सातलखेड़ी में एक करंट हादसे के बाद, ग्रामीणों और नगर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नायब तहसीलदार को एक ज्ञापन सौंपा है। इसमें मुख्य सड़क किनारे लगे ट्रांसफार्मर तथा 33 केवी और 11 केवी की विद्युत लाइनों को तत्काल हटाने की मांग की गई है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि 15 दिन के भीतर इस समस्या पर कोई कार्रवाई नहीं हुई, तो एक उग्र आंदोलन किया जाएगा। ज्ञापन में बताया गया है कि वार्ड नंबर 23 खान सातलखेड़ी की मुख्य सड़क के किनारे ट्रांसफार्मर और हाईटेंशन विद्युत लाइनें मौजूद हैं, जिनके कारण बरसात के दिनों में करंट आने और शॉर्ट सर्किट की घटनाएं लगातार होती रहती हैं। सड़क पर भारी वाहनों और राहगीरों की आवाजाही के चलते हमेशा दुर्घटना का खतरा बना रहता है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि इस गंभीर समस्या को लेकर पहले भी लोकसभा अध्यक्ष, जनसुनवाई शिविरों, ग्राम पंचायत और बिजली विभाग के अधिकारियों को कई बार शिकायतें दी जा चुकी हैं, लेकिन अभी तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है। ग्रामीणों ने जानकारी दी कि शुक्रवार को सुमित प्रजापत नामक युवक करंट की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गया था। उसे पहले झालावाड़ अस्पताल और फिर कोटा के एमबीएस अस्पताल रेफर किया गया, जहाँ उसका उपचार जारी है। ज्ञापन के माध्यम से ग्रामीणों ने दुर्घटनाग्रस्त युवक को उचित मुआवजा देने और सड़क किनारे लगे ट्रांसफार्मर तथा विद्युत लाइनों को जल्द से जल्द हटाने की मांग की है। ग्रामीणों और कांग्रेस नेताओं ने साफ कहा है कि यदि 15 दिन के भीतर समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो बड़े स्तर पर आंदोलन और प्रदर्शन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
सातलखेड़ी में एक करंट हादसे के बाद, ग्रामीणों और नगर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नायब तहसीलदार को एक ज्ञापन सौंपा है। इसमें मुख्य सड़क किनारे लगे ट्रांसफार्मर तथा 33 केवी और 11 केवी की विद्युत लाइनों को तत्काल हटाने की मांग की गई है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि 15 दिन के भीतर इस समस्या पर कोई कार्रवाई नहीं हुई, तो एक उग्र आंदोलन किया जाएगा। ज्ञापन में बताया गया है कि वार्ड नंबर 23 खान सातलखेड़ी की मुख्य सड़क के किनारे ट्रांसफार्मर और हाईटेंशन विद्युत लाइनें मौजूद हैं, जिनके कारण बरसात के दिनों में करंट आने और शॉर्ट सर्किट की घटनाएं लगातार होती रहती हैं। सड़क पर भारी वाहनों और राहगीरों की आवाजाही के चलते हमेशा दुर्घटना का खतरा बना रहता है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि इस गंभीर समस्या को लेकर पहले भी लोकसभा अध्यक्ष, जनसुनवाई शिविरों, ग्राम पंचायत और बिजली विभाग के अधिकारियों को कई बार शिकायतें दी जा चुकी हैं, लेकिन अभी तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है। ग्रामीणों ने जानकारी दी कि शुक्रवार को सुमित प्रजापत नामक युवक करंट की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गया था। उसे पहले झालावाड़ अस्पताल और फिर कोटा के एमबीएस अस्पताल रेफर किया गया, जहाँ उसका उपचार जारी है। ज्ञापन के माध्यम से ग्रामीणों ने दुर्घटनाग्रस्त युवक को उचित मुआवजा देने और सड़क किनारे लगे ट्रांसफार्मर तथा विद्युत लाइनों को जल्द से जल्द हटाने की मांग की है। ग्रामीणों और कांग्रेस नेताओं ने साफ कहा है कि यदि 15 दिन के भीतर समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो बड़े स्तर पर आंदोलन और प्रदर्शन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
- रामप्रसाद धनगर गुर्जर तोलाखेड़ी चंदवासा जिला मंदसौर म प्र रामप्रसाद धनगर गुर्जर तोलाखेड़ी चंदवासा1
- मध्य प्रदेश के शामगढ़ में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 10 लाख रुपये मूल्य का डोडाचूरा जब्त किया है। यह मादक पदार्थ चॉकलेट के डिब्बों में छुपाकर एक कंटेनर में ले जाया जा रहा था। शामगढ़ पुलिस ने इस अभियान के तहत कुल 507 किलोग्राम डोडाचूरा बरामद किया और मौके से आरोपी को भी गिरफ्तार किया है।1
- बिहार में भरत तिवारी का दिनदहाड़े एनकाउंटर किए जाने पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। आरोप है कि इस नौजवान को योजनाबद्ध तरीके से मारा गया है, और बिहार के मुख्यमंत्री की इस मामले पर चुप्पी इसी ओर इशारा करती है। इस घटना को लेकर यह भी दावा किया गया है कि भारत के अंदर जितने भी एनकाउंटर हुए हैं, चाहे वे हिंदू हों या मुस्लिम, वे सभी ब्राह्मणों के हुए हैं, और यह विशेष रूप से बीजेपी सरकार के कार्यकाल में हो रहा है। इस पूरी स्थिति को देश भी देख रहा है।2
- अपने तबादले को लेकर एक नर्स ने चिकित्सा मंत्री के सामने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए उनके पैरों में पड़कर गिड़गिड़ाई। नर्स की इस मार्मिक गुहार के बाद, चिकित्सा मंत्री को उसे तबादले का आश्वासन देना पड़ा। यह घटना इस बात को दर्शाती है कि नर्स ने अपनी समस्या को लेकर किस हद तक जाकर मंत्री के चरणों में लौटकर अपनी बात रखी।1
- कोटा में रविवार को तेज आंधी-तूफान का असर देखा गया, जिसके दौरान कई इलाकों में टीनशेड और लगभग 20 फीट लंबी लोहे की चादरें हवा में उड़ गईं। ये भारी चादरें तेज हवाओं के कारण सड़कों और आसपास के क्षेत्रों में जा गिरीं, जिससे स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई। गनीमत रही कि इस घटना में कोई भी व्यक्ति इसकी चपेट में नहीं आया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। आंधी के चलते शहर में यातायात भी प्रभावित हुआ।1
- रविवार को कोटा शहर में आई तेज आंधी और बारिश ने कई स्थानों पर भारी नुकसान पहुँचाया। अचानक बदले मौसम के चलते शहर के विभिन्न इलाकों में कई पेड़ धराशायी हो गए, वहीं तेज हवाओं के कारण कई जगहों पर टिनशेड भी उड़ते नजर आए। आंधी और बारिश के चलते कुछ स्थानों पर यातायात भी प्रभावित हुआ, जिससे लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि, राहत की बात यह रही कि इस दौरान किसी प्रकार की जनहानि की कोई सूचना नहीं मिली है। प्रशासन और नगर निगम की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में पहुँचकर सड़कों से गिरे पेड़ों और मलबे को हटाने के काम में जुटी रहीं। मौसम विभाग ने आगामी दिनों में भी तेज हवा और बारिश होने की संभावना जताई है।4
- मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले में स्थित शामगढ़ से रामप्रसाद धनगर गुर्जर से संबंधित एक खास खबर सामने आई है।1
- अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर कोटा में ब्रह्माकुमारीज द्वारा एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में सामूहिक योग का अभ्यास कराया गया और राजयोग का संदेश दिया गया।1
- कोटा के गोविंद नगर क्षेत्र में रविवार को चली तेज आंधी और भारी हवाओं ने जमकर तबाही मचाई। इन तेज हवाओं के कारण कई मकानों के छज्जे टूटकर गिर गए, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हालांकि इस हादसे में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है, लेकिन कई घरों को भारी नुकसान पहुंचा है। क्षेत्र में जगह-जगह मलबा फैल जाने से स्थानीय लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। समाजसेवी हकीम खान ने जानकारी दी है कि प्रभावित परिवार अपने नुकसान का आकलन कर रहे हैं और उन्होंने प्रशासन से सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है। इसी बीच, मौसम विभाग ने आगामी दिनों में भी तेज हवाओं और बारिश की संभावना जताई है। विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और एहतियाती कदम उठाने की अपील की है।1