logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

ऑटो म्यूटेशन एवं नागरिक शिकायत निवारण व्यवस्था से रेवेन्यू सर्विसेज में आएगी पारदर्शिता और समयबद्धता- डीसी प्रीति यमुनानगर, 27 अगस्त- उपायुक्त प्रीति ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा रेवेन्यू सेवाओं को सरल, पारदर्शी, समयबद्ध एवं टेक्नोलॉजी ड्रिवेन बनाने की दिशा में ऑटो म्यूटेशन व्यवस्था लागू की जा रही है। इसका उद्देश्य केवल इंतकाल की प्रक्रिया में बदलाव करना नहीं, बल्कि आम नागरिक को अनावश्यक रूप से तहसील कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत देना और पूरी  रेवेन्यू सिस्टम में अकाउंटेबिलिटी सुनिश्चित करना है। उन्होंने बताया कि रजिस्ट्रेशन के बाद म्यूटेशन की समयबद्ध प्रक्रिया पहले 4 दिन म्यूटेशन पटवारी के लॉग इन में रहेगी और आवश्यक एक्शन के लिए 4 दिन का समय दिया जाएगा। 5वें दिन यदि पटवारी द्वारा कोई एक्शन नहीं लिया जाता है, तो म्यूटेशन स्वत: कानूनगो के लॉग इन में फॉरवर्ड हो जाएगी। कानूनगो को 2 दिन आवश्यक एक्शन के लिए 2 दिन का समय दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि 7वें दिन म्यूटेशन स्वत: सीआरओ के लॉग इन में फॉरवर्ड हो जाएगी, सीआरओ द्वारा आवश्यक एक्शन के लिए 4 दिन का समय निर्धारित किया गया है, 11वें दिन यदि निर्धारित समय में कोई एक्शन नहीं लिया जाता है, तो म्यूटेशन स्वत: जमाबंदी में इनकॉरपोरेट हो जाएगी। उन्होंने बताया कि इस व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि म्यूटेशन किसी एक स्तर पर अनावश्यक रूप से लंबित न रहे तथा प्रत्येक स्तर पर अकाउंटेबिलिटी और टाइम-बाउंड-प्रोसेसिंग सुनिश्चित हो। सरकार द्वारा नागरिकों के लिए विशेष शिकायत निवारण व्यवस्था डीसी ने बताया कि सरकार द्वारा एक विशेष ऑनलाइन पेज/पोर्टल भी लॉन्च किया जाएगा, जहां कोई भी नागरिक अपनी उस म्यूटेशन से संबंधित शिकायत दर्ज कर सकेगा जो निर्धारित समय-सीमा में प्रोसेस नहीं हुई है। नागरिक अपनी म्यूटेशन से संबंधित डोकोमेंट ऑनलाइन सबमिट कर सकेगा। संबंधित विभाग/अधिकारी द्वारा 10 दिनों के भीतर मामले पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। यदि म्यूटेशन नियमों के अनुसार हो सकती है, तो नागरिक को म्यूटेशन की कॉपी उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि यदि म्यूटेशन किसी कारणवश नहीं हो सकती, तो संबंधित सीआरओ द्वारा स्पीकिंग ऑर्डर पारित किया जाएगा। स्पीकिंग ऑर्डर में स्पष्ट रूप से बताया जाएगा कि म्यूटेशन क्यों नहीं की जा सकती, किस नियम/कारण के आधार पर मामला स्वीकार नहीं किया गया तथा आवश्यक होने पर आगे की प्रक्रिया क्या होगी। उन्होंने बताया कि इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी नागरिक को केवल यह कहकर वापस न भेजा जाए कि इंतकाल नहीं हो सकता, बल्कि उसे लिखित एवं तर्कसंगत निर्णय प्राप्त हो। रेवेन्यू सर्विस को डिजिटल बनाने पर जोर डीसी प्रीति ने बताया कि सरकार का प्रयास है कि अधिक से अधिक रेवेन्यू सेवाएं नागरिकों को घर बैठे अथवा नजदीकी सीएससी के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएं। इसके तहत जमाबंदी, म्यूटेशन, डिजिटली साइन्ड रजिस्ट्री तथा अन्य रेवेन्यू रिकॉर्ड को डिजिटल माध्यम से उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। जमाबंदी में व्यक्ति के हिस्से की जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध कराने, छोटी करेक्शन को सरल बनाने तथा तकसीम जैसी प्रक्रियाओं को अधिक ट्रांसपेरेंट और टाइम-बाउंड बनाने पर भी जोर दिया जा रहा है। अधिकारियों एवं कर्मचारियों से समयबद्ध कार्रवाई का आग्रह उन्होंने बताया कि सभी संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर आवश्यक एक्शन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए जाएंगे, ताकि नागरिकों को अपने काम के लिए अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। डिजिटाइजेशन का उद्देश्य किसी अधिकारी या कर्मचारी को परेशान करना नहीं है। इसका उद्देश्य सिस्टम को बेहतर बनाना, अकाउंटेबिलिटी तय करना, ट्रांसपेरेंसी बढ़ाना और आम नागरिक को समय पर सेवा उपलब्ध कराना है। नई व्यवस्था के प्रारंभिक चरण में यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी को वास्तविक टेक्निकल इश्यू, ऑपरेशनल डिफिकल्टी या कोई सकारात्मक सुझाव है, तो उसे उचित माध्यम से विभाग के संज्ञान में लाया जा सकता है, ताकि उसका शीघ्र समाधान किया जा सके। सरकार का लक्ष्य स्पष्ट है- रेवेन्यू सर्विसेज में कम से कम मानवीय हस्तक्षेप, अधिक ट्रांसपेरेंसी निर्धारित समय में सेवा और आम नागरिक को बिना अनावश्यक चक्कर लगाए उसका अधिकार। टेक्नोलॉजी का उद्देश्य व्यवस्था को कठिन बनाना नहीं, बल्कि नागरिक के लिए व्यवस्था को सरल बनाना है।

1 hr ago
user_Jagadhri Breaking News
Jagadhri Breaking News
Local News Reporter जगाधरी, यमुनानगर, हरियाणा•
1 hr ago
fb272946-cc8f-49ce-bc99-192bcbf139e2

ऑटो म्यूटेशन एवं नागरिक शिकायत निवारण व्यवस्था से रेवेन्यू सर्विसेज में आएगी पारदर्शिता और समयबद्धता- डीसी प्रीति यमुनानगर, 27 अगस्त- उपायुक्त प्रीति ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा रेवेन्यू सेवाओं को सरल, पारदर्शी, समयबद्ध एवं टेक्नोलॉजी ड्रिवेन बनाने की दिशा में ऑटो म्यूटेशन व्यवस्था लागू की जा रही है। इसका उद्देश्य केवल इंतकाल की प्रक्रिया में बदलाव करना नहीं, बल्कि आम नागरिक को अनावश्यक रूप से तहसील कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत देना और पूरी  रेवेन्यू सिस्टम में अकाउंटेबिलिटी सुनिश्चित करना है। उन्होंने बताया कि रजिस्ट्रेशन के बाद म्यूटेशन की समयबद्ध प्रक्रिया पहले 4 दिन म्यूटेशन पटवारी के लॉग इन में रहेगी और आवश्यक एक्शन के लिए 4 दिन का समय दिया जाएगा। 5वें दिन यदि पटवारी द्वारा कोई एक्शन नहीं लिया जाता है, तो म्यूटेशन स्वत: कानूनगो के लॉग इन में फॉरवर्ड हो जाएगी। कानूनगो को 2 दिन आवश्यक एक्शन के लिए 2 दिन का समय दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि 7वें दिन म्यूटेशन स्वत: सीआरओ के लॉग इन में फॉरवर्ड हो जाएगी, सीआरओ द्वारा आवश्यक एक्शन के लिए 4 दिन का समय निर्धारित किया गया है, 11वें दिन यदि निर्धारित समय में कोई एक्शन नहीं लिया जाता है, तो म्यूटेशन स्वत: जमाबंदी में इनकॉरपोरेट हो जाएगी। उन्होंने बताया कि इस व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि म्यूटेशन किसी एक स्तर पर अनावश्यक रूप से लंबित न रहे तथा प्रत्येक स्तर पर अकाउंटेबिलिटी और टाइम-बाउंड-प्रोसेसिंग सुनिश्चित हो। सरकार द्वारा नागरिकों के लिए विशेष शिकायत निवारण व्यवस्था डीसी ने बताया कि सरकार द्वारा एक विशेष ऑनलाइन पेज/पोर्टल भी लॉन्च किया जाएगा, जहां कोई भी नागरिक अपनी उस म्यूटेशन से संबंधित शिकायत दर्ज कर सकेगा जो निर्धारित समय-सीमा में प्रोसेस नहीं हुई है। नागरिक अपनी म्यूटेशन से संबंधित डोकोमेंट ऑनलाइन सबमिट कर सकेगा। संबंधित विभाग/अधिकारी द्वारा 10 दिनों के भीतर मामले पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। यदि म्यूटेशन नियमों के अनुसार हो सकती है, तो नागरिक को म्यूटेशन की कॉपी उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि यदि म्यूटेशन किसी कारणवश नहीं हो सकती, तो संबंधित सीआरओ द्वारा स्पीकिंग ऑर्डर पारित किया जाएगा। स्पीकिंग ऑर्डर में स्पष्ट रूप से बताया जाएगा कि म्यूटेशन क्यों नहीं की जा सकती, किस नियम/कारण के आधार पर मामला स्वीकार नहीं किया गया तथा आवश्यक होने पर आगे की प्रक्रिया क्या होगी। उन्होंने बताया कि इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी नागरिक को केवल यह कहकर वापस न भेजा जाए कि इंतकाल नहीं हो सकता, बल्कि उसे लिखित एवं तर्कसंगत निर्णय प्राप्त हो। रेवेन्यू सर्विस को डिजिटल बनाने पर जोर डीसी प्रीति ने बताया कि सरकार का प्रयास है कि अधिक से अधिक रेवेन्यू सेवाएं नागरिकों को घर बैठे अथवा नजदीकी सीएससी के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएं। इसके तहत जमाबंदी, म्यूटेशन, डिजिटली साइन्ड रजिस्ट्री तथा अन्य रेवेन्यू रिकॉर्ड को डिजिटल माध्यम से उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। जमाबंदी में व्यक्ति के हिस्से की जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध कराने, छोटी करेक्शन को सरल बनाने तथा तकसीम जैसी प्रक्रियाओं को अधिक ट्रांसपेरेंट और टाइम-बाउंड बनाने पर भी जोर दिया जा रहा है। अधिकारियों एवं कर्मचारियों से समयबद्ध कार्रवाई का आग्रह उन्होंने बताया कि सभी संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर आवश्यक एक्शन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए जाएंगे, ताकि नागरिकों को अपने काम के लिए अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। डिजिटाइजेशन का उद्देश्य किसी अधिकारी या कर्मचारी को परेशान करना नहीं है। इसका उद्देश्य सिस्टम को बेहतर बनाना, अकाउंटेबिलिटी तय करना, ट्रांसपेरेंसी बढ़ाना और आम नागरिक को समय पर सेवा उपलब्ध कराना है। नई व्यवस्था के प्रारंभिक चरण में यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी को वास्तविक टेक्निकल इश्यू, ऑपरेशनल डिफिकल्टी या कोई सकारात्मक सुझाव है, तो उसे उचित माध्यम से विभाग के संज्ञान में लाया जा सकता है, ताकि उसका शीघ्र समाधान किया जा सके। सरकार का लक्ष्य स्पष्ट है- रेवेन्यू सर्विसेज में कम से कम मानवीय हस्तक्षेप, अधिक ट्रांसपेरेंसी निर्धारित समय में सेवा और आम नागरिक को बिना अनावश्यक चक्कर लगाए उसका अधिकार। टेक्नोलॉजी का उद्देश्य व्यवस्था को कठिन बनाना नहीं, बल्कि नागरिक के लिए व्यवस्था को सरल बनाना है।

More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
  • इस गंगा मे अंतिम संस्कार होता है. फिर भी सवाल क्यूँ. ...
    1
    इस गंगा मे अंतिम संस्कार होता है.
फिर भी सवाल क्यूँ.
...
    user_Social media  (24 news)
    Social media (24 news)
    Credit reporting agency सहारनपुर, सहारनपुर, उत्तर प्रदेश•
    40 min ago
  • चीन का हेलीकॉप्टर उस जगह पहुंचा जहां ग्लेशियर टूटा था और उससे निकले पानी ने नेपाल में भारी तबाही मचाई थी। इस घटना को GLOF कहते हैं। चीन का हेलीकॉप्टर उस जगह पहुंचा जहां ग्लेशियर टूटा था और उससे निकले पानी ने नेपाल में भारी तबाही मचाई थी। इस घटना को GLOF कहते हैं।
    1
    चीन का हेलीकॉप्टर उस जगह पहुंचा जहां ग्लेशियर टूटा था और उससे निकले पानी ने नेपाल में भारी तबाही मचाई थी। इस घटना को GLOF कहते हैं।
चीन का हेलीकॉप्टर उस जगह पहुंचा जहां ग्लेशियर टूटा था और उससे निकले पानी ने नेपाल में भारी तबाही मचाई थी। इस घटना को GLOF कहते हैं।
    user_जोगेन्द्र कल्याण
    जोगेन्द्र कल्याण
    Photographer सहारनपुर, सहारनपुर, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • इंद्री में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल जजैेपी ने दिया समर्थन इन्द्री विजय कांबोज।। हरियाणा में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल लगातार जारी है। इंद्री में नगरपालिका परिसर के बाहर धरने पर बैठे सफाई कर्मचारियों को जननायक जनता पार्टी ने समर्थन दिया। जेजेपी हल्का अध्यक्ष भीम मंढ़ाण कर्मचारियों के बीच पहुंचे और उनकी मांगों को जायज बताते हुए सरकार पर निशाना साधा।
    1
    इंद्री में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल जजैेपी ने दिया समर्थन
इन्द्री  विजय कांबोज।। हरियाणा में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल लगातार जारी है। इंद्री में नगरपालिका परिसर के बाहर धरने पर बैठे सफाई कर्मचारियों को जननायक जनता पार्टी ने समर्थन दिया। जेजेपी हल्का अध्यक्ष भीम मंढ़ाण कर्मचारियों के बीच पहुंचे और उनकी मांगों को जायज बताते हुए सरकार पर निशाना साधा।
    user_Vijay kamboj
    Vijay kamboj
    इंद्री, करनाल, हरियाणा•
    3 hrs ago
  • बड़ी खबर | सहारनपुर के मंगल बाजार में बारिश ने खोली नगर निगम की व्यवस्थाओं की पोल **ईदगाह गेट के सामने नाले ब्लॉक, बारिश होते ही बाजार बन जाता है ‘झील’; ₹75 शुल्क लेने के बावजूद सफाई, पानी और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं नदारद होने का आरोप** **सहारनपुर।** शहर के **मंगल बाजार** में बारिश के बाद जलभराव की समस्या एक बार फिर गंभीर रूप में सामने आई है। व्यापारियों और स्थानीय लोगों के अनुसार **ईदगाह गेट के सामने नाले ब्लॉक पड़े हैं**, जिसके कारण बारिश होते ही बाजार की सड़कें पानी से लबालब हो जाती हैं और पूरा इलाका किसी झील जैसा नजर आने लगता है। सबसे चिंताजनक स्थिति यह है कि पानी भरने के बाद **नाले दिखाई तक नहीं देते**, जिससे बाजार में आने-जाने वाले व्यापारियों, ग्राहकों और राहगीरों के लिए हादसे का खतरा बढ़ जाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस समस्या के संबंध में पहले भी नगर निगम के अधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है, लेकिन स्थायी समाधान नहीं हो सका। **वार्ड संख्या 66 के पार्षद हाजी गुलशेर** से भी स्थानीय लोगों ने इस समस्या पर तत्काल ध्यान देने और नगर निगम अधिकारियों के समक्ष मुद्दा उठाने की अपील की है। व्यापारियों का आरोप है कि मंगल बाजार में उनसे **75 रुपये शुल्क** लिया जाता है, लेकिन इसके बावजूद उन्हें बुनियादी सुविधाओं का पर्याप्त लाभ नहीं मिल पा रहा है। व्यापारियों के मुताबिक बाजार में न तो बारिश के पानी की निकासी की उचित व्यवस्था है, न नियमित साफ-सफाई की व्यवस्था दिखाई देती है और न ही लोगों के लिए शौचालय जैसी मूलभूत सुविधा उपलब्ध है। स्थानीय लोगों का यह भी आरोप है कि सफाई व्यवस्था को लेकर पर्याप्त काम नजर नहीं आता, जबकि सफाईकर्मी हर सप्ताह शुल्क की पर्ची काटने पहुंच जाते हैं। ऐसे में व्यापारियों का सवाल है कि **जब बाजार से शुल्क लिया जा रहा है तो उसके बदले सफाई, जल निकासी और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी किसकी है?** बारिश के दौरान जलभराव की स्थिति केवल असुविधा तक सीमित नहीं है, बल्कि खुले और जाम नालों के कारण किसी व्यक्ति के गिरने या किसी अन्य गंभीर हादसे की आशंका भी बनी रहती है। खासकर जब पानी के अंदर नाले दिखाई नहीं देते, तब बाजार में आने-जाने वाले लोगों के लिए खतरा और बढ़ जाता है। स्थानीय व्यापारियों और नागरिकों ने नगर निगम अधिकारियों से मांग की है कि **मंगल बाजार में तत्काल नालों की सफाई कराई जाए, जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त की जाए और नियमित सफाई सुनिश्चित की जाए।** साथ ही बाजार में पेयजल और शौचालय जैसी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की भी मांग की गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते समस्या का समाधान नहीं किया गया और जलभराव की स्थिति इसी तरह बनी रही तो **किसी बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता।** अब देखना होगा कि नगर निगम और वार्ड 66 के जनप्रतिनिधि इस गंभीर समस्या का संज्ञान लेकर कब तक मौके पर कार्रवाई कराते हैं। **मंगल बाजार के व्यापारियों का सीधा सवाल है—शुल्क लिया जा रहा है तो सुविधाएं कब मिलेंगी?** **नगर निगम के सामने 5 बड़े सवाल** **➡️ मंगल बाजार के ईदगाह गेट के सामने नाले आखिर क्यों ब्लॉक हैं?** **➡️ बारिश होते ही जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान क्यों नहीं हुआ?** **➡️ ₹75 शुल्क लेने के बावजूद व्यापारियों को मूलभूत सुविधाएं क्यों नहीं मिल रहीं?** **➡️ बाजार में नियमित सफाई और शौचालय की व्यवस्था कब होगी?** **➡️ पानी में नाले दिखाई नहीं देने की स्थिति में हादसा होने से पहले जिम्मेदार विभाग कब जागेगा?** **जनहित में तत्काल कार्रवाई की जरूरत** **हलचल इंडिया न्यूज़** नगर निगम अधिकारियों और वार्ड 66 के पार्षद से अपील करता है कि इस समस्या को केवल बारिश के समय की शिकायत न मानकर **जनसुरक्षा और जनहित का गंभीर विषय** समझते हुए तत्काल मौके का निरीक्षण कराया जाए। नालों की सफाई, जल निकासी और बाजार की स्वच्छता व्यवस्था को दुरुस्त किया जाना बेहद जरूरी है, ताकि व्यापारियों और आम लोगों को हर बारिश में जलभराव की परेशानी और संभावित हादसे के खतरे का सामना न करना पड़े। --- # 📺 HULCHUL INDIA 24x7 ### **बेबाक खबर • तेज असर** **GTPL Digital Cable TV Broadband** **SET TOP BOX NO. 195** 📰 **HULCHUL INDIA NEWS CHANNEL** **Hulchul India News** 📰 **VANDE BHARAT LIVE TV NEWS** **वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज़** ✍️ **विशेष रिपोर्ट: एलिक सिंह** 📰 **संपादक: वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज़** 📍 **ब्यूरो प्रमुख: हलचल इंडिया न्यूज़, सहारनपुर** 📞 **खबर, विज्ञापन, विज्ञप्ति एवं सूचना के लिए संपर्क:** **8217554083** **हलचल इंडिया न्यूज़ — खबर वही, जो असर करे।** **#HulchulIndia #HulchulIndiaNews #HulchulIndia247 #VandeBharatLiveTVNews #हलचलइंडिया #सहारनपुर #Saharanpur #SaharanpurNews #MangalBazar #मंगल_बाजार #Ward66 #नगरनिगमसहारनपुर #SaharanpurMunicipalCorporation #जलभराव #Waterlogging #नालाबंद #सफाईव्यवस्था #जनहित #बारिश #RainNews #CivicIssues #LocalNews #BreakingNews #SaharanpurNews #सहारनपुरन्यूज़**
    1
    बड़ी खबर | सहारनपुर के मंगल बाजार में बारिश ने खोली नगर निगम की व्यवस्थाओं की पोल
**ईदगाह गेट के सामने नाले ब्लॉक, बारिश होते ही बाजार बन जाता है ‘झील’; ₹75 शुल्क लेने के बावजूद सफाई, पानी और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं नदारद होने का आरोप**
**सहारनपुर।** शहर के **मंगल बाजार** में बारिश के बाद जलभराव की समस्या एक बार फिर गंभीर रूप में सामने आई है। व्यापारियों और स्थानीय लोगों के अनुसार **ईदगाह गेट के सामने नाले ब्लॉक पड़े हैं**, जिसके कारण बारिश होते ही बाजार की सड़कें पानी से लबालब हो जाती हैं और पूरा इलाका किसी झील जैसा नजर आने लगता है। सबसे चिंताजनक स्थिति यह है कि पानी भरने के बाद **नाले दिखाई तक नहीं देते**, जिससे बाजार में आने-जाने वाले व्यापारियों, ग्राहकों और राहगीरों के लिए हादसे का खतरा बढ़ जाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस समस्या के संबंध में पहले भी नगर निगम के अधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है, लेकिन स्थायी समाधान नहीं हो सका। **वार्ड संख्या 66 के पार्षद हाजी गुलशेर** से भी स्थानीय लोगों ने इस समस्या पर तत्काल ध्यान देने और नगर निगम अधिकारियों के समक्ष मुद्दा उठाने की अपील की है। व्यापारियों का आरोप है कि मंगल बाजार में उनसे **75 रुपये शुल्क** लिया जाता है, लेकिन इसके बावजूद उन्हें बुनियादी सुविधाओं का पर्याप्त लाभ नहीं मिल पा रहा है। व्यापारियों के मुताबिक बाजार में न तो बारिश के पानी की निकासी की उचित व्यवस्था है, न नियमित साफ-सफाई की व्यवस्था दिखाई देती है और न ही लोगों के लिए शौचालय जैसी मूलभूत सुविधा उपलब्ध है। स्थानीय लोगों का यह भी आरोप है कि सफाई व्यवस्था को लेकर पर्याप्त काम नजर नहीं आता, जबकि सफाईकर्मी हर सप्ताह शुल्क की पर्ची काटने पहुंच जाते हैं। ऐसे में व्यापारियों का सवाल है कि **जब बाजार से शुल्क लिया जा रहा है तो उसके बदले सफाई, जल निकासी और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी किसकी है?** बारिश के दौरान जलभराव की स्थिति केवल असुविधा तक सीमित नहीं है, बल्कि खुले और जाम नालों के कारण किसी व्यक्ति के गिरने या किसी अन्य गंभीर हादसे की आशंका भी बनी रहती है। खासकर जब पानी के अंदर नाले दिखाई नहीं देते, तब बाजार में आने-जाने वाले लोगों के लिए खतरा और बढ़ जाता है। स्थानीय व्यापारियों और नागरिकों ने नगर निगम अधिकारियों से मांग की है कि **मंगल बाजार में तत्काल नालों की सफाई कराई जाए, जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त की जाए और नियमित सफाई सुनिश्चित की जाए।** साथ ही बाजार में पेयजल और शौचालय जैसी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की भी मांग की गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते समस्या का समाधान नहीं किया गया और जलभराव की स्थिति इसी तरह बनी रही तो **किसी बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता।** अब देखना होगा कि नगर निगम और वार्ड 66 के जनप्रतिनिधि इस गंभीर समस्या का संज्ञान लेकर कब तक मौके पर कार्रवाई कराते हैं। **मंगल बाजार के व्यापारियों का सीधा सवाल है—शुल्क लिया जा रहा है तो सुविधाएं कब मिलेंगी?**
**नगर निगम के सामने 5 बड़े सवाल**
**➡️ मंगल बाजार के ईदगाह गेट के सामने नाले आखिर क्यों ब्लॉक हैं?**
**➡️ बारिश होते ही जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान क्यों नहीं हुआ?**
**➡️ ₹75 शुल्क लेने के बावजूद व्यापारियों को मूलभूत सुविधाएं क्यों नहीं मिल रहीं?**
**➡️ बाजार में नियमित सफाई और शौचालय की व्यवस्था कब होगी?**
**➡️ पानी में नाले दिखाई नहीं देने की स्थिति में हादसा होने से पहले जिम्मेदार विभाग कब जागेगा?**
**जनहित में तत्काल कार्रवाई की जरूरत**
**हलचल इंडिया न्यूज़** नगर निगम अधिकारियों और वार्ड 66 के पार्षद से अपील करता है कि इस समस्या को केवल बारिश के समय की शिकायत न मानकर **जनसुरक्षा और जनहित का गंभीर विषय** समझते हुए तत्काल मौके का निरीक्षण कराया जाए। नालों की सफाई, जल निकासी और बाजार की स्वच्छता व्यवस्था को दुरुस्त किया जाना बेहद जरूरी है, ताकि व्यापारियों और आम लोगों को हर बारिश में जलभराव की परेशानी और संभावित हादसे के खतरे का सामना न करना पड़े।
---
# 📺 HULCHUL INDIA 24x7
### **बेबाक खबर • तेज असर**
**GTPL Digital Cable TV Broadband**
**SET TOP BOX NO. 195**
📰 **HULCHUL INDIA NEWS CHANNEL**
**Hulchul India News**
📰 **VANDE BHARAT LIVE TV NEWS**
**वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज़**
✍️ **विशेष रिपोर्ट: एलिक सिंह**
📰 **संपादक: वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज़**
📍 **ब्यूरो प्रमुख: हलचल इंडिया न्यूज़, सहारनपुर**
📞 **खबर, विज्ञापन, विज्ञप्ति एवं सूचना के लिए संपर्क:**
**8217554083**
**हलचल इंडिया न्यूज़ — खबर वही, जो असर करे।**
**#HulchulIndia #HulchulIndiaNews #HulchulIndia247 #VandeBharatLiveTVNews #हलचलइंडिया #सहारनपुर #Saharanpur #SaharanpurNews #MangalBazar #मंगल_बाजार #Ward66 #नगरनिगमसहारनपुर #SaharanpurMunicipalCorporation #जलभराव #Waterlogging #नालाबंद #सफाईव्यवस्था #जनहित #बारिश #RainNews #CivicIssues #LocalNews #BreakingNews #SaharanpurNews #सहारनपुरन्यूज़**
    user_जिला प्रभारी हलचल इंडिया न्यूज
    जिला प्रभारी हलचल इंडिया न्यूज
    Local News Reporter Saharanpur, Uttar Pradesh•
    3 hrs ago
  • थाना मंडी पुलिस ने कोर्ट में तारीख पर नहीं पहुंचे वाले दो वारंटियों को उनके घर से किया गिरफ्तार, पुराने मुकदमों में पुलिस कर रही थी तलाश सहारनपुर की कोतवाली मंडी पुलिस ने अदालत से जारी वारंट के बाद फरार चल रहे दो आरोपियों को बुधवार दोपहर एक बजे उनके घरों से गिरफ्तार किया है। दोनों के खिलाफ पुराने आपराधिक मामलों में वारंट जारी थे। पुलिस ने दोनों को आवश्यक कानूनी कार्रवाई के बाद अदालत में पेश करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पुलिस के मुताबिक एसएसपी के निर्देश पर जिले में वांछित और वारंटी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अभियान चलाया जा रहा है। इसी के तहत पुलिस ने सुफियान उर्फ चिड़ी पुत्र रिजवान, निवासी मोहल्ला मुबारकशाह, ठठेरों वाली गली को गिरफ्तार किया है। वह वर्ष 2009 में थाना मंडी में दर्ज जानलेवा हमले समेत अन्य धाराओं के मुकदमे में वारंटी था। मामले की सुनवाई न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम की अदालत में चल रही है और बुधवार को उसकी तारीख थी। दूसरे आरोपी चांद पुत्र कामिल, निवासी विश्वास कॉलोनी, जुल्मगढ़ को भी पुलिस ने घर से पकड़ा। वह शस्त्र अधिनियम के मुकदमे में वारंटी था। मामले की सुनवाई एसीजेएम-3 की अदालत में चल रही है और अगली तारीख 1 सितंबर है। गिरफ्तारी करने वाली टीम में उपनिरीक्षक सुधीर कुमार, कांस्टेबल विष्णु कुमार और कांस्टेबल सरताज शामिल रहे।
    1
    थाना मंडी पुलिस ने कोर्ट में तारीख पर नहीं पहुंचे वाले दो वारंटियों को उनके घर से किया गिरफ्तार, पुराने मुकदमों में पुलिस कर रही थी तलाश
सहारनपुर की कोतवाली मंडी पुलिस ने अदालत से जारी वारंट के बाद फरार चल रहे दो आरोपियों को बुधवार दोपहर एक बजे उनके घरों से गिरफ्तार किया है। दोनों के खिलाफ पुराने आपराधिक मामलों में वारंट जारी थे। पुलिस ने दोनों को आवश्यक कानूनी कार्रवाई के बाद अदालत में पेश करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पुलिस के मुताबिक एसएसपी के निर्देश पर जिले में वांछित और वारंटी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अभियान चलाया जा रहा है। इसी के तहत पुलिस ने सुफियान उर्फ चिड़ी पुत्र रिजवान, निवासी मोहल्ला मुबारकशाह, ठठेरों वाली गली को गिरफ्तार किया है। वह वर्ष 2009 में थाना मंडी में दर्ज जानलेवा हमले समेत अन्य धाराओं के मुकदमे में वारंटी था। मामले की सुनवाई न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम की अदालत में चल रही है और बुधवार को उसकी तारीख थी। दूसरे आरोपी चांद पुत्र कामिल, निवासी विश्वास कॉलोनी, जुल्मगढ़ को भी पुलिस ने घर से पकड़ा। वह शस्त्र अधिनियम के मुकदमे में वारंटी था। मामले की सुनवाई एसीजेएम-3 की अदालत में चल रही है और अगली तारीख 1 सितंबर है। गिरफ्तारी करने वाली टीम में उपनिरीक्षक सुधीर कुमार, कांस्टेबल विष्णु कुमार और कांस्टेबल सरताज शामिल रहे।
    user_Tarik Siddiqui
    Tarik Siddiqui
    सहारनपुर, सहारनपुर, उत्तर प्रदेश•
    20 hrs ago
  • 🚨 नेपाल बाढ़ में फंसे राकेश टिकैत, वीडियो जारी कर बताया—सभी सुरक्षित नेपाल में आई बाढ़ के बीच किसान नेता राकेश टिकैत समेत किसान नेताओं का प्रतिनिधिमंडल पोखरा में फंस गया। हालात के बीच राकेश टिकैत ने वीडियो जारी कर जानकारी दी कि प्रतिनिधिमंडल के सभी सदस्य सुरक्षित हैं। उन्होंने लोगों से घबराने की बजाय स्थिति पर नजर बनाए रखने की अपील की।
    1
    🚨 नेपाल बाढ़ में फंसे राकेश टिकैत, वीडियो जारी कर बताया—सभी सुरक्षित
नेपाल में आई बाढ़ के बीच किसान नेता राकेश टिकैत समेत किसान नेताओं का प्रतिनिधिमंडल पोखरा में फंस गया। हालात के बीच राकेश टिकैत ने वीडियो जारी कर जानकारी दी कि प्रतिनिधिमंडल के सभी सदस्य सुरक्षित हैं। उन्होंने लोगों से घबराने की बजाय स्थिति पर नजर बनाए रखने की अपील की।
    user_Raj Pal Sharma
    Raj Pal Sharma
    Local News Reporter शाहबाद, कुरुक्षेत्र, हरियाणा•
    2 hrs ago
  • किसान नेता राकेश टिकैत का डेलिगेशन नेपाल में फंसा, पोखरा से जारी किया वीडियो संदेश किसान नेता राकेश टिकैत का डेलिगेशन नेपाल में फंसा, पोखरा से जारी किया वीडियो संदेश किसान नेता राकेश टिकैत का 8-9 लोगों का डेलिगेशन नेपाल में फंस गया है। नेपाल में 26 तारीख को आई त्रासदी के बाद सभी रास्ते बंद हो गए हैं। टिकैत ने पोखरा से वीडियो जारी कर खुद के सुरक्षित होने की जानकारी दी है। वीडियो में किसान नेता राकेश टिकैत पोखरा की एक इमारत की छत पर अपने साथियों के साथ नजर आ रहे हैं। पीछे भारी बारिश और बादलों से घिरा पोखरा शहर दिखाई दे रहा है। टिकैत ने बताया कि उनकी गाड़ियां रास्ते बंद होने के कारण वहीं छोड़नी पड़ी। अब वो कल फ्लाइट से पोखरा से काठमांडू जाएंगे और 28 तारीख की रात तक भारत वापसी करेंगे। टिकैत ने कहा कि नेपाल में भारी तबाही आई है, बहुत से भारतीय पर्यटक और किसान संगठन के लोग भी फंसे हुए हैं और कई लापता हैं। उन्होंने सरकार और स्थानीय लोगों से सभी पर्यटकों की मदद करने और उन्हें सुरक्षित घर पहुंचाने की अपील की है। सभी का धन्यवाद, जय हिंद हम अभी नेपाल के पोखरा में हैं और सुरक्षित हैं। 26 तारीख को जो त्रासदी आई है, उसमें हमारे रास्ते बंद हो गए, इसलिए गाड़ियां छोड़ दी हैं। कल हम फ्लाइट से काठमांडो जाएंगे और परसों रात तक भारत वापसी आ जाएंगे। नेपाल में बड़ी तबाही है, भारत के बहुत से पर्यटक फंसे हैं, जो लापता हैं। हमारी सरकार से अपील है कि सबकी मदद हो। राकेश टिकैत ने फोन करने वाले सभी शुभचिंतकों का धन्यवाद किया और कहा कि उनका पूरा डेलिगेशन सुरक्षित है।
    1
    किसान नेता राकेश टिकैत का डेलिगेशन नेपाल में फंसा, पोखरा से जारी किया वीडियो संदेश
किसान नेता राकेश टिकैत का डेलिगेशन नेपाल में फंसा, पोखरा से जारी किया वीडियो संदेश
किसान नेता राकेश टिकैत का 8-9 लोगों का डेलिगेशन नेपाल में फंस गया है। नेपाल में 26 तारीख को आई त्रासदी के बाद सभी रास्ते बंद हो गए हैं। टिकैत ने पोखरा से वीडियो जारी कर खुद के सुरक्षित होने की जानकारी दी है। 
वीडियो में किसान नेता राकेश टिकैत पोखरा की एक इमारत की छत पर अपने साथियों के साथ नजर आ रहे हैं। पीछे भारी बारिश और बादलों से घिरा पोखरा शहर दिखाई दे रहा है। टिकैत ने बताया कि उनकी गाड़ियां रास्ते बंद होने के कारण वहीं छोड़नी पड़ी। अब वो कल फ्लाइट से पोखरा से काठमांडू जाएंगे और 28 तारीख की रात तक भारत वापसी करेंगे।
टिकैत ने कहा कि नेपाल में भारी तबाही आई है, बहुत से भारतीय पर्यटक और किसान संगठन के लोग भी फंसे हुए हैं और कई लापता हैं। उन्होंने सरकार और स्थानीय लोगों से सभी पर्यटकों की मदद करने और उन्हें सुरक्षित घर पहुंचाने की अपील की है।
सभी का धन्यवाद, जय हिंद हम अभी नेपाल के पोखरा में हैं और सुरक्षित हैं। 26 तारीख को जो त्रासदी आई है, उसमें हमारे रास्ते बंद हो गए, इसलिए गाड़ियां छोड़ दी हैं। कल हम फ्लाइट से काठमांडो जाएंगे और परसों रात तक भारत वापसी आ जाएंगे। नेपाल में बड़ी तबाही है, भारत के बहुत से पर्यटक फंसे हैं, जो लापता हैं। हमारी सरकार से अपील है कि सबकी मदद हो।
राकेश टिकैत ने फोन करने वाले सभी शुभचिंतकों का धन्यवाद किया और कहा कि उनका पूरा डेलिगेशन सुरक्षित है।
    user_जोगेन्द्र कल्याण
    जोगेन्द्र कल्याण
    Photographer सहारनपुर, सहारनपुर, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • नेपाल में फ्लैश फ्लड से भारी तबाही नेपाल में भीषण फ्लैश फ्लड ने भारी तबाही मचा दी। तेज बहाव में कई पुल ताश के पत्तों की तरह बह गए। हादसे में 157 लोगों की मौत और 750 से अधिक लोगों के लापता होने की खबर है, जिनमें 133 भारतीय शामिल हैं। कई सड़कें, गांव और 12 हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट प्रभावित हुए।
    1
    नेपाल में फ्लैश फ्लड से भारी तबाही
नेपाल में भीषण फ्लैश फ्लड ने भारी तबाही मचा दी। तेज बहाव में कई पुल ताश के पत्तों की तरह बह गए। हादसे में 157 लोगों की मौत और 750 से अधिक लोगों के लापता होने की खबर है, जिनमें 133 भारतीय शामिल हैं। कई सड़कें, गांव और 12 हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट प्रभावित हुए।
    user_Jurnalist zahid
    Jurnalist zahid
    सहारनपुर, सहारनपुर, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.