निकाली गई। शहीद हवलदार महावीर सिंह तोमर अपने पीछे दो बेटियां, एक बेटा, माता-पिता और पत्नी को विलखता हुआ छोड़ गए।

अंतिम यात्रा और सलामी के दौरान जिला सैनिक कल्याण अधिकारी मुरैना, दिमनी थाना प्रभारी जितेंद्र दोहरे, अमर शहीद सम्मान सेवा संघ के प्रदेश अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह तोमर सहित मनोज सिंह तोमर, अवधेश सिंह तोमर, भीमसेन सिंह तोमर, रोहित शर्मा, शिवम व अन्य सेवक, भूतपूर्व सैनिक संगठन के सदस्य और सैकड़ों की संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे। शहादत और सशस्त्र सलामी के बीच 'भारत माता की जय' और 'हवलदार महावीर सिंह तोमर साहब अमर रहे' के जयघोष गूंजते रहे, जिससे पूरा माहौल गमगीन हो गया। चंबलांचल, जिसे वीर सपूतों की भूमि कहा जाता है, के योद्धाओं ने प्रथम विश्व युद्ध से लेकर 1962, 1965, 1971 और 1999 के हर युद्ध में अपना पराक्रम दिखाया है और अपनी विशिष्ट सेवा के लिए जाने जाते हैं।
    user_भीमसेन सिंह तोमर पत्रकार थरा
    भीमसेन सिंह तोमर पत्रकार थरा
    अंबाह, मुरैना, मध्य प्रदेश•
    8 hrs ago
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