बुरहानपुर जिले के थाना निंबोला क्षेत्र में इंदौर-इच्छापुर हाईवे की कटी घाटी पर हुई ₹3 लाख की ट्रक लूट का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। इस पूरी वारदात का मास्टरमाइंड ट्रक का पुराना मालिक ही निकला, जिसने अपने दोस्तों के साथ मिलकर इस लूट की योजना बनाई थी। मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि तीन आरोपी अभी भी फरार हैं। यह घटना 7 मई 2026 को हुई थी, जब फरियादी अजय पिता बालुसिंग वास्कले निवासी राऊ ने थाना निंबोला में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उसने बताया था कि इंदौर-इच्छापुर कटी घाटी के पास काले रंग की एक कार में आए चार बदमाशों ने उसके आयशर ट्रक क्रमांक DD 01-G-9963 को रोककर ट्रक में रखे ₹3 लाख लूट लिए और फरार हो गए। पुलिस ने मामले में अपराध क्रमांक 141/2026 धारा 309(4) बीएनएस के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू की थी। पुलिस अधीक्षक आशुतोष बागरी के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अंतर सिंह कनेश और एसडीओपी नेपानगर निर्भयसिंह अलावा के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी राहुल कांबले ने टीम गठित की। पुलिस ने घटनास्थल से लेकर कई जिलों के होटल, ढाबों और पुलिस चौकियों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जिसमें बिना नंबर की एक संदिग्ध होंडा अमेज कार दिखाई दी। बाद में कंट्रोल रूम इंदौर की मदद से कार का नंबर एमपी 09 बीएच 0860 ट्रेस किया गया। वाहन मालिक दिनेश पाटीदार से पूछताछ में पता चला कि उसका दोस्त युग श्रीवास्तव कार किराए पर लेकर गया था। पुलिस ने युग श्रीवास्तव को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने पूरी साजिश का खुलासा कर दिया। आरोपी ने बताया कि वह अपने साथियों आवेश मंसूरी, संतोष उर्फ बाबा और मोहम्मद अली के साथ इंदौर से घटनास्थल पहुंचा था और ट्रक का इंतजार कर रहा था, जबकि आवेश वाट्सएप कॉल के जरिए जुबेर अंसारी और समीर उर्फ अन्ना से ट्रक की लोकेशन ले रहा था। पुलिस ने मोहम्मद अली, युग श्रीवास्तव और जुबेर मंसूरी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों के कब्जे से होंडा अमेज कार भी जब्त की गई है। वहीं, आवेश मंसूरी, संतोष उर्फ बाबा और समीर उर्फ अन्ना की तलाश अभी जारी है। इस पूरी कार्रवाई में थाना निंबोला पुलिस, साइबर सेल और सीसीटीवी कंट्रोल रूम की अहम भूमिका रही।
बुरहानपुर जिले के थाना निंबोला क्षेत्र में इंदौर-इच्छापुर हाईवे की कटी घाटी पर हुई ₹3 लाख की ट्रक लूट का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। इस पूरी वारदात का मास्टरमाइंड ट्रक का पुराना मालिक ही निकला, जिसने अपने दोस्तों के साथ मिलकर इस लूट की योजना बनाई थी। मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि तीन आरोपी अभी भी फरार हैं। यह घटना 7 मई 2026 को हुई थी, जब फरियादी अजय पिता बालुसिंग वास्कले निवासी राऊ ने थाना निंबोला में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उसने बताया था कि इंदौर-इच्छापुर कटी घाटी के पास काले रंग की एक कार में आए चार बदमाशों ने उसके आयशर ट्रक क्रमांक DD 01-G-9963 को रोककर ट्रक में रखे ₹3 लाख लूट लिए और फरार हो गए। पुलिस ने मामले में अपराध क्रमांक 141/2026 धारा 309(4) बीएनएस के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू की थी। पुलिस अधीक्षक आशुतोष बागरी के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अंतर सिंह कनेश और एसडीओपी नेपानगर निर्भयसिंह अलावा के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी राहुल कांबले ने टीम गठित की। पुलिस ने घटनास्थल से लेकर कई जिलों के होटल, ढाबों और पुलिस चौकियों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जिसमें बिना नंबर की एक संदिग्ध होंडा अमेज कार दिखाई दी। बाद में कंट्रोल रूम इंदौर की मदद से कार का नंबर एमपी 09 बीएच 0860 ट्रेस किया गया। वाहन मालिक दिनेश पाटीदार से पूछताछ में पता चला कि उसका दोस्त युग श्रीवास्तव कार किराए पर लेकर गया था। पुलिस ने युग श्रीवास्तव को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने पूरी साजिश का खुलासा कर दिया। आरोपी ने बताया कि वह अपने साथियों आवेश मंसूरी, संतोष उर्फ बाबा और मोहम्मद अली के साथ इंदौर से घटनास्थल पहुंचा था और ट्रक का इंतजार कर रहा था, जबकि आवेश वाट्सएप कॉल के जरिए जुबेर अंसारी और समीर उर्फ अन्ना से ट्रक की लोकेशन ले रहा था। पुलिस ने मोहम्मद अली, युग श्रीवास्तव और जुबेर मंसूरी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों के कब्जे से होंडा अमेज कार भी जब्त की गई है। वहीं, आवेश मंसूरी, संतोष उर्फ बाबा और समीर उर्फ अन्ना की तलाश अभी जारी है। इस पूरी कार्रवाई में थाना निंबोला पुलिस, साइबर सेल और सीसीटीवी कंट्रोल रूम की अहम भूमिका रही।
- ANT ऑल इंडिया न्यूज नेटवर्क के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत से जुड़ा एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। करीब दो मिनट बत्तीस सेकंड के इस वीडियो में अमेरिका के अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता आयोग की सुनवाई के दौरान भारत में मुसलमानों और ईसाइयों की स्थिति को लेकर चिंता जताई गई है। यह वायरल वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इस पर बहस और चर्चाएं तेज हो गई हैं। सुनवाई में सेंटर फॉर द स्टडी ऑफ ऑर्गनाइज्ड हेट के कार्यकारी निदेशक रकीब हमीद नाइक ने कहा कि भारत में धार्मिक अल्पसंख्यकों के अधिकारों और सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। रकीब हमीद नाइक ने आरोप लगाया कि नागरिकता संशोधन कानून (CAA), राष्ट्रीय नागरिक पंजी (NRC) और प्रशासनिक स्तर पर चल रही कई कार्रवाइयों का असर मुसलमानों और ईसाई समुदाय पर पड़ रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि मानवाधिकारों की रक्षा करने वालों की गिरफ्तारियों, बुलडोजर कार्रवाई और सोशल मीडिया के माध्यम से फैल रही नफरत को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ध्यान देने की जरूरत है। इस पूरे मामले को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं; कुछ लोग इसे मानवाधिकारों का एक अहम मुद्दा बता रहे हैं, जबकि कुछ अन्य इसे भारत के अंदरूनी मामलों में हस्तक्षेप मान रहे हैं। फिलहाल यह वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है। यह रिपोर्ट ANT आल इंडिया न्यूज नेटवर्क के एडिटर इन चीफ मसूद जावेद क़ादरी द्वारा प्रस्तुत की गई है।1
- खरगोन में लोकायुक्त इंदौर की टीम ने शासकीय महाविद्यालय मंडलेश्वर के सहायक प्राध्यापक आत्माराम सोलंकी को ₹50 हजार की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई धामनोद बायपास स्थित मधुबन ढाबे पर की गई। आरोपी आत्माराम सोलंकी पर शिकायतकर्ता मनोज वास्केल की पत्नी उर्मिला वास्केल की धार कॉलेज में पोस्टिंग करवाने के नाम पर कुल ₹4 लाख की रिश्वत मांगने का आरोप है। उर्मिला वास्केल का चयन पीएससी के माध्यम से हुआ था। सोलंकी पहले ही ₹1 लाख की राशि ले चुका था और बाकी रकम की मांग कर रहा था। इस मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।2
- खरगोन जिले में लोकायुक्त की इंदौर टीम ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए शासकीय महाविद्यालय मंडलेश्वर के सहायक प्राध्यापक आत्माराम सोलंकी को 50 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई शिकायतकर्ता मनोज वास्केल की शिकायत पर की गई, जिनकी पत्नी उर्मिला वास्कले का पीएससी के माध्यम से सहायक प्राध्यापक पद पर चयन हुआ था। लोकायुक्त इंदौर के पुलिस अधीक्षक राजेश सहाय के अनुसार, शिकायत में आरोप लगाया गया था कि आत्माराम सोलंकी ने उर्मिला वास्कले की प्रारंभिक पदस्थापना दलौदा, मंदसौर से धार कॉलेज में करवाने के नाम पर 4 लाख रुपए की रिश्वत मांगी थी। शिकायतकर्ता ने बताया कि आरोपी पहले ही 1 लाख रुपए ले चुका था और अब शेष 3 लाख रुपए की मांग कर रहा था। लोकायुक्त टीम द्वारा शिकायत का सत्यापन कराया गया, जिसमें रिश्वत मांगने की पुष्टि होने के बाद एक ट्रैप योजना बनाई गई। बुधवार को आरोपी आत्माराम सोलंकी ने शिकायतकर्ता को धामनोद बायपास स्थित मधुबन ढाबे पर बुलाया, जहाँ लोकायुक्त की टीम पहले से ही तैनात थी। आरोपी को शिकायतकर्ता से 50 हजार रुपए की रिश्वत की किश्त लेते ही रंगे हाथों पकड़ लिया गया। यह कार्रवाई महानिदेशक लोकायुक्त योगेश देशमुख और उप पुलिस महानिरीक्षक मनोज कुमार सिंह के निर्देशन में की गई, जिसमें ट्रैप दल में उप पुलिस अधीक्षक सुनील तालान सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारी शामिल थे। आरोपी आत्माराम सोलंकी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण संशोधन अधिनियम 2018 की धारा 7 के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।3
- सेंधवा शहर में एक चलते स्कूटर में अचानक भीषण आग लग गई, जिसके कारण मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।1
- मंगलवार को जुलवानिया क्षेत्र के बकवाडी गांव की दर्जनों महिलाओं ने गांव में बढ़ रही अवैध शराब बिक्री के विरोध में जुलवानिया पुलिस थाना पहुंचकर प्रदर्शन किया। उन्होंने थाना प्रभारी को एक आवेदन सौंपा, जिसमें गांव में पूर्ण शराबबंदी लागू करने और अवैध शराब बेचने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई। महिलाओं ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि गांव में खुलेआम शराब बिकने के कारण उनके परिवारों की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि शराब के चलते घरेलू हिंसा, झगड़े और गंभीर आर्थिक संकट बढ़ रहे हैं, जिससे उनकी मजदूरी और मेहनत की कमाई शराब में ही खर्च हो जाती है। इसका सीधा असर बच्चों की पढ़ाई और परिवार के पालन-पोषण पर पड़ रहा है। प्रदर्शन में शामिल महिला समूह की सदस्य रोशनी बाई ने बताया कि शराब ने कई परिवारों को बर्बादी की कगार पर पहुंचा दिया है और गांव के बच्चे व महिलाएं सबसे ज्यादा परेशान हैं; उन्होंने साफ किया कि अब महिलाएं इस मुद्दे पर चुप नहीं बैठेंगी। प्रदर्शनकारी महिलाओं ने पुलिस प्रशासन से गांव में लगातार निगरानी रखने, अवैध शराब कारोबारियों को चिन्हित कर उनके खिलाफ नियमित कार्रवाई करने की मांग की। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाएं उपस्थित रहीं और शराबबंदी के समर्थन में नारे भी लगाए। जुलवानिया थाना प्रभारी सुधीर बाथम ने महिलाओं की शिकायत को गंभीरता से सुना और उन्हें उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि अवैध शराब बेचने वालों के खिलाफ एक अभियान चलाकर सख्त कदम उठाए जाएंगे।1
- हरदा जिले की टिमरनी कृषि उपज मंडी समिति के सचिव राजेंद्र धनोरिया ने प्रधानमंत्री के संदेश को आत्मसात करते हुए एक महत्वपूर्ण पहल की है। अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के चलते देश में ईंधन, जैसे डीजल और पेट्रोल की बचत की प्रधानमंत्री की अपील को मानते हुए, धनोरिया रोजाना अपनी स्कूटी से कार्यालय आते हैं और शासकीय वाहन का उपयोग नहीं करते हैं। प्रधानमंत्री ने लोगों से कम से कम वाहनों का उपयोग करने और विशेष आवश्यकताओं में ही गाड़ी चलाने का आग्रह किया था, जिसे सचिव धनोरिया ने स्वयं से लागू किया है। उन्होंने बताया कि वह विशेष परिस्थितियों में ही अपनी कार का उपयोग भोपाल आदि की बैठकों में जाने के लिए करते हैं। वे अपने कर्मचारियों, अधिकारियों, साथी व्यापारियों और अन्य लोगों से भी प्रधानमंत्री की अपील को अपनाने और ईंधन बचाने का आग्रह करेंगे। इसके तहत, मंडी कार्यालय में लगी शासकीय गाड़ी को भी 30 मई से बंद कर दिया जाएगा, जिसके बाद सभी को अपने निजी वाहनों से मंडी के कार्यों में संलग्न रहना होगा। राजेंद्र धनोरिया स्वयं भी मंडी परिसर में रोजाना साइकिल से आने पर विचार कर रहे हैं।4
- एक सोशल मीडिया पोस्ट ने देशभर में राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है, जिसके चलते तमाम पुराने वादों पर एक नई बहस शुरू हो गई है। यह वायरल पोस्ट देश भर में तेजी से चर्चा का विषय बनी हुई है।1
- मध्य प्रदेश के खरगोन जिला सहकारी बैंक की ठिबगांव शाखा में 41.58 लाख रुपये के बड़े गबन का मामला सामने आया है। यह खुलासा बैंक में नकदी मिलान के दौरान हुआ। इस मामले में बैंक की एमडी संध्या रोकडे ने तत्काल कार्रवाई करते हुए शाखा प्रबंधक राजेश राठौर, कैशियर रितु गोयल और सहायक गणक त्रयम्बक वाणी को निलंबित कर दिया है। बताया गया है कि कैशियर रितु गोयल बिना किसी सूचना के शाखा से गायब हैं और उनका मोबाइल भी बंद आ रहा है। बैंक प्रबंधन ने इस घटना की सूचना पुलिस को दे दी है। एमडी संध्या रोकडे ने एक विभागीय जांच टीम का गठन भी किया है, जिसने अपनी जांच शुरू कर दी है। एमडी रोकडे ने स्पष्ट किया है कि गबन के दोषियों पर कड़ी कार्यवाही की जाएगी और गबन की गई पूरी राशि की वसूली की जाएगी। इसके अतिरिक्त, निलंबित किए गए तीनों बैंक कर्मचारियों के खाते भी सीज कर दिए गए हैं।4
- एक असिस्टेंट प्रोफेसर को लोकायुक्त ने 4 लाख रुपये की रिश्वत मांगते हुए रंगे हाथों पकड़ा है। यह कार्रवाई लोकायुक्त की टीम ने एक शिकायत के बाद की, जिसके जाल में असिस्टेंट प्रोफेसर फंस गया।1