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भोपाल के हुजूर क्षेत्र के एक स्थानीय गांव में उस वक्त भारी हड़कंप मच गया, जब वहां एक विशालकाय अजगर घुस आया। इस अजगर ने गांव के ही एक व्यक्ति की बकरी को पूरी तरह से निगल लिया। बकरी को निगले जाने की इस घटना के बाद ग्रामीणों में डर फैल गया और वे तुरंत सतर्क हो गए। ग्रामीणों ने अपनी सूझबूझ और फुर्ती दिखाते हुए कड़ी मशक्कत के बाद उस विशाल अजगर को पकड़ लिया। एहतियात के तौर पर अजगर का मुंह रस्सी से बांध दिया गया है ताकि वह अपने शिकार को बाहर न उगल सके और किसी अन्य पर हमला न कर पाए। इस घटना के बाद वन विभाग को सूचित कर दिया गया है।
@liveatn
भोपाल के हुजूर क्षेत्र के एक स्थानीय गांव में उस वक्त भारी हड़कंप मच गया, जब वहां एक विशालकाय अजगर घुस आया। इस अजगर ने गांव के ही एक व्यक्ति की बकरी को पूरी तरह से निगल लिया। बकरी को निगले जाने की इस घटना के बाद ग्रामीणों में डर फैल गया और वे तुरंत सतर्क हो गए। ग्रामीणों ने अपनी सूझबूझ और फुर्ती दिखाते हुए कड़ी मशक्कत के बाद उस विशाल अजगर को पकड़ लिया। एहतियात के तौर पर अजगर का मुंह रस्सी से बांध दिया गया है ताकि वह अपने शिकार को बाहर न उगल सके और किसी अन्य पर हमला न कर पाए। इस घटना के बाद वन विभाग को सूचित कर दिया गया है।
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- भोपाल में आधी रात को अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (जोन-3) श्रीमती शालिनी दीक्षित गश्त के लिए सड़क पर उतरीं। इस रात्रि गश्त के दौरान उन्होंने न केवल कानून-व्यवस्था का जायजा लिया, बल्कि सोए हुए लोगों को जगाकर 'नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0' अभियान का संदेश भी दिया। मानवीय संवेदनशीलता और जनजागरूकता की इस पहल की चौतरफा सराहना की जा रही है। इस दौरान "नशा छोड़ें, जीवन जोड़ें — सुरक्षित समाज, स्वस्थ भविष्य" का संदेश देते हुए लोगों को जागरूक करने का प्रयास किया गया।1
- भोपाल के हुजूर में शायर गंगाधर मालजपुरे की पंक्तियां सामने आई हैं। इन पंक्तियों में उन्होंने अपने जज्बातों को व्यक्त करते हुए लिखा है, "प्यार करते हैं हम तुम्हें इतना मोहब्बत रास न आए"।1
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- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में 'नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0' अभियान तेज़ हो गया है। इस अभियान के तहत मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेशवासियों से नशा मुक्त मध्यप्रदेश के संकल्प को एक जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जनता से अपील की है कि वे इस अभियान से जुड़कर अपनी युवा पीढ़ी को नशे से बचाने में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाएं।1
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- भोपाल के सोनागिरी स्थित ईएसआई (ESI) अस्पताल की आवासीय कॉलोनी में जर्जर मकानों को तोड़े जाने की सूचना मिलने पर मजदूर नेता दीपक गुप्ता मौके पर पहुंचे। वहां उन्होंने जर्जर मकानों के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई का सामना कर रहे कर्मचारियों और उनके परिवारों के हक में अपनी आवाज बुलंद की। दीपक गुप्ता ने इस संवेदनशील मामले को लेकर सीधे अस्पताल अधीक्षक से चर्चा की। उन्होंने मांग उठाई कि कॉलोनी में रह रहे कर्मचारियों और उनके परिवारों को पहले किसी वैकल्पिक आवास में शिफ्ट किया जाए, और उसके बाद ही जर्जर मकानों को तोड़ने की कोई कार्रवाई शुरू की जाए। उन्होंने जोर दिया कि कर्मचारियों की सुरक्षा और सुविधा को सबसे पहली प्राथमिकता मिलनी चाहिए। मजदूर नेता ने चेताया कि बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था के अचानक मकान तोड़ने से कर्मचारियों को गंभीर दिक्कतों और परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने प्रशासन से मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए पहले सम्मानजनक पुनर्वास सुनिश्चित करने और उसके बाद ही ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करने का पुरजोर आग्रह किया है।1
- मध्य प्रदेश में मंत्री प्रतिमा बगरी ने एक समाचार पत्र में प्रकाशित उस खबर का कड़ा खंडन किया है, जिसमें उन पर फर्जी जाति प्रमाण पत्र को लेकर आरोप लगाए गए थे। इन आरोपों के सामने आने के बाद मंत्री ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर अपनी सफाई पेश की है। अपने वीडियो संदेश में प्रतिमा बगरी ने कहा कि गिलास में चाय है या दारू, यह कोई दूर से कैसे समझ सकता है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि दूर का व्यक्ति उनके ऊपर लगे आरोपों का सही ढंग से आकलन नहीं कर सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इन आरोपों के लगने से न तो उनकी सोच बदली है और न ही उनके काम करने का तरीका बदला है।1