अनूपपुर के पुलिस लाइन में आगामी सिंहस्थ-2028 महापर्व को सफल, सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से आयोजित विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम के छठवें बैच का समापन हो गया है। पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर यह प्रशिक्षण 6 जुलाई 2026 से संचालित किया जा रहा था, जिसमें जिला पुलिस बल तथा विशेष सशस्त्र बल के कुल 24 अधिकारी और कर्मचारी शामिल हुए। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को भीड़ नियंत्रण, आपदा प्रबंधन, अग्निशमन, प्राथमिक उपचार, सीपीआर, जल बचाव, संचार, यातायात प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था और श्रद्धालुओं के साथ व्यावहारिक दक्षता जैसे विषयों पर सैद्धांतिक एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। समापन कार्यक्रम में मुख्य रूप से उपस्थित अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनूपपुर श्री जगन्नाथ मरकाम ने अनुशासन, संवेदनशीलता और कर्तव्यनिष्ठा पर जोर दिया। रक्षित निरीक्षक श्रीमती ज्योति दुबे द्वारा संचालित इस कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों को सिंहस्थ-2028 के सफल आयोजन में योगदान देने के लिए प्रेरित किया गया।
अनूपपुर के पुलिस लाइन में आगामी सिंहस्थ-2028 महापर्व को सफल, सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से आयोजित विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम के छठवें बैच का समापन हो गया है। पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर यह प्रशिक्षण 6 जुलाई 2026 से संचालित किया जा रहा था, जिसमें जिला पुलिस बल तथा विशेष सशस्त्र बल के कुल 24 अधिकारी और कर्मचारी शामिल हुए। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को भीड़ नियंत्रण, आपदा प्रबंधन, अग्निशमन, प्राथमिक उपचार, सीपीआर, जल बचाव, संचार, यातायात प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था और श्रद्धालुओं के साथ व्यावहारिक दक्षता जैसे विषयों पर सैद्धांतिक एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। समापन कार्यक्रम में मुख्य रूप से उपस्थित अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनूपपुर श्री जगन्नाथ मरकाम ने अनुशासन, संवेदनशीलता और कर्तव्यनिष्ठा पर जोर दिया। रक्षित निरीक्षक श्रीमती ज्योति दुबे द्वारा संचालित इस कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों को सिंहस्थ-2028 के सफल आयोजन में योगदान देने के लिए प्रेरित किया गया।
- अनूपपुर जिला मुख्यालय से 7 किलोमीटर दूर ग्राम पंचायत बरबसपुर के भोलगढ़ जंगल में तीन हाथियों का समूह पिछले आठ दिनों से डेरा डाले हुए है। शनिवार (11/07/2026) को शाम 7:30 बजे ये हाथी मुख्य मार्ग के पास विचरण करते देखे गए। इससे पहले दोपहर में, समूह के एक बड़े नर हाथी ने जंगल के तालाब में पानी पिया और फिर वापस अपने दल में शामिल हो गया। वर्तमान में यह हाथियों का समूह शहडोल-कोतमा-मनेंद्रगढ़ मुख्य मार्ग पर भोलगढ़ गांव के बस स्टैंड और वाटर शेड तालाब के बीच सड़क किनारे जंगल में घूम रहा है। आज रात इन हाथियों के भोलगढ़ और बरबसपुर के विभिन्न टोले-मोहल्लों में पहुंचने की आशंका बनी हुई है। हाथियों के मुख्य मार्ग के बिल्कुल करीब आने पर वन विभाग के गश्ती दल, कोतवाली पुलिस और अनूपपुर यातायात पुलिस ने सुरक्षा के लिहाज से कुछ देर के लिए वाहनों का आवागमन रोक दिया था। हाथियों के सड़क किनारे से दोबारा जंगल की ओर लौट जाने के बाद यातायात को फिर से सुचारू रूप से चालू कर दिया गया। फिलहाल पुलिस और वन विभाग की टीम हाथियों की हर गतिविधि पर लगातार नजर बनाए हुए है।1
- मध्य प्रदेश के उमरिया जिले के बैगा बहुल ग्राम पंचायत देवरा से ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था और बुनियादी सुविधाओं के दावों की पोल खोलने वाली एक तस्वीर सामने आई है। यहाँ प्रसव पीड़ा से तड़प रही एक गर्भवती महिला को परिजनों और ग्रामीणों ने कपड़े के सहारे कांधों पर उठाकर काफी दूरी तय कर नेशनल हाईवे तक पहुंचाया। बारिश के कारण गांव तक जाने वाला रास्ता पूरी तरह कीचड़ में तब्दील हो गया था, जिससे 108 एम्बुलेंस गांव के भीतर नहीं पहुंच सकी और हाईवे पर ही खड़ी इंतजार कर रही थी। इसके बाद महिला को एम्बुलेंस के जरिए अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसने सुरक्षित बच्चे को जन्म दिया। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। प्रसूता के पति सुनील रौतेल ने बताया कि प्रसव पीड़ा शुरू होने पर उन्होंने तुरंत 108 एम्बुलेंस को सूचना दी थी, लेकिन खराब सड़क और कीचड़ के कारण वाहन गांव तक नहीं आ सका, जिसके चलते मजबूरी में उन्हें ग्रामीणों की मदद से पत्नी को कांधों पर उठाना पड़ा। आशा कार्यकर्ता लक्ष्मी सिंह ने भी माना कि बारिश के मौसम में गांव तक पहुंचना बेहद कठिन हो जाता है और खराब सड़क के कारण कई बार मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाने में परेशानी होती है। उमरिया जिले की सीमा पर स्थित देवरा गाँव एक बैगा बहुल गाँव है, जिसे सेना में शहीद हुए स्वागत भूप सिंह के नाम से भी जाना जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि यहाँ वर्षों से सड़क की समस्या बनी हुई है और बारिश के दिनों में गांव का संपर्क लगभग टूट जाता है, जिससे मरीजों, गर्भवती महिलाओं और स्कूली बच्चों को भारी परेशानी उठानी पड़ती है। ग्रामीणों के अनुसार, प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत करोड़ों रुपये की लागत से सड़क निर्माण स्वीकृत किया गया था, लेकिन निर्माण कार्य की धीमी रफ्तार और कथित लापरवाही के कारण लोगों को अब भी कीचड़ भरे रास्तों से गुजरना पड़ रहा है। यह घटना सरकारी दावों और जमीनी हकीकत के अंतर को साफ उजागर करती है और इस वायरल वीडियो के बाद अब लोगों की निगाहें प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं।4
- उमरिया जिले में बच्चों की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यातायात विभाग द्वारा विशेष स्कूल बस चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस मुख्यालय भोपाल के निर्देश पर शुरू किए गए इस 7 दिवसीय अभियान के अंतर्गत जिले में अब तक 10 स्कूल बसों की गहन जांच की गई है। इस कार्रवाई के दौरान सुरक्षा मानकों में कमी पाए जाने पर 4 स्कूल बसों के विरुद्ध चालानी कार्रवाई की गई है। यातायात प्रभारी ज्योति शुक्ला ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान 15 जुलाई तक निरंतर जारी रहेगा। उन्होंने स्कूल बसों के संचालन के लिए फिटनेस प्रमाणपत्र, वैध दस्तावेजों, फर्स्ट एड बॉक्स, अग्निशमन यंत्र और आपातकालीन निकास जैसे सुरक्षा मानकों का पालन करना अनिवार्य बताया है। साथ ही, उन्होंने स्कूल संचालकों और वाहन चालकों से विद्यार्थियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने और सभी निर्धारित नियमों का सख्ती से पालन करने की अपील की है।4
- डिंडौरी जिले की कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया ने ग्राम पंचायत चटुवा में निर्माणाधीन सामुदायिक भवन की छत ढलाई के दौरान हुई दुर्घटना को लेकर कड़ी कार्रवाई की है। इस घटना में भवन की छत का एक हिस्सा गिरने से एक श्रमिक मलबे में दबकर घायल हो गया था, जिसे अन्य श्रमिकों ने अस्पताल पहुंचाया। कलेक्टर ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सहायक यंत्री (आरईएस) श्री बीर सिंह तिलगाम, उपयंत्री (संविदा) श्री फिरोज खान, ग्राम रोजगार सहायक श्री अशोक चंदेल और सरपंच श्री रामनरेश धुरैया को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया है। वित्तीय वर्ष 2024-25 के तहत हो रहे इस निर्माण कार्य के दौरान हुई लापरवाही पर सवाल उठाते हुए कलेक्टर ने कहा कि ढलाई से पहले तकनीकी निरीक्षण, सेंटरिंग और सामग्री की गुणवत्ता का परीक्षण नहीं किया गया था। यह प्रथम दृष्टया कर्तव्य के प्रति भारी उदासीनता का मामला है, जिससे आर्थिक नुकसान के साथ-साथ श्रमिकों की जान जोखिम में पड़ी। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को मध्य प्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1966 के तहत निर्धारित समय-सीमा में लिखित स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए हैं। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर इन सभी के खिलाफ नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।1
- अनूपपुर के वेकटनगर और कदमसरा के बीच मुख्य मार्ग पर बना पुल अपनी बदहाली के कारण बेहद खतरनाक मार्ग में तब्दील हो चुका है। पुल की सतह पर गहरे और चौड़े गड्ढे खाई का रूप ले चुके हैं और जगह-जगह दरारें उभर आई हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि वेकटनगर और कदमसरा के बीच आवागमन की इस प्रमुख कड़ी से रोजाना हजारों दोपहिया, चारपहिया और भारी वाहन गुजरते हैं, लेकिन सालों से पुल की मरम्मत के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। भारी वाहनों की आवाजाही और बारिश के पानी के कारण ये गड्ढे और भी गहरे हो गए हैं, जिससे यहां से गुजरने वाले लोगों की जान हर पल जोखिम में रहती है। मुख्य मार्ग होने की वजह से वाहनों की रफ्तार तेज रहती है और अचानक पुल पर गहरे गड्ढे सामने आने से लगातार हादसे हो रहे हैं। बीते साल राजेंद्रग्राम के दो युवक मोटरसाइकिल से पैजा जा रहे थे, तभी पुल के इसी गड्ढे में बाइक जंप करने से वे नीचे गिर गए और सिर पर गंभीर चोट लगने के कारण दोनों की जान चली गई। वर्तमान में भी वाहन चालक अचानक ब्रेक लगाते हैं, जिससे पीछे आने वाले वाहनों का संतुलन बिगड़ जाता है और दुर्घटना का खतरा लगातार बना रहता है। ग्रामीणों के अनुसार, यह मार्ग केवल गांवों को ही नहीं जोड़ता, बल्कि स्कूल, अस्पताल, बाजार, आधिकारिक क्षेत्रों के साथ-साथ मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग भी है। स्थानीय व्यापारी लक्ष्मण दूबे और क्षेत्र के लोगों ने बताया कि इस वर्षों पुराने पुल की हालत बेहद जर्जर है और इसमें से लोहे के सरिये बाहर निकल आए हैं। विभागीय अधिकारियों और जिला प्रशासन से बार-बार पुल की मरम्मत कराने की मांग की गई है, लेकिन शासन और प्रशासन की अनदेखी के चलते आज तक इस स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है। लोगों ने मांग की है कि प्रशासन इस गंभीर समस्या का संज्ञान लेकर जल्द से जल्द ब्रिज का मरम्मत कार्य शुरू करवाए ताकि रोजाना सफर करने वाले लोगों को राहत मिल सके।1
- शहडोल के कृष्णा कॉलोनी वार्ड नंबर 28 में धनपुरी निवासी मथुरा अग्रवाल और मयंक अग्रवाल के एक निर्माणाधीन भवन में ढलाई के दौरान डबल सेंटरिंग का सपोर्ट अचानक खिसक जाने से बड़ा हादसा हो गया। इस हादसे में उत्तर प्रदेश के तीन मजदूर घायल हो गए। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग और पुलिस तुरंत मौके पर पहुंचे तथा घायलों को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। फिलहाल पुलिस और प्रशासन द्वारा इस हादसे के कारणों की जानकारी जुटाई जा रही है।1