भारतीय रेलवे ने यात्रियों की सुविधा बढ़ाने, रेलवे परिसरों में अनुशासन बनाए रखने और रेल सेवाओं के सुरक्षित संचालन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से रेलवे अधिनियम 1989 के कई दंड प्रावधानों में महत्वपूर्ण संशोधन किए हैं। भारत सरकार के रेल मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, जन विश्वास (उपबंधों का संशोधन) अधिनियम 2026 के तहत ये संशोधित नियम 19 जून 2026 से प्रभावी हो गए हैं। पश्चिम मध्य रेलवे जबलपुर मंडल के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक डॉ. मधुर वर्मा ने बताया कि इन संशोधनों का मुख्य उद्देश्य यात्रियों में रेलवे नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाना और बिना टिकट एवं अनियमित यात्रा पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना है। संशोधित प्रावधानों के तहत, रेलवे अधिनियम की धारा 137 में बिना टिकट यात्रा करने या यात्रा का प्रयास करने वाले यात्रियों के लिए न्यूनतम अतिरिक्त प्रभार 250 रुपये से बढ़ाकर 500 रुपये कर दिया गया है। इसी प्रकार, धारा 138 के अंतर्गत अनियमित यात्रा से संबंधित मामलों में भी न्यूनतम अतिरिक्त प्रभार 250 रुपये से बढ़ाकर 500 रुपये निर्धारित किया गया है। रेल मंत्रालय द्वारा जारी संशोधित नियमों के अनुसार, कई अन्य उल्लंघनों पर भी कार्रवाई और जुर्माने के प्रावधानों में सख्ती बढ़ाई गई है। इनमें रेलवे परिसर में अनधिकृत प्रवेश, ट्रैक पार करना (ट्रेसपास), अवैध फेरी एवं हॉकिंग, महिलाओं के लिए आरक्षित कोच में अनधिकृत प्रवेश, रेलवे कर्मचारियों के निर्देशों की अवहेलना और रेलवे परिसरों में अनुशासनहीन गतिविधियां शामिल हैं। रेलवे प्रशासन का मानना है कि बढ़े हुए जुर्माने और सख्त प्रावधानों से नियम उल्लंघन की घटनाओं में कमी आएगी, जिससे वैध टिकटधारी यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। इससे रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में अनुशासन कायम रहेगा तथा सुरक्षा व्यवस्था भी मजबूत होगी। रेलवे प्रशासन ने सभी यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा से पहले वैध टिकट अवश्य लें और रेलवे नियमों का पालन करें, ताकि वे सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित रेल यात्रा में अपना सहयोग दे सकें। रेलवे का कहना है कि इन नए नियमों का उद्देश्य केवल दंड वसूलना नहीं, बल्कि यात्रियों में जिम्मेदारी और अनुशासन की भावना विकसित करना है।
भारतीय रेलवे ने यात्रियों की सुविधा बढ़ाने, रेलवे परिसरों में अनुशासन बनाए रखने और रेल सेवाओं के सुरक्षित संचालन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से रेलवे अधिनियम 1989 के कई दंड प्रावधानों में महत्वपूर्ण संशोधन किए हैं। भारत सरकार के रेल मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, जन विश्वास (उपबंधों का संशोधन) अधिनियम 2026 के तहत ये संशोधित नियम 19 जून 2026 से प्रभावी हो गए हैं। पश्चिम मध्य रेलवे जबलपुर मंडल के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक डॉ. मधुर वर्मा ने बताया कि इन संशोधनों का मुख्य उद्देश्य यात्रियों में रेलवे नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाना और बिना टिकट एवं अनियमित यात्रा पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना है। संशोधित प्रावधानों के तहत, रेलवे अधिनियम की धारा 137 में बिना टिकट यात्रा करने या यात्रा का प्रयास करने वाले यात्रियों के लिए न्यूनतम अतिरिक्त प्रभार 250 रुपये से बढ़ाकर 500 रुपये कर दिया गया है। इसी प्रकार, धारा 138 के अंतर्गत अनियमित यात्रा से संबंधित मामलों में भी न्यूनतम अतिरिक्त प्रभार 250 रुपये से बढ़ाकर 500 रुपये निर्धारित किया गया है। रेल मंत्रालय द्वारा जारी संशोधित नियमों के अनुसार, कई अन्य उल्लंघनों पर भी कार्रवाई और जुर्माने के प्रावधानों में सख्ती बढ़ाई गई है। इनमें रेलवे परिसर में अनधिकृत प्रवेश, ट्रैक पार करना (ट्रेसपास), अवैध फेरी एवं हॉकिंग, महिलाओं के लिए आरक्षित कोच में अनधिकृत प्रवेश, रेलवे कर्मचारियों के निर्देशों की अवहेलना और रेलवे परिसरों में अनुशासनहीन गतिविधियां शामिल हैं। रेलवे प्रशासन का मानना है कि बढ़े हुए जुर्माने और सख्त प्रावधानों से नियम उल्लंघन की घटनाओं में कमी आएगी, जिससे वैध टिकटधारी यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। इससे रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में अनुशासन कायम रहेगा तथा सुरक्षा व्यवस्था भी मजबूत होगी। रेलवे प्रशासन ने सभी यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा से पहले वैध टिकट अवश्य लें और रेलवे नियमों का पालन करें, ताकि वे सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित रेल यात्रा में अपना सहयोग दे सकें। रेलवे का कहना है कि इन नए नियमों का उद्देश्य केवल दंड वसूलना नहीं, बल्कि यात्रियों में जिम्मेदारी और अनुशासन की भावना विकसित करना है।
- नरसिंहपुर पुलिस ने अपनी तत्परता दिखाते हुए एक चेक बाउंस प्रकरण के आरोपी सूरज पटेल को जमानत पर रिहा होते ही गिरफ्तार कर लिया। जबलपुर निवासी एक व्यापारी से ₹3 लाख उधार लेने और उसके बदले में दिया गया चेक बाउंस होने के मामले में जबलपुर के जे.एम.एफ.सी. न्यायालय ने सूरज पटेल के खिलाफ धारा 138 एन.आई. एक्ट के तहत स्थायी वारंट जारी किया था। जांच के दौरान यह सामने आया कि आरोपी सूरज पटेल ने जबलपुर के एक व्यापारी से ₹3 लाख रुपये उधार लिए थे, जिसके भुगतान के तौर पर एक चेक दिया गया था। निर्धारित अवधि बीतने के बावजूद जब राशि नहीं लौटाई गई और व्यापारी द्वारा चेक बैंक में प्रस्तुत किया गया, तो वह बाउंस हो गया। इसके बाद व्यापारी ने न्यायालय में परिवाद प्रस्तुत किया, जिसकी सुनवाई के बाद न्यायालय ने आरोपी के विरुद्ध स्थायी वारंट जारी किया। उल्लेखनीय है कि सूरज पटेल को दिनांक 14.06.2026 को वाहन चेकिंग के दौरान अपनी कार में नियम विरुद्ध काली फिल्म पाए जाने पर पुलिस कार्यवाही में बाधा डालने और पुलिस कर्मचारियों से अभद्रता करने के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। स्थायी वारंट की तामील के लिए यह वारंट पुलिस अधीक्षक नरसिंहपुर कार्यालय के माध्यम से थाना ठेमी को प्राप्त हुआ था। थाना ठेमी पुलिस लगातार आरोपी सूरज पटेल की तलाश कर रही थी। इसी क्रम में पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी दिनांक 19.06.2026 को जमानत पर रिहा हुआ है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तत्काल घेराबंदी कर आरोपी सूरज पटेल को गिरफ्तार कर लिया और विधिवत माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया। नरसिंहपुर पुलिस की इस त्वरित एवं प्रभावी कार्यवाही से यह स्पष्ट संदेश दिया गया है कि कानून से बचने का प्रयास करने वाले आरोपियों के विरुद्ध सख्त वैधानिक कार्यवाही लगातार जारी रहेगी।1
- प्रधानमंत्री सम्मान निधि योजना के अंतर्गत नरसिंहपुर नगर पालिका परिसर में एक लोक कल्याण मेले का आयोजन किया गया।1
- नरसिंहपुर जिले के गोटेगांव स्थित देवरी कला निवासी स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने कलेक्ट्रेट पहुँचकर कलेक्टर को एक आवेदन दिया है। इस आवेदन में उन्होंने संगापुर निवासी आकाश पटेल पर राशन वितरण में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा करने का गंभीर आरोप लगाया है। समूह की महिला अध्यक्ष ने बताया कि संगापुर निवासी व्यक्ति ने समूह की अध्यक्ष और सचिव को पैसे का लालच देकर राशन वितरण का काम अपने हाथों में ले लिया था। अब जब समूह की महिलाओं ने उनसे हिसाब माँगा है, तो उन्हें सही जानकारी नहीं दी जा रही है। महिलाओं के अनुसार, वितरण मशीन में लगभग 120 क्विंटल अनाज चढ़ा हुआ दिख रहा है, जबकि वास्तव में इस राशन का वितरण नहीं किया गया है। इन गंभीर अनियमितताओं को देखते हुए, महिलाओं ने कलेक्टर से इस पूरे मामले की गहन जाँच करवाने की माँग की है।1
- नरसिंहपुर पुलिस ने सूरज नामक व्यक्ति को चेक बाउंस के एक मामले में फिर से जेल भेज दिया है। यह कार्रवाई तब हुई है जब सूरज हाल ही में जेल से बाहर आया था, जिसके बाद अब वह दोबारा सलाखों के पीछे पहुँच गया है।1
- करेली के सुभाष मैदान में आयोजित नौ दिवसीय श्री 1008 सिद्धचक्र महामण्डल विधान एवं विश्वशांति महायज्ञ का गुरुवार को भव्य समापन हुआ। पूज्य मुनि श्री 108 महासागर जी महाराज ससंघ के मंगल सानिध्य में हजारों श्रद्धालुओं ने इस धार्मिक आयोजन में धर्मलाभ अर्जित किया।1
- नरसिंहपुर जिले के करेली नगर के सुभाष मैदान में नौ दिवसीय श्री 1008 सिद्धचक्र महामण्डल विधान एवं विश्वशांति महायज्ञ का गुरुवार को भक्ति, श्रद्धा और धार्मिक उल्लास के साथ भव्य समापन हुआ। पूज्य मुनि श्री 108 महासागर जी महाराज ससंघ के मंगल सानिध्य और युवा विधानाचार्य ब्रह्मचारी अंकित भैया जी (सहज) के कुशल मार्गदर्शन में आयोजित इस आध्यात्मिक महापर्व में प्रतिदिन हजारों श्रद्धालुओं ने सहभागिता कर धर्मलाभ अर्जित किया। समापन दिवस पर, सुबह भगवान श्री जिनेन्द्रदेव का अभिषेक, शांतिधारा और विशेष पूजन संपन्न हुआ, जिसके बाद श्रद्धालुओं ने पूर्ण श्रद्धा एवं विधिपूर्वक श्री 1008 सिद्धचक्र महामण्डल विधान में हिस्सा लिया। इस दौरान पूरे आयोजन स्थल पर मंत्रोच्चार, भक्ति गीतों और धार्मिक अनुष्ठानों से वातावरण धर्ममय बना रहा। समापन के अवसर पर नगर में पूज्य मुनि श्री 108 महासागर जी महाराज की अगुवाई में एक भव्य एवं दिव्य रथयात्रा निकाली गई, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालु धर्मध्वजाएं लेकर शामिल हुए। यह रथयात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरी, जिसमें रथ के ऊपर भगवान जिनेन्द्रदेव की दिव्य प्रतिमाएं विराजमान थीं। जगह-जगह श्रद्धालुओं ने परिवार सहित भक्ति भाव से भगवान जिनेंद्र देव की आरती की। पूरी रथयात्रा के दौरान भक्तों द्वारा लगाए गए वीर प्रभु के जयकारों और भक्ति गीतों से पूरा नगर धार्मिक वातावरण में सराबोर हो गया। करेली पुलिस प्रशासन ने रथयात्रा के दौरान विशेष सुरक्षा और यातायात व्यवस्था सुनिश्चित की। आयोजन समिति ने बताया कि विश्वशांति, मानव कल्याण और आत्मोत्थान की भावना से आयोजित यह नौ दिवसीय धार्मिक महापर्व नगर के इतिहास में एक अविस्मरणीय अध्याय के रूप में याद किया जाएगा।1
- नरसिंहपुर जिले के करेली स्थित सुभाष मैदान में पूज्य मुनि श्री 108 महासागर जी महाराज ससंघ के मंगल सानिध्य तथा युवा विधानाचार्य ब्रह्मचारी अंकित भैया जी (सहज) के कुशल मार्गदर्शन में आयोजित श्री 1008 सिद्धचक्र महामण्डल विधान विश्वशांति महायज्ञ का गुरुवार को भक्ति, श्रद्धा एवं धार्मिक उल्लास के साथ भव्य समापन हुआ। यह नौ दिवसीय आध्यात्मिक महापर्व प्रतिदिन हजारों श्रद्धालुओं की सहभागिता के साथ धर्मलाभ का केंद्र बना रहा। समापन दिवस पर प्रातःकाल भगवान श्री जिनेन्द्रदेव का अभिषेक, शांतिधारा एवं विशेष पूजन संपन्न हुआ। इसके बाद श्रद्धालुओं ने पूर्ण श्रद्धा एवं विधिपूर्वक श्री 1008 सिद्धचक्र महामण्डल विधान में हिस्सा लिया। पूरे आयोजन स्थल पर लगातार हो रहे मंत्रोच्चार, भक्ति गीतों और धार्मिक अनुष्ठानों के कारण वातावरण पूरी तरह धर्ममय बना रहा। समापन अवसर पर नगर में 108 पूज्य महासागर जी महाराज की अगुवाई में एक भव्य एवं दिव्य रथयात्रा निकाली गई, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालु धर्मध्वजाएं लेकर शामिल हुए। यह रथयात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरी, जहां रथ के ऊपर भगवान जिनेन्द्रदेव की दिव्य प्रतिमा विराजमान थी। मार्ग में जगह-जगह श्रद्धालुओं ने परिवार सहित भक्ति भाव से भगवान जिनेंद्र देव की आरती की। पूरी रथयात्रा के दौरान भक्तों द्वारा लगाए गए वीर प्रभु के जयकारों और भक्ति गीतों से पूरा नगर धर्ममय वातावरण में सराबोर हो गया। करेली पुलिस प्रशासन ने रथयात्रा के दौरान विशेष सुरक्षा और यातायात व्यवस्था भी सुनिश्चित की। आयोजन समिति ने बताया कि विश्वशांति, मानव कल्याण एवं आत्मोत्थान की भावना से आयोजित यह नौ दिवसीय धार्मिक महापर्व करेली नगर के इतिहास में एक अविस्मरणीय अध्याय के रूप में हमेशा याद किया जाएगा। इस पूरे सिद्धचक्र महामंडल विधान का आयोजन करेली सकल जैन समाज द्वारा किया गया था।1
- नरसिंहपुर रेलवे अस्पताल में सभी अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए फर्स्ट एड ट्रेनिंग का आयोजन किया गया। इस प्रशिक्षण सत्र में रेलवे चिकित्सक डॉ. आर. आर. कुर्रे ने प्राथमिक उपचार से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की, जिसमें सीपीआर, इलेक्ट्रिक शॉक से बचाव, पानी में डूबने, जलने, सांप के डसने और मिर्गी के दौरे जैसी आपातकालीन स्थितियों से निपटने के तरीके शामिल थे। इस ट्रेनिंग से कुल 92 लोगों को लाभ प्राप्त हुआ। डॉ. कुर्रे ने विशेष रूप से ट्रैक मैन को कार्य के दौरान गम बूट (जूते) और ग्लव्स पहनने की सलाह दी, खासकर बरसात और रात में सांप के डसने के खतरे से बचने के लिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सांप डसने का एकमात्र इलाज मेडिकल है, न कि झाड़-फूंक। इसके अतिरिक्त, ट्रैक पर काम करते समय लोहे या पहाड़ी को सीधा न उठाकर, नीचे रखकर ले जाने की बात कही ताकि इलेक्ट्रिक शॉक के खतरे को कम किया जा सके। रेलवे कर्मचारियों को यह भी निर्देशित किया गया कि ट्रैक पर काम करते समय हेडफोन का इस्तेमाल बहुत आवश्यक होने पर ही करें, क्योंकि इससे आने-जाने वाली ट्रेनों की आवाज सुनाई नहीं देती और दुर्घटना का कारण बन सकती है। बरसात में ट्रैक पार करते समय छाते का उपयोग न कर फुट ओवर ब्रिज का इस्तेमाल करने तथा अपने स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखने और बरसाती पहनकर ही कार्य करने पर जोर दिया गया, क्योंकि स्वस्थ कर्मचारी ही रेलवे के कार्य को बेहतर बना सकते हैं। अंत में, सभी प्रतिभागियों को स्वस्थ रहने के लिए विभिन्न हेल्थ टिप्स भी दिए गए।3