ग्राम बेला, तहसील पलेरा, जिला टीकमगढ़ (मध्य प्रदेश) में बीएसपी के नेतृत्व में रमाबाई जयंती एवं संत रविदास जयंती के अवसर पर एक घटना का विवरण (मामला): ग्राम बेला, तहसील पलेरा, जिला टीकमगढ़ (मध्य प्रदेश) में बीएसपी के नेतृत्व में रमाबाई जयंती एवं संत रविदास जयंती के अवसर पर एक शांतिपूर्ण जुलूस एवं समारोह आयोजित किया गया था। यह कार्यक्रम कजरी तिगेला के पास स्थित शासकीय (सरकारी) भूमि पर विधिवत रूप से संपन्न हो रहा था, जहाँ समाज के लोग संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर एवं संत रविदास के विचारों को याद करने के लिए एकत्रित हुए थे। उसी दौरान कुशवाहा समाज के कुछ लोग, जिनमें मुख्य रूप से पुन्नू कुशवाहा एवं उनके परिवार की एक महिला (चाची) शामिल थीं, मौके पर पहुँचे और कार्यक्रम में जानबूझकर व्यवधान उत्पन्न किया। उनके द्वारा खुलेआम यह कहा गया कि “तुम लोग यहाँ मूर्तियाँ रखने के लिए इकट्ठा हुए हो, मैं यह नहीं होने दूँगा। न रविदास की मूर्ति लगेगी, न अंबेडकर की—किसी की भी मूर्ति यहाँ नहीं लग सकती।” इस प्रकार के बयान देकर उन्होंने न केवल कार्यक्रम की शांति भंग करने का प्रयास किया, बल्कि महापुरुषों का अपमान, सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने और संविधान प्रदत्त अभिव्यक्ति एवं शांतिपूर्ण आयोजन के अधिकार का उल्लंघन किया। यह घटना दलित समाज की धार्मिक-सामाजिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने वाली है और इससे क्षेत्र में तनाव का माहौल उत्पन्न हुआ। यदि समय रहते उपस्थित लोगों ने संयम न बरता होता, तो स्थिति और भी गंभीर हो सकती थी। अतः यह मामला सामाजिक विद्वेष फैलाने, शांति भंग करने तथा संविधानिक मूल्यों का अपमान करने से संबंधित है, जिस पर प्रशासन द्वारा उचित संज्ञान लिया जाना आवश्यक है।
ग्राम बेला, तहसील पलेरा, जिला टीकमगढ़ (मध्य प्रदेश) में बीएसपी के नेतृत्व में रमाबाई जयंती एवं संत रविदास जयंती के अवसर पर एक घटना का विवरण (मामला): ग्राम बेला, तहसील पलेरा, जिला टीकमगढ़ (मध्य प्रदेश) में बीएसपी के नेतृत्व में रमाबाई जयंती एवं संत रविदास जयंती के अवसर पर एक शांतिपूर्ण जुलूस एवं समारोह आयोजित किया गया था। यह कार्यक्रम कजरी तिगेला के पास स्थित शासकीय (सरकारी) भूमि पर विधिवत रूप से संपन्न हो रहा था, जहाँ समाज के लोग संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर एवं संत रविदास के विचारों को याद करने के लिए एकत्रित हुए थे। उसी दौरान कुशवाहा समाज के कुछ लोग, जिनमें मुख्य रूप से पुन्नू कुशवाहा एवं उनके परिवार की एक महिला (चाची) शामिल थीं, मौके पर पहुँचे और कार्यक्रम में जानबूझकर व्यवधान उत्पन्न किया। उनके द्वारा खुलेआम यह कहा गया कि “तुम लोग यहाँ मूर्तियाँ रखने के लिए इकट्ठा हुए हो, मैं यह नहीं होने दूँगा। न रविदास की मूर्ति लगेगी, न अंबेडकर की—किसी की भी मूर्ति यहाँ नहीं लग सकती।” इस प्रकार के बयान देकर उन्होंने न केवल कार्यक्रम की शांति भंग करने का प्रयास किया, बल्कि महापुरुषों का अपमान, सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने और संविधान प्रदत्त अभिव्यक्ति एवं शांतिपूर्ण आयोजन के अधिकार का उल्लंघन किया। यह घटना दलित समाज की धार्मिक-सामाजिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने वाली है और इससे क्षेत्र में तनाव का माहौल उत्पन्न हुआ। यदि समय रहते उपस्थित लोगों ने संयम न बरता होता, तो स्थिति और भी गंभीर हो सकती थी। अतः यह मामला सामाजिक विद्वेष फैलाने, शांति भंग करने तथा संविधानिक मूल्यों का अपमान करने से संबंधित है, जिस पर प्रशासन द्वारा उचित संज्ञान लिया जाना आवश्यक है।
- Jagdish ChauhanMhow, Indore🤝11 hrs ago
- टीकमगढ़ जिले के थाना लिधौरा अंतर्गत ग्राम पंचायत बारी के विशाल यादव ने सोशल मीडिया पर आत्म हत्या करने की धमकी दी थी और पुलिस पर लगाए प्रताड़ना के आरोप देखिए खास रिपोर्ट क्या कुछ कहा विशाल यादव जी ने क्या कुछ हुई थी घटना1
- छतरपुर जिले के हमा गांव में संत शिरोमणि रविदास महाराज की मूर्ति तोड़े जाने की घटना को लेकर भारी आक्रोश देखने को मिला। रविवार दोपहर करीब 12 बजे बड़ी संख्या में ग्रामीण व समाज के लोग सिटी कोतवाली पहुंचे और थाना प्रभारी को ज्ञापन सौंपते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि अज्ञात असामाजिक तत्वों द्वारा श्रद्धास्थल पर स्थापित रविदास महाराज की मूर्ति को क्षतिग्रस्त किया गया, जिससे समाज की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की और मामले में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ अपराध दर्ज कर लिया है। वहीं, भीम आर्मी के पदाधिकारियों ने भी घटना की निंदा करते हुए दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी और कठोर कार्रवाई की मांग की है। पुलिस का कहना है कि आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और जल्द ही आरोपियों की पहचान कर कार्रवाई की जाएगी।1
- दिनदहाड़े दिए जा रही है विधायक जी को जान से मारने की धमकी विधायक बिजावर बबलू शुक्ला को जान से मारने की धमकी सोशल मीडिया पर वीडियो जमकर बाय1
- Post by ललित दुबे (न्यूज दिगौड़ा)1
- *आजाद अध्यापक शिक्षक संघ ने निकाली पेंशन रैली, 23 सूत्रीय मांगों के निराकरण न होने पर मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन* टीकमगढ़ में आजाद अध्यापक शिक्षक संघ मध्यप्रदेश के प्रांताध्यक्ष भरत पटेल के आह्वान पर प्रदेश के समस्त जिलों में बैठके एवं रैलियों का आयोजन किया गया। इसी तारतम्य में टीकमगढ़ जिले के स्थानीय नजरबाग प्रांगण में अध्यापक शिक्षक संवर्ग की बैठक का आयोजन किया गया। जिसमें अध्यापक शिक्षक संवर्ग की लंबित मांगों एवं उनकी समस्याओं के बारे में विस्तार से चर्चाएं हुई एवं आगामी रणनीति को लेकर शिक्षकों ने अपने अपने विचार व्यक्त किए। बैठक उपरांत आजाद अध्यापक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष कप्तान सिंह बुंदेला के नेतृत्व में जिले के शिक्षकों ने एकता का परिचय देते हुए नजरबाग से कलेक्ट्रेट तक पदयात्रा निकाली। कलेक्ट्रेट पहुंचकर संघस्त संघ ने प्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को 23 सूत्रीय मांगों के निराकरण के लिए ज्ञापन सौंपा। शिक्षकों की मांगों में ई अटेंडेंस को तत्काल प्रभाव से बंद किया जाए, मध्यप्रदेश के समस्त एनपीएस धारक कर्मचारियों को पुरानी पेेंशन लागू की जाए, गुरूजियों को उनकी प्रथम नियुक्ति दिनांक से वरिष्ठता, अध्यापक शिक्षक संवर्ग को भी क्रमोन्नति और समयमान वेतनमान की भांति प्रथम नियुक्ति दिनांक से सेवा अवधि की गणना करते हुए पेंशन, ग्रेच्युटी एवं अवकाशो का नगदीकरण का लाभ, अध्यापक शिक्षक संवर्ग को केंद्रीय कर्मचारियों की भांति 01 जनवरी 2026 से आठवें वेतनमान का लाभ, कार्यालयीन अधिकारी कर्मचारियों की भांति शिक्षकों को भी शनिवार का अवकाश प्रदान किया जाए अथवा शनिवार के अवकाश के स्थान पर अर्जित अवकाश प्रदान किया जाए, नवनियुक्त शिक्षकों को 100 प्रतिशत वेतन का भुगतान, अध्यापक संवर्ग को कैशलेस मेडिकल क्लेम की सुविधा सहित कई मांगे शामिल हैं। जिले सहित पूरे प्रदेश का शिक्षक मांगें पूरी न होने से आक्रोशित है एवं आगामी समय में प्रदेश की राजधानी भोपाल में आंदोलन करने एवं अनशन पर बैठने को मजबूर है। ज्ञापन के दौरान एडीएम एवं अपर कलेक्टर ने सहानुभूतिपूर्वक अध्यापक शिक्षकों की मांगों को सुना एवं पूर्ण आश्वासन दिया कि आपकी मांगों को शासन तक शीघ्र पहुंचाएंगे।1
- Post by BHOPAL JILA BURO3
- *रेंजर जतारा शिशुपाल अहिरवार की लगातार दूसरे दिन जप्ती की कार्यवाही* *पूछा और वस्तगुवा के जंगल में अवैध रेत उत्खनन और परिवहन के अपराध में ट्रैक्टर किया गया जप्त* पलेरा: वन परिक्षेत्र जतारा अंतर्गत पूछा और वस्तगुवा के जंगल अंतर्गत बीट मगरई नं 2 के कक्ष क्रमांक पी 318 बी जिसमें वर्षों से व्याप्त अतिक्रमण को वर्ष 2023 में अतिक्रमण बेदखली कर मुक्त कराया जाकर उसमें चारों तरफ से सीपीटी एवं गहरी खाईयां एवं गड्ढे खोदे जाकर वर्ष 2024-25 में चारों तरफ बारबेड तार लगाकर घेराव कार्य किया जाकर लगभग 12000 पौधे रोपित किये गये थे। जिनको पुनः अतिक्रमणकारियों द्वारा अतिक्रमण करने के उद्देश्य से बारबेड चोरी किये जाने की शिकायतों के साथ-साथ अतिक्रमण मुक्त क्षेत्र में उत्खनन एवं परिवहन की शिकायतें प्राप्त होने पर वन परिक्षेत्र अधिकारी जतारा शिशुपाल अहिरवार के द्वारा पत्र क्रमांक 372 दिनांक 06/02/2026 के माध्यम से संपूर्ण स्टॉफ को मौके से जाकर कार्यवाही किए जाने के निर्देश प्रसारित किए जाने पर दिनांक 07/02/2026 की सुबह वन परिक्षेत्र जतारा का संपूर्ण वन अमला पूछा के जंगल अंतर्गत जैसे ही बीट मगरई नंबर दो के कक्ष क्रमांक पी 318 बी में पहुंचा तो देखा कि जंगल में बहने वाले पूछा नाला में एक लाल रंग के डीआई 265 महिंद्रा ट्रैक्टर चेसिस नंबर NEBB 01046 एवं में कुछ लोग जंगल में बहने वाले नाले से रेत उत्खनन कर ट्रैक्टर की ट्रॉली में लोड कर रहे थे जैसे ही ट्रैक्टर के पास वन अमला पहुंचा और उनके पास पहुंचकर जैसे ही पूछताछ करने का प्रयास किया गया तो मौके पर उपस्थित मजदूर और ड्राइवर भाग गए जिसके पश्चात वनक्षेत्र में अवैध रूप से रेत का उत्खनन और परिवहन के अपराध में ट्रैक्टर मय ट्रॉली के जिसमें रेत भरी हुई थी की जप्ती करके नामजद वन अपराध प्रकरण क्रमांक 1138/10 दिनांक 07/02/2025 पंजीबद्ध किया जाकर वन परिक्षेत्र कार्यालय जतारा लाकर जप्त वाहन को राजसात की कार्यवाही हेतु अग्रिम विवेचना में लिया गया। आज की कार्यवाही वन परिक्षेत्र अधिकारी जतारा शिशुपाल अहिरवार के कुशल नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में की गई जिसमे वन परिक्षेत्र जतारा का संपूर्ण वन अमला शामिल रहा।1
- किसानों को जब अपनी लहलहाती फसल देख कर मानो ऐसे लगता है कि जैसे आनंद का कोई ठिकाना नहीं रहता है देखिय खास रिपोर्ट टीकमगढ़ जिले की बिकास खंड पलेरा के अंतर्गत1
- Post by ललित दुबे (न्यूज दिगौड़ा)1