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धनबाद के बीबीएमकेयू लॉ कॉलेज में पढ़ाई न होने के कारण छात्र परेशान हैं। छात्रों का कहना है कि वे बहुत दूर से कॉलेज आते हैं, लेकिन वहां पढ़ाई नहीं होती है। इसके अलावा, वहां के शिक्षक भी बिल्कुल एंड टाइम पर आते हैं। साथ ही, कॉलेज में छात्रों के लिए एक अच्छा कैंटीन भी उपलब्ध नहीं है।
Harsh kumar
धनबाद के बीबीएमकेयू लॉ कॉलेज में पढ़ाई न होने के कारण छात्र परेशान हैं। छात्रों का कहना है कि वे बहुत दूर से कॉलेज आते हैं, लेकिन वहां पढ़ाई नहीं होती है। इसके अलावा, वहां के शिक्षक भी बिल्कुल एंड टाइम पर आते हैं। साथ ही, कॉलेज में छात्रों के लिए एक अच्छा कैंटीन भी उपलब्ध नहीं है।
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- धनबाद के नवाडीह और विनोद बिहारी चौक के बीच स्थित करोड़ों की लागत से बनी 8 लेन मुख्य सड़क पहली ही बारिश में बदहाल हो गई है। जगह-जगह जलभराव और गड्ढों के कारण यह मार्ग पूरी तरह से जानलेवा बन चुका है, जिससे राहगीरों और वाहन चालक दुर्घटना की आशंका से डरे हुए हैं। नवाडीह और विनोद बिहारी चौक से करीब एक किलोमीटर की दूरी पर सड़क पर बरसात के बाद भारी जलजमाव हो गया है। सड़क पर बने गहरे गड्ढों के कारण दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों को आवागमन में भारी परेशानी हो रही है। तेज रफ्तार से गुजरने वाले वाहनों के बीच यह जलभराव कभी भी किसी बड़े हादसे का सबब बन सकता है। स्थानीय लोगों ने सड़क निर्माण की गुणवत्ता और इसके रखरखाव पर गंभीर सवाल उठाए हैं। लोगों का कहना है कि संबंधित विभाग और प्रशासन को इस गंभीर समस्या के बारे में कई बार अवगत कराया गया, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान किया जाए, सड़क की तत्काल मरम्मत कराई जाए और नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए ताकि कोई बड़ा हादसा न हो।1
- धनबाद के समग्र विकास की मांगों को लेकर धनबाद विकास मंच की एक महत्वपूर्ण बैठक सम्पन्न हुई है। इस बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि आगामी 22 जुलाई 2026 को धनबाद के रणधीर वर्मा चौक पर एक दिवसीय शांतिपूर्ण धरना आयोजित किया जाएगा। धनबाद विकास मंच ने स्पष्ट किया है कि यह एक पूर्णतः गैर-राजनीतिक मंच है और यह आंदोलन किसी दल विशेष का नहीं, बल्कि पूरे धनबाद के विकास का एक जनआंदोलन है। इस आंदोलन में शामिल होने के लिए सभी राजनीतिक दलों, सामाजिक संस्थाओं, व्यापारिक संगठनों, बुद्धिजीवियों, युवाओं, महिलाओं और आम नागरिकों को खुला आमंत्रण दिया गया है। इस महाआंदोलन के तहत क्षेत्र के विकास के लिए कई प्रमुख मांगें उठाई गई हैं। रेलवे सुविधाओं के विस्तार के लिए धनबाद-मुंबई और रांची-धनबाद-कटिहार के लिए दैनिक ट्रेन सेवा शुरू करने, धनबाद-पटना एवं धनबाद-वाराणसी वंदे भारत एक्सप्रेस चलाने के साथ-साथ सिलीगुड़ी, बेंगलुरु, दिल्ली और चेन्नई के लिए भी ट्रेनें देने की मांग की गई है। स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में तोपचांची क्षेत्र में धनबाद एयरपोर्ट का शीघ्र निर्माण कराने, एम्स की तर्ज पर आधुनिक अस्पताल और अत्याधुनिक ट्रॉमा सेंटर की स्थापना करने, सेंट्रल हॉस्पिटल को सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल बनाने तथा सदर अस्पताल को मेडिकल कॉलेज के रूप में विकसित करने की मांग रखी गई है। रोजगार, उद्योग और शहरी विकास को लेकर भी मंच ने विस्तृत मांगें प्रस्तुत की हैं। इनमें हाईटेक स्किल सेंटर और कपड़ा उद्योग की स्थापना, आईटी पार्क को तुरंत चालू करने, कोयला आधारित उद्योगों के संरक्षण, आउटसोर्सिंग कंपनी द्वारा कृत्रिम पहाड़ों का समतलीकरण कराने और धनबाद में सोलर प्लांट स्थापित करने की मांग शामिल है। इसके अलावा IIT-ISM के एक्सटेंशन कार्य में तेजी लाने, धनबाद में अंतरराष्ट्रीय स्तर का स्टेडियम बनाने, रिंग रोड परियोजना का अविलंब समाधान व निर्माण कराने और टीसीएस द्वारा तैयार Comprehensive Mobility Plan को तत्काल लागू करने की मांग की गई है। मंच का स्पष्ट संदेश है कि देश की ऊर्जा राजधानी धनबाद को अब विकास की नई पहचान मिलनी चाहिए और "कोयले की राजधानी अब बने विकास की राजधानी" के नारे के साथ लोगों से इस धरने में जुड़कर अपनी आवाज बुलंद करने की अपील की गई है।1
- धनबाद के फुसबंगला गुलजार मुहल्ला में नगर निगम अब 'नरक निगम' बन चुका है। KCNTVINDIA की ग्राउंड रिपोर्टिंग के अनुसार, इस इलाके में हालात बेहद खराब हैं और नगर निगम पूरी तरह से नरक में तब्दील हो गया है।1
- सोमवार को धनबाद के रणधीर वर्मा चौक स्थित धरना स्थल पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के समर्थन में एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया। 'छात्र-युवा आक्रोश दिवस' के बैनर तले इस प्रदर्शन का आयोजन भाकपा (माले), जनता श्रमिक संघ और झारखंड कोयलारी मजदूर यूनियन के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। धरने को संबोधित करते हुए झारखंड कोलियरी मजदूर यूनियन, एरिया-7 के सचिव मिथुन यादव ने कहा कि पहले भूख हड़ताल करने वालों की मांगों पर सरकार ध्यान देती थी, लेकिन अब ऐसा नहीं हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों के मुद्दों को लेकर अनशन पर बैठे सोनम वांगचुक को पुलिस द्वारा हटाया गया, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि देश में विभिन्न अनियमितताओं के बावजूद केंद्र सरकार मौन बनी हुई है। भाकपा (माले) के सदस्य हलधर महतो ने कहा कि सोनम वांगचुक के समर्थन और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर देशभर में आंदोलन चल रहा है और धनबाद का यह प्रदर्शन उसी कड़ी का हिस्सा है। उन्होंने आरोप लगाया कि लगातार हो रही पेपर लीक जैसी घटनाओं से छात्रों और युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है। प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने, छात्रों के हितों की रक्षा करने तथा उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करने की मांग की।1
- दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन और संसद घेराव के पूर्ण समर्थन में धनबाद जिले के निरसा विधानसभा क्षेत्र में भाकपा माले लिबरेशन की ओर से एक आक्रोश रैली निकाली गई। यह रैली गुरुदास भवन पार्टी कार्यालय से शुरू होकर निरसा सिनेमा मोड़ होते हुए निरसा चौक पहुंची, जहां पहुंचकर यह एक सभा में तब्दील हो गई। रैली में शामिल नेताओं और कार्यकर्ताओं ने देश में लगातार हो रहे पेपर लीक और परीक्षाओं में धांधली को लेकर गहरा रोष व्यक्त किया। सभा को संबोधित करते हुए निरसा विधानसभा संयोजक कॉमरेड आगम राम ने कहा कि वर्तमान में आयोजित होने वाली तमाम परीक्षाओं के पेपर लगातार लीक हो रहे हैं। इस धांधली के कारण देश के लाखों छात्रों का भविष्य खतरे में पड़ गया है और उनमें गहरा आक्रोश व्याप्त है। उन्होंने केंद्र की मोदी सरकार को हर मोर्चे पर पूरी तरह विफल बताते हुए कहा कि परीक्षा प्रणाली में गड़बड़ी और निराशा के चलते कई छात्र आत्महत्या करने को मजबूर हो रहे हैं। इसके साथ ही, भाकपा माले ने छात्र आंदोलन के समर्थन में भूख हड़ताल पर बैठे प्रख्यात वैज्ञानिक व पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक के साथ सरकार के अमानवीय व्यवहार और आयशा नेत्री नेहा बोरा व अन्य साथी छात्रों के साथ की गई जबरदस्ती की कड़ी निंदा की है। भाकपा माले ने देश के सभी लोकतंत्र पसंद और न्यायप्रिय नागरिकों से इस छात्र आंदोलन का समर्थन करने की अपील की है। इस रैली में मुख्य रूप से विधानसभा संयोजक कॉमरेड आगम राम, निरसा प्रखंड सचिव टूटून मुखर्जी, एग्यारकुंड प्रखंड सचिव सह जिला परिषद सदस्य बादल बाऊरी, श्रीकांत सिंह, संतू चटर्जी, कल्याण राय, हरेंद्र सिंह, कृष्णा सिंह, रामजी यादव, रोशन मिश्रा, मन्नू सिंह, बी के सिंह, लक्ष्मण प्रसाद, अभय सिंह, मुमताज अंसारी, निरंजन गोराई, अमाल खान, अंजली पासवान और आशा कर्मकार सहित सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित रहे।4
- गिरिडीह जिले के डुमरी में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम (एसआईआर) - 2026 के तहत एसडीएम राजेन्द्र प्रसाद गुप्ता ने अपने कार्यालय कक्ष में सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। यह पुनरीक्षण कार्यक्रम 30 जून से 29 जुलाई 2026 तक चलाया जा रहा है। एसडीएम ने इस कार्यक्रम में बीएलओ के कार्य निष्पादन में राजनीतिक दलों द्वारा नियुक्त बीएलए से मिल रहे सहयोग के लिए प्रतिनिधियों को धन्यवाद दिया। एसडीएम ने 22 जुलाई (बुधवार) को सभी मतदान केंद्रों पर आयोजित होने वाली "चुनावी पाठशाला" में सभी दलों के प्रतिनिधियों से शामिल होने की अपील की है। इस चुनावी पाठशाला में एसआईआर के तहत उपलब्ध कराई गई मतदाता सूची को सभी के समक्ष पढ़कर अंतिम रूप दिया जाएगा। डुमरी विधानसभा क्षेत्र में प्रगति की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि यहाँ 99.79 प्रतिशत गणना फॉर्म का वितरण किया जा चुका है और 21 जुलाई दोपहर 12 बजे तक 77 प्रतिशत गणना फॉर्म को ऑनलाइन भी अपलोड किया जा चुका है, जबकि शेष फॉर्म निर्धारित तिथि तक पूरे कर लिए जाएंगे। इस बैठक में झामुमो प्रखंड अध्यक्ष राजकुमार महतो, राजकुमार पांडेय, आजसू नेता छक्कन महतो, भाजपा के बीरबल पंडित, कांग्रेस प्रखंड अध्यक्ष नागेश्वर मंडल, युवा कांग्रेस के जिला महासचिव सरफराज उर्फ गुड्डु मलिक, कांग्रेस नेता सादिक अली, कांग्रेस प्रखंड उपाध्यक्ष भुवनेश्वर दास, तुराब अली अंसारी, मनोज जायसवाल और झाइकिमयू केन्द्रीय अध्यक्ष गंगाधर महतो सहित अन्य लोग मौजूद थे।2
- धनबाद क्रिकेट एसोसिएशन (डीसीए) की कार्यकारिणी समिति से बिना किसी पूर्व सूचना, सहमति या त्यागपत्र के हटाए जाने पर सदस्य संतोष सिंह ने गहरा विरोध जताया है। सोमवार को आयोजित एक प्रेस वार्ता के माध्यम से उन्होंने इस कार्रवाई पर अपना पक्ष रखा। संतोष सिंह ने बताया कि 20 जुलाई 2026 को विभिन्न समाचार पत्रों के माध्यम से उन्हें यह जानकारी मिली कि उन्हें कार्यकारिणी समिति के सदस्य पद से हटाकर उनके स्थान पर किसी अन्य व्यक्ति की नियुक्ति कर दी गई है, जिससे उन्हें गहरा दुख और निराशा हुई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका निर्वाचन वर्ष 2024 से 2027 के कार्यकाल के लिए तत्कालीन सहायक निर्वाचन पदाधिकारी एवं निर्वाचन पदाधिकारी की देखरेख में विधिवत चुनाव प्रक्रिया के माध्यम से हुआ था। ऐसे में बिना किसी आधिकारिक सूचना या कारण बताए उन्हें पद से हटाया जाना आश्चर्यजनक और दुर्भाग्यपूर्ण है। संतोष सिंह ने अपने आचरण पर लगाए गए सभी आरोपों को पूरी तरह निराधार, तथ्यहीन और असत्य बताते हुए कहा कि उन्हें न तो कोई कारण बताओ नोटिस दिया गया और न ही अपना पक्ष रखने का अवसर मिला। उन्होंने डीसीए के अध्यक्ष से एसोसिएशन की गरिमा, संविधान और लोकतांत्रिक परंपराओं का सम्मान करने की अपील की ताकि इसे राजनीतिक अखाड़ा बनने से बचाकर केवल क्रिकेट के विकास के लिए समर्पित रखा जा सके। अंत में उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच की मांग करते हुए सत्य सामने आने का विश्वास जताया।1
- धनबाद के निरसा में सांसद प्रतिनिधि के भाई बजेंद्र गोस्वामी पर हमला हुआ है। हमलावरों द्वारा पीछा किए जाने के बाद बजेंद्र गोस्वामी ने भागकर किसी तरह एक दुकान में घुसकर अपनी जान बचाई। निरसा से मनोज कुमार सिंह के अनुसार, यदि बजेंद्र समय रहते दुकान के भीतर नहीं घुस पाते, तो उनकी जान भी जा सकती थी।1