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उत्तर प्रदेश के बलिया में प्रेमी को पाने की जिद में घूंघट ओढ़कर एक विवाहिता मोबाइल टावर पर चढ़ गई, जिसके बाद करीब 7.5 घंटे तक हाईवोल्टेज ड्रामा चला। महिला अपने प्रेमी से मिलने की मांग पर अड़ी थी और उसका स्पष्ट कहना था कि "अंकित आएंगे तभी नीचे उतरूंगी।" पुलिस और प्रशासन ने विवाहिता को घंटों समझाने की काफी कोशिश की, लेकिन आखिरकार तहसीलदार के आश्वासन के बाद ही वह सुरक्षित नीचे उतरी। इस पूरे घटनाक्रम की सबसे खास बात यह रही कि टावर से सुरक्षित नीचे उतरने के बाद भी महिला ने अपना घूंघट नहीं हटाया, जिसकी अब सोशल मीडिया पर खूब चर्चा हो रही है।
JAI HIND MEDIA
उत्तर प्रदेश के बलिया में प्रेमी को पाने की जिद में घूंघट ओढ़कर एक विवाहिता मोबाइल टावर पर चढ़ गई, जिसके बाद करीब 7.5 घंटे तक हाईवोल्टेज ड्रामा चला। महिला अपने प्रेमी से मिलने की मांग पर अड़ी थी और उसका स्पष्ट कहना था कि "अंकित आएंगे तभी नीचे उतरूंगी।" पुलिस और प्रशासन ने विवाहिता को घंटों समझाने की काफी कोशिश की, लेकिन आखिरकार तहसीलदार के आश्वासन के बाद ही वह सुरक्षित नीचे उतरी। इस पूरे घटनाक्रम की सबसे खास बात यह रही कि टावर से सुरक्षित नीचे उतरने के बाद भी महिला ने अपना घूंघट नहीं हटाया, जिसकी अब सोशल मीडिया पर खूब चर्चा हो रही है।
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद के एम.आई. हॉस्पिटल में एक महिला की मौत के बाद परिजनों ने हंगामा खड़ा कर दिया है। पीड़ित परिजनों ने इलाज के नाम पर खिलवाड़ किए जाने का गंभीर आरोप लगाते हुए अस्पताल में अपना आक्रोश जाहिर किया है।1
- उत्तर प्रदेश में निराश्रित महिलाओं और उनके आश्रितों की जमीन पर भूमाफियाओं द्वारा अवैध कब्जा करने और प्रशासन द्वारा कोई कार्रवाई न किए जाने का गंभीर मामला सामने आया है। पीड़ित महिलाओं ने माननीय मुख्यमंत्री जी के जनता दर्शन में उपस्थित होकर कई बार शिकायतें दी हैं, लेकिन तहसील और जिला स्तर के अधिकारी, तहसीलदार, कानूनगो, लेखपाल और राजस्व निरीक्षक मामले की कोई ठीक से जांच नहीं कर रहे हैं और लगातार मामले को दबाया जा रहा है। मुख्यमंत्री द्वारा महिलाओं के सम्मान की बात कहे जाने के बावजूद इस लचर सिस्टम के कारण इन महिलाओं का सम्मान होने के बजाय अपमान हो रहा है। अधिकारियों पर सीधे तौर पर आरोप लगाया गया है कि वे भूमाफियाओं को संरक्षण दे रहे हैं क्योंकि उच्च अधिकारी उनके रिश्तेदार हैं। मामले की जांच में टालमटोल करते हुए कोई अधिकारी इसे 30 साल पुराना जांच मकान बता रहा है, तो कोई जमीन बेचने का दावा कर रहा है। हालांकि, रामपुर रजिस्ट्री कार्यालय में जांच कराने पर इस जमीन की बिक्री का कोई भी रिकॉर्ड नहीं मिला है। सरकार से पुरजोर मांग की गई है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, महिलाओं की सुनवाई हो और इन निराश्रित महिलाओं को उनके हक की जमीन वापस दिलाई जाए। मार्च 2026 के इस वीडियो में भूमाफिया महिलाओं की जमीन पर अवैध मकान बनवाते दिख रहे हैं।4
- मुरादाबाद के मनोज कश्यप की गाड़ी पेट्रोल के कारण खराब हो गई है, जिससे नाराज होकर उन्होंने मोदी सरकार पर तीखा निशाना साधा है। मनोज कश्यप का कहना है कि उनकी गाड़ी न तो एवरेज दे रही थी और न ही आगे भाग रही थी। जब उन्होंने परेशान होकर गाड़ी से पेट्रोल बाहर निकाला तो उसमें भारी मिलावट या गड़बड़ी देखने को मिली। पीड़ित का आरोप है कि इसी पेट्रोल की वजह से उनकी गाड़ी पूरी तरह खराब हो गई है। बेहद गुस्से में उन्होंने सीधे सरकार पर सवाल उठाते हुए पूछा है कि आखिर भारत में यह क्या चल रहा है और मोदी सरकार आखिर चाहती क्या है।1
- रामपुर के जिला सहकारी अस्पताल में एक मरीज की मृत्यु हो गई है। बताया जा रहा है कि वह पिछले कुछ समय से बीमार चल रहे थे।1
- जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुए लाठीचार्ज से दुःखी होकर सांसद चंद्रशेखर आजाद जी संसद भवन परिसर में रात 11 बजे धरने पर बैठ गए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि जब तक बच्चों को न्याय नहीं मिल जाता, तब तक यह संघर्ष लगातार जारी रहेगा। छात्रों पर हुई इस कार्रवाई के खिलाफ सांसद चंद्रशेखर आजाद जी संसद भवन परिसर में डटे हुए हैं। उनका कहना है कि जब तक बच्चों को पूरा न्याय नहीं मिल जाता, तब तक यह लड़ाई और संघर्ष रुकने वाला नहीं है।1
- मुरादाबाद के भोजपुर में पुरानी रंजिश के चलते एक युवक की हत्या कर दी गई है। इस वारदात के बाद कार्रवाई करते हुए दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है।1
- दिल्ली के जंतर-मंतर पर जो कुछ भी हो रहा है, उसे लेकर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं और पूछा जा रहा है कि आखिर दिल्ली में यह क्या हो रहा है। इस मामले में सीधे तौर पर सवाल किया गया है कि क्या पुलिस वालों ने जो किया वह सही था? इसके साथ ही, लोगों से पुलिस वालों को लेकर अपनी-अपनी राय देने के लिए कहा गया है। इस पूरे घटनाक्रम पर नाराजगी जताते हुए मांग की गई है कि दिल्ली में इस मामले पर कार्रवाई होनी चाहिए।1