मध्य प्रदेश के मैहर जिले में थाना ताला पुलिस ने दहेज हत्या के एक मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है, जबकि एक आरोपी अभी फरार है। ग्राम ललितपुर नंबर-02 निवासी 29 वर्षीय नवविवाहिता सोनम तिवारी ने 15 जुलाई 2026 को अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। एसडीओपी अमरपाटन सुश्री ख्याति मिश्रा द्वारा की गई मर्ग जांच में मायके पक्ष ने बताया कि वर्ष 2022 में सोनम के भाई की सड़क दुर्घटना में मृत्यु के बाद उसके पिता को लगभग 17 लाख रुपये की क्लेम राशि मिली थी। आरोप है कि इसी राशि में हिस्सा मांगते हुए पति, सास, ससुर, जेठ और ननद लगातार सोनम को दहेज के लिए मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे थे। परिजनों के अनुसार सोनम के पिता ने तीन अलग-अलग अवसरों पर एक-एक लाख रुपये नकद दामाद को दिए, लेकिन इसके बावजूद प्रताड़ना बंद नहीं हुई। पुलिस जांच में प्रथम दृष्टया साक्ष्य मिलने पर थाना ताला में अपराध क्रमांक 237/26 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 80(2), 85, 3(5) एवं दहेज प्रतिषेध अधिनियम की धारा 3/4 के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पति अतुलेश कुमार तिवारी, ससुर कमलेश्वर प्रसाद तिवारी, सास सुनीता तिवारी (तीनों निवासी ग्राम ललितपुर नंबर-02) और ननद बबली मिश्रा (निवासी ग्राम सेमरा, जिला रीवा) को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं मामले का एक अन्य आरोपी जेठ नीलेश तिवारी फिलहाल फरार है, जिसकी पुलिस तलाश कर रही है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक अवधेश प्रताप सिंह और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. चंचल नागर के निर्देशन में एसडीओपी अमरपाटन सुश्री ख्याति मिश्रा के नेतृत्व तथा थाना प्रभारी निरीक्षक महेंद्र मिश्रा व पुलिस टीम द्वारा की गई। मैहर पुलिस का कहना है कि महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और दहेज जैसे अपराधों में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध कठोरतम कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।
मध्य प्रदेश के मैहर जिले में थाना ताला पुलिस ने दहेज हत्या के एक मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है, जबकि एक आरोपी अभी फरार है। ग्राम ललितपुर नंबर-02 निवासी 29 वर्षीय नवविवाहिता सोनम तिवारी ने 15 जुलाई 2026 को अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। एसडीओपी अमरपाटन सुश्री ख्याति मिश्रा द्वारा की गई मर्ग जांच में मायके पक्ष ने बताया कि वर्ष 2022 में सोनम के भाई की सड़क दुर्घटना में मृत्यु के बाद उसके पिता को लगभग 17 लाख रुपये की क्लेम राशि मिली थी। आरोप है कि इसी राशि में हिस्सा मांगते हुए पति, सास, ससुर, जेठ और ननद लगातार सोनम को दहेज के लिए मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे थे। परिजनों के अनुसार सोनम के पिता ने तीन अलग-अलग अवसरों पर एक-एक लाख रुपये नकद दामाद को दिए, लेकिन इसके बावजूद प्रताड़ना बंद नहीं हुई। पुलिस जांच में प्रथम दृष्टया साक्ष्य मिलने पर थाना ताला में अपराध क्रमांक 237/26 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 80(2), 85, 3(5) एवं दहेज प्रतिषेध अधिनियम की धारा 3/4 के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पति अतुलेश कुमार तिवारी, ससुर कमलेश्वर प्रसाद तिवारी, सास सुनीता तिवारी (तीनों निवासी ग्राम ललितपुर नंबर-02) और ननद बबली मिश्रा (निवासी ग्राम सेमरा, जिला रीवा) को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं मामले का एक अन्य आरोपी जेठ नीलेश तिवारी फिलहाल फरार है, जिसकी पुलिस तलाश कर रही है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक अवधेश प्रताप सिंह और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. चंचल नागर के निर्देशन में एसडीओपी अमरपाटन सुश्री ख्याति मिश्रा के नेतृत्व तथा थाना प्रभारी निरीक्षक महेंद्र मिश्रा व पुलिस टीम द्वारा की गई। मैहर पुलिस का कहना है कि महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और दहेज जैसे अपराधों में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध कठोरतम कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।
- चित्रकूट धाम में रजौला से आरोग्यधाम तक लगाई गईं रोड लाइटें महज शो पीस बनकर रह गई हैं। यह स्ट्रीट लाइटें केवल तभी जगमगाती हैं जब किसी मंत्री का दौरा होता है, जबकि आम दिनों में सड़क पर चलने वाले राहगीरों, यात्रियों और श्रद्धालुओं के लिए घुप अंधेरा कायम रहता है। सीसी सड़क के बीच में लगे धनुष-बाण के आकार वाली लाइटें दिन में तो दिखाई देती हैं, लेकिन रात के वक्त अंधेरे के कारण वे भी नजर नहीं आतीं। सड़कों पर पसरे इस अंधेरे के बीच, सीसी सड़क के बीचों-बीच बने सीवर लाइन के चैंबरों और गड्ढों के कारण स्थिति और भी जानलेवा बन चुकी है। इन गड्ढों और चैंबरों में गिरकर कई दोपहिया वाहन चालक घायल हो चुके हैं। इस गंभीर लापरवाही पर सवाल खड़ा हो रहा है कि हादसों का कारण बन रही इस अव्यवस्था के लिए आखिर कौन जिम्मेदार है—बिजली विभाग या फिर नगर परिषद?1
- Post by BJMP जिला अध्यक्ष सतना भूपेंद्1
- मध्य प्रदेश के मैहर में जिला कांग्रेस कमेटी के तत्वावधान में दिल्ली में छात्रों पर हुए बर्बरतापूर्ण बल प्रयोग और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष आदरणीय श्री राहुल गांधी जी के साथ किए गए बल प्रयोग के विरोध में एसडीएम महोदया को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा गया है। इसके अलावा बढ़ती महंगाई, युवाओं के रोजगार, लगातार हो रहे पेपर लीक, बदहाल शिक्षा व्यवस्था और किसानों के साथ हो रहे अन्याय को लेकर भी कांग्रेस ने पुरजोर विरोध दर्ज कराया है। ज्ञापन में कहा गया है कि दिल्ली में अपने अधिकारों और भविष्य की सुरक्षा की मांग कर रहे छात्रों पर जिस तरह बर्बरतापूर्ण लाठीचार्ज और बल प्रयोग किया गया, वह लोकतंत्र की भावना के पूरी तरह विपरीत है। वहीं, छात्रों के समर्थन में पहुंचे नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी जी के साथ किया गया बल प्रयोग भी अत्यंत निंदनीय है। आज देश का युवा रोजगार के गंभीर संकट से जूझ रहा है और प्रतियोगी परीक्षाओं में बार-बार हो रहे पेपर लीक से लाखों युवाओं का भविष्य अंधकारमय हो रहा है। इसके साथ ही बदहाल शिक्षा व्यवस्था विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है, जबकि युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है। बढ़ती महंगाई ने आम जनता का जीवन कठिन बना दिया है और किसान अपनी उपज के उचित मूल्य, खाद-बीज, सिंचाई तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं के लिए आज भी संघर्ष कर रहे हैं। कांग्रेस ने एसडीएम से अनुरोध किया है कि इस ज्ञापन को राष्ट्रपति और भारत सरकार तक प्रेषित कर जल्द से जल्द आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।1
- मध्य प्रदेश के ग्वालियर में बहुचर्चित अक्षया यादव हत्याकांड में करीब तीन साल बाद जिला एवं सत्र न्यायालय ने बड़ा फैसला सुनाते हुए चार प्रमुख आरोपियों को उम्रकैद (आजीवन कारावास) की सजा सुनाई है। अदालत को इस फैसले तक पहुँचाने में पुलिस की वैज्ञानिक जांच, व्हाट्सएप चैट, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), बरामद हथियार और 26 गवाहों की गवाही सबसे निर्णायक साबित हुई। यह वारदात 10 जुलाई 2023 की रात करीब 8 बजे की है, जब अक्षया यादव अपनी सहेली सोनाक्षी शर्मा के साथ कोचिंग से पढ़ाई पूरी कर स्कूटी से सिंधी कॉलोनी की ओर लौट रही थी। 'बेटी बचाओ चौराहे' के पास बाइक सवार बदमाशों ने उन्हें घेरकर अंधाधुंध फायरिंग कर दी। सीने और हाथ में गोली लगने से अक्षया की मौत हो गई, जबकि सोनाक्षी बाल-बाल बच गई। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि मुख्य आरोपी सुमित रावत एकतरफा प्यार में सोनाक्षी का पीछा करता था और असल में निशाना सोनाक्षी ही थी, लेकिन गलती से गोली अक्षया को लग गई। वारदात के तुरंत बाद आरोपी उपदेश रावत उर्फ मोंटी ने अपने साथी बाला सुरवे को व्हाट्सएप पर मैसेज भेजा था — "गलत लड़की को गोली लग गई।" इसी चैट और कॉल डिटेल्स के आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुँची। इस सनसनीखेज मामले में कुल 8 आरोपी शामिल थे, जिनमें से 4 नाबालिगों का ट्रायल फिलहाल किशोर न्याय बोर्ड में विचाराधीन है। पुलिस ने मुख्य आरोपी सुमित रावत (जिस पर 2 हत्या सहित 6 मामले दर्ज हैं), हिस्ट्रीशीटर बाला सुरवे (27 मामले दर्ज), उपदेश रावत और साजिश में शामिल पृथ्वीराज चौहान को महाराष्ट्र, धौलपुर, दिल्ली, मुरैना और डबरा से गिरफ्तार किया था। न्यायालय के फैसले पर संतोष व्यक्त करते हुए सोनाक्षी की मां करुणा शर्मा ने कहा कि इस फैसले से 3 साल से डर और दहशत में जी रहे परिवार को राहत और न्याय मिला है।1
- माँ जगत जननी राजराजेश्वरी माँ शारदा भवानी जी के आज प्रातःकालीन श्रृंगार के दिव्य दर्शन सामने आए हैं। इसमें शारदा माई का प्रातःकालीन अलौकिक श्रृंगार और पावन रूप दर्शनीय है।2
- ग्राम पंचायत लोधौती में घटिया और मिलावटी निर्माण कार्य के कारण दो-चार दिन पहले बनी नाली ध्वस्त होने लगी है। निर्माण में भारी मिलावट की गई है, लेकिन सब देखकर भी आँखें बंद किए बैठे हैं और कोई भी इस ओर ध्यान देने को तैयार नहीं है। जब लोग इस खराब काम के खिलाफ बोलते हैं, तो उन्हें यह कहकर चुप करा दिया जाता है कि "तुम्हें कुछ नहीं आता, तुम कुछ नहीं जानते हो।" स्थानीय लोगों का कहना है कि विकास का काम कोई एक दिन के लिए नहीं होता है, इसलिए शासन से माँग है कि इस मामले को गंभीरता से लिया जाए और अच्छे से अच्छा काम कराया जाए।2
- Post by खबर हम देंगे चित्रकूट न्यूज़1
- मध्य प्रदेश के मैहर जिला स्थित जनपद पंचायत क्षेत्र की ग्राम पंचायत सोनवारी में ग्रामीण अपनी जान जोखिम में डालकर उफनते नाले को पार करने को मजबूर हैं। विकास के बड़े-बड़े दावों के बीच इस गांव के लोगों को आज भी एक पुलिया जैसी बुनियादी सुविधा के लिए सालों से संघर्ष करना पड़ रहा है। पुलिया निर्माण को लेकर पिछले 4 वर्षों से ग्राम पंचायत, जिला कलेक्टर और अल्ट्राटेक कंपनी के सीएसआर (CSR) विभाग से लगातार मांग की जा रही है। ग्रामीणों द्वारा कई आवेदन और ज्ञापन देने के बावजूद आज तक इस समस्या का समाधान नहीं हो सका। बरसात शुरू होते ही महिलाओं, बुजुर्गों, किसानों और स्कूली बच्चों की परेशानी कई गुना बढ़ जाती है। उफनते नाले को पार करते समय ग्रामीणों के मन में यही सवाल उठता है कि क्या किसी बड़ी दुर्घटना के बाद ही प्रशासन और जिम्मेदार विभाग जागेंगे। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और अल्ट्राटेक कंपनी के सीएसआर विभाग से मांग की है कि ग्राम पंचायत सोनवारी में तत्काल पुलिया निर्माण की स्वीकृति देकर काम शुरू कराया जाए, ताकि लोगों की मजबूरी समाप्त हो सके।1